क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो आज भी पुराने जमाने की मार्केटिंग झाड़कर खुद को बड़ा बिजनेसमैन समझते हैं? मुबारक हो आप बहुत जल्द सड़क पर आने वाले हैं क्योंकि अब कस्टमर आपके इशारों पर नहीं बल्कि आप उनके तलवे चाटने पर मजबूर होने वाले हैं।
आज के इस दौर में अगर आपने कस्टमर की पावर को हल्के में लिया तो समझो आपका बोरिया बिस्तर पैक है। चलिए इस आर्टिकल में हम पेट्रीशिया सीबोल्ड की बुक से वो 3 लेसन समझते हैं जो आपके डूबते बिजनेस को बचा सकते हैं।
Lesson : कस्टमर ही असली भगवान है और आप बस उनके पुजारी हैं
देखिए, वो जमाना अब लद गया जब दुकानदार राजा होता था और कस्टमर बेचारा लाइन में लगकर सामान मांगता था। आज का कस्टमर बड़ा चालू हो गया है। उसके हाथ में स्मार्टफोन है और दिमाग में दुनिया भर की जानकारी। पेट्रीशिया सीबोल्ड अपनी किताब में साफ कहती हैं कि अब 'कस्टमर रेवोल्यूशन' आ चुका है। इसका मतलब यह है कि अब कंट्रोल आपके हाथ में नहीं बल्कि उस बंदे के हाथ में है जो आपकी दुकान या वेबसाइट पर आकर पैसे खर्च करता है। अगर आपने उसे हल्के में लिया तो वो आपको एक सेकंड में ट्विटर पर नंगा कर देगा और आपका ब्रांड रातोंरात जीरो हो जाएगा।
सोचिए, आप एक रेस्टोरेंट में जाते हैं और वेटर आपको ऐसे देखता है जैसे उसने आप पर एहसान किया हो। आप वहां दोबारा जाएंगे? कभी नहीं। आप बस एक बैड रिव्यु डालेंगे और उस रेस्टोरेंट की लंका लग जाएगी। यही है कस्टमर की पावर। पुराने जमाने में कंपनियां माल बनाती थीं और फिर सोचती थीं कि इसे किसे चिपकाना है। लेकिन अब गेम उल्टा है। अब आपको पहले यह देखना है कि कस्टमर को क्या चाहिए और फिर वो चीज उसे परोसनी है। अगर आप आज भी अपनी मर्जी का कचरा बेच रहे हैं तो भाई आपकी दुकान का शटर बस गिरने ही वाला है।
आजकल के बिजनेस में ईगो की कोई जगह नहीं है। आपको कस्टमर के सामने झुकना ही पड़ेगा। इसका मतलब यह नहीं कि आप अपनी इज्जत बेच दें लेकिन आपको उनकी जरूरत को अपनी जरूरत से ऊपर रखना होगा। जब आप कस्टमर को कंट्रोल देते हैं तो असल में आप उनका भरोसा जीत रहे होते हैं। और यकीन मानिए आजकल भरोसा ही सबसे महंगी चीज है। जो बिजनेस कस्टमर को इग्नोर करता है वो डायनासोर की तरह गायब हो जाता है।
तो क्या आप तैयार हैं? अपने ईगो को साइड में रखकर अपने कस्टमर की जी हजूरी करने के लिए? क्योंकि अगर आप नहीं करेंगे तो आपका कॉम्पिटिटर तो तैयार बैठा है उसे पलकों पर बिठाने के लिए। याद रखिए आज का कस्टमर धोखेबाज नहीं है बस उसके पास ऑप्शंस बहुत ज्यादा हैं। उसे राजा जैसा फील कराइए वरना वो आपको फकीर बनाने में देर नहीं लगाएगा।
Lesson : ट्रांजैक्शन के पीछे मत भागो, पहले रिश्ता बनाओ
आजकल के कई बिजनेस मालिक बिल्कुल उस लड़के की तरह हैं जो पहली डेट पर ही शादी की बात करने लगता है। भाई थोड़ा सबर तो करो। पेट्रीशिया सीबोल्ड कहती हैं कि अगर आप सिर्फ एक बार सामान बेचकर पैसा कमाने की सोच रहे हैं, तो आप लंबे समय तक टिकने वाले खिलाडी नहीं हैं। असली खेल तो तब शुरू होता है जब कस्टमर आपसे सामान खरीदकर चला जाता है। क्या आपने कभी सोचा है कि वो वापस आएगा या नहीं? या फिर आपने बस उसे एक एटीएम मशीन समझा है जिससे एक बार पैसे निकाले और भूल गए?
असल में बिजनेस का मतलब सिर्फ सामान का लेन-देन नहीं है, बल्कि एक ऐसा रिश्ता है जिसमें दोनों तरफ से प्यार और भरोसा हो। मान लीजिए आप किसी दुकान से जूते खरीदते हैं और दूसरे दिन उसका सोल निकल जाता है। आप वापस जाते हैं और दुकानदार कहता है कि भाई एक बार बिक गया तो हमारी कोई गारंटी नहीं। अब आप मुझे बताइए, क्या आप वहां दोबारा कभी कदम रखेंगे? और तो और, आप अपने दस दोस्तों को भी वहां जाने से रोकेंगे। उस दुकानदार ने एक ट्रांजैक्शन तो कर लिया, लेकिन उसने एक लाइफटाइम कस्टमर और अपनी इज्जत दोनों खो दी। ये वही बात हुई कि सोने का अंडा देने वाली मुर्गी को एक बार में ही हलाल कर दिया।
सक्सेसफुल बिजनेस वो है जो कस्टमर की लाइफ का हिस्सा बन जाए। आपको उनके बारे में सिर्फ एक डेटा पॉइंट की तरह नहीं सोचना है। उनके नाम, उनकी पसंद और उनके फीडबैक की इज्जत कीजिए। जब आप किसी को नाम से बुलाते हैं या उनके पिछले ऑर्डर की याद दिलाते हैं, तो उन्हें लगता है कि आप उनकी परवाह करते हैं। यही वो छोटा सा फर्क है जो एक मामूली दुकानदार और एक ब्रांड के बीच होता है।
अगर आप सिर्फ सेल्स बढ़ाना चाहते हैं, तो आप एक सेल्समैन बनकर रह जाएंगे। लेकिन अगर आप कस्टमर की लाइफ को आसान बनाने की कोशिश करेंगे, तो आप उनके दोस्त बन जाएंगे। और दोस्त कभी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ते। इसलिए अपनी मार्केटिंग टीम को बोलिए कि सिर्फ डिस्काउंट के बैनर न छापें, बल्कि यह देखें कि वो कस्टमर की जिंदगी में क्या वैल्यू ऐड कर रहे हैं। जिस दिन आपने कस्टमर का दिल जीत लिया, उस दिन आपका बैंक बैलेंस अपने आप बढ़ जाएगा।
Lesson : कस्टमर के टाइम को अपना टाइम समझो
अगर आपको लगता है कि आपका प्रोडक्ट दुनिया में सबसे बेस्ट है और कस्टमर उसके लिए घंटों इंतजार करेगा, तो भाईसाहब आप मुगालते में जी रहे हैं। आज के जमाने में टाइम ही असली पैसा है। पेट्रीशिया सीबोल्ड अपनी किताब में एक बड़ी कड़वी बात कहती हैं कि अगर आपका बिजनेस कस्टमर का काम आसान और तेज नहीं बना रहा, तो आप उनके लिए एक सिरदर्द बन चुके हैं। और सिरदर्द से पीछा छुड़ाना हर किसी को पसंद है। आज का कस्टमर आलसी नहीं है, वो बस फालतू के झंझटों से नफरत करता है।
सोचिए आपको एक फोन खरीदना है। एक वेबसाइट है जो दो क्लिक में ऑर्डर ले लेती है, और दूसरी वेबसाइट है जो आपसे आपकी पूरी कुंडली मांग रही है। आप कहां जाएंगे? जाहिर है वहां, जहां आपका टाइम बच रहा है। बिजनेस का मतलब अब सिर्फ क्वालिटी देना नहीं है, बल्कि उस क्वालिटी को कितनी आसानी से कस्टमर तक पहुंचाना है, यह भी है। अगर आपके कस्टमर को आपसे बात करने के लिए दस बार बटन दबाने पड़ रहे हैं या कस्टमर केयर की वेटिंग टोन सुननी पड़ रही है, तो समझ लीजिए आपने उसे अपने हाथ से जाने का रास्ता दिखा दिया है।
अक्सर कंपनियां अपनी प्रोसेस को इतना पेचीदा बना देती हैं जैसे कोई सरकारी दफ्तर हो। "सर, इसके लिए फॉर्म नंबर 4 भरिए", "मैडम, आप कल आइएगा"। ये सब बातें सुनकर कस्टमर का खून खौलने लगता है। सफल वही है जो कस्टमर की उंगली पकड़कर उसे मंजिल तक ले जाए, न कि उसे भूलभुलैया में छोड़ दे। आपको यह सोचना होगा कि आप कस्टमर की लाइफ से 'फ्रिक्शन' यानी रगड़ को कैसे कम कर सकते हैं।
चाहे वो आपकी वेबसाइट की लोडिंग स्पीड हो या फिर रिटर्न करने का तरीका, हर जगह स्पीड और आसानी होनी चाहिए। जब आप किसी का टाइम बचाते हैं, तो असल में आप उन्हें इज्जत दे रहे होते हैं। और जो ब्रांड कस्टमर के टाइम की इज्जत करता है, कस्टमर उस ब्रांड की इज्जत करता है। याद रखिए, मार्केट में अब बड़े खिलाड़ी छोटे खिलाड़ी को नहीं हराते, बल्कि तेज खिलाड़ी धीरे चलने वाले को हरा देते हैं। तो अपनी रफ्तार बढ़ाइए वरना लोग आपको पीछे छोड़कर आगे निकल जाएंगे।
तो दोस्तों, कस्टमर रेवोल्यूशन आ चुका है और अब गेंद आपके पाले में है। क्या आप वही पुराने घिसे-पिटे तरीके अपनाते रहेंगे या फिर अपने बिजनेस को कस्टमर की जरूरतों के हिसाब से बदलेंगे? याद रखिए, कस्टमर के बिना आपका बिजनेस बस एक खाली डिब्बा है। आज ही अपने काम करने के तरीके को बदलिए और देखिए कैसे आपका ब्रांड लोगों के दिलों में जगह बनाता है। इस आर्टिकल को उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो अपना नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं और कमेंट्स में हमें बताएं कि आपके हिसाब से एक अच्छे बिजनेस की सबसे बड़ी खूबी क्या होती है? चलिए साथ मिलकर एक ऐसी दुनिया बनाते हैं जहां कस्टमर वाकई में राजा हो।
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