The Mesh (Hindi)


अभी भी वही पुराना घिसा पिटा बिजनेस मॉडल चला रहे हैं जहाँ सिर्फ सामान बेचना ही आपका मकसद है। मुबारक हो आप बहुत जल्द मार्केट से बाहर होने वाले हैं क्योंकि दुनिया अब खरीदने में नहीं बल्कि शेयर करने में यकीन रखती है। लिसा गैन्स्की की द मेश नहीं पढ़ी तो घाटे के लिए तैयार रहिये।

आज हम इस शानदार बुक से वह ३ सीक्रेट लेसन सीखेंगे जो आपके बिजनेस करने के नजरिए को पूरी तरह बदल देंगे। चलिए समझते हैं कि क्यों शेयरिंग ही असल में फ्यूचर है और आप कैसे इस मेश नेटवर्क का हिस्सा बन सकते हैं।


लेसन १ : एक्सेस ओवर ओनरशिप - चीज़ें मत बेचो, एक्सेस बेचो

आज के जमाने में अगर आप अभी भी इस जिद में बैठे हैं कि लोग आपका भारी भरकम सामान खरीदकर अपनी अलमारी भरेंगे, तो शायद आप पिछली सदी में जी रहे हैं। लिसा गैन्स्की कहती हैं कि भविष्य उन लोगों का है जो ओनरशिप की जगह एक्सेस बेचते हैं। अब जरा अपने पडोसी शर्मा जी को ही देख लीजिए। शर्मा जी ने पिछले साल बड़ी शान से एक महंगी ड्रिल मशीन खरीदी थी ताकि वो दीवार पर एक पेंटिंग टांग सकें। पूरे साल में उस मशीन का इस्तेमाल सिर्फ दस मिनट हुआ। बाकी के ५ लाख २५ हजार ५९० मिनट वो मशीन उनके स्टोर रूम में धूल चाट रही है। क्या यह समझदारी है। बिल्कुल नहीं। मेश बिजनेस मॉडल कहता है कि शर्मा जी को ड्रिल मशीन खरीदने की जरूरत ही नहीं थी, उन्हें सिर्फ एक छेद की जरूरत थी।

आज की यंग जेनरेशन बहुत चालाक है। उन्हें कार की ईएमआई भरने और पार्किंग की टेंशन पालने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्हें बस टाइम पर ऑफिस पहुँचने से मतलब है। इसीलिए ऊबर और ओला जैसे बिजनेस सुपरहिट हैं। आप कार नहीं खरीद रहे, आप सिर्फ उसकी सर्विस एक्सेस कर रहे हैं। अगर आप एक बिजनेस चला रहे हैं, तो खुद से पूछिए कि क्या आप कस्टमर के सिर पर ओनरशिप का बोझ डाल रहे हैं या उनकी लाइफ आसान बना रहे हैं।

शेयरिंग का मतलब यह नहीं है कि आप चैरिटी कर रहे हैं। यह एक बहुत ही प्रॉफिटेबल स्ट्रेटेजी है। जब आप कोई चीज बेच देते हैं, तो आपका और कस्टमर का रिश्ता वहीं खत्म हो जाता है। लेकिन जब आप एक्सेस देते हैं, तो कस्टमर बार बार आपके पास आता है। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे जिम की मेंबरशिप। आपने पूरी जिम नहीं खरीदी, बस उसकी मशीनों को इस्तेमाल करने का हक पाया है। और जिम मालिक को पता है कि आप हर महीने उसे पैसे देंगे, चाहे आप ट्रेडमिल पर सिर्फ दो मिनट ही क्यों न चलें।

मेश बिजनेस में सबसे बड़ी जीत तब होती है जब आप फिजिकल प्रोडक्ट्स को सर्विस में बदल देते हैं। सोचिए अगर आप कपड़े नहीं बेचते, बल्कि एक ऐसी सर्विस देते जहाँ लोग हर हफ्ते नए कपड़े रेंट पर ले सकें। इंडिया में शादियों का सीजन याद है। लोग लाखों के लहंगे खरीदते हैं जो सिर्फ एक बार पहने जाते हैं और फिर लाइफ भर बेड के अंदर दबे रहते हैं। यहाँ मेश मॉडल का जादू चलता है। लोग अब ओनरशिप की जगह स्टाइल और वैरायटी को एक्सेस करना चाहते हैं।

अगर आप अभी भी पुराने ढर्रे पर चल रहे हैं, तो याद रखिये कि दुनिया बदल चुकी है। लोग अब चीज़ों के मालिक बनने की जगह उनका मजा लेना चाहते हैं। ओनरशिप एक जिम्मेदारी है, और आज की जनता जिम्मेदारी से ज्यादा आजादी पसंद करती है। आपका बिजनेस उस आजादी का जरिया बनना चाहिए, न कि किसी पुरानी दुकान का बोझ। अगले लेसन में हम देखेंगे कि कैसे यह शेयरिंग सिर्फ सामान तक सीमित नहीं है, बल्कि डेटा का खेल इससे भी बड़ा है।


लेसन २ : कस्टमर डेटा इज द न्यू गोल्ड - कस्टमर को गूगल से ज्यादा जानो

अगर आपको लगता है कि आप अपना सामान बेचकर बहुत बड़े सूरमा बन गए हैं, तो जरा फिर से सोचिए। लिसा गैन्स्की कहती हैं कि मेश बिजनेस में असली पैसा सामान में नहीं, बल्कि उस डेटा में है जो कस्टमर आपके साथ शेयर करता है। पुराने जमाने के दुकानदार को सिर्फ इससे मतलब होता था कि ग्राहक ने पैसे दिए और सामान लिया। उसके बाद वो ग्राहक भाड़ में जाए या पड़ोस वाली दुकान पर, उसे कोई फर्क नहीं पड़ता था। लेकिन एक स्मार्ट मेश बिजनेस ओनर के लिए ट्रांजैक्शन तो बस एक शुरुआत है। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप किसी लड़की को पहली बार डेट पर ले जाएं और आपको पता ही न हो कि उसे पनीर पसंद है या चिकन। अगर आप उसे दोबारा मिलना चाहते हैं, तो आपको उसकी पसंद और नापसंद का डेटा जमा करना ही होगा।

मेश मॉडल में डेटा का मतलब सिर्फ मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी नहीं है। इसका मतलब है कस्टमर का बिहेवियर समझना। सोचिए, अगर आप एक साइकिल शेयरिंग बिजनेस चला रहे हैं, तो आपको पता होना चाहिए कि राहुल रोज सुबह ८ बजे अपनी जिम जाने के लिए कौन सा रास्ता लेता है। क्या वो बारिश के दिनों में भी साइकिल चलाता है। क्या वो वीकेंड पर लंबी राइड पर जाता है। जब आपके पास यह जानकारी होती है, तो आप राहुल को सिर्फ एक साइकिल यूजर नहीं, बल्कि एक लॉयल कस्टमर बना सकते हैं। आप उसे बारिश होने से पहले रेनकोट का रेंट ऑफर कर सकते हैं या संडे को एनर्जी ड्रिंक का कूपन भेज सकते हैं। यह डेटा ही है जो आपको एक साधारण सर्विस से एक लाइफस्टाइल ब्रांड बना देता है।

आजकल की दुनिया में प्राइवेसी की बातें तो बहुत होती हैं, लेकिन सच तो यह है कि लोग अपनी सुविधा के लिए डेटा देने को तैयार हैं। बशर्ते आप उस डेटा का इस्तेमाल उन्हें परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि उनकी लाइफ स्मूथ बनाने के लिए करें। नेटफ्लिक्स को ही देख लीजिए। उसे अच्छी तरह पता है कि आप रात को २ बजे किस तरह की डरावनी फ़िल्में देखना पसंद करते हैं। वो आपको वही दिखाता है जो आप देखना चाहते हैं। यही मेश बिजनेस की असली ताकत है। अगर आपका बिजनेस कस्टमर की अगली जरूरत को प्रेडिक्ट नहीं कर सकता, तो आप सिर्फ एक दुकान चला रहे हैं, मेश नेटवर्क नहीं।

बहुत से लोग डेटा को सिर्फ ग्राफ और चार्ट समझते हैं। लेकिन असल में डेटा एक बातचीत है। यह कस्टमर का आपसे कहने का तरीका है कि मुझे यह पसंद है और मुझे यह नहीं चाहिए। अगर आप इस बातचीत को नहीं सुन रहे, तो आप अंधेरे में तीर चला रहे हैं। मेश बिजनेस में हर एक शेयरिंग, हर एक क्लिक और हर एक फीडबैक सोने की खान है। इंडिया के स्टार्टअप्स को ही देख लीजिए, वो अब सिर्फ डिलीवरी नहीं करते, वो आपकी ईटिंग हैबिट्स का डेटा जमा करते हैं ताकि आपको वही डिश सजेस्ट कर सकें जो आपके मूड को सूट करे।

डेटा का सही इस्तेमाल आपको अपने कॉम्पिटिशन से कोसों आगे ले जा सकता है। जब आपका कॉम्पिटिटर अभी भी अखबार में विज्ञापन दे रहा होगा, तब आप अपने डेटा की मदद से सीधे उस कस्टमर के फोन पर पहुँच चुके होंगे जिसे उस वक्त आपके सर्विस की सबसे ज्यादा जरूरत है। तो भाई, अब डेटा से डरना छोड़ो और इसे गले लगाओ। क्योंकि भविष्य में वही टिकेगा जो अपने कस्टमर को उसके घर वालों से ज्यादा करीब से जानता होगा। अगले लेसन में हम बात करेंगे कि कैसे इन सब चीजों को जोड़कर एक अटूट नेटवर्क बनाया जाता है।


लेसन ३ : बिल्डिंग ए मेश नेटवर्क - अकेले मत चलो, सबको साथ जोड़ो

अगर आप सोच रहे हैं कि एक ऐप बना ली और दो-चार सामान किराए पर दे दिए तो आप मेश किंग बन गए, तो जरा संभल जाइए। लिसा गैन्स्की कहती हैं कि असली जादू तब होता है जब आप एक मेश नेटवर्क खड़ा करते हैं। नेटवर्क का मतलब है एक ऐसा मकड़जाल जहाँ कस्टमर एक बार अंदर आ जाए, तो उसे बाहर जाने की जरूरत ही न महसूस हो। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप किसी शादी में जाते हैं। वहाँ आपको खाना भी मिलता है, म्यूजिक भी मिलता है, और फोटो खिंचवाने के लिए बैकड्रॉप भी। अगर आपको ठंडे पानी के लिए शादी का पंडाल छोड़कर बाहर जाना पड़े, तो वह शादी फ्लॉप है। मेश बिजनेस भी एक वैसी ही बढ़िया होस्ट की गई शादी है।

एक मेश बिजनेस कभी भी अकेला नहीं होता। वह दूसरे बिजनेस और सर्विस के साथ हाथ मिलाता है। मान लीजिए आपकी एक इलेक्ट्रिक स्कूटर शेयरिंग कंपनी है। अब आपका काम सिर्फ स्कूटर देना नहीं है। आपको पास के कॉफी शॉप के साथ पार्टनरशिप करनी चाहिए ताकि जब कस्टमर स्कूटर पार्क करे, तो उसे आपकी ऐप पर कॉफी का डिस्काउंट मिले। इसे कहते हैं मेश। आप एक इकोसिस्टम बना रहे हैं। इंडिया में आज के सक्सेसफुल स्टार्टअप्स यही कर रहे हैं। वो आपको सिर्फ घर नहीं पहुंचाते, वो आपको रास्ते में खाना भी ऑफर करते हैं और आपकी अगली ट्रिप के लिए इंश्योरेंस भी।

इस नेटवर्क की सबसे बड़ी खूबी है इसका भरोसेमंद होना। अगर आपका नेटवर्क कमजोर है, तो कस्टमर पलक झपकते ही किसी और के पास चला जाएगा। लोग उसी नेटवर्क से जुड़ते हैं जो तेज हो, आसान हो और सबसे बड़ी बात, जो उनकी कम्युनिटी का हिस्सा लगे। मेश बिजनेस में आपकी सबसे बड़ी एसेट आपकी फिजिकल प्रॉपर्टी नहीं, बल्कि आपका पार्टनर नेटवर्क और कस्टमर का भरोसा है। सोचिए, एयरबीएनबी के पास खुद का एक भी होटल नहीं है, फिर भी वो दुनिया की सबसे बड़ी होटल चेन है। क्यों। क्योंकि उन्होंने दुनिया भर के लोगों का एक ऐसा मेश नेटवर्क बनाया है जो भरोसे पर टिका है।

आपका बिजनेस जितना ज्यादा इंटरकनेक्टेड होगा, उतना ही कठिन आपके कॉम्पिटिटर के लिए आपको हराना होगा। अगर आप सिर्फ एक सर्विस दे रहे हैं, तो कोई भी कल आपसे सस्ता रेट देकर आपको मार्केट से उखाड़ फेंकेगा। लेकिन अगर आप एक एक्सपीरियंस दे रहे हैं जहाँ कस्टमर की हर छोटी-बड़ी जरूरत जुड़ी हुई है, तो वो आपको छोड़कर जाने की हिम्मत नहीं करेगा। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे एक बार आपको किसी खास जिम की आदत पड़ जाए जहाँ आपके दोस्त भी आते हैं, जहाँ म्यूजिक आपकी पसंद का बजता है और जहाँ का ट्रेनर आपको नाम से जानता है, तो आप पड़ोस वाले सस्ते जिम में कभी नहीं जाएंगे।

लिसा गैन्स्की हमें याद दिलाती हैं कि मेश का मतलब है लचीलापन। मार्केट बदल रहा है, तकनीक बदल रही है और लोगों की पसंद भी। एक सच्चा मेश बिजनेस वही है जो वक्त के साथ अपने नेटवर्क को अपडेट करता रहे। तो क्या आप तैयार हैं अपना खुद का मेश नेटवर्क बनाने के लिए। क्या आप तैयार हैं ओनरशिप के पुराने बोझ को उतारकर शेयरिंग के नए और चमकते भविष्य में कदम रखने के लिए। याद रखिये, भविष्य उनका नहीं है जो बहुत कुछ समेट कर बैठे हैं, भविष्य उनका है जो बहुत कुछ साझा करना जानते हैं।

अब समय आ गया है कि आप अपने बिजनेस आइडिया को फिर से देखें। क्या आप सिर्फ बेच रहे हैं, या आप लोगों को जोड़ रहे हैं। आज ही एक छोटा कदम उठाएं, अपने कस्टमर को समझें और एक ऐसी सर्विस शुरू करें जो उनकी लाइफ को आसान बनाए। शेयर करें, जुड़ें और आगे बढ़ें।

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