Swim with the Sharks (Hindi)


अगर आप अभी भी हर डील (Deal) में पिट जाते हैं, कस्टमर का नाम भूल जाते हैं, और आपका बिज़नेस ग्रोथ चार्ट (Growth Chart) रुका हुआ है, तो मुबारक हो – आप सिर्फ पानी में पैर मार रहे हैं, तैर नहीं रहे। शार्क (Shark) बनने का सीक्रेट MacKay 66 में छिपा है। इसे मिस किया, तो समझो अगली डील मिस की। आज हम हार्वे मैके की इस किताब के उन 3 सबसे बड़े सीक्रेट्स (Secrets) को तोड़कर देखेंगे जो आपको बड़ी मछली बना देंगे।


Lesson : कस्टमर की जान पहचान — MacKay 66 का महामंत्र

आपकी सबसे बड़ी गलती क्या है? आप कस्टमर (Customer) को सिर्फ़ 'कस्टमर' समझते हैं। एक पर्स (Purse) समझते हैं, एक चलता-फिरता एटीएम (ATM) समझते हैं। लेकिन हार्वे मैके (Harvey MacKay) कहते हैं, "अगर आप कस्टमर के बारे में सब नहीं जानते, तो आप कुछ नहीं जानते।"

ये कोई फ़ैन्सी (fancy) बात नहीं है, ये बिज़नेस का सबसे बेसिक (basic) नियम है। सोचो, आपका सेल्सवाला बंदा मीटिंग (Meeting) में जाता है। वो 10 मिनट अपने प्रोडक्ट (Product) की तारीफ़ करता है, 5 मिनट डिस्काउंट (Discount) की बात करता है, और डील ख़त्म। क्या हुआ? कुछ नहीं। कस्टमर ने कहा, "सोचकर बताऊँगा।" और 'सोचकर बताऊँगा' का मतलब बिज़नेस की भाषा में होता है, 'भूल जाओ'।

यहीं पर एंट्री (Entry) होती है The MacKay 66 की। यह कोई बोरिंग (boring) फॉर्म (Form) नहीं है, यह तो आपके कस्टमर का 'कुंडली चार्ट' है। 66 सवाल! हाँ, 66 सवाल। सवाल उनकी फैमिली (Family), उनकी हॉबी (Hobby), उनके पुराने बॉस (Boss), उनके करियर हिस्ट्री (Career History), उनका सबसे बड़ा डर, उनका सबसे बड़ा सपना... सब कुछ।

आप कहेंगे, "इतना कौन करेगा?"

आप करेंगे। क्योंकि अगर आप यह नहीं करेंगे, तो आपका कम्पटीटर (Competitor) करेगा।

हमारा देसी सेल्समैन क्या करता है? चाय पीता है, ‘बढ़िया माल है सर’ बोलता है।

वहीं, मैके का चेला क्या करता है? वो जानता है कि कस्टमर को गॉल्फ़ (Golf) पसंद है, उसके बच्चे को अभी एडमिशन (Admission) मिला है, और उसने पिछली कंपनी (Company) क्यों छोड़ी थी।

जब आप MacKay 66 के ज़रिए यह सब जान लेते हैं, तो मीटिंग बदल जाती है। आप प्रोडक्ट नहीं बेच रहे होते। आप उनकी 'गॉल्फ़ हॉबी' पर बात कर रहे होते हैं। आप उनके बच्चे के स्कूल (School) की तारीफ़ कर रहे होते हैं। आप सीधे कस्टमर के दिल में दरवाज़ा ठोक रहे होते हैं। और दिल में पहुँचना, पॉकेट (Pocket) में पहुँचने से ज़्यादा आसान है।

मान लो, आपको पता चला कि आपके कस्टमर को हेल्थ (Health) और रनिंग (Running) का बहुत शौक़ है। मीटिंग ख़त्म हुई, आपने उन्हें अपने प्रोडक्ट की जगह एक नई रेस (Race) में पार्टिसिपेट (Participate) करने का इनवाइट (Invite) भेज दिया। कैसा लगेगा उन्हें? वो समझेंगे, 'यार, यह बंदा सिर्फ़ बेचने नहीं आया है। यह तो मेरा वेल-विशर (well-wisher) है।' अब बताइये, अगली डील किसे मिलेगी? उस आलसी सेल्समैन को जो सिर्फ़ 'डिस्काउंट' चिल्ला रहा था, या आपको, जिसने 66 सवाल का होमवर्क करके एक इमोशनल बॉन्ड (Emotional Bond) बना लिया?

याद रखना, The MacKay 66 एक जासूसी (Spying) का तरीका नहीं है। यह सिर्फ़ यह जानने का तरीका है कि आप अपने कस्टमर की ज़िंदगी को कैसे आसान बना सकते हैं, कैसे उनकी ज़रूरतें आपसे भी पहले जान सकते हैं। अगर आप ऐसा नहीं करते, तो आप बिज़नेस नहीं कर रहे, आप सिर्फ़ लॉटरी (Lottery) खेल रहे हैं।

यह पहला लेसन हमें सिखाता है: काम की शुरुआत हमेशा कस्टमर से होती है, प्रोडक्ट से नहीं। और जब कस्टमर की पूरी 'प्रोफ़ाइल' आपके पास हो, तो अगला मैदान होता है जंग का। यानी नेगोशिएशन (Negotiation)।

यहीं से हमारा दूसरा लेसन शुरू होता है। कस्टमर को जान लिया? अब पता करो कि टेबल पर बैठकर बाज़ी कैसे जीतनी है, क्योंकि नेगोशिएशन कोई झगड़ा नहीं है, यह एक शतरंज का खेल है, जहाँ आपको हर चाल पहले से पता होनी चाहिए।


Lesson : नेगोशिएशन एक आर्ट है, झगड़ा नहीं — बाज़ी जीतने का फ़ॉर्मूला

पहले लेसन में आपने सीख लिया कि कस्टमर को 66 सवालों में कैसे बाँधना है। आपकी प्रोफ़ाइल (Profile) तैयार है। अब अगला स्टेप? टेबल पर बैठना। और टेबल पर बैठते ही 90% लोग क्या करते हैं? 'सर, थोड़ा कम कर लो।' या 'यार, इतना तो चलता है।' ये कोई नेगोशिएशन (Negotiation) नहीं है। ये तो भीख माँगना है।

हार्वे मैके कहते हैं, नेगोशिएशन कोई झगड़ा नहीं है, ये एक तैयार किया गया डांस (Dance) है। और इस डांस में वही जीतता है जिसकी कोरियोग्राफी (Choreography) सबसे तगड़ी होती है।

हमारा देसी स्टाइल क्या होता है? इमोशनल (Emotional) होकर डील करना। 'सर, आपसे क्या कमाना है।' या 'सर, पिछली बार तो दिया था।' सामने वाला भी मुस्कुराता है, और आपको पता भी नहीं चलता कि कब आपकी पॉकेट कट गई।

मैके का पहला मंत्र है: होमवर्क। ये सिर्फ़ स्कूल में काम नहीं आता, ये बिज़नेस में आपकी लाइफलाइन (Lifeline) है।

अगर आपको लेसन 1 से पता है कि कस्टमर का 'पिछला वेंडर' क्यों भागा था, तो आप अपनी डील में उस गलती को कभी नहीं दोहराएँगे। अगर आपको पता है कि कस्टमर का बॉस (Boss) किस चीज़ से सबसे ज़्यादा डरता है, तो आप उसी पॉइंट (Point) पर वार करेंगे। इसे कहते हैं इनफ़ॉर्मेशन ऐज (Information Edge)। और यह इनफ़ॉर्मेशन MacKay 66 से आती है।

सोचो, दो दोस्त हैं—राजू और श्याम। राजू मीटिंग में जाता है और कहता है, 'मेरी प्राइस (Price) ये है।' श्याम जाता है और कहता है, 'मुझे पता है कि आपकी डिलीवरी टाइमिंग (Delivery Timing) सबसे बड़ी प्रॉब्लम (Problem) है। मैं आपसे 2% ज़्यादा लूँगा, पर 24 घंटे में माल आपके गोदाम में होगा।' कस्टमर किसे चुनेगा? उस राजू को, जो सिर्फ़ पैसे की बात कर रहा था, या श्याम को, जिसने उसकी 'सबसे बड़ी प्रॉब्लम' का हल दिया?

यही मैके का फंडा है: सामने वाले को वह दो जो उसे सच में चाहिए, न कि वह जो आप बेचना चाहते हो।

दूसरा सबसे ज़रूरी मंत्र है: 'नो' कहने की ताक़त।

हम लोग 'डील' से इतने डरते हैं कि हम 'हार' मान लेते हैं। हम 'ना' नहीं बोल पाते। हमें लगता है, अगर हमने 'ना' कहा, तो बिज़नेस ही ख़त्म हो जाएगा। मैके कहते हैं, अगर आप टेबल से उठकर जाने की हिम्मत नहीं रखते, तो आप कभी नेगोशिएशन में जीत नहीं सकते। इसे BATNA (Best Alternative To a Negotiated Agreement) कहते हैं। इसका मतलब है, आपके पास हमेशा एक प्लान-बी (Plan-B) होना चाहिए।

अगर आपकी BATNA मज़बूत है, तो आप डरेंगे नहीं। आप जानते हैं कि अगर यह डील फ़ेल (Fail) हुई, तो भी दुनिया नहीं रुकेगी। यह कॉन्फ़िडेंस (Confidence) सामने वाले को दिखता है। जैसे ही आपने 'नो' बोलने की हिम्मत दिखाई, पावर (Power) आपके पास आ गई। सामने वाला तुरंत झुकना शुरू कर देगा। यह ह्यूमन साइकोलॉजी (Human Psychology) है। जो आसानी से मिल जाता है, उसकी क़द्र नहीं होती।

और तीसरा मंत्र है: टाइमिंग (Timing) और टेम्पर (Temper)।

क्या आपने कभी गुस्से में या बहुत जल्दी में कोई बड़ी डील की है? उसका रिजल्ट (Result) हमेशा ख़राब होता है। नेगोशिएशन को कभी भी गुस्से में मत करो। अगर सामने वाला भड़क रहा है, तो शांत रहो। आपका शांत दिमाग़ ही आपका सबसे बड़ा हथियार है। और जल्दी मत मचाओ। हर चीज़ का एक टाइम होता है। जब तक आपको लगे कि अब बाज़ी आपके हाथ में है, तब तक धीरे खेलो।

मैके सिखाते हैं कि टेबल पर बैठते ही 'शार्क' मत बनो, पहले 'होमवर्क' करो। कस्टमर को जानो। अपनी 'नो' कहने की ताक़त को समझो। और इमोशंस को डील से दूर रखो।

ये लेसन हमें सिखाता है कि नेगोशिएशन आपकी तैयारी पर निर्भर करता है, न कि आपकी आवाज़ की ऊँचाई पर। लेकिन ये डील कहाँ से आएँगी? ये मौक़े कहाँ से आएँगे? इसके लिए आपको पानी में अकेले तैरना बंद करना होगा। आपको एक मज़बूत जाल बनाना होगा।

और यहीं से हमारा तीसरा और आख़िरी लेसन शुरू होता है: आपका नेटवर्क ही आपकी नेटवर्थ (Net Worth) है।


Lesson : आपका नेटवर्क ही आपकी नेटवर्थ — शार्क बनने का असली खेल

पहले लेसन में आपने कस्टमर को 66 तरीकों से पहचाना। दूसरे लेसन में, आपने नेगोशिएशन (Negotiation) की टेबल पर जीतना सीखा। लेकिन ये कस्टमर कहाँ से आए? ये डील (Deal) किसने दी? किसी रिश्तेदार ने? नहीं। आपके नेटवर्क ने।

हार्वे मैके कहते हैं, "यह सिर्फ़ जानना नहीं कि आप क्या जानते हो, यह जानना है कि आप किसे जानते हो।"

हम में से ज़्यादातर लोग नेटवर्किंग (Networking) को क्या समझते हैं? बिज़नेस कार्ड (Business Card) एक्सचेंज (Exchange) करना। किसी इवेंट (Event) में जाकर दो मिनट की 'हाय-हैलो' करना। फिर उस कार्ड को वॉलेट (Wallet) में डालकर भूल जाना। क्या इससे कोई डील आती है? नहीं। इससे सिर्फ़ आपका वॉलेट भारी होता है।

असली नेटवर्किंग एक रिलेशनशिप (Relationship) है। यह एक वन-टाइम (one-time) इवेंट नहीं है, यह एक लाइफ़टाइम (lifetime) कमिटमेंट (Commitment) है।

सोचो, आपने किसी से मीटिंग में कहा, 'सर, मेरा प्रोडक्ट बहुत अच्छा है।' उसने हाँ कर दी। यह एक डील थी।

लेकिन, अगर आप एक साल बाद उसे बिना किसी स्वार्थ के कॉल (Call) करके पूछें, 'सर, पिछली बार आपका जो प्रोजेक्ट (Project) अटक रहा था, उसका क्या हुआ?' या 'मैंने सुना था, आपकी टीम (Team) में कोई प्रॉब्लम (Problem) थी, क्या सब ठीक है?' – यह नेटवर्किंग है।

जब आप MacKay 66 के ज़रिए किसी के पर्सनल (Personal) डिटेल्स (Details) जानते हैं, तो आपका नेटवर्क वहीं से शुरू होता है। आप उनके जन्मदिन पर उन्हें 'हैप्पी बर्थडे (Happy Birthday)' नहीं भेज रहे, आप उन्हें उनकी हॉबी (Hobby) से जुड़ी कोई छोटी-सी चीज़ भेज रहे हैं। आप उनके बच्चे की सक्सेस (Success) पर उन्हें पर्सनली (Personally) बधाई दे रहे हैं।

हमारा देसी माइंडसेट (Mindset) क्या है? जब काम होता है, तब कॉल करो। 'सर, बहुत ज़रूरी काम था।' मैके कहते हैं, यह सबसे बड़ा डिजास्टर (Disaster) है। आपको तब कॉल करना है जब कोई काम न हो। इसे 'फ़ाइलिंग (Filing) एंड क्लिपिंग (Clipping)' का नियम कहते हैं।

फ़ाइलिंग का मतलब है: जब आप किसी नए बंदे से मिलें, तो उसे तुरंत MacKay 66 में डाल दो। उसका नाम, उसकी वाइफ़ (Wife) का नाम, उसके शौक... सब।

और क्लिपिंग का मतलब है: उस बंदे के बारे में कोई भी छोटी-सी न्यूज़ (News), कोई भी आर्टिकल (Article), कोई भी अचीवमेंट (Achievement) दिखे, तो उसे काट कर रख लो। और सही टाइम आने पर उसे यूज़ (Use) करो।

अगली बार जब आप उस आदमी से मिलेंगे, तो आप कहेंगे, 'सर, मैंने आपका वो इंटरव्यू (Interview) देखा था। क्या कमाल की बात कही आपने।' सामने वाला बंदा क्या सोचेगा? 'यार, यह बंदा तो मुझे सच में फ़ॉलो (Follow) कर रहा है।' इससे विश्वास (Trust) बनता है। और बिज़नेस विश्वास पर ही चलता है।

नेटवर्क सिर्फ़ डील नहीं दिलाता। यह आपको अंदर की इनफ़ॉर्मेशन भी देता है। कौन-सा कम्पटीटर क्या कर रहा है? मार्केट (Market) में क्या नया चल रहा है? कौन-सी पॉलिसी (Policy) बदलने वाली है? ये सब न्यूज़पेपर (Newspaper) में नहीं आतीं। ये सब 'गॉल्फ़ कोर्स' या 'कॉफ़ी शॉप' की बातचीत में मिलती हैं।

यह लेसन हमें एक सीधी बात सिखाता है: लोगों को सिर्फ़ तब याद मत करो जब तुम्हें उनकी ज़रूरत हो। उन्हें हमेशा याद रखो, ताकि जब तुम्हें उनकी ज़रूरत हो, तो वह ख़ुद ही तुम्हारे पास आ जाएँ।

MacKay 66 से कस्टमर को जानना, फिर उस जानकारी से नेगोशिएशन जीतना, और इस पूरे खेल को अपने मज़बूत नेटवर्क के दम पर चलाना — यही 'Swim with the Sharks' का असली सीक्रेट है। अब आपको शार्क बनने से कोई नहीं रोक सकता। जाओ और पानी में छलाँग लगाओ!


आज ही उठो और अपनी 'MacKay 66' लिस्ट बनाना शुरू करो। अपने फ़ोन (Phone) की कॉन्टैक्ट लिस्ट (Contact List) को देखो और सोचो: मैं इनमें से कितने लोगों की मदद बिना किसी स्वार्थ के कर सकता हूँ? क्योंकि याद रखना, बिज़नेस में, आप जितना देते हैं, उससे ज़्यादा पाते हैं। अब कमेंट (Comment) में बताओ: आज आप किस एक ऐसे इंसान को कॉल या मैसेज (Message) करोगे जिसकी तुम्हें कोई ज़रूरत नहीं है?

-----

अगर आप इस बुक की पूरी गहराई में जाना चाहते हैं, तो इस बुक को यहाँ से खरीद सकते है - Buy Now

आपकी छोटी सी Help हमें और ऐसे Game-Changing Summaries लाने में मदद करेगी। DY Books को Donate करके हमें Support करें🙏 - Donate Now




#BusinessStrategy #SalesTips #NetworkingSkills #HarveyMacKay #DYBooks


_

Post a Comment

Previous Post Next Post