Marketing Outrageously (Hindi)


क्या आपको सच में लगता है कि वही पुराने बोरिंग डिस्काउंट और ठंडे एड्स चलाकर आप करोड़पति बन जाएंगे। अगर हां तो बधाई हो आप अपनी मेहनत की कमाई को नाली में बहाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना रहे हैं। बिना आउटरेजियस हुए बिजनेस करना बिना पैडल की साइकिल चलाने जैसा है।

नमस्ते दोस्तों। आज हम जॉन स्पोएल्स्ट्रा की मार्केटिंग आउटरेजियसली के उन सीक्रेट्स को डिकोड करेंगे जो आपके रेवेन्यू को रॉकेट की तरह उड़ा देंगे। चलिए इन ३ पावरफुल लेसन को गहराई से समझते हैं।


Lesson : अगर आप सेफ खेल रहे हैं तो आप असल में हार रहे हैं

मार्केटिंग की दुनिया में सबसे बड़ा रिस्क है कोई रिस्क न लेना। आप सोचिए कि आप एक भीड़भाड़ वाले बाजार में खड़े हैं जहाँ हर कोई सफेद शर्ट पहनकर चिल्ला रहा है। अगर आप भी सफेद शर्ट पहनकर वहां खड़े हो जाएंगे तो क्या कोई आपको मुड़कर देखेगा। बिल्कुल नहीं। जॉन स्पोएल्स्ट्रा कहते हैं कि ज्यादातर कंपनियां और बिजनेसमैन डरपोक होते हैं। वे वही करते हैं जो उनके पड़ोसी कर रहे हैं। वे सोचते हैं कि अगर हम कुछ अलग करेंगे तो लोग हंसेंगे। भाई लोग तो वैसे भी हंस रहे हैं क्योंकि आपकी सेल जीरो है।

आउटरेजियस होने का मतलब पागलों जैसी हरकतें करना नहीं है बल्कि कुछ ऐसा करना है जो आपके कॉम्पिटिशन की रूह कंपा दे। मान लीजिए आपकी एक छोटी सी चाय की दुकान है। अब आप भी वही साधारण बोर्ड लगा देंगे कि यहाँ बढ़िया चाय मिलती है तो कोई खास बात नहीं होगी। लेकिन अगर आप बोर्ड लगा दें कि यहाँ की चाय पीकर अगर आपको नींद आ गई तो दुकान आपकी। अब यह थोड़ा रिस्की लग रहा है न। यही तो पॉइंट है। जब तक आप लोगों के दिमाग में करंट नहीं दौड़ाएंगे तब तक वे अपनी जेब से पैसे नहीं निकालेंगे।

हमारे प्यारे भारत में लोग फ्री की चीजों और ड्रामा के पीछे पागल हैं। अगर आप अपनी मार्केटिंग में थोड़ा सार्केजम और थोड़ा सा पागलपन नहीं लाएंगे तो आप बस एक और बोरिंग दुकान बनकर रह जाएंगे। लोग सुरक्षित खेलने को ही समझदारी मानते हैं पर बिजनेस में यह सुसाइड करने जैसा है। मार्क क्यूबन कहते हैं कि अगर आप अपनी मार्केटिंग में हल्ला नहीं मचा सकते तो बेहतर है कि आप घर बैठकर टीवी देखें।

मान लीजिए एक जिम वाला है जो विज्ञापन देता है कि हमारे पास बेस्ट मशीनें हैं। भाई मशीनें तो सबके पास हैं। लेकिन अगर वही जिम वाला विज्ञापन दे कि अगर ३ महीने में आपका वजन नहीं घटा तो हम आपको मुफ्त में पिज्जा खिलाएंगे क्योंकि आप सुधरने वाले नहीं हैं। यह सुनकर लोग हंसेंगे भी और वहां आने की हिम्मत भी करेंगे क्योंकि आपने उनकी दुखती रग पर हाथ रखा है और वो भी मजे लेकर।

ज्यादातर मार्केटिंग बजट इसलिए बर्बाद होता है क्योंकि एड्स इतने ठंडे होते हैं कि उन्हें देखकर किसी को गुस्सा भी नहीं आता। जॉन कहते हैं कि अगर आपकी मार्केटिंग किसी को परेशान नहीं कर रही या किसी को बहुत ज्यादा खुश नहीं कर रही तो समझ लीजिए आप कुछ गलत कर रहे हैं। बीच का रास्ता सिर्फ एक्सीडेंट की तरफ ले जाता है। तो अगली बार जब आप अपना मार्केटिंग प्लान बनाएं तो खुद से पूछें कि क्या यह प्लान इतना आउटरेजियस है कि लोग इसके बारे में डिनर टेबल पर बात करें। अगर जवाब नहीं है तो उस प्लान को कूड़ेदान में डाल दें और फिर से शुरू करें।


Lesson : कस्टमर की फेंटेसी और इमोशन को बेचिए सामान को नहीं

क्या आपको लगता है कि लोग साबुन इसलिए खरीदते हैं क्योंकि उन्हें साफ होना है। अगर ऐसा होता तो ५ रुपये वाला साबुन ही पूरी दुनिया में बिकता। लोग असल में वह चमक वह खुशबू और वह फीलिंग खरीदते हैं जो एड में दिखाई जाती है। जॉन स्पोएल्स्ट्रा कहते हैं कि मार्केटिंग में आपका प्रोडक्ट क्या है यह उतना जरूरी नहीं है जितना यह कि वह प्रोडक्ट आपके कस्टमर को कैसा महसूस कराता है। अगर आप सिर्फ फीचर्स गिनवा रहे हैं कि मेरा लैपटॉप १० जीबी रैम वाला है तो आप एक सेल्समैन हैं। लेकिन अगर आप कह रहे हैं कि यह लैपटॉप आपकी तरक्की की रफ्तार को १० गुना बढ़ा देगा तो आप एक मार्केटर हैं।

हमें यह समझना होगा कि इंसान एक इमोशनल जानवर है। वह लॉजिक से कम और जज्बात से ज्यादा फैसले लेता है। अगर आप किसी को यह बता रहे हैं कि आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी सबसे सस्ती है तो शायद वह आपकी बात अनसुनी कर दे। लेकिन अगर आप उसे यह दिखा दें कि उसके जाने के बाद उसके परिवार का क्या हाल होगा और कैसे आपकी पॉलिसी उन्हें एक इज्जत की जिंदगी दे सकती है तो वह बिना सवाल किए साइन कर देगा। सार्केजम की बात करें तो कुछ लोग तो ऐसे होते हैं जो फेयरनेस क्रीम सिर्फ इसलिए खरीदते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि गोरा होते ही उनके घर के बाहर शादियों के रिश्तों की लाइन लग जाएगी। कंपनियों को पता है कि आप अंदर से डरे हुए हैं और वे उसी डर को या उसी फेंटेसी को बेच रही हैं।

मार्क क्यूबन हमेशा कहते हैं कि अपने कस्टमर के जूते में पैर डालकर देखो। उसे क्या चाहिए। उसे सम्मान चाहिए उसे प्यार चाहिए या उसे दूसरों से बेहतर दिखना है। अगर आप एक महंगी घड़ी बेच रहे हैं तो आप समय देखना नहीं बेच रहे। समय तो फोन में भी दिख जाता है। आप उस इंसान की कलाई पर उसकी कामयाबी का तमगा बेच रहे हैं। जब आप अपनी मार्केटिंग में ऐसी फेंटेसी क्रिएट करते हैं तो कीमत का मुद्दा खत्म हो जाता है। लोग अपनी फेंटेसी को पूरा करने के लिए अपनी जेब खाली करने को तैयार रहते हैं।

भारत में शादी का मार्केट इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। एक मिडिल क्लास बाप अपनी पूरी जिंदगी की कमाई एक दिन में उड़ा देता है। क्यों। क्योंकि उसे अपनी बेटी के लिए वह फेंटेसी जीनी होती है कि उसकी बेटी राजकुमारी की तरह विदा हो। अगर आप एक इवेंट मैनेजर हैं और आप उसे टेंट और कुर्सी के रेट बता रहे हैं तो आप फेल हैं। लेकिन अगर आप उसे उसकी बेटी की विदाई का वह यादगार लम्हा बेच रहे हैं तो आप विनर हैं।

आउटरेजियस मार्केटिंग का असली जादू यही है। आपको अपने प्रोडक्ट के चारों तरफ एक ऐसी कहानी बुननी है जिसमें कस्टमर खुद को हीरो की तरह देखे। अगर आपकी मार्केटिंग में कोई कहानी नहीं है कोई ड्रामा नहीं है तो समझ लीजिए आप बस एक और पर्चा बांट रहे हैं जिसे लोग मूंगफली खाकर फेंक देंगे। लोगों को सपने दिखाइए और उन सपनों को हकीकत बनाने का जरिया अपना प्रोडक्ट बनाइए। जब इमोशन जुड़ जाता है तो रेवेन्यू अपने आप स्टैगरिंग अमाउंट में बढ़ने लगता है।


Lesson : फेलियर का जश्न मनाइए और एक्सपेरिमेंट की मशीन बन जाइए

ज्यादातर लोग मार्केटिंग में इसलिए फेल हो जाते हैं क्योंकि वे फेल होने से बहुत ज्यादा डरते हैं। वे चाहते हैं कि उनका पहला ही विज्ञापन सुपर हिट हो जाए और रातों रात उनके बैंक अकाउंट में करोड़ों रुपये आ जाएं। जॉन स्पोएल्स्ट्रा कहते हैं कि भाई यह बिजनेस है कोई अलादीन का चिराग नहीं। आउटरेजियस मार्केटिंग का मतलब ही है एक्सपेरिमेंट करना। अगर आप १० पागलों जैसे आइडिया ट्राई करेंगे तो शायद ७ बुरी तरह फ्लॉप होंगे २ ठीक ठाक चलेंगे लेकिन १ ऐसा धमाका करेगा कि आपके पिछले सारे घाटे चुटकियों में वसूल हो जाएंगे।

लेकिन हमारे यहाँ लोग फेल होने पर ऐसे मातम मनाते हैं जैसे किसी ने उनकी किडनी निकाल ली हो। अगर आपका कोई कैंपेन नहीं चला तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपकी किस्मत खराब है बल्कि इसका मतलब है कि आपको अब पता चल गया है कि क्या काम नहीं करता। एडिसन ने बल्ब बनाने से पहले हजार बार फेलियर देखा था। अगर वे पहले ही झटके में हार मान लेते तो आज हम अंधेरे में मोमबत्ती जलाकर एक दूसरे का चेहरा देख रहे होते। सार्केजम की बात यह है कि लोग अपनी गलती से सीखने के बजाय उसे छुपाने में ज्यादा एनर्जी लगाते हैं।

मार्क क्यूबन का मानना है कि जो रिस्क नहीं लेता वह दूसरों के लिए काम करता है। बिजनेस में आपको एक एक्सपेरिमेंट मशीन बनना होगा। आज आपने सोशल मीडिया पर एक फनी वीडियो डाला वह नहीं चला तो कल कुछ और ट्राई कीजिए। शायद परसों वाला वीडियो वायरल हो जाए। मार्केटिंग कोई फिक्स साइंस नहीं है यह एक आर्ट है जो लगातार प्रैक्टिस से आती है। अगर आप हर बार वही पुराना घिसा पिटा तरीका अपनाएंगे तो आपको वही घिसे पिटे रिजल्ट मिलेंगे। क्या आपको सच में लगता है कि मार्क क्यूबन ने अपनी सारी दौलत सिर्फ एक ही आइडिया से बना ली। नहीं उन्होंने सैकड़ों बार हाथ पैर मारे और कई बार मुंह की खाई।

सोचिए अगर डोमिनोज ने कभी यह रिस्क नहीं लिया होता कि ३० मिनट में पिज्जा नहीं मिला तो फ्री। यह एक आउटरेजियस आइडिया था। शुरू में उनके कितने पिज्जा फ्री गए होंगे और कितनी गालियां उन्होंने सुनी होंगी। लेकिन इसी एक रिस्क ने उन्हें दुनिया का नंबर वन पिज्जा ब्रांड बना दिया। आपको भी अपनी मार्केटिंग में ऐसा ही कुछ "फ्री" या "गारंटीड" जैसा एलिमेंट जोड़ना होगा जो सुनने में नामुमकिन लगे लेकिन आपके ब्रांड की पहचान बन जाए।

तो अब सोचना बंद कीजिए और कुछ करना शुरू कीजिए। अगर लोग आपके आइडिया को देखकर कह रहे हैं कि यह तो बहुत फालतू है तो समझ लीजिए आप सही रास्ते पर हैं। क्योंकि साधारण आइडिया पर तो कोई कमेंट भी नहीं करता। उठिए अपनी टीम के साथ बैठिए और सबसे घटिया और सबसे अजीब आइडियाज की लिस्ट बनाइए। उन्हीं में से कोई एक हीरा निकलेगा जो आपकी कंपनी को जीरो से हीरो बना देगा। याद रखिए मार्केटिंग में शांति का मतलब है बिजनेस की मौत। इसलिए शोर मचाइए और ऐसा शोर मचाइए कि दुनिया को सुनना ही पड़े।


मार्केटिंग आउटरेजियसली हमें यह सिखाती है कि दुनिया उन्हीं को याद रखती है जो लीक से हटकर चलते हैं। रेवेन्यू बढ़ाना कोई जादू नहीं है बल्कि यह आपके साहस और आपकी क्रिएटिविटी का नतीजा है। अगर आप आज भी उसी पुराने ढर्रे पर चल रहे हैं तो संभल जाइए क्योंकि वक्त किसी का इंतजार नहीं करता। आज ही अपने बिजनेस में एक ऐसा बदलाव लाइए जो आपके ग्राहकों को चौंका दे।

क्या आप तैयार हैं अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलने के लिए। कमेंट्स में हमें बताइए कि आपका सबसे "पागलपन" भरा बिजनेस आइडिया क्या है जिसे आप शुरू करने से डर रहे हैं। इस आर्टिकल को अपने उस दोस्त के साथ शेयर कीजिए जो मार्केटिंग में बहुत संभलकर चलता है। चलिए मिलकर कुछ बड़ा और कुछ आउटरेजियस करते हैं।

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