Ben & Jerry's: the Inside Scoop (Hindi)


क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो सोचते हैं कि बिजनेस केवल सीरियस चेहरे और सूट-बूट से चलता है? अगर हाँ, तो मुबारक हो, आप अपनी कंपनी डुबाने की पूरी तैयारी कर चुके हैं! बेन और जेरी ने मजाक-मजाक में जो साम्राज्य खड़ा किया, उसे न समझकर आप सिर्फ करोड़ों का मुनाफा ही नहीं, बल्कि अपने कस्टमर्स का भरोसा भी खो रहे हैं। चलिए देखते हैं कि कैसे दो आम लड़कों ने दुनिया को आइसक्रीम और सोशल बदलाव का असली चस्का लगाया। पेश हैं इस किताब से ३ सबसे शानदार लेसन्स।


Lesson : पैसा ही सब कुछ नहीं है, समाज का भला भी जरूरी है

आजकल के दौर में हर स्टार्टअप का सिर्फ एक ही सपना होता है कि बस किसी तरह बैंक बैलेंस में जीरो बढ़ते जाएँ। लेकिन बेन और जेरी ने दुनिया को एक ऐसी बात सिखाई जो सुनकर शायद किसी भी सीरियस इन्वेस्टर को हार्ट अटैक आ जाए। उन्होंने कहा कि भाई पैसा तो कमाओ, पर समाज के लिए कुछ अच्छा करना भी आपकी जिम्मेदारी है। इसे ही सोशल कॉन्शियस बिजनेस कहते हैं। सोचिए, दो दोस्त जो सिर्फ पांच डॉलर का आइसक्रीम बनाने का कोर्स करके निकले थे, उन्होंने तय किया कि वे सिर्फ पेट नहीं भरेंगे बल्कि लोगों के दिलों में जगह बनाएंगे।

जब उन्होंने अपनी कंपनी शुरू की, तो उन्होंने इसे डबल बॉटम लाइन का नाम दिया। मतलब एक तरफ मुनाफा और दूसरी तरफ सामाजिक प्रभाव। अब आप कहेंगे कि भाई यह तो चैरिटी हुई, बिजनेस कहाँ रहा? यहीं तो आप गलती कर रहे हैं। जब आप लोगों को बताते हैं कि आपकी आइसक्रीम खरीदने से किसी किसान का भला हो रहा है या किसी गरीब बच्चे को शिक्षा मिल रही है, तो कस्टमर आपकी आइसक्रीम नहीं बल्कि उस नेक काम का हिस्सा बनने के लिए पैसे देता है।

मान लीजिए आपके पड़ोस में दो समोसे वाले हैं। एक चुपचाप समोसा बेचता है और दूसरा कहता है कि भाई मेरे यहाँ से समोसा खाओगे तो हर समोसे पर एक रुपया पास की गौशाला में जाएगा। अब आप भले ही फिटनेस फ्रीक हों, लेकिन उस दूसरे वाले के पास जाकर एक की जगह दो समोसे ठूस लेंगे क्योंकि अब आप पुण्य का काम कर रहे हैं। बेन और जेरी ने यही किया। उन्होंने अपने मुनाफे का एक हिस्सा उन कामों में लगाया जिससे समाज का भला हो।

उन्होंने दिखाया कि बिजनेस केवल दीवारों के अंदर बंद होकर फाइलें पलटने का नाम नहीं है। अगर आप अपने आसपास की दुनिया को बेहतर नहीं बना रहे, तो यकीन मानिए आप सिर्फ एक बोरिंग मशीन हैं। लोग ब्रांड्स से प्यार तब करते हैं जब ब्रांड्स लोगों की परवाह करते हैं। अगर आप भी अपना कोई काम शुरू करना चाहते हैं, तो पहले यह सोचिए कि आपके काम से दुनिया का क्या फायदा होगा। वरना सिर्फ पैसा कमाने के लिए तो दुनिया में बहुत से लोग लाइन लगाकर खड़े हैं।

यह लेसन हमें सिखाता है कि ईमानदारी और समाज के प्रति जिम्मेदारी ही किसी छोटे से बिजनेस को ग्लोबल ब्रांड बनाती है। जब आप दूसरों का भला सोचते हैं, तो कायनात आपका भला करने में जुट जाती है। बेन और जेरी ने इसी फिलॉसफी के साथ दुनिया की सबसे बेहतरीन आइसक्रीम कंपनी खड़ी कर दी, जिसने बड़ी-बड़ी कंपनियों के पसीने छुड़ा दिए।


Lesson : सीरियस मत बनो, मजे में बिजनेस करो

अगर आप सोचते हैं कि बिजनेस मीटिंग्स में केवल टाई लगाकर और सड़े हुए चेहरे बनाकर बैठना ही प्रोफेशनलिज्म है, तो बेन और जेरी आपको जोर का झटका देने वाले हैं। इन दोनों दोस्तों ने दुनिया को बताया कि अगर आप अपने काम का मजा नहीं ले रहे, तो आप बस एक बोरिंग कैदी हैं। उन्होंने अपनी कंपनी में 'फन' को एक पॉलिसी बना दिया। सोचिए, एक ऐसी कंपनी जहाँ लोग काम करने इसलिए आते थे क्योंकि वहां हंसी-मजाक होता था। उन्होंने अपनी आइसक्रीम के नाम भी ऐसे रखे जो सुनकर ही चेहरे पर मुस्कान आ जाए।

ज्यादातर बिजनेस ओनर्स अपनी इमेज को लेकर इतने डरे रहते हैं जैसे किसी ने उनकी गर्दन पर तलवार रख दी हो। वे सोचते हैं कि अगर हमने मजाक किया, तो लोग हमें हल्के में लेंगे। लेकिन बेन और जेरी ने इसका उल्टा किया। उन्होंने अपनी फनी इमेज को ही अपनी सबसे बड़ी मार्केटिंग स्ट्रैटेजी बना लिया। उन्होंने फ्री कोन डे जैसे इवेंट्स शुरू किए जहाँ हजारों लोग फ्री में आइसक्रीम खाते और नाचते-गाते थे। यह सब देखकर बड़ी कंपनियां जो करोड़ों रुपये एड्स पर खर्च करती थीं, उनके पसीने छूट गए।

मान लीजिए आपको बैंक जाना है। एक बैंक वह है जहाँ गार्ड से लेकर मैनेजर तक ऐसे घूरते हैं जैसे आपने उनका कर्ज खाया हो। और दूसरा बैंक वह है जहाँ घुसते ही आपको एक जोक सुनाया जाए और मैनेजर आपसे हाथ मिलाकर पूछे कि भाई आज कौन सी शर्ट पहनी है? आप जाहिर है दूसरे वाले बैंक में ही जाना पसंद करेंगे। बेन और जेरी ने यही माहौल बनाया। उन्होंने दिखाया कि कस्टमर को सामान नहीं, बल्कि एक अहसास बेचा जाता है।

जब उन्होंने अपने फ्लेवर्स के नाम चेरी गार्सिया या चंकी मंकी रखे, तो लोगों को लगा कि ये पागल हो गए हैं। पर असल में वे लोगों के दिलों में जगह बना रहे थे। उन्होंने साबित किया कि अगर आपका ब्रांड फनी और ओरिजिनल है, तो लोग आपके सबसे बड़े फैन बन जाते हैं। वे आपकी गलतियों को भी माफ कर देते हैं क्योंकि आप उनके लिए एक रोबोट नहीं, बल्कि एक जिन्दा इंसान की तरह व्यवहार करते हैं।

अगर आप भी कुछ बड़ा करना चाहते हैं, तो थोड़ा मुस्कुराना सीखिए। अपने ऑफिस की दीवारों पर वो बोरिंग कोट्स हटाकर कुछ ऐसा लगाइए जिससे कर्मचारी और ग्राहक दोनों को मजा आए। क्योंकि अंत में, लोग यह भूल जाएंगे कि आपने क्या कहा, पर यह कभी नहीं भूलेंगे कि आपने उन्हें कैसा महसूस कराया। बेन और जेरी ने इसी 'ह्यूमर' के दम पर पूरी दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई।


Lesson : मुश्किलों को अपना हथियार बनाओ और कभी मत हारो

अगर आपको लगता है कि बेन और जेरी की राह में सिर्फ मलाई और आइसक्रीम थी, तो भाई आप बहुत बड़ी गलतफहमी में जी रहे हैं। जब ये दो छोटे शहर के लड़के अपना बिजनेस बढ़ा रहे थे, तो दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी ने इनके ऊपर अपनी तलवार लटका दी थी। उस कंपनी ने ठान लिया था कि वह इन दोनों को मार्केट से गायब कर देगी। उसने सारे बड़े सप्लायर्स को डरा दिया कि अगर तुमने बेन और जेरी की आइसक्रीम बेची, तो हम तुम्हें अपना माल नहीं देंगे। सोचिए, एक तरफ करोड़ों का साम्राज्य और दूसरी तरफ ये दो हंसते-खेलते दोस्त।

ज्यादातर लोग ऐसी सिचुएशन में हाथ-पाँव फूलने पर सरेंडर कर देते हैं। लेकिन बेन और जेरी ने तो जैसे हार मानना सीखा ही नहीं था। उन्होंने अपनी इस मुसीबत को ही अपना सबसे बड़ा एडवर्टाइजमेंट बना लिया। उन्होंने एक कैंपेन चलाया जिसका नाम था 'द डो बनाने वाला आखिर डरता किससे है?' उन्होंने रेडियो पर विज्ञापन दिए, टी-शर्ट्स बांटी और जनता को बताया कि कैसे एक बड़ी मछली छोटी मछली को निगलने की कोशिश कर रही है। नतीजा यह हुआ कि लोग उनके समर्थन में सड़कों पर उतर आए और उस बड़ी कंपनी को पीछे हटना पड़ा।

मान लीजिए आपके मोहल्ले में एक बहुत बड़ा और खूंखार कुत्ता है जो सबको डराता रहता है। अब एक दिन वह आपके पीछे पड़ जाए। आप या तो डरकर भागेंगे या फिर शोर मचाकर पूरे मोहल्ले को इकट्ठा कर लेंगे। बेन और जेरी ने शोर मचाया! उन्होंने अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बनाया। उन्होंने लोगों को दिखाया कि वे 'अंडरडॉग' हैं, यानी वे छोटे हैं लेकिन सच्चे हैं। और यकीन मानिए, दुनिया हमेशा सच्चाई का साथ देती है।

उन्होंने यह भी सीखा कि हर असफलता असल में एक नया रास्ता खोलती है। जब उनकी पहली दुकान में आग लगी या जब उनके पास पैसे खत्म हो गए, तो उन्होंने रोने के बजाय यह सोचा कि अब नया क्या कर सकते हैं। उन्होंने अपनी छोटी सी वैन में आइसक्रीम बेचना शुरू किया और गाँवों-शहरों तक पहुँच गए। उन्होंने हार को एक फुल स्टॉप नहीं, बल्कि एक कोमा की तरह लिया। उन्होंने दिखाया कि अगर आपके इरादे मजबूत हैं, तो कोई भी रुकावट आपको नहीं रोक सकती।

तो दोस्तों, अगर आप भी अपने करियर या बिजनेस में किसी बड़ी मुसीबत का सामना कर रहे हैं, तो घबराइए मत। अपनी उस मुसीबत को एक कहानी बनाइए और दुनिया को सुनाइए। जब आप ईमानदारी से लड़ते हैं, तो लोग आपके ब्रांड के साथ एक इमोशनल रिश्ता जोड़ लेते हैं। बेन और जेरी ने साबित कर दिया कि बिजनेस सिर्फ पैसे का खेल नहीं, बल्कि जिगर का खेल है। जो डरा नहीं, वही राजा बना।


बेन और जेरी की यह कहानी हमें सिखाती है कि आप अपनी शर्तों पर, अपने उसूलों के साथ और पूरी मस्ती के साथ एक सफल साम्राज्य खड़ा कर सकते हैं। बिजनेस करना सिर्फ मुनाफा कमाना नहीं है, बल्कि दुनिया को थोड़ा बेहतर बनाना और मुस्कुराने की वजह देना भी है।

अब आपकी बारी है! क्या आप भी अपने काम में किसी ऐसे सामाजिक मकसद को जोड़ना चाहते हैं? या क्या आपको लगता है कि बिना सीरियस हुए बिजनेस करना मुमकिन नहीं है? कमेंट्स में अपनी राय जरूर बताएं और इस आर्टिकल को उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो अपना स्टार्टअप शुरू करने का सपना देख रहे हैं। याद रखिए, आपकी एक छोटी सी शुरुआत दुनिया बदल सकती है!

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