क्या आप भी उसी सड़े हुए रूटीन में फंसे हैं जहाँ हर मंडे आपको मौत जैसा लगता है? मुबारक हो, आप अपनी जिंदगी के सबसे कीमती साल एक ऐसी कुर्सी पर बर्बाद कर रहे हैं जो आपको कभी याद नहीं रखेगी। अगर आपको लगता है कि सिर्फ ऑफिस जाने से करियर बन जाएगा, तो आप खुद को दुनिया का सबसे बड़ा धोखा दे रहे हैं।
लेकिन चिंता मत करिए, स्टीफन कोवी की यह बुक आपको उस भीड़ से बाहर निकालने आई है। आज हम उन 3 लेसन्स के बारे में बात करेंगे जो आपके साधारण काम को एक महान करियर में बदल देंगे।
लेसन १ : अपनी ताकत और जुनून का असली संगम खोजें
करियर की रेस में भागना सबको आता है पर उस रेस का क्या फायदा जिसका ट्रैक ही गलत हो? आप रोज सुबह अलार्म से लड़कर ऑफिस जाते हैं। वहाँ जाकर बस सिस्टम के सामने बैठकर कीबोर्ड पीटते हैं। शाम को थककर घर आते हैं और सोचते हैं कि आप बहुत मेहनत कर रहे हैं। असलियत तो यह है कि आप सिर्फ वक्त काट रहे हैं। स्टीफन कोवी कहते हैं कि एक महान करियर की शुरुआत तब होती है जब आप अपनी 'स्ट्रेंथ' और 'पैशन' को मिला देते हैं।
जरा सोचिए उस पड़ोस वाले लड़के के बारे में जिसे कोडिंग का 'सी' भी नहीं आता था पर पापा के कहने पर इंजीनियर बन गया। अब वह रोज ऑफिस में ऐसे बैठता है जैसे उसे जेल की सजा मिली हो। क्या वह कभी उस फील्ड में टॉप पर पहुँच पाएगा? कभी नहीं। वह बस एक औसत दर्जे का कर्मचारी बनकर रह जाएगा जिसे कंपनी कभी भी निकाल सकती है। लोग अक्सर अपनी कमजोरियों को सुधारने में पूरी जिंदगी लगा देते हैं। जो काम आपको पसंद ही नहीं है उसे थोड़ा बेहतर करने से आप महान नहीं बन जाएंगे। असली खेल तब शुरू होता है जब आप उस काम को पकड़ते हैं जिसमें आप पैदाइशी उस्ताद हैं।
मान लीजिए आपको बातें करना बहुत पसंद है। आप किसी को भी अपनी बातों से फ्रिज बेच सकते हैं। लेकिन आप किसी कोने में बैठकर अकाउंट्स की फाइलें देख रहे हैं। यह आपकी प्रतिभा का मर्डर है। कोवी हमें सिखाते हैं कि हमें अपनी 'यूनिक टैलेंट' को पहचानना होगा। वह क्या एक चीज है जिसे करते वक्त आपको समय का पता नहीं चलता? वह क्या काम है जिसे करने के लिए आपको किसी मोटिवेशनल वीडियो की जरूरत नहीं पड़ती?
आज के दौर में लोग भेड़चाल के इतने आदी हो चुके हैं कि अगर शर्मा जी का लड़का डेटा साइंस कर रहा है तो वर्मा जी का बेटा भी वही करेगा। भले ही उसे कंप्यूटर चालू करना भी सजा लगती हो। यह एक बहुत बड़ा ट्रैप है। अपनी स्ट्रेंथ को पहचानना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। बस एक कागज उठाइए और लिखिए कि आपने पिछले एक साल में सबसे अच्छा काम कब किया था। वह कौन सा पल था जब आपको लगा कि आपने सच में कुछ वैल्यू ऐड की है?
जब आप अपनी ताकत के साथ काम करते हैं तो आप काम नहीं करते बल्कि एक कंट्रीब्यूशन देते हैं। लोग अक्सर कहते हैं कि हमें वो काम करना चाहिए जिसमें पैसा ज्यादा हो। पर सच तो यह है कि पैसा उस काम के पीछे भागता है जिसमें आप बेस्ट होते हैं। और आप बेस्ट उसी काम में हो सकते हैं जिससे आपको प्यार हो। अगर आप बस सैलरी चेक के लिए काम कर रहे हैं तो आप एक भाड़े के टट्टू से ज्यादा कुछ नहीं हैं। एक महान करियर के लिए आपको खुद को एक ब्रांड की तरह देखना होगा। क्या आपका ब्रांड मार्केट में डिमांड में है? क्या आप बस वही कर रहे हैं जो बाकी लाखों लोग कर रहे हैं?
अपनी स्ट्रेंथ और पैशन को ढूँढना कोई लग्जरी नहीं बल्कि जरूरत है। अगर आप इसे आज नहीं ढूँढेंगे तो कल कोई और आपकी इस कमजोरी का फायदा उठाएगा। खुद से पूछिए कि आपकी असली वैल्यू क्या है। जब आप अपनी फील्ड के मास्टर बन जाते हैं तो दुनिया आपके पास आती है। यह लेसन हमें सिखाता है कि अपने अंदर के उस खास हुनर को बाहर निकालिए और उसे दुनिया की जरूरत से जोड़ दीजिए। यही वह जादुई पॉइंट है जहाँ से एक साधारण जॉब एक ग्रेट करियर बन जाती है।
लेसन २ : अपनी कंपनी की सबसे बड़ी सिरदर्द का इलाज बनें
ज्यादातर लोग ऑफिस इस उम्मीद में जाते हैं कि उन्हें बताया जाए कि क्या करना है। वे बस एक रोबोट की तरह आदेश का इंतजार करते हैं। अगर बॉस ने कहा कि गड्ढा खोदना है, तो वे चुपचाप खोद देंगे। भले ही उस गड्ढे की जरूरत ही न हो। यह एटीट्यूड आपको एक रिप्लेसेबल एम्प्लॉई बनाता है। यानी वो इंसान जिसे कल कोई भी मशीन या सस्ता वर्कर बदल सकता है। स्टीफन कोवी कहते हैं कि एक महान करियर बनाने के लिए आपको 'कॉन्ट्रिब्यूशन माइंडसेट' अपनाना होगा। इसका मतलब है कि आप सिर्फ अपनी ड्यूटी पूरी नहीं कर रहे, बल्कि आप प्रॉब्लम सॉल्व कर रहे हैं।
आज के कॉर्पोरेट जंगल में हर तरफ समस्याएं बिखरी पड़ी हैं। कहीं प्रोसेस स्लो है, कहीं कस्टमर दुखी है, तो कहीं टीम का तालमेल खराब है। औसत लोग इन समस्याओं की शिकायत कैंटीन में बैठकर चाय के साथ करते हैं। वे कहते हैं कि कंपनी कितनी बेकार है या बॉस कितना खड़ूस है। लेकिन एक चतुर प्रोफेशनल वही है जो इन शिकायतों को एक मौके की तरह देखता है। वह सोचता है कि अगर मैं इस समस्या का समाधान निकाल लूं, तो मैं कंपनी के लिए अनमोल बन जाऊंगा।
जरा सोचिए उस एम्प्लॉई के बारे में जो मीटिंग में बस इसलिए बैठता है ताकि उसे समोसे मिलें। वह कभी कोई नया आईडिया नहीं देता। दूसरी तरफ एक ऐसा इंसान है जो यह रिसर्च करके आया है कि कंपनी का खर्चा 10 परसेंट कैसे कम किया जा सकता है। आप खुद बताइए कि प्रमोशन किसे मिलेगा? जाहिर है उसे, जिसने कंपनी का सिरदर्द कम किया है। यह दुनिया काम के घंटे नहीं गिनती, बल्कि यह देखती है कि आपने कितनी वैल्यू ऐड की है। अगर आप 12 घंटे गधे की तरह मेहनत कर रहे हैं पर उसका कोई नतीजा नहीं निकल रहा, तो आपकी मेहनत की कीमत जीरो है।
एक शानदार करियर के लिए आपको अपनी जॉब डिस्क्रिप्शन से बाहर निकलना पड़ेगा। अगर आप सेल्स में हैं, तो सिर्फ बेचना आपका काम नहीं है। आपका असली काम है कस्टमर की लाइफ आसान बनाना। जब आप दूसरों की मदद करने का तरीका ढूंढ लेते हैं, तो लोग आपके पीछे भागते हैं। यहाँ कटाक्ष यह है कि लोग अपनी पहचान अपनी कुर्सी से जोड़ लेते हैं। उन्हें लगता है कि 'सीनियर मैनेजर' का टैग ही उनकी वैल्यू है। जबकि सच्चाई यह है कि टैग तो कभी भी छीना जा सकता है। आपकी असली औकात वह है जो आप बिना किसी पद के टेबल पर लाते हैं।
स्टीफन कोवी हमें याद दिलाते हैं कि मार्केट हमेशा उन्हीं को रिवॉर्ड देता है जो मुश्किलों का हल ढूंढते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी कंपनी में सबसे ज्यादा सैलरी किसे मिलती है? उसे नहीं जो सबसे ज्यादा पसीना बहाता है, बल्कि उसे जिसके पास सबसे ज्यादा मुश्किल सवालों के जवाब होते हैं। खुद को एक आजाद कॉन्ट्रैक्टर की तरह देखें। भले ही आप नौकरी कर रहे हों, पर अपनी सोच एक बिजनेस मालिक जैसी रखें।
जब आप समस्याओं को सुलझाने लगते हैं, तो आप कंपनी के लिए एक बोझ नहीं बल्कि एक एसेट बन जाते हैं। फिर आपको नौकरी जाने का डर नहीं सताता, क्योंकि हर कंपनी को एक ऐसे जादूगर की तलाश होती है जो उनके दुख दूर कर सके। यह लेसन हमें सिखाता है कि शिकायत करना बंद करें और सॉल्यूशन की मशीन बनें। जिस दिन आप दूसरों के लिए वैल्यू क्रिएट करना सीख जाएंगे, उस दिन आपका करियर खुद-ब-खुद रॉकेट की तरह ऊपर जाएगा।
लेसन ३ : अपने नेटवर्क और पर्सनल ब्रांड की पावर को अनलॉक करें
आज के जमाने में आपकी डिग्री की कीमत रद्दी के भाव हो सकती है अगर आपके पास सही नेटवर्क नहीं है। लोग अक्सर अपनी गुफा में बैठकर काम करते रहते हैं और सोचते हैं कि एक दिन कोई फरिश्ता आएगा और उन्हें माला पहनाकर ऊंचे पद पर बिठा देगा। असलियत यह है कि आज के दौर में 'जो दिखता है वही बिकता है'। स्टीफन कोवी का तीसरा सबसे बड़ा लेसन यह है कि एक ग्रेट करियर सिर्फ आपके काम से नहीं, बल्कि आपके संबंधों और आपकी साख से बनता है। अगर दुनिया को पता ही नहीं है कि आप क्या कमाल कर सकते हैं, तो आपके टैलेंट का अचार भी नहीं डाला जा सकता।
जरा उस कलीग को देखिए जो काम में तो औसत है पर उसे कंपनी का बच्चा-बच्चा जानता है। क्यों? क्योंकि उसने अपना नेटवर्क बनाया है। वह लोगों की मदद करता है, सही समय पर सही जगह मौजूद रहता है और अपनी एक पहचान बनाई है। वहीं दूसरी तरफ आप हैं जो चुपचाप कोने में बैठकर अपना कीबोर्ड तोड़ रहे हैं। कटाक्ष यह है कि आपको लगता है कि चुपचाप काम करना आपकी महानता है, जबकि असल में यह आपकी सबसे बड़ी गलती है। बिना नेटवर्क के आपका करियर उस बंद कमरे जैसा है जिसमें बहुत सारा सोना तो है पर उसकी चाबी किसी के पास नहीं है।
आपका 'ट्रस्ट लेबल' यानी आपकी साख ही आपकी असली करेंसी है। कोवी कहते हैं कि हमें 'इमोशनल बैंक अकाउंट' में इनवेस्ट करना चाहिए। जब आप दूसरों की बिना किसी स्वार्थ के मदद करते हैं, तो आप उनके दिल में जगह बनाते हैं। जब आप अपनी टीम या अपने फील्ड के लोगों के साथ जुड़ते हैं, तो आपके पास मौकों की बाढ़ आ जाती है। महान करियर घर बैठकर नहीं बनता, वह लोगों के बीच जाकर और उन्हें वैल्यू देकर बनता है। क्या आपके पास ऐसे पांच लोग हैं जो आपके काम की गारंटी दे सकें? अगर नहीं, तो आपका करियर खतरे में है।
आजकल लिंकडइन जैसे प्लेटफॉर्म पर लोग बस कनेक्शन की संख्या बढ़ाते हैं, पर रिश्तों की गहराई नहीं। पर्सनल ब्रांडिंग का मतलब यह नहीं है कि आप हर जगह अपनी फोटो पोस्ट करें। इसका मतलब है कि जब आपका नाम लिया जाए, तो लोगों के मन में क्या आता है? क्या लोग आपको एक एक्सपर्ट के रूप में देखते हैं या बस एक और एम्प्लॉई के रूप में? अगर आप चाहते हैं कि अपॉर्चुनिटी आपके दरवाजे पर दस्तक दे, तो आपको अपना दरवाजा और अपना दिमाग दोनों खुला रखना होगा।
यह याद रखिए कि महान करियर एक दिन की मेहनत नहीं बल्कि सालों के सही चुनाव का नतीजा है। अगर आप आज भी वही घिसे-पिटे तरीके अपना रहे हैं, तो रिजल्ट भी वही घिसे-पिटे मिलेंगे। अपनी स्ट्रेंथ पहचानिए, समस्याओं का हल बनिए और अपना एक ऐसा नेटवर्क बनाइए जो आपकी ताकत बने। अब समय आ गया है कि आप अपनी कुर्सी से उठें और अपनी किस्मत खुद लिखें। क्या आप आज वह पहला कदम उठाने के लिए तैयार हैं?
आपका करियर आपकी जिम्मेदारी है, आपकी कंपनी की नहीं। आज ही नीचे कमेंट करके बताएं कि आप अपने काम में क्या एक बड़ी वैल्यू ऐड करने वाले हैं? इस आर्टिकल को उस दोस्त के साथ शेयर करें जो अपनी बोरिंग जॉब से परेशान है। चलिए मिलकर एक एक्स्ट्राऑर्डिनरी करियर की शुरुआत करते हैं।
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