Free Marketing (Hindi)


आप अभी भी महंगे एड्स पर लाखों उड़ा रहे हैं और सोच रहे हैं कि सेल क्यों नहीं आ रही। सच तो यह है कि आपका कॉम्पिटिटर बिना एक रुपया खर्च किए आपसे आगे निकल रहा है और आप बस अपना बैंक बैलेंस खाली देख रहे हैं। क्या आपकी मार्केटिंग सच में काम कर रही है या आप बस अंधेरे में तीर मार रहे हैं।

अगर आप भी इस चूहा दौड़ में थक चुके हैं तो रुकिए। जिम कॉक्रम की बुक फ्री मार्केटिंग हमें वह सीक्रेट्स बताती है जिससे आपका बिजनेस बिना इन्वेस्टमेंट के रॉकेट की तरह उड़ेगा। चलिए जानते हैं वो ३ पावरफुल लेसन।


लेसन १ : ट्रस्ट ही असली करेंसी है

आज के जमाने में लोग मार्केटिंग से इतना पक चुके हैं कि जैसे ही कोई एड सामने आता है वो तुरंत उसे स्किप कर देते हैं। आप खुद सोचिये जब आपके फोन पर किसी कंपनी का कॉल आता है तो क्या आप उसे प्यार से हेलो बोलते हैं। नहीं ना। आप उसे काट देते हैं या फिर मन ही मन उसे दुआएं देते हैं जो मैं यहाँ लिख नहीं सकता। जिम कॉक्रम हमें बड़े प्यार से समझाते हैं कि मार्केट में आप सामान नहीं बेच रहे बल्कि आप भरोसा बेच रहे हैं। अगर कस्टमर को आप पर यकीन नहीं है तो आप चाहे सोने की ईंट भी फ्री में दे दें वो उसमें भी खोट निकाल लेगा। वो सोचेगा कि पक्का इसमें पीतल मिलाया होगा या फिर ये कोई स्कैम है।

असली खेल तब शुरू होता है जब आप बेचने की जिद छोड़कर रिश्ता बनाने पर ध्यान देते हैं। मान लीजिये आपके मोहल्ले में दो किराने की दुकानें हैं। एक दुकान वाला ऐसा है जो आपको देखते ही चिप्स का पैकेट पकड़ाने की कोशिश करता है और दूसरा वो जो आपसे पहले आपकी तबियत पूछता है। आप किसके पास जाएंगे। जाहिर है दूसरे वाले के पास क्योंकि उसने आपका ट्रस्ट जीता है। बिजनेस में भी यही लॉजिक काम करता है। अगर आप अपने सोशल मीडिया पर सिर्फ ये चिल्लाते रहेंगे कि मेरा प्रोडक्ट खरीदो मेरा प्रोडक्ट बेस्ट है तो लोग आपको अनफॉलो करने में एक सेकंड भी नहीं लगाएंगे। लोग उन लोगों से खरीदना पसंद करते हैं जिन्हें वो जानते हैं और पसंद करते हैं।

जिम कहते हैं कि अपनी मार्केटिंग को एक डेट की तरह समझिये। आप पहली डेट पर जाकर सीधा शादी का प्रपोजल नहीं देते। अगर देंगे तो सामने वाला चप्पल उठाकर भागेगा। मार्केटिंग में भी आपको पहले खुद को इंट्रोड्यूस करना होता है फिर वैल्यू देनी होती है और तब जाकर कहीं सेल की बात आती है। अगर आप आज के दौर में इंटरनेट पर अपना नाम बनाना चाहते हैं तो आपको एक ऑथेंटिक इंसान की तरह पेश आना होगा ना कि किसी रोबोटिक सेल्समैन की तरह। जब लोग आप पर भरोसा करने लगते हैं तो आपकी मार्केटिंग का खर्चा अपने आप जीरो हो जाता है क्योंकि अब आपके कस्टमर ही आपके मार्केटिंग मैनेजर बन जाते हैं। वो खुद चार लोगों को जाकर कहेंगे कि भाई ये बंदा सही है इससे काम करवा लो। यही असली फ्री मार्केटिंग है जहाँ आपको विज्ञापन पर एक पैसा भी नहीं देना पड़ता और आपकी दुकान पर भीड़ लगी रहती है। इसलिए आज से ही बेचना बंद कीजिये और ट्रस्ट कमाना शुरू कीजिये।


लेसन २ : अपनी ऑडियंस की ओनरशिप लें

अब जरा इमेजिन कीजिये कि आपने फेसबुक या इंस्टाग्राम पर अपनी पूरी सल्तनत खड़ी कर ली है। आपके लाखों फॉलोअर्स हैं और आप खुद को सोशल मीडिया का राजा समझने लगे हैं। फिर एक सुबह आप सोकर उठते हैं और पता चलता है कि उस प्लेटफार्म का मालिक अपनी बीवी से लड़कर आया है और गुस्से में उसने आपकी पूरी मेहनत यानी आपका अकाउंट ही डिलीट कर दिया। अब क्या करेंगे। आप सड़क पर खड़े होकर चिल्लाएंगे तो भी कोई सुनने वाला नहीं होगा। जिम कॉक्रम कहते हैं कि अपनी ऑडियंस को सोशल मीडिया के भरोसे छोड़ना वैसा ही है जैसे किसी और की जमीन पर अपना महल बनाना। वो मकान मालिक जब चाहे आपको धक्के मारकर बाहर निकाल सकता है और आप कुछ नहीं कर पाएंगे।

असली समझदारी इसमें है कि आप अपनी ऑडियंस को रेंटेड प्लेटफॉर्म से निकालकर अपनी खुद की प्रॉपर्टी पर लेकर आएं। यहाँ प्रॉपर्टी का मतलब है आपकी ईमेल लिस्ट या आपका अपना पर्सनल डेटाबेस। आप शायद सोच रहे होंगे कि भाई ईमेल तो अब बुड्ढे लोग इस्तेमाल करते हैं आजकल तो रील का जमाना है। पर दोस्त याद रखिये जब मार्क जुकरबर्ग अपने सर्वर में कोई बदलाव करते हैं तो आपकी पहुँच आधी हो जाती है। लेकिन अगर आपके पास अपने कस्टमर का ईमेल या फोन नंबर है तो आप सीधे उनके किचन तक पहुँच सकते हैं। आपको किसी एल्गोरिदम की परमिशन लेने की जरूरत नहीं है। आप बस एक बटन दबाएंगे और आपका मैसेज सीधे उनके पास पहुँच जाएगा।

लोग अक्सर गलती क्या करते हैं। वो सिर्फ फॉलोअर्स बढ़ाने के पीछे भागते हैं। उन्हें लगता है कि जितने ज्यादा लाइक्स उतनी ज्यादा तरक्की। पर लाइक्स से घर का चूल्हा नहीं जलता। आपको चाहिए एक ऐसी कम्युनिटी जो आपके साथ जुड़ी हो। जिम समझाते हैं कि आपको अपनी ऑडियंस को कुछ ऐसा फ्री में देना चाहिए जिसके बदले वो खुशी खुशी आपको अपना कांटेक्ट नंबर दे दें। इसे कहते हैं लीड मैग्नेट। जैसे कोई फ्री गाइड या कोई स्पेशल डिस्काउंट। एक बार वो आपके डेटाबेस में आ गए तो फिर वो आपके पक्के वाले दोस्त बन गए। अब आप उनके साथ सीधा रिश्ता बना सकते हैं। जो लोग सिर्फ रील के भरोसे बैठे हैं वो कल को गायब हो जाएंगे लेकिन जिनके पास अपनी लिस्ट है वो हर मौसम में राज करेंगे। तो भाई साहब दूसरों के भरोसे बैठना छोड़िये और अपनी ऑडियंस के खुद मालिक बनिए।


लेसन ३ : वैल्यू पहले दें और सेल बाद में करें

आजकल के मार्केटिंग गुरु आपको सिखाएंगे कि कस्टमर की जेब से पैसा कैसे निकालना है। लेकिन जिम कॉक्रम कहते हैं कि अगर आप कस्टमर की जेब तक पहुँचना चाहते हैं तो पहले उसके दिमाग और दिल में जगह बनाइये। मान लीजिये आप रास्ते से जा रहे हैं और कोई अजनबी आकर आपसे कहे कि भाई मुझे एक हजार रुपये दे दे। आप शायद उसे घूरेंगे और आगे बढ़ जाएंगे। लेकिन अगर वही इंसान पहले आपकी खराब गाड़ी ठीक करने में मदद करे और फिर कहे कि मेरा एक छोटा सा बिजनेस है क्या आप उसे देखेंगे। तब आप शायद उसे मना नहीं कर पाएंगे। यही है वैल्यू देने की ताकत। ज्यादातर लोग बिजनेस शुरू करते ही सेल्समैन बन जाते हैं जबकि उन्हें एक हेल्पर बनना चाहिए।

फ्री मार्केटिंग का सबसे बड़ा सीक्रेट यही है कि आप इतना ज्यादा फ्री कंटेंट या हेल्प दे दें कि सामने वाले को आपसे सामान ना खरीदने में शर्म आने लगे। जब आप लोगों की लाइफ में बिना किसी स्वार्थ के वैल्यू ऐड करते हैं तो आप उनकी नजरों में एक एक्सपर्ट बन जाते हैं। लोग किसी अनजान दुकानदार से नहीं बल्कि एक एक्सपर्ट से सामान खरीदना चाहते हैं। अगर आप एक फिटनेस कोच हैं तो लोगों को पहले फ्री में वर्कआउट टिप्स दीजिये। जब उन्हें आपके टिप्स से फायदा होगा तो वो खुद आपके पास आकर कहेंगे कि सर अब मुझे अपना पेड प्लान बताइये। तब आपको उन्हें बेचना नहीं पड़ेगा बल्कि वो खुद आपसे खरीदेंगे।

लेकिन यहाँ एक पेंच है। कुछ लोग सोचते हैं कि अगर सब कुछ फ्री में दे दिया तो फिर बिकेगा क्या। दोस्त समंदर से एक बाल्टी पानी निकाल लेने से समंदर खाली नहीं हो जाता। आपकी नॉलेज का छोटा सा हिस्सा अगर किसी का भला कर दे तो वो आपके पूरे ज्ञान के लिए पैसे देने को तैयार हो जाएगा। जिम कहते हैं कि जितना ज्यादा आप दूसरों को सफल होने में मदद करेंगे आप खुद उतने ही सफल होते जाएंगे। यह कोई किताबी ज्ञान नहीं है बल्कि कड़वा सच है। जो लोग सिर्फ अपना फायदा देखते हैं वो थोड़े समय के लिए तो कमा लेते हैं पर जो लोग दूसरों को वैल्यू देते हैं वो सदियों तक राज करते हैं। इसलिए आज से ही ये सोचना बंद कीजिये कि आपको क्या मिलेगा और ये सोचना शुरू कीजिये कि आप दुनिया को क्या दे सकते हैं।


अगर आप भी अपने बिजनेस को बिना किसी इन्वेस्टमेंट के बड़ा करना चाहते हैं तो आज ही इनमें से किसी एक लेसन को अपने काम में लागू करें। याद रखिये मार्केटिंग सिर्फ पैसों का खेल नहीं है बल्कि ये सही दिमाग का खेल है। इस आर्टिकल को उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो एड्स पर फालतू पैसा बर्बाद कर रहे हैं। अब आपकी बारी है अपनी किस्मत बदलने की।

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