क्या आप भी उसी बोरिंग नौ से पांच की जेल में सड़ रहे हैं जहाँ आपका बॉस आपकी खुशियों का कत्ल कर रहा है। बधाई हो आप अपनी जिंदगी के सबसे कीमती साल एक ऐसी डेस्क पर गँवा रहे हैं जिससे आपको नफरत है। अगर आप अपने पैशन को पैसा बनाने का तरीका नहीं जानते तो यकीन मानिए आप बस एक पढ़ा लिखा मजदूर बनने की रेस जीत रहे हैं।
जोनाथन फील्ड्स की किताब करियर रेनेगेड हमें सिखाती है कि कैसे अपनी पसंद का काम करके मोटा पैसा कमाया जा सकता है। चलिए जानते हैं वह तीन बड़े लेसन जो आपकी लाइफ और बैंक बैलेंस दोनों को पूरी तरह बदल कर रख देंगे।
लेसन १ : अपने पैशन को प्रॉफिटेबल बिजनेस में बदलना
ज्यादातर लोग यही सोचकर मर जाते हैं कि पैशन और पैसा दो अलग अलग ग्रह के प्राणी हैं। समाज ने आपके दिमाग में यह कचरा भर दिया है कि अगर आप पेंटिंग या कुकिंग जैसे काम करेंगे तो कटोरा हाथ में आ जाएगा। जोनाथन फील्ड्स कहते हैं कि आप वह काम चुनिए जिससे आपको प्यार है पर उसमें पैसा कमाने का एंगल ढूंढना आपकी जिम्मेदारी है। मान लीजिए आपको गिटार बजाना पसंद है पर आप सिर्फ गलियों में गाना गा रहे हैं तो जाहिर है कि आपकी जेब खाली रहेगी। लेकिन अगर आप उसी टैलेंट को ऑनलाइन कोर्स या डिजिटल कम्युनिटी में बदल दें तो आप एक रॉकस्टार की तरह कमा सकते हैं।
हमारे देश में आधे से ज्यादा इंजीनियर सिर्फ इसलिए दुखी हैं क्योंकि उन्हें कोडिंग से ज्यादा कढ़ाई पनीर बनाने में मजा आता है। वह बेचारे ऑफिस की कैंटीन में बैठकर यह सोचते हैं कि काश वह अपना ढाबा खोल पाते। पर दिक्कत यह है कि वह डरते हैं। करियर रेनेगेड का पहला नियम यही है कि अपने टैलेंट का मार्केट चेक करिए। अगर लोग उस चीज के लिए पैसे देने को तैयार हैं तो आप सही रास्ते पर हैं। सिर्फ शौक पालने से घर नहीं चलता जनाब उसके लिए आपको एक विजन चाहिए।
आज के दौर में इंटरनेट ने हर छोटे से छोटे टैलेंट को ग्लोबल मार्केट दे दिया है। आप घर बैठे पूरी दुनिया को अपना हुनर बेच सकते हैं और वह भी बिना किसी खडूस बॉस की डांट सुने। अगर आप अभी भी इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि कोई फरिश्ता आएगा और आपकी किस्मत बदल देगा तो आप शायद किसी बॉलीवुड फिल्म में जी रहे हैं। हकीकत यह है कि आपको खुद अपनी स्किल्स को एक प्रोडक्ट बनाना होगा। जब तक आप अपने पैशन को बिजनेस की नजर से नहीं देखेंगे तब तक आप बस एक टैलेंटेड बेरोजगार ही रहेंगे।
पैशन को पैसा बनाने का मतलब यह नहीं है कि आप पहले ही दिन अपनी नौकरी छोड़ दें। यह एक प्रोसेस है जिसे आपको धीरे धीरे बिल्ड करना होता है। अपनी करंट जॉब के साथ साथ दो घंटे रोज अपने उस काम को दें जिसे आप असल में प्यार करते हैं। जब वह साइड काम आपकी सैलरी के बराबर कमा कर देने लगे तब आप असली रेनेगेड बन सकते हैं। याद रखिए भूखे पेट क्रांति नहीं होती और न ही पैशन फॉलो होता है। इसलिए स्मार्ट बनिए और अपने दिल की सुनिए पर दिमाग का इस्तेमाल करके उस पर प्राइस टैग लगाना सीखिए।
लेसन २ : डर को दूर करना और रिस्क मैनेजमेंट सीखना
असली डर शेर के सामने खड़े होने में नहीं है बल्कि उस ईएमआई (EMI) के सामने है जो हर महीने की एक तारीख को आपके बैंक अकाउंट पर हमला करती है। जोनाथन फील्ड्स कहते हैं कि लोग अपना पैशन इसलिए फॉलो नहीं करते क्योंकि उन्हें लगता है कि करियर बदलना मतलब पहाड़ से बिना पैराशूट के कूदना है। पर असलियत में एक समझदार रेनेगेड कभी भी बिना तैयारी के छलांग नहीं मारता। हमारे यहाँ इंडिया में शर्मा जी का लड़का इसलिए दुखी है क्योंकि उसने रिस्क के नाम पर कभी अपनी गली का मोड़ भी नहीं छोड़ा।
अगर आप अपनी नौकरी छोड़ने का सोच रहे हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि आप कल ही जाकर बॉस की टेबल पर इस्तीफा फेंक दें और परसों से भूखे मरें। यह बहादुरी नहीं बल्कि बेवकूफी है जो आपको सीधा रोड पर ले आएगी। रेनेगेड बनने का सीक्रेट यह है कि आप अपने रिस्क को कैलकुलेट करना सीखें। अगर आपको लगता है कि आपका आईडिया काम करेगा तो पहले उसे पार्ट टाइम में टेस्ट करिए। जब तक आपके पास छह महीने का बैकअप फंड न हो तब तक अपनी सैलरी को लात मत मारिए।
लोग अक्सर पूछते हैं कि अगर मेरा आईडिया फेल हो गया तो क्या होगा। अरे भाई आप अभी कौन सा चांद पर बैठे हैं। अभी भी तो आप उस जॉब में हैं जहाँ आपकी कोई इज्जत नहीं है और सैलरी भी ऊंट के मुँह में जीरा है। डर असल में आपकी सुरक्षा नहीं कर रहा बल्कि आपको एक पिंजरे में कैद रख रहा है। असली रिस्क पैशन फॉलो करना नहीं है बल्कि उस काम को पूरी जिंदगी करना है जिसे आप नफरत करते हैं। सोचिए सत्तर साल की उम्र में जब आप पीछे मुड़कर देखेंगे तो क्या आप यह कहना चाहेंगे कि काश मैंने वह एक चांस लिया होता।
जोनाथन फील्ड्स समझाते हैं कि असफलता सिर्फ एक फीडबैक है। अगर आपका पहला प्लान फ्लॉप होता है तो इसका मतलब यह नहीं कि आप बेकार हैं बल्कि इसका मतलब है कि आपको अपना तरीका बदलना होगा। डर को अपना दुश्मन मत बनाइए बल्कि उसे अपना अलार्म क्लॉक बनाइए जो आपको हर कदम फूँक फूँक कर रखने पर मजबूर करे। अगर आप डर के मारे बिस्तर में दुबक कर बैठे रहेंगे तो दुनिया आपको कुचल कर आगे निकल जाएगी।
रिस्क लेना एक मसल की तरह है जिसे आपको धीरे धीरे ट्रेन करना पड़ता है। छोटे छोटे स्टेप्स लीजिए और अपनी काबिलियत पर भरोसा करना शुरू करिए। जब आप अपनी छोटी जीत को एन्जॉय करने लगेंगे तो बड़ा रिस्क लेना आपके लिए बच्चों का खेल बन जाएगा। याद रखिए कि समंदर के किनारे खड़ी नाव सबसे सुरक्षित होती है पर वह नाव पानी में तैरने के लिए बनी है किनारे पर सड़ने के लिए नहीं। अपनी लाइफ की पतवार थामिए और उस डर को पीछे छोड़िए जो आपको एक एवरेज इंसान बनाकर रख रहा है।
लेसन ३ : डिजिटल दुनिया का इस्तेमाल करके अथॉरिटी बनाना
अगर आप आज के जमाने में जी रहे हैं और आपके पास इंटरनेट है फिर भी आप रो रहे हैं कि आपके पास मौके नहीं हैं तो सच मानिए आपसे बड़ा आलसी कोई नहीं है। जोनाथन फील्ड्स कहते हैं कि एक करियर रेनेगेड बनने का सबसे शॉर्टकट रास्ता है अपनी अथॉरिटी बिल्ड करना। पुराने जमाने में आपको अपनी बात कहने के लिए टीवी या अखबार वालों के पैर पड़ने पड़ते थे पर आज आपके हाथ में जो स्मार्टफोन है वह एक पूरा मीडिया हाउस है।
लोग अक्सर अपनी दुकान खोलकर बैठ जाते हैं और फिर मक्खियाँ मारते हुए इंतजार करते हैं कि कोई ग्राहक आएगा। भाई साहब वह जमाना गया जब लोग खोजते हुए आपके पास आते थे अब आपको उनके मोबाइल स्क्रीन तक पहुँचना पड़ेगा। हमारे यहाँ आधे लोग सोशल मीडिया पर सिर्फ दूसरों की शादी की फोटो पर जलने के लिए बैठे रहते हैं जबकि असली रेनेगेड वही समय अपनी ब्रांडिंग करने में लगाता है। मान लीजिए आपको फिटनेस का शौक है तो सिर्फ जिम जाकर डोले बनाने से घर नहीं चलेगा।
आपको इंटरनेट पर अपनी नॉलेज बांटनी होगी जिससे लोग आपको एक एक्सपर्ट की तरह देखने लगें। जब लोग आप पर भरोसा करने लगते हैं तो वह आपकी सर्विस और प्रोडक्ट के लिए मुँह मांगी कीमत देने को तैयार हो जाते हैं। जोनाथन फील्ड्स समझाते हैं कि आपको सिर्फ काम नहीं करना है बल्कि उस काम का ढिंढोरा भी पीटना है। इसका मतलब यह नहीं कि आप शो ऑफ करें बल्कि इसका मतलब है कि आप दुनिया को बताएं कि आप उनकी कौन सी प्रॉब्लम सॉल्व कर सकते हैं।
डिजिटल दुनिया में आपकी पहचान आपकी डिग्री से नहीं बल्कि आपके द्वारा बनाए गए कंटेंट से होती है। अगर आप शर्माते रहेंगे कि लोग क्या कहेंगे तो आप बस एक और गुमनाम टैलेंट बनकर रह जाएंगे जिसे उसके घर वाले भी सीरियसली नहीं लेते। आज के दौर में क्रेडिबिलिटी कमाना पहले से कहीं ज्यादा आसान और मुश्किल दोनों है। आसान इसलिए क्योंकि टूल्स फ्री हैं और मुश्किल इसलिए क्योंकि कॉम्पिटिशन बहुत है। लेकिन अगर आप अपनी आवाज को असली रखेंगे और लोगों की सच में मदद करेंगे तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।
आप अपनी एक कम्युनिटी बनाइए जहाँ लोग आपसे जुड़ सकें और आपकी बात सुन सकें। जब आपके पास एक वफादार ऑडियंस होती है तो आप कभी भी बेरोजगार नहीं हो सकते। याद रखिए कि आपका नेटवर्क ही आपकी नेट वर्थ है। अगर आप अभी भी सिर्फ रील देख रहे हैं और कुछ बना नहीं रहे हैं तो आप असल में कंज्यूमर बनकर रह गए हैं जबकि आपको एक क्रिएटर और एक बिजनेसमैन बनना है। अपनी झिझक को कूड़ेदान में डालिए और आज ही अपना डिजिटल फुटप्रिंट बनाना शुरू करिए।
तो, क्या आप अभी भी उस कुर्सी से चिपके रहना चाहते हैं जो आपकी आत्मा को हर रोज थोड़ा थोड़ा मार रही है। याद रखिए जिंदगी इतनी लंबी नहीं है कि आप उसे दूसरों के सपने पूरे करने में बर्बाद कर दें। आज ही वह एक छोटा कदम उठाइए जो आपको आपके पैशन के करीब ले जाए। अगर आपको यह लेसन काम के लगे तो इस आर्टिकल को उस दोस्त के साथ शेयर करें जो अपनी जॉब से नफरत करता है पर छोड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा। नीचे कमेंट में बताएं कि आपका वह कौन सा पैशन है जिसे आप अपना करियर बनाना चाहते हैं। चलिए साथ मिलकर एक रेनेगेड कम्युनिटी बनाते हैं।
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