क्या आप अभी भी पागलों की तरह अपने प्रोडक्ट को बेचने की कोशिश कर रहे हैं। मुबारक हो। आप अपने कस्टमर्स को खुद ही दूर भगा रहे हैं। लोग आपकी घटिया मार्केटिंग से नफरत करते हैं। अगर आपको लगता है कि सिर्फ चिल्लाने से सेल बढ़ेगी तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी में जी रहे हैं।
इस आर्टिकल में हम जो पुलिजी की बुक एपिक कंटेंट मार्केटिंग से मार्केटिंग का असली सच जानेंगे। मैं आपको वह 3 बड़े लेसन बताऊंगा जो आपके बोरिंग बिज़नेस को एक ब्रांड में बदल देंगे। चलिए मार्केटिंग की इस जादुई दुनिया में गहराई से उतरते हैं।
लेसन १ : बेचना बंद करो और मदद करना शुरू करो
दोस्तो, क्या आपने कभी उस सेल्समैन को देखा है जो बस स्टैंड पर आपका हाथ पकड़कर आपको वह क्रीम बेचने की कोशिश करता है जिससे आप रातों रात गोरे हो जाएंगे। आपको कैसा लगता है। यकीनन आप उसे धक्का देकर भागना चाहते हैं। यही सबसे बड़ी गलती आज के बिज़नेस कर रहे हैं। मार्केटिंग का मतलब अब लोगों के कान में चिल्लाना नहीं रह गया है कि मेरा सामान खरीद लो। जो पुलिजी कहते हैं कि अगर आप सच में अपने कस्टमर का दिल जीतना चाहते हैं तो पहले उन्हें कुछ वैल्यू देना सीखिए। मार्केटिंग को सेल्स की तरह नहीं बल्कि एक हेल्प डेस्क की तरह चलाइए।
मान लीजिए आपका जिम का बिज़नेस है। अगर आप हर वक्त बस यह पोस्ट करेंगे कि हमारे यहाँ 20 परसेंट डिस्काउंट है तो लोग आपको इग्नोर कर देंगे। लेकिन अगर आप उन्हें यह बताएंगे कि ऑफिस में बैठकर होने वाले पीठ दर्द को 5 मिनट के स्ट्रेचिंग से कैसे ठीक करें तो लोग आपकी बात सुनेंगे। इसे कहते हैं एपिक कंटेंट। जब आप लोगों की प्रॉब्लम सॉल्व करते हैं तो आप उनके लिए सिर्फ एक दुकानदार नहीं बल्कि एक दोस्त बन जाते हैं। और याद रखिए दोस्त की बात पर लोग आँख बंद करके भरोसा करते हैं। हम एक ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहाँ एडवर्टाइजमेंट का शोर बहुत ज्यादा है। लोग टीवी पर एड आते ही चैनल बदल देते हैं और फोन पर एड आते ही स्किप बटन दबाते हैं।
ऐसे में अगर आप भी सिर्फ अपना माल बेचने की रट लगाएंगे तो आप भी उसी शोर का हिस्सा बन जाएंगे जिसे लोग देखना नहीं चाहते। कंटेंट मार्केटिंग का असली सीक्रेट यही है कि आप अपने कस्टमर के हीरो बनिए। उनकी लाइफ में जो रुकावटें हैं उन्हें दूर करने में उनकी मदद कीजिए। जब आप बिना किसी लालच के लोगों को सही जानकारी देते हैं तो उनके दिमाग में आपकी एक इमेज बन जाती है। वह इमेज होती है एक एक्सपर्ट की। जो पुलिजी का यह लेसन हमें सिखाता है कि कस्टमर को यह महसूस मत होने दो कि आप उनकी जेब से पैसे निकालना चाहते हैं। उन्हें यह लगना चाहिए कि आप उनके भले के लिए वहां मौजूद हैं।
आजकल लोग बहुत समझदार हो गए हैं। वह आपकी मार्केटिंग की चालाकी को एक सेकंड में पकड़ लेते हैं। अगर आप सिर्फ अपनी तारीफ करेंगे तो लोग बोर हो जाएंगे। लेकिन अगर आप उनके फायदे की बात करेंगे तो वह आपके साथ जुड़ेंगे। तो अगली बार जब आप अपने बिज़नेस के लिए कोई पोस्ट बनाएँ या कोई वीडियो डालें तो खुद से एक सवाल जरूर पूछें। क्या यह कंटेंट किसी की मदद कर रहा है या मैं सिर्फ अपना कचरा बेचने की कोशिश कर रहा हूँ। अगर जवाब मदद है तो मुबारक हो आप सही रास्ते पर हैं। यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है कि मार्केटिंग कम करो और कंटेंट ज्यादा बनाओ पर यही आज की सच्चाई है। आप जितना कम बेचेंगे आपकी सेल उतनी ही ज्यादा बढ़ेगी क्योंकि अब आप भरोसे की बुनियाद पर खड़े हैं।
लेसन २ : अपनी एक खास दुनिया बनाओ और वहां के राजा बनो
दोस्तो, क्या आपने कभी उस रेस्टोरेंट में खाना खाया है जो चाइनीज, इटालियन, साउथ इंडियन और चाट पकोड़े सब कुछ एक साथ बेचता है। सच बताना, क्या वहां का स्वाद कभी वैसा होता है जैसा किसी स्पेशलिस्ट दुकान पर मिलता है। बिल्कुल नहीं। जो पुलिजी कहते हैं कि कंटेंट मार्केटिंग में सबसे बड़ी हार तब होती है जब आप हर किसी को खुश करने की कोशिश करते हैं। अगर आप सोच रहे हैं कि आपका कंटेंट हर किसी के लिए है तो असल में आपका कंटेंट किसी के लिए भी नहीं है। बिज़नेस की भाषा में इसे नीश सिलेक्शन कहते हैं पर मेरी भाषा में इसे अपनी एक छोटी सी रियासत बनाना कहते हैं।
आज के दौर में इंटरनेट पर जानकारी का समंदर बह रहा है। अगर आप वही घिसी पिटी बातें करेंगे जो बाकी दस हजार लोग कर रहे हैं तो आप उस भीड़ में खो जाएंगे। आपको एक ऐसी जगह ढूंढनी होगी जहाँ कॉम्पिटिशन कम हो और आपकी पकड़ मजबूत हो। मान लीजिए आप एक फिटनेस कोच हैं। अब अगर आप सिर्फ हेल्थ टिप्स देंगे तो आप लाखों कोच में से एक होंगे। लेकिन अगर आप सिर्फ उन लोगों के लिए कंटेंट बनाएंगे जो 40 की उम्र के बाद अपनी पहली मैराथन दौड़ना चाहते हैं तो आप उनके लिए भगवान बन जाएंगे। इसे कहते हैं कंटेंट टिल्ट। यानी अपनी बात को एक ऐसे एंगल से कहना जो आज तक किसी ने नहीं कहा।
हमारे यहाँ इंडिया में हम लोग हर काम में हाथ डालना चाहते हैं। हमें लगता है कि अगर हम सबको कवर नहीं करेंगे तो हमारा नुकसान हो जाएगा। पर सच तो यह है कि जब आप सब कुछ बनने की कोशिश करते हैं तो आप कुछ भी नहीं रह जाते। जो पुलिजी अपनी बुक में साफ कहते हैं कि अपनी एक ऐसी कम्युनिटी बनाओ जो आपके विजन को समझती हो। चाहे वह कम्युनिटी सिर्फ 100 लोगों की क्यों न हो। अगर वह 100 लोग आपके कंटेंट के दीवाने हैं तो वह आपकी मार्केटिंग फ्री में करेंगे। आपको विज्ञापनों पर करोड़ों खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
लोग अक्सर मुझसे पूछते हैं कि भाई कंटेंट में ऐसा क्या डालें कि वह वायरल हो जाए। मैं उनसे कहता हूँ कि वायरल होने के पीछे मत भागो। आप बस उस एक इंसान के लिए कंटेंट बनाओ जिसकी समस्या का समाधान सिर्फ आपके पास है। जब आप अपनी नीश चुन लेते हैं तो आप उस फील्ड के अथॉरिटी बन जाते हैं। लोग आपके पास सलाह लेने आते हैं और जब कोई आपसे सलाह लेता है तो वह आपका कस्टमर बनने के लिए भी तैयार रहता है। आप सोचिए कि आप किस चीज में माहिर हैं। क्या आप एक ऐसे फैशन इन्फ्लुएंसर बन सकते हैं जो सिर्फ सस्टेनेबल कपड़ों की बात करता है। या क्या आप एक ऐसे टेक यूट्यूबर बन सकते हैं जो सिर्फ प्राइवेसी पर फोकस करता है।
जहाँ दुनिया शोर मचा रही है वहां आप अपनी खामोशी से अपनी एक अलग पहचान बनाइए। अपनी नीश को इतना छोटा कर दीजिए कि वहां आपके अलावा कोई दूसरा खड़ा न हो सके। जब आप उस छोटी सी जगह के राजा बन जाएंगे तो बड़ी दुनिया अपने आप आपके कदमों में आ जाएगी। यह लेसन हमें सिखाता है कि मार्केटिंग का मतलब पूरी दुनिया को चिल्लाकर बुलाना नहीं है बल्कि उन सही लोगों को ढूंढना है जो आपकी भाषा समझते हैं। अपनी दुनिया बनाइए, अपने नियम तय कीजिए और फिर देखिए कैसे लोग आपके ब्रांड के साथ जुड़ते चले जाते हैं।
लेसन ३ : कंसिस्टेंसी का जादू और भरोसे की खेती
दोस्तो, क्या आपने कभी सोचा है कि आपके मोहल्ले वाला वह पुराना दूधवाला जिससे आप सालों से दूध ले रहे हैं, वह अमीर कैसे बना। क्या उसने कभी कोई बहुत बड़ा विज्ञापन दिया था। नहीं। उसने बस एक काम किया जो आज के चमक धमक वाले मार्केटर्स भूल जाते हैं और वह है रोज सुबह ठीक 6 बजे आपके दरवाजे पर दस्तक देना। जो पुलिजी कहते हैं कि कंटेंट मार्केटिंग कोई 100 मीटर की दौड़ नहीं है बल्कि यह एक मैराथन है। यहाँ वह नहीं जीतता जो सबसे तेज भागता है बल्कि वह जीतता है जो आखिरी तक मैदान में टिका रहता है।
आजकल के नए बिज़नेस ओनर्स की सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह है कि वह दो दिन फेसबुक पर पोस्ट डालते हैं और तीसरे दिन बैठ जाते हैं कि भाई अभी तक करोड़ों की सेल क्यों नहीं हुई। मेरे दोस्त, कंटेंट मार्केटिंग एक खेती की तरह है। आज बीज बोओगे तो फल आने में समय लगेगा। जो पुलिजी इसे 'पब्लिशिंग फ्रीक्वेंसी' कहते हैं। अगर आप अपने कस्टमर के सामने बार बार नहीं आएंगे तो वह आपको भूल जाएंगे। इंटरनेट की याददाश्त बहुत कमजोर है। यहाँ जो दिखता है वही बिकता है और जो रोज दिखता है उस पर भरोसा किया जाता है।
सोचिए अगर आप किसी को डेट कर रहे हैं। आप पहले दिन बहुत अच्छे से तैयार होकर गए, खूब बातें कीं और फिर अगले तीन महीने तक गायब हो गए। क्या वह रिश्ता टिकेगा। बिल्कुल नहीं। कंटेंट मार्केटिंग भी एक रिश्ता है। आपको अपने रीडर्स या व्यूअर्स के साथ लगातार टच में रहना पड़ता है। जब आप हर हफ्ते एक ही समय पर अपना ब्लॉग या वीडियो डालते हैं तो आप अपने कस्टमर के सबकॉन्शियस माइंड में एक जगह बना लेते हैं। उन्हें पता होता है कि शुक्रवार की शाम को आपकी तरफ से कुछ बेहतरीन मिलने वाला है। यह जो इंतज़ार है यही आपकी सबसे बड़ी जीत है।
बहुत से लोग मुझसे कहते हैं कि हमारे पास तो बताने के लिए कुछ नया है ही नहीं। अरे भाई, नया होने से ज्यादा जरूरी है सच्चा होना और लगातार होना। अगर आप रोज सिर्फ एक छोटा सा टिप भी देते हैं लेकिन उसे बिना रुके साल भर तक करते हैं तो आप अपने कॉम्पिटिटर से बहुत आगे निकल जाएंगे जो सिर्फ कभी कभी बहुत बड़ी बड़ी बातें करता है। याद रखिए, भरोसा एक दिन में नहीं बनता। जब लोग आपको बार बार देखते हैं और हर बार आप उन्हें कुछ काम की बात बताते हैं तब जाकर वह अपना वॉलेट निकालने की हिम्मत करते हैं।
जो पुलिजी का यह लेसन हमें यह भी सिखाता है कि कंटेंट बनाना सिर्फ एक काम नहीं है बल्कि यह एक कमिटमेंट है। अगर आप इसे आधे मन से करेंगे तो रिजल्ट भी आधे ही मिलेंगे। अक्सर लोग जोश में आकर चैनल शुरू करते हैं और फिर दस वीडियो के बाद गायब हो जाते हैं। यही वह पॉइंट है जहाँ असली गेम शुरू होता है। जब आपका मन कहे कि आज छोड़ देते हैं तब ही आपको सबसे ज्यादा मेहनत करनी है। क्योंकि उसी वक्त आपका कॉम्पिटिटर हार मान रहा होता है।
तो अपनी एक लय बनाइए। एक ऐसी रिदम जो आपके और आपके कस्टमर के बीच एक धड़कन की तरह चले। चाहे बारिश हो या धूप, आपका कंटेंट रुकना नहीं चाहिए। जब आप इस लेवल की कंसिस्टेंसी दिखाते हैं तो मार्केट में आपकी एक साख बन जाती है। लोग कहते हैं कि यह बंदा कहीं नहीं जाने वाला, इस पर भरोसा किया जा सकता है। और जहाँ भरोसा है वहां बिज़नेस तो अपने आप खिंचा चला आता है। अपनी कहानी सुनाते रहिए, लोगों की मदद करते रहिए और बिना थके आगे बढ़ते रहिए। यही एपिक कंटेंट मार्केटिंग का असली मंत्र है।
दोस्तो, मार्केटिंग अब बोरिंग विज्ञापनों का खेल नहीं रही। यह लोगों की जिंदगी में बदलाव लाने और उनके साथ एक गहरा रिश्ता बनाने का जरिया बन चुकी है। अगर आप जो पुलिजी के इन लेसन को अपने बिज़नेस या अपनी लाइफ में उतारते हैं तो आपको किसी भी मार्केटिंग एजेंसी के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। याद रखिए, आपके पास एक बहुत ही यूनिक कहानी है जो सिर्फ आप ही सुना सकते हैं। उसे दबाकर मत रखिए। बाहर निकलिए और अपना कंटेंट बनाना शुरू कीजिए।
आज ही फैसला करें कि आप किस एक टॉपिक पर अपनी रियासत बनाना चाहते हैं। नीचे कमेंट्स में मुझे जरूर बताएं कि वह क्या एक चीज है जिसमें आप एक्सपर्ट हैं। इस आर्टिकल को अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो अपना नया बिज़नेस शुरू कर रहे हैं ताकि वह भी ये बड़ी गलतियां करने से बच सकें। चलिए मिलकर एक ऐसी दुनिया बनाते हैं जहाँ मार्केटिंग सिर्फ बेचने के लिए नहीं बल्कि वैल्यू देने के लिए हो।
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