क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो अपना बिजनेस या कंटेंट इंटरनेट पर डालते हैं और फिर पागलों की तरह व्यूज का इंतजार करते हैं? सच तो यह है कि आपका आइडिया बोरिंग है और इसीलिए कोई इसे शेयर नहीं कर रहा। आप अपनी मेहनत बर्बाद कर रहे हैं क्योंकि आपको वायरल होने का असली साइंस पता ही नहीं है। सेठ गोडिन की यह किताब आपको सिखाएगी कि कैसे अपने आइडिया को एक खतरनाक वायरस की तरह फैलाना है। आइये देखते हैं इस किताब के ३ सबसे बड़े और असरदार लेसन्स।
Lesson : स्नीजर्स की जादुई ताकत - जो आपके आइडिया को जंगल की आग बना देते हैं
दोस्तो, कभी सोचा है कि कुछ चीजें रातों-रात इंटरनेट पर कैसे छा जाती हैं और कुछ बेचारी सालों तक कोने में पड़ी धूल फांकती रहती हैं? सेठ गोडिन कहते हैं कि अगर आप खुद अपनी ढोलक बजाते रहेंगे, तो कोई नहीं सुनेगा। आपको चाहिए स्नीजर्स। अब ये स्नीजर्स कोई जूते की कंपनी नहीं है, बल्कि ये वो लोग हैं जो आपके आइडिया को दूसरों तक छींकते हैं। जैसे एक छींक से वायरस फैलता है, वैसे ही ये लोग आपके मैसेज को पूरी दुनिया में फैला देते हैं।
मान लीजिए आपने एक नया समोसा कॉर्नर खोला है। अब आप खुद चिल्लाएंगे कि मेरा समोसा बेस्ट है, तो लोग कहेंगे, भाई अपना माल तो सब अच्छा ही बताते हैं। लेकिन अगर मोहल्ले की वो चाची, जिनकी बातों पर पूरी कॉलोनी यकीन करती है, एक बार कह दें कि बेटा इसके समोसे में तो असली जादू है, तो अगले दिन आपके यहाँ लाइन लग जाएगी। वो चाची ही आपकी स्नीजर हैं।
मार्केटिंग की दुनिया में दो तरह के स्नीजर्स होते हैं। पहले होते हैं प्रोमिसक्यूअस स्नीजर्स। ये वो लोग हैं जो हर नई चीज को ट्राई करते हैं और सबको बताते हैं। इनका कोई ईमान-धर्म नहीं होता, बस इन्हें नयापन चाहिए। आज आपका समोसा, कल किसी और का डोसा। दूसरे होते हैं पावरफुल स्नीजर्स। ये वो इन्फ्लुएंसर या एक्सपर्ट्स होते हैं जिनकी एक बात पत्थर की लकीर होती है। अगर उन्होंने कह दिया कि यह चीज काम की है, तो उनके पीछे चलने वाली पूरी फौज उसे खरीद लेगी।
गलती हम क्या करते हैं? हम हर किसी को अपना माल बेचने की कोशिश करते हैं। सेठ गोडिन कहते हैं, भाई सबको छोड़ो! सिर्फ उन स्नीजर्स को पकड़ो जो आपके आइडिया को फैलाने की ताकत रखते हैं। उन्हें कुछ ऐसा दो कि उन्हें आपको शेयर करने में मजा आए। अगर आप उन्हें इग्नोर करेंगे, तो आपका आइडिया आपके लैपटॉप या दुकान की दराज में ही दम तोड़ देगा।
आजकल के जमाने में तो यह और भी जरूरी है। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लाखों लोग हैं, लेकिन सब आपकी बात नहीं सुनेंगे। आपको उन चंद लोगों को खुश करना है जिनके पास बोलने की ताकत है। अगर आपने उन्हें इम्प्रेस कर लिया, तो समझो आपकी आधी मार्केटिंग तो मुफ्त में हो गई। बाकी लोग तो बस भेड़ चाल में पीछे चले आएंगे।
Lesson : शेयरिंग को मक्खन जैसा आसान बनाना - रुकावट हटाओ और वायरल हो जाओ
दोस्तो, कभी आपने सोचा है कि कुछ ऐप्स या वेबसाइट्स देखते ही देखते सबके फोन में कैसे आ जाती हैं? सेठ गोडिन कहते हैं कि अगर आपका आइडिया दुनिया का सबसे महान आइडिया भी है, लेकिन उसे दूसरों को बताना या भेजना मुश्किल है, तो समझो आपका आइडिया वहीं ढेर हो गया। इसे कहते हैं स्मूथ स्प्रेडिंग। यानी आपका मैसेज एक हाथ से दूसरे हाथ तक इतनी आसानी से जाना चाहिए जैसे गर्मियों में पिघलता हुआ मक्खन।
मान लीजिए आपने एक बहुत ही जबरदस्त जोक सुना। अब अगर मैं आपसे कहूँ कि इस जोक को अपने दोस्त को बताने के लिए आपको पहले एक फॉर्म भरना होगा, फिर अपना आधार कार्ड लिंक करना होगा और फिर पोस्ट ऑफिस जाकर चिट्ठी डालनी होगी। क्या आप वो जोक सुनाएंगे? बिल्कुल नहीं! आप कहेंगे भाई रहने दे, इतना दुख तो जोक सुनने में नहीं हुआ था जितना सुनाने में हो रहा है। यही गलती बहुत सारे बिजनेस करते हैं। वे अपने कस्टमर्स के लिए शेयर करना इतना मुश्किल बना देते हैं कि कस्टमर कहता है, भाई तेरा प्रोडक्ट अच्छा है पर मैं किसी को बताऊंगा नहीं।
सेठ गोडिन का सीधा फंडा है: अगर आप चाहते हैं कि आपका आइडिया वायरस की तरह फैले, तो बीच की सारी दीवारें गिरा दो। इसे फ्रिक्शनलेस बनाओ। याद है जब शुरू में हॉटमेल आया था? उन्होंने क्या किया? बस हर ईमेल के नीचे एक छोटी सी लाइन लिख दी, गेट योर फ्री ईमेल ऐट हॉटमेल। बस! भेजने वाले को कुछ नहीं करना पड़ा, रिसीव करने वाले ने क्लिक किया और वायरस फैल गया। कोई झंझट नहीं, कोई एक्स्ट्रा मेहनत नहीं।
आजकल के जमाने में लोग बहुत आलसी हैं। अगर उन्हें आपका कंटेंट या प्रोडक्ट शेयर करने के लिए दो बार से ज्यादा क्लिक करना पड़ा, तो समझो आपने उन्हें खो दिया। आपको अपने आइडिया को इतना हल्का और शेयर करने लायक बनाना है कि लोग अनजाने में भी उसे आगे बढ़ा दें। अगर आप एक ऐप बना रहे हैं, तो उसमें इनवाइट बटन ऐसा होना चाहिए कि बस एक टच और काम तमाम।
सच्चाई तो यह है कि लोग दूसरों की मदद करना चाहते हैं, लेकिन खुद को तकलीफ देकर नहीं। अगर आपका आइडिया फैल नहीं रहा है, तो शायद इसलिए नहीं कि वो बुरा है, बल्कि इसलिए क्योंकि उसे फैलाना एक सजा जैसा है। अपने सिस्टम से वो सारी बेड़ियाँ काट दो जो लोगों को रुकने पर मजबूर करती हैं। जब रास्ता साफ होगा, तो आपका आइडिया खुद-ब-खुद दौड़ लगा देगा और आपको पता भी नहीं चलेगा कि कब आप पूरी दुनिया के स्क्रीन्स पर छा गए।
Lesson : परमिशन और विश्वास की ताकत - शोर मचाना बंद करो और रिश्ता जोड़ो
दोस्तो, कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि आप बहुत जरूरी काम कर रहे हों और अचानक किसी अनजाने नंबर से फोन आए, "सर, क्या आपको क्रेडिट कार्ड चाहिए?" आपका मन करता है कि फोन को दीवार पर दे मारें। इसे सेठ गोडिन इंटरप्शन मार्केटिंग कहते हैं। यह वो पुराने जमाने का तरीका है जहाँ आप लोगों का काम रोककर अपनी चिल्लम-चिल्ली शुरू कर देते हैं। लेकिन आइडियावायरस की दुनिया में यह तरीका फेल है।
यहाँ असली राजा वही है जिसके पास परमिशन है। यानी लोग खुद आपसे सुनना चाहते हैं। सोचिए, एक तरफ वो सेल्समैन है जो जबरदस्ती आपके घर का दरवाजा खटखटाता है, और दूसरी तरफ वो दोस्त है जिसे आपने खुद चाय पर बुलाया है। आप किसकी बात ध्यान से सुनेंगे? जाहिर है अपने दोस्त की। आइडियावायरस तब और तेजी से फैलता है जब लोग आप पर भरोसा करते हैं और उन्हें पता होता है कि आप उनके काम की बात ही करेंगे।
सेठ गोडिन कहते हैं कि अगर आप बिना पूछे किसी के कान में अपना आइडिया ठूंसने की कोशिश करेंगे, तो लोग आपसे नफरत करने लगेंगे। लेकिन अगर आपने धीरे-धीरे उनका भरोसा जीता है, तो वे आपके सबसे बड़े फैन बन जाएंगे। वे न केवल आपका माल खरीदेंगे, बल्कि दूसरों को भी सीना ठोककर बताएंगे कि भाई इसके जैसा कोई नहीं है। यह भरोसा ही वो खाद है जिससे आपका आइडियावायरस एक विशाल पेड़ बनता है।
आजकल के दौर में तो यह और भी जरूरी है क्योंकि हर कोई अपनी बात सुनाने के लिए बेताब है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर हर जगह विज्ञापनों की बाढ़ आई हुई है। ऐसे में वही ब्रांड टिकेगा जो लोगों की इज्जत करता है और उनसे बात करने की परमिशन मांगता है। जब आप लोगों को वैल्यू देते हैं, तो वे अपनी मर्जी से अपना दरवाजा आपके लिए खोलते हैं।
तो भाई, अगर आप भी चाहते हैं कि आपका काम लोगों के दिलों में जगह बनाए, तो पहले उनके भरोसे के काबिल बनिए। शोर मचाने से सिर्फ सिरदर्द होता है, लेकिन एक सच्चा रिश्ता बनाने से आपका आइडिया एक ऐसी महामारी बन जाएगा जिसे कोई रोकना नहीं चाहेगा। याद रखिए, वायरस तभी फैलता है जब होस्ट उसे अपने अंदर आने की जगह देता है। अपने कस्टमर के लिए वो जगह बनाइए।
तो दोस्तो, क्या आप अब भी वही पुराना बोरिंग तरीका अपनाएंगे या सेठ गोडिन के इस आइडियावायरस को अपनी ताकत बनाएंगे? दुनिया बदल रही है और अब मार्केटिंग सिर्फ पैसा खर्च करने का नाम नहीं है, बल्कि स्मार्ट तरीके से अपना मैसेज फैलाने का नाम है। आज ही अपने बिजनेस में उन स्नीजर्स को पहचानिए और शेयरिंग को इतना आसान बना दीजिए कि बच्चा-बच्चा आपका नाम जपने लगे।
अगर आपको यह आर्टिकल काम का लगा, तो इसे अभी उन दोस्तों के साथ शेयर कीजिए जो अपना नया स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं। क्या पता, आपकी एक शेयरिंग उनके लिए आइडियावायरस की शुरुआत बन जाए! नीचे कमेंट में बताइए कि आपका सबसे बड़ा स्नीजर कौन है? चलिए, मिलकर इस ज्ञान को वायरल करते हैं!
-----
अगर आप इस बुक की पूरी गहराई में जाना चाहते हैं, तो इस बुक को यहाँ से खरीद सकते है - Buy Now
आपकी छोटी सी Help हमें और ऐसे Game-Changing Summaries लाने में मदद करेगी। DY Books को Donate करके हमें Support करें🙏 - Donate Now
#MarketingSecrets #ViralMarketing #SethGodin #BusinessGrowth #Ideavirus
_