Bag the Elephant (Hindi)


आप अभी भी उन चींटी जैसे छोटे कस्टमर्स के पीछे भाग रहे हैं और खुद को बड़ा बिजनेसमैन समझते हैं। सच तो यह है कि आपकी पूरी मेहनत सिर्फ ऑफिस का बिल भरने में निकल जाती है। अगर आपको हाथी जैसे बड़े क्लाइंट्स पकड़ना नहीं आता तो शायद आप बिजनेस नहीं बस मजदूरी कर रहे हैं।

नमस्ते दोस्तों। आज हम स्टेव काप्लान की मशहूर बुक बैग द एलीफैंट से सीखेंगे कि कैसे आप बड़े कॉर्पोरेट क्लाइंट्स को अपना दीवाना बना सकते हैं। चलिए इन ३ पावरफुल लेसन के जरिए आपकी सेल्स की गेम को हमेशा के लिए बदलते हैं।

लेसन १ : एलीफैंट हंटिंग माइंडसेट

दोस्तो, अगर आप अभी भी गली की छोटी दुकानों को अपना सामान बेचने में खुश हैं तो यकीन मानिए आप बिजनेस की दुनिया के वह शिकारी हैं जो सिर्फ खरगोश पकड़कर अपना पेट भर रहा है। हाथी का शिकार करना हर किसी के बस की बात नहीं होती क्योंकि हाथी को पकड़ने के लिए आपको अपनी औकात और अपनी तैयारी दोनों को हाथी के लेवल पर लाना पड़ता है। स्टेव काप्लान कहते हैं कि बड़े क्लाइंट्स यानी एलीफैंट्स वह कॉर्पोरेट दिग्गज हैं जो एक बार अगर आपकी झोली में गिर जाएं तो आपकी कंपनी की किस्मत रातों रात बदल सकती है। लेकिन दिक्कत यह है कि हम में से ज्यादातर लोग हाथी को देखकर ही डर जाते हैं या फिर उसे पकड़ने के लिए वही पुराना चूहे वाला पिंजरा लेकर निकल पड़ते हैं।

सोचिए आप एक छोटी सी सॉफ्टवेयर कंपनी चलाते हैं और आप चाहते हैं कि रिलायंस या टाटा जैसे बड़े ग्रुप आपका सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करें। अब अगर आप उनके ऑफिस में टी शर्ट और चप्पल पहनकर पहुंच जाएंगे और कहेंगे कि साहब थोड़ा काम दे दो तो वह आपको गेट से ही बाहर कर देंगे। हाथी को पकड़ने के लिए आपको एक प्रोफेशनल हंटर की तरह सोचना होगा। इसका मतलब है कि आपकी प्रेजेंटेशन आपकी बातचीत का तरीका और आपका कॉन्फिडेंस ऐसा होना चाहिए कि सामने वाले को लगे कि आप उनके लेवल के खिलाड़ी हैं। हाथी को इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि आप कितने भूखे हैं उसे इस बात से फर्क पड़ता है कि क्या आप उसका वजन संभालने के काबिल हैं।

अक्सर लोग सेल्स कॉल करते वक्त ऐसे गिड़गिड़ाते हैं जैसे कोई चंदा मांग रहे हों। बड़े क्लाइंट्स को ऐसे लोग बिल्कुल पसंद नहीं आते। उन्हें चाहिए एक ऐसा पार्टनर जो उनके बिजनेस में वैल्यू ऐड कर सके। अगर आप एक छोटे से क्लाइंट के पीछे छह महीने खराब कर रहे हैं तो उतना ही टाइम एक बड़े क्लाइंट पर लगाइए। मेहनत उतनी ही लगेगी लेकिन जब हाथी हाथ आएगा तो पूरे मोहल्ले में दावत होगी। बहुत से लोग सोचते हैं कि बड़े क्लाइंट्स के पास जाना मतलब रिजेक्शन झेलना है। भाई रिजेक्शन तो वह छोटी परचून की दुकान वाला भी दे देता है जब आप उसे फ्री सैंपल देने जाते हैं। तो फिर डर किस बात का है। अपनी गन लोड कीजिए और बड़े जंगल की तरफ रुख कीजिए क्योंकि बड़े पेट के लिए बड़ा शिकार जरूरी है।

हाथी के शिकार में सबसे बड़ी बाधा आपका खुद का डर है। हम सोचते हैं कि अरे इतनी बड़ी कंपनी हमसे क्यों खरीदेगी। यह सोच ही आपको गरीब बनाए रखती है। हकीकत यह है कि हर बड़े हाथी को एक छोटे और समझदार मददगार की जरूरत होती है जो उनका काम आसान कर सके। आपको बस वह मददगार बनना है। अपनी टीम को तैयार कीजिए अपने टूल्स को धार दीजिए और यह मान लीजिए कि आप सिर्फ छोटे मोटे सौदे करने के लिए पैदा नहीं हुए हैं। जब आप अपनी सोच को बड़ा करते हैं तभी बड़े क्लाइंट्स आपके पास खिंचे चले आते हैं। याद रखिए छोटे क्लाइंट्स आपकी दाल रोटी चलाएंगे लेकिन बड़ा हाथी आपको प्राइवेट जेट तक ले जाएगा।


लेसन २ : वैल्यू प्रपोजिशन का असली मतलब

जब आप हाथी का शिकार करने निकलते हैं तो उसे लुभाने के लिए आप उसे वही पुरानी सड़ी हुई घास नहीं दिखा सकते जो आप चूहे और खरगोशों को खिला रहे थे। बड़े क्लाइंट्स यानी एलीफैंट्स को सस्ते डिस्काउंट या छोटी मोटी स्कीम से कोई मतलब नहीं होता। उन्हें मतलब होता है उस वैल्यू से जो आप उनके करोड़ों के बिजनेस में ला सकते हैं। स्टेव काप्लान कहते हैं कि बड़े क्लाइंट को अपना माल बेचने की कोशिश मत कीजिए बल्कि उनकी बड़ी मुसीबत का हल बेचने की कोशिश कीजिए। अगर आप उनके पास जाकर कहेंगे कि मेरा प्रोडक्ट मार्केट में सबसे सस्ता है तो वह आपको शक की नजर से देखेंगे। बड़े लोगों के लिए सस्ता अक्सर घटिया का दूसरा नाम होता है।

मान लीजिए आप एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी चलाते हैं और आप किसी बड़ी टेक कंपनी के पास उनका एनुअल फंक्शन मैनेज करने का प्रपोजल लेकर जाते हैं। अगर आप उनसे कहेंगे कि मैं बाकी लोगों से दस परसेंट कम पैसे लूंगा तो वह आपसे कभी काम नहीं कराएंगे। क्यों। क्योंकि उन्हें डर लगेगा कि सस्ते के चक्कर में आप उनके फंक्शन का रायता फैला देंगे और उनकी इज्जत मिट्टी में मिल जाएगी। इसके बजाय अगर आप उन्हें यह समझाएं कि कैसे आपका यूनिक आईडिया उनके एम्प्लॉइज की प्रोडक्टिविटी बढ़ा देगा और उनके ब्रांड की वैल्यू को आसमान पर पहुंचा देगा तो वह आपको मुंह मांगी कीमत देंगे। हाथी को कीमत की चिंता नहीं होती उसे बस इस बात की फिक्र होती है कि उसे बदले में मिल क्या रहा है।

अक्सर सेल्स वाले लोग गलती यह करते हैं कि वह सिर्फ अपने प्रोडक्ट की तारीफों के पुल बांधते रहते हैं। मेरा कैमरा ऐसा है मेरा सॉफ्टवेयर वैसा है। भाई हाथी को आपके फीचर्स में कोई इंटरेस्ट नहीं है। उसे बस यह जानना है कि क्या आप उसका सरदर्द कम कर सकते हैं। बड़े क्लाइंट्स बहुत आलसी और डरे हुए होते हैं। वह नहीं चाहते कि कोई नया वेंडर आकर उनका सिस्टम खराब कर दे। इसलिए आपकी वैल्यू प्रपोजिशन में भरोसा और रिस्क कम करने की ताकत होनी चाहिए। अगर आप उन्हें यह यकीन दिला दें कि आपके साथ जुड़ने के बाद उन्हें चैन की नींद आएगी तो समझो हाथी आपकी जंजीर में बंध गया।

ज्यादातर लोग अपनी सेल्स पिच में इतने टेक्निकल शब्द डाल देते हैं कि सामने वाला सो जाता है। सादगी में ही असली जादू है। अपनी वैल्यू को ऐसे पेश कीजिए जैसे किसी बच्चे को कहानी सुना रहे हों। उन्हें साफ दिखना चाहिए कि आपका सॉल्यूशन उनके मुनाफे को कैसे बढ़ाएगा या उनके खर्चों को कैसे कम करेगा। अगर आपकी बात सुनकर उनके दिमाग की बत्ती नहीं जलती तो समझ लीजिए आप सिर्फ शोर मचा रहे हैं। बड़े क्लाइंट्स के साथ डील करते वक्त आपको एक डॉक्टर की तरह पेश आना चाहिए जो पहले बीमारी को समझता है और फिर सटीक दवा देता है। जब आप उनकी तकलीफ को अपनी तकलीफ समझने लगते हैं तो वह आपको वेंडर नहीं अपना पार्टनर मानने लगते हैं। और याद रखिए हाथी हमेशा अपने वफादार साथियों को ही साथ रखना पसंद करता है।


लेसन ३ : रिलेशनशिप मैनेजमेंट और सर्विस

हाथी को पकड़ लेना तो सिर्फ आधी जीत है। असली चुनौती तो उसे पालने और अपने साथ बनाए रखने की है। बहुत से सेल्समेन डील क्लोज होते ही ऐसे गायब हो जाते हैं जैसे गधे के सिर से सींग। उन्हें लगता है कि एक बार पेमेंट आ गई तो काम खत्म हो गया। लेकिन स्टेव काप्लान कहते हैं कि बड़े क्लाइंट्स के साथ आपका असली काम तो हाथ मिलाने के बाद शुरू होता है। अगर आपने हाथी को पकड़ने के बाद उसे खाना देना बंद कर दिया तो वह न सिर्फ आपको छोड़कर चला जाएगा बल्कि जाते जाते आपकी कंपनी की साख को भी कुचल देगा। हाथी यानी बड़े क्लाइंट्स को अटेंशन और इज्जत बहुत पसंद होती है।

सोचिए आपने किसी बड़े क्लाइंट को एक बहुत बड़ा एडवरटाइजिंग कॉन्ट्रैक्ट बेचा है। डील साइन होने के बाद अगर आप उनका फोन उठाना बंद कर देते हैं या उनकी छोटी छोटी शिकायतों को अनसुना करते हैं तो आप अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं। बड़े क्लाइंट्स को यह महसूस होना चाहिए कि वह आपके लिए सबसे खास हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि आप उनके ऑफिस के बाहर फूल लेकर खड़े रहें। इसका मतलब है कि आप उनकी जरूरतों का ख्याल उनके बोलने से पहले ही रखें। अगर उन्हें कोई समस्या आने वाली है तो आप पहले से ही उसके समाधान के साथ उनके सामने खड़े हों। जब आप प्रोएक्टिव होते हैं तो हाथी को लगता है कि उसने सही इंसान पर दांव लगाया है।

सेल्स की दुनिया में सर्विस का मतलब सिर्फ डिफेक्ट ठीक करना नहीं है बल्कि भरोसा जीतना है। बड़े क्लाइंट्स अक्सर बहुत ज्यादा डिमांडिंग होते हैं। वह कभी भी आधी रात को आपको फोन कर सकते हैं या किसी ऐसी चीज की मांग कर सकते हैं जो आपके कॉन्ट्रैक्ट में भी नहीं थी। ऐसे वक्त में अगर आप नियम कानून की किताब खोलकर बैठ जाएंगे तो आप कभी बड़े बिजनेसमैन नहीं बन पाएंगे। हाथी को खुश रखने के लिए कभी कभी एक्स्ट्रा मील चलना पड़ता है। अगर आप मुश्किल वक्त में उनके काम आते हैं तो वह आपके ऐसे वफादार बन जाएंगे कि आपका कॉम्पिटिटर उन्हें आधी कीमत पर भी नहीं छीन पाएगा।

रिलेशनशिप मैनेजमेंट एक कला है जिसमें आपको यह समझना होता है कि सामने वाला इंसान क्या चाहता है। कभी कभी बड़े क्लाइंट्स को सिर्फ एक सुनने वाला कान चाहिए होता है। अगर आप उनके बिजनेस की चुनौतियों को समझते हैं और उन्हें समय समय पर अच्छे सुझाव देते रहते हैं तो आप उनके लिए एक वेंडर से बढ़कर एक कंसल्टेंट बन जाते हैं। हाथी को बांधने वाली जंजीर लोहे की नहीं बल्कि भरोसे की होनी चाहिए। जिस दिन भरोसा टूटा उस दिन हाथी आपके कंट्रोल से बाहर हो जाएगा। इसलिए अपनी सर्विस को इतना शानदार बनाइए कि हाथी को आपके अलावा कोई और दिखाई ही न दे।


दोस्तो, बड़े क्लाइंट्स यानी हाथी का शिकार करना कोई रातों रात होने वाला चमत्कार नहीं है। यह आपकी मेहनत तैयारी और सही माइंडसेट का नतीजा है। अगर आप भी अपने बिजनेस को उन छोटी तंग गलियों से निकालकर बड़े मैदान में ले जाना चाहते हैं तो आज ही अपनी स्ट्रैटेजी बदलिए। क्या आप तैयार हैं अपने जीवन का पहला हाथी पकड़ने के लिए। नीचे कमेंट में जरूर बताएं कि आपको इन तीन लेसन में से कौन सा सबसे ज्यादा दमदार लगा। इस आर्टिकल को अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो सेल्स की दुनिया में कुछ बड़ा करना चाहते हैं। याद रखिए या तो आप हाथी का शिकार करेंगे या फिर चींटियों के पीछे भागते भागते थक जाएंगे। चुनाव आपका है।

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