Good Strategy Bad Strategy (Hindi)


अगर आपको लगता है कि सुबह उठकर केवल बड़े सपने देखना और भारी भरकम इंग्लिश शब्दों का इस्तेमाल करना ही स्ट्रैटेजी है तो मुबारक हो आप अपनी बर्बादी का प्लान खुद लिख रहे हैं। असल में आपकी स्ट्रैटेजी उतनी ही खोखली है जितना कि किसी चाय की दुकान पर होने वाली पॉलिटिक्स की बातें।

इस आर्टिकल में हम रिचर्ड रुमेल्ट की किताब से वह कड़वा सच जानेंगे जो आपको किसी भी बिजनेस स्कूल में नहीं सिखाया जाएगा। चलिए समझते हैं उन ३ लेसन्स को जो आपकी नाकामयाब स्ट्रैटेजी को एक असली पावरफुल एक्शन प्लान में बदल देंगे।


लेसन १ : स्ट्रैटेजी का असली मतलब केवल गोल सेट करना नहीं बल्कि प्रॉब्लम सॉल्व करना है

ज्यादातर लोग स्ट्रैटेजी बनाने के नाम पर सिर्फ अपनी विश लिस्ट तैयार करते हैं। जैसे कि अगले साल मुझे अपनी सेल दस गुना बढ़ानी है या मुझे मार्केट का राजा बनना है। यह स्ट्रैटेजी नहीं है भाई यह तो सिर्फ आपकी इच्छा है। रिचर्ड रुमेल्ट कहते हैं कि अगर आप अपनी प्रॉब्लम को पहचान ही नहीं रहे हैं तो आप स्ट्रैटेजी बना ही नहीं सकते। इमेजिन करिए कि एक लड़का है जिसका वजन १०० किलो है। वह सुबह उठकर शीशे के सामने खड़ा होता है और चिल्लाता है कि मुझे अगले महीने तक एकदम फिट और सिक्स पैक एब्स वाला बनना है। अब वह रोज सुबह उठकर यही चिल्लाता है लेकिन जिम जाने का नाम नहीं लेता और पराठे दबाकर खाता है। क्या यह उसकी स्ट्रैटेजी है। बिल्कुल नहीं। यह तो बस एक सपना है जो कभी पूरा नहीं होगा।

असली स्ट्रैटेजी तब शुरू होती है जब वह लड़का यह डायग्नोसिस करता है कि उसका वजन बढ़ क्यों रहा है। क्या वह ज्यादा चीनी खाता है या क्या वह पूरा दिन सोफे पर पड़ा रहता है। जब आप अपनी असली रुकावट को पकड़ लेते हैं तब आप उसे दूर करने का प्लान बना पाते हैं। बिजनेस में भी यही होता है। लोग बड़ी बड़ी मीटिंग्स करते हैं और उसमें सिर्फ जोश से भरी बातें करते हैं। हम दुनिया बदल देंगे हम सबसे आगे निकल जाएंगे। लेकिन कोई यह नहीं पूछता कि भाई हम अभी पीछे क्यों हैं। हमारी असली प्रॉब्लम क्या है। क्या हमारा प्रोडक्ट खराब है या हमारी सर्विस में दम नहीं है।

रिचर्ड रुमेल्ट एक बहुत मजेदार बात कहते हैं। वह कहते हैं कि बैड स्ट्रैटेजी अक्सर फ्लफ यानी दिखावे से भरी होती है। इसमें ऐसे शब्द इस्तेमाल किए जाते हैं जो सुनने में तो बहुत कूल लगते हैं लेकिन उनका कोई मतलब नहीं होता। जैसे कि हम कस्टमर सेंट्रिक अप्रोच के साथ सिनर्जी पैदा करेंगे। अब इसका क्या मतलब है। किसी को नहीं पता। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप किसी ढाबे पर जाएं और वेटर आपसे कहे कि हम आपको एक होलिस्टिक डाइनिंग एक्सपीरियंस देंगे। भाई मुझे बस दाल तड़का चाहिए और रोटी चाहिए। मुझे तुम्हारा एक्सपीरियंस नहीं खाना है।

अगर आपकी स्ट्रैटेजी में यह साफ नहीं है कि आप कौन सी मुसीबत का हल निकाल रहे हैं तो आप बस हवा में तीर चला रहे हैं। एक अच्छी स्ट्रैटेजी हमेशा एक डायग्नोसिस से शुरू होती है। आप अपनी सिचुएशन को ठंडे दिमाग से देखते हैं और उस एक बड़ी रुकावट को ढूंढते हैं जो आपको आगे बढ़ने से रोक रही है। जब तक आपको अपनी बीमारी का पता नहीं होगा तब तक आप सही दवाई कैसे लेंगे। इसलिए अगली बार जब आप अपनी लाइफ या बिजनेस के लिए स्ट्रैटेजी बनाएं तो पहले खुद से यह पूछें कि मेरी सबसे बड़ी प्रॉब्लम क्या है। अगर आप उस प्रॉब्लम को एक लाइन में नहीं लिख सकते तो यकीन मानिए आपके पास कोई स्ट्रैटेजी नहीं है। आप बस अपनी किस्मत के भरोसे बैठे हैं और दुआ कर रहे हैं कि सब कुछ ठीक हो जाए। लेकिन दुआएं मंदिर में काम आती हैं बिजनेस के मैदान में नहीं। यहाँ तो सिर्फ वही टिकता है जिसके पास अपनी प्रॉब्लम का सॉलिड सोल्यूशन होता है।


लेसन २ : बैड स्ट्रैटेजी अक्सर भारी भरकम शब्दों और झूठी उम्मीदों का जाल होती है

क्या आपने कभी ऐसी मीटिंग अटेंड की है जहाँ बॉस आधे घंटे तक बोलता है पर अंत में आपको समझ ही नहीं आता कि करना क्या है। अगर हाँ तो आपने साक्षात बैड स्ट्रैटेजी के दर्शन किए हैं। रिचर्ड रुमेल्ट कहते हैं कि बैड स्ट्रैटेजी एक ऐसा मायाजाल है जिसे सिर्फ इसलिए बनाया जाता है ताकि असली मेहनत से बचा जा सके। लोग अक्सर मोटिवेशनल कोट्स को स्ट्रैटेजी समझ लेते हैं। जैसे कि 'हार मानना हमारे खून में नहीं है' या 'हमेशा नंबर वन बने रहो'। भाई यह स्ट्रैटेजी नहीं है यह तो किसी पुरानी फिल्म का डायलॉग लग रहा है। इमेजिन करिए एक फुटबॉल टीम का कोच अपने खिलाड़ियों से कह रहा है कि बस जोश के साथ खेलो और जीत कर आओ। खिलाड़ी पूछ रहे हैं कि सर सामने वाली टीम का डिफेंस कैसे तोड़ना है। कोच कहता है कि बस अपनी विल पावर बढ़ाओ। अब ऐसे कोच को तो टीम से बाहर कर देना चाहिए क्योंकि वह स्ट्रैटेजी नहीं बल्कि बेवकूफी बेच रहा है।

बैड स्ट्रैटेजी की सबसे बड़ी पहचान है 'फ्लफ'। इसमें ऐसे शब्दों का इस्तेमाल होता है जिन्हें सुनकर लगता है कि कुछ बहुत गहरा बोला गया है पर असल में वह खाली डब्बा होता है। जैसे कि 'हम एक ग्लोबल लीडर बनने के लिए इनोवेटिव वैल्यू क्रिएशन पर फोकस करेंगे'। अब इस लाइन का अचार डालेंगे क्या। यह तो वैसा ही हुआ जैसे आपका कोई दोस्त आपसे कहे कि वह कल से 'हेल्थ ऑप्टिमाइजेशन' शुरू करेगा। आप पूछेंगे कि भाई क्या करेगा। वह कहेगा बस मैं अपनी बॉडी की सिनर्जी को अलाइन करूँगा। सीधा बोलो न कि सुबह जल्दी उठकर दौड़ना है और समोसे कम खाने हैं। लेकिन नहीं हमें तो कॉम्प्लिकेटेड दिखना है। असल में लोग मुश्किल शब्द इसलिए इस्तेमाल करते हैं क्योंकि उनके पास कोई ठोस प्लान नहीं होता। जब आप सच में जानते हैं कि क्या करना है तब आप उसे बहुत सादगी से समझा सकते हैं।

एक और बड़ी गलती है 'मिस्टेकिंग गोल्स फॉर स्ट्रैटेजी'। लोग सोचते हैं कि बड़े टारगेट सेट करना ही स्ट्रैटेजी है। अगर एक कंपनी कहती है कि हमें अपना रेवेन्यू २० परसेंट बढ़ाना है तो यह उनका गोल है। स्ट्रैटेजी यह बताएगी कि वह २० परसेंट बढ़ेगा कैसे। क्या आप नए कस्टमर लाएंगे या पुराने वालों को ही ज्यादा सामान बेचेंगे। बिना रास्ते के मंजिल का पता होना किसी काम का नहीं है। यह तो वैसा ही है जैसे आप बिना मैप के पहाड़ चढ़ने निकल जाएं और कहें कि मेरा गोल टॉप पर पहुंचना है। भाई रास्ता तो ढूंढ लो वरना किसी खाई में गिरे मिलोगे।

बैड स्ट्रैटेजी अक्सर मुश्किल फैसलों से बचने का एक तरीका होती है। एक अच्छी स्ट्रैटेजी का मतलब है चुनाव करना। जब आप किसी एक रास्ते को चुनते हैं तो आपको बाकी सब रास्तों को ना कहना पड़ता है। लेकिन डरपोक लीडर किसी को भी नाराज नहीं करना चाहते। वे कहते हैं कि हम सब कुछ करेंगे। हम क्वालिटी भी देंगे और सबसे सस्ते भी होंगे। हम हर शहर में दुकान खोलेंगे और ऑनलाइन भी राज करेंगे। जब आप हर तरफ भागने की कोशिश करते हैं तो आप कहीं नहीं पहुंच पाते। आपकी ताकत बंट जाती है। यह बिल्कुल वैसा है जैसे आप एक ही समय पर डॉक्टर इंजीनियर और पेंटर बनना चाहें। अंत में आप शायद बेरोजगार ही रह जाएंगे। इसलिए बैड स्ट्रैटेजी के इस दिखावटी जाल से बाहर निकलना बहुत जरूरी है। अगर आपकी स्ट्रैटेजी सिंपल नहीं है तो समझ लीजिए कि वह काम नहीं करने वाली।


लेसन ३ : एक अच्छी स्ट्रैटेजी में डायग्नोसिस और फोकस एक्शन प्लान का होना जरूरी है

अब सवाल यह आता है कि अगर सब कुछ इतना खराब है तो आखिर एक असली और दमदार स्ट्रैटेजी दिखती कैसी है। रिचर्ड रुमेल्ट इसके लिए हमें एक सीधा रास्ता दिखाते हैं जिसे वह स्ट्रैटेजी का कर्नल यानी असली जड़ कहते हैं। एक अच्छी स्ट्रैटेजी के तीन हिस्से होते हैं। पहला है डायग्नोसिस। यह बिल्कुल वैसा है जैसे आप किसी डॉक्टर के पास जाते हैं और वह सबसे पहले आपका टेस्ट करवाता है। वह यह नहीं कहता कि बस जोश में रहो और बुखार उतर जाएगा। वह देखता है कि इंफेक्शन कहाँ है। बिजनेस में भी आपको यही करना है। आपको यह पहचानना होगा कि आपके मार्केट में असली लड़ाई किस बात की है। क्या आपके पास पैसा कम है या आपके पास सही लोग नहीं हैं। जब तक आप अपनी बीमारी का नाम नहीं लेंगे तब तक आप उसका इलाज नहीं कर पाएंगे।

दूसरा हिस्सा है गाइडिंग पॉलिसी। यह आपके डायग्नोसिस का जवाब है। यह वह रास्ता है जिसे आपने अपनी प्रॉब्लम को दूर करने के लिए चुना है। यह कोई एक्शन नहीं है बल्कि एक गाइड है जो आपको बताती है कि आपको किस दिशा में आगे बढ़ना है। इमेजिन करिए कि आपको एक जंगल पार करना है और सामने एक बहुत बड़ी नदी आ गई है। अब आपका डायग्नोसिस यह है कि नदी गहरी है और आप तैर नहीं सकते। आपकी गाइडिंग पॉलिसी यह हो सकती है कि हम पानी में जाने के बजाय लकड़ियों का इस्तेमाल करके एक पुल बनाएंगे। यह पॉलिसी आपको फोकस देती है। अब आप पत्थर नहीं ढूंढेंगे या पहाड़ पर नहीं चढ़ेंगे। आप सिर्फ लकड़ी की तलाश करेंगे। यही पावर होती है एक सही गाइडिंग पॉलिसी की। यह आपको फालतू के कामों से बचा लेती है और आपकी सारी एनर्जी एक ही जगह लगा देती है।

तीसरा और सबसे जरूरी हिस्सा है कोहेरेंट एक्शन। यानी कि वह काम जो आप असल में करेंगे। अक्सर लोग यहीं आकर फेल हो जाते हैं। वे बड़ी बड़ी बातें तो करते हैं लेकिन जब काम करने की बारी आती है तो कुछ नहीं बदलता। रिचर्ड रुमेल्ट कहते हैं कि आपके एक्शन एक दूसरे के साथ तालमेल में होने चाहिए। अगर आप कह रहे हैं कि आप सबसे प्रीमियम प्रोडक्ट बनाएंगे लेकिन आपका सेल्स मैन फुटपाथ पर सामान बेच रहा है तो यह स्ट्रैटेजी नहीं बल्कि खिचड़ी है। आपके सारे संसाधन और सारी ताकत एक ही पॉइंट पर हमला करने चाहिए। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप एक बड़े पत्थर को तोड़ना चाहते हैं। अगर आप उस पर हर जगह हल्के हल्के हथोड़े मारेंगे तो कुछ नहीं होगा। लेकिन अगर आप अपनी पूरी ताकत लगाकर एक ही जगह पर बार बार प्रहार करेंगे तो वह पत्थर जरूर टूटेगा।

अक्सर लोग अपनी कमजोरियों को छुपाने के लिए अपनी ताकत को दस अलग अलग दिशाओं में बांट देते हैं। उन्हें लगता है कि शायद कहीं न कहीं से तो रिजल्ट मिल ही जाएगा। लेकिन सच तो यह है कि बिजनेस के युद्ध में जीत उसी की होती है जो अपनी मुट्ठी को बंद करना जानता है। एक अच्छी स्ट्रैटेजी में आप यह तय करते हैं कि आप क्या नहीं करेंगे। जी हां 'ना' कहना ही एक सफल इंसान की सबसे बड़ी स्ट्रैटेजी होती है। जब आप अपनी सारी शक्ति को एक फोकस एक्शन प्लान में लगा देते हैं तो बड़ी से बड़ी रुकावट भी धूल चाटने लगती है। तो क्या आप तैयार हैं अपने सपनों की लिस्ट को फाड़कर एक असली स्ट्रैटेजी बनाने के लिए। याद रखिए दुनिया आपको आपके बड़े इरादों के लिए नहीं बल्कि आपके ठोस फैसलों और सही एक्शन के लिए याद रखेगी। उठिए और अपनी प्रॉब्लम का सामना कीजिए क्योंकि अब बहाने बनाने का समय खत्म हो चुका है।


दोस्तो, अगर आप अब भी अपनी नाकामयाबी के लिए किस्मत को दोष दे रहे हैं तो शायद आपने अपनी स्ट्रैटेजी पर कभी गौर ही नहीं किया। रिचर्ड रुमेल्ट की यह बातें सिर्फ एक किताब नहीं बल्कि एक आईना हैं। यह हमें बताती हैं कि बिना प्लान के मेहनत करना सिर्फ पसीना बहाना है और सही स्ट्रैटेजी के साथ काम करना इतिहास रचना है।

क्या आप भी अपनी जिंदगी में किसी ऐसी बैड स्ट्रैटेजी का शिकार हुए हैं जहाँ आपने काम तो बहुत किया पर मिला कुछ नहीं। नीचे कमेंट्स में अपनी स्टोरी शेयर करें और बताएं कि आप आज से कौन सा एक लेसन अपनी लाइफ में लागू करने वाले हैं। इस आर्टिकल को अपने उन दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें जो भारी भरकम शब्दों के पीछे अपनी मेहनत को छुपा रहे हैं। याद रखिए सही दिशा ही सही मंजिल तक पहुंचाती है।

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