क्या आप भी उन मैनेजर में से हैं जो आज की आग बुझाते बुझाते खुद जल रहे हैं? बधाई हो, आप अपनी फ्यूचर फर्म का गला घोंट रहे हैं। जब आपकी कंपनी कल के डायनासोर की तरह गायब हो जाएगी, तब यह मत पूछना कि गलती कहां हुई।
आज हम जॉर्ज वास्कोनसेलोस की बुक द नेगलेक्टेड फर्म के जरिए समझेंगे कि कैसे आप अपनी आज की कंपनी और कल की कंपनी दोनों को एक साथ मैनेज कर के बिजनेस के असली बाजीगर बन सकते हैं।
लेसन १ : डुअल मैनेजमेंट का जादुई बैलेंस - आज की दाल रोटी और कल का हलवा
अगर आप एक मैनेजर या बिजनेस ओनर हैं, तो आप सिर्फ एक इंसान नहीं हैं। आप असल में एक साथ दो जिंदगियां जी रहे हैं। जॉर्ज वास्कोनसेलोस अपनी बुक द नेगलेक्टेड फर्म में एक बहुत ही कड़वी मगर सच्ची बात कहते हैं। वह कहते हैं कि हर मैनेजर को एक साथ दो कंपनियां चलानी होती हैं। एक है आपकी प्रेजेंट फर्म यानी वह कंपनी जो आज आपके बिल भर रही है। और दूसरी है आपकी फ्यूचर फर्म यानी वह कंपनी जो आने वाले पांच या दस साल बाद आपको मार्केट का राजा बनाएगी।
जरा सोचिए, आप एक रेस्टोरेंट चला रहे हैं। प्रेजेंट फर्म का मतलब है कि आज किचन में नमक सही हो, वेटर साफ कपड़े पहने और गल्ला शाम को भरा हुआ मिले। लेकिन फ्यूचर फर्म का मतलब है यह सोचना कि अगर अगले साल सब लोग रोबोट से खाना मंगवाने लगे या डाइट फूड पर शिफ्ट हो गए, तो क्या आपका रेस्टोरेंट बंद हो जाएगा?
ज्यादातर मैनेजर इस मामले में थोड़े 'गजनी' टाइप के होते हैं। उन्हें बस आज की डेडलाइन दिखती है। वह आज के काम में इतने डूबे रहते हैं जैसे कोई कुंभ के मेले में खोया हुआ बच्चा। वह भूल जाते हैं कि जिस प्रेजेंट फर्म को वह आज पागलों की तरह बचा रहे हैं, वह कल पुरानी हो जाएगी। अगर आप सिर्फ आज के प्रॉफिट के पीछे भाग रहे हैं, तो आप उस ड्राइवर की तरह हैं जो गाड़ी की हेडलाइट जलाए बिना अंधेरी रात में रेस जीतना चाहता है।
याद है वो नोकिया वाला जमाना? नोकिया अपनी प्रेजेंट फर्म को मैनेज करने में वर्ल्ड चैंपियन था। उनके फोन इतने मजबूत थे कि उनसे आप अखरोट तोड़ सकते थे। उनका डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क इतना तगड़ा था कि हिमालय की चोटी पर भी फोन मिल जाता था। लेकिन उन्होंने अपनी फ्यूचर फर्म को पूरी तरह नेग्लेक्ट कर दिया। उन्होंने सोचा कि यह टचस्क्रीन और एप्स तो बस बच्चों का खिलौना हैं। नतीजा? आज नोकिया के फोन म्यूजियम में ज्यादा और लोगों के हाथों में कम दिखते हैं।
यही है वह जाल जिसमें हर दूसरा मैनेजर फंसता है। आप अपनी टीम के साथ मीटिंग पर मीटिंग करते हैं। आप एक्सेल शीट में नंबर्स ऊपर नीचे करते हैं। आपको लगता है कि आप बहुत मेहनत कर रहे हैं। लेकिन असल में आप सिर्फ अपनी प्रेजेंट फर्म की चिता सजा रहे हैं। लेखक कहते हैं कि एक हाथ से आज की आग बुझाओ और दूसरे हाथ से कल का महल बनाओ। अगर आपका सारा समय आज के झमेलों में जा रहा है, तो आप मैनेजर नहीं बल्कि एक फायर फाइटर हैं। और यकीन मानिए, फायर फाइटर की सैलरी और इज्जत एक विजनरी लीडर से हमेशा कम होती है।
यह वैसा ही है जैसे आप जिम जा रहे हैं ताकि बुढ़ापे में फिट रहें, लेकिन रास्ते में समोसे खा लेते हैं क्योंकि आज भूख लगी है। आज का समोसा आपकी प्रेजेंट फर्म की भूख मिटा सकता है, लेकिन कल का हार्ट अटैक आपकी फ्यूचर फर्म को खत्म कर देगा। इसलिए समझदार बनिए। अपनी एनर्जी और रिसोर्स को दो हिस्सों में बांटिए। प्रेजेंट फर्म को एफिशिएंट बनाइए ताकि पैसा आए, और फ्यूचर फर्म को क्रिएटिव बनाइए ताकि वह पैसा हमेशा आता रहे।
याद रखिए, जो आज में जीता है वह सरवाइव करता है, लेकिन जो कल की तैयारी करता है वही रूल करता है। अब फैसला आपका है कि आपको बस टिके रहना है या दुनिया पर राज करना है।
लेसन २ : प्रेजेंट फर्म का मायाजाल - आज की कामयाबी कल की बर्बादी
अक्सर कहा जाता है कि कामयाबी इंसान को अंधा बना देती है। जॉर्ज वास्कोनसेलोस कहते हैं कि मैनेजर्स के लिए उनकी प्रेजेंट फर्म की सक्सेस ही उनका सबसे बड़ा दुश्मन बन जाती है। इसे 'सक्सेस ट्रैप' कहते हैं। जब आपका आज का बिजनेस मस्त चल रहा होता है, पैसा छप रहा होता है, और बॉस आपकी पीठ थपथपा रहा होता है, तब आपको लगता है कि बस अब तो गंगा नहा लिए। लेकिन यही वह समय है जब आप अनजाने में अपनी फ्यूचर फर्म की कब्र खोद रहे होते हैं।
जरा सोचिए, आप एक ऐसी टैक्सी कंपनी चला रहे हैं जिसके पास शहर की सबसे शानदार गाड़ियां हैं। ड्राइवर सफेद वर्दी पहनते हैं और गाड़ियां चमकती रहती हैं। आप अपनी प्रेजेंट फर्म को मैनेज करने में इतने बिजी हैं कि आप कार की सर्विस और पेट्रोल के हिसाब में ही डूबे रहते हैं। उधर पड़ोस की गली में कोई लड़का एक एप बना रहा है जो बिना एक भी कार खरीदे आपकी पूरी कंपनी को मार्केट से बाहर कर देगा। आप अपनी आज की एफिशिएंसी पर इतरा रहे हैं, जबकि दुनिया का तरीका ही बदल चुका है।
लेखक के अनुसार, प्रेजेंट फर्म एक ऐसी प्रेमिका की तरह है जो आपसे सारा वक्त और अटेंशन मांगती है। वह चाहती है कि आप बस उसी के नखरे उठाएं। अगर आप उस पर ध्यान नहीं देंगे, तो वह आज ही रूठ जाएगी और आपका गल्ला खाली हो जाएगा। लेकिन अगर आप सिर्फ उसी के चक्कर में पड़े रहे, तो आप कभी अपनी शादी यानी फ्यूचर फर्म की तैयारी नहीं कर पाएंगे।
हमारे पास वो केबल टीवी वाले अंकल हुआ करते थे। उनकी प्रेजेंट फर्म बहुत तगड़ी थी। हर घर में उनका तार जाता था। वह शाम को पैसे वसूलने आते थे और पूरे मोहल्ले में उनका टशन था। उन्होंने कभी नहीं सोचा कि यह इंटरनेट और नेटफ्लिक्स जैसी चीजें उनकी छुट्टी कर देंगी। वह आज भी वही तार जोड़ रहे हैं, जबकि दुनिया ओटीटी पर शिफ्ट हो गई है। उन्होंने अपनी प्रेजेंट फर्म को तो बहुत प्यार किया, लेकिन फ्यूचर फर्म को पूरी तरह नेग्लेक्ट कर दिया।
सच्चाई यह है कि आज का जो काम आपको बहुत जरूरी लग रहा है, वह अक्सर सिर्फ एक 'बिजी वर्क' होता है। मैनेजर सुबह से शाम तक फाइलों में दबे रहते हैं। वह उन समस्याओं को सुलझाने में लगे रहते हैं जिनका हल असल में इनोवेशन है, न कि कड़ी मेहनत। अगर आप अपनी टीम को सिर्फ वही पुराना काम और ज्यादा स्पीड से करने के लिए कह रहे हैं, तो आप बस एक डूबती हुई नाव में ज्यादा तेजी से चप्पू चला रहे हैं।
सर्कस के उस कलाकार की तरह बनिए जो एक हाथ से तीन गेंदे हवा में उछाल रहा है (प्रेजेंट फर्म) और साथ ही अपनी आंखों से अगले स्टंट की तैयारी कर रहा है (फयूचर फर्म)। अगर आपका पूरा ध्यान सिर्फ उन गेंदों पर रहा जो अभी हाथ में हैं, तो अगला स्टंट कभी शुरू ही नहीं होगा और ऑडियंस तालियां बजाना बंद कर देगी।
ज्यादातर मैनेजर इसलिए फेल नहीं होते कि वह काम नहीं करते, बल्कि इसलिए फेल होते हैं क्योंकि वह गलत काम बहुत अच्छे से करते हैं। वह पुरानी हो चुकी स्ट्रेटेजी को पूरी शिद्दत से निभाते हैं। यह वैसा ही है जैसे आप एक बहुत ही बेहतरीन टाइपराइटर बनाने की फैक्ट्री चला रहे हों। आप दुनिया का सबसे अच्छा टाइपराइटर बना सकते हैं, लेकिन उसका खरीदार अब कोई नहीं है। इसलिए, अपनी प्रेजेंट फर्म की कामयाबी को अपने सिर पर मत चढ़ने दीजिए। आज जो प्रॉफिट मिल रहा है, उसे अपनी फ्यूचर फर्म के लिए खाद की तरह इस्तेमाल कीजिए।
लेसन ३ : फ्यूचर फर्म का बीमा - कल के लिए आज का बलिदान
लेखक जॉर्ज वास्कोनसेलोस कहते हैं कि फ्यूचर फर्म को मैनेज करना असल में एक 'इन्वेस्टमेंट' है, 'खर्चा' नहीं। लेकिन दिक्कत यह है कि हम सबको तुरंत रिजल्ट चाहिए। हमें वो मैगी चाहिए जो दो मिनट में बन जाए, पर हम वो पेड़ नहीं लगाना चाहते जो पांच साल बाद फल दे। फ्यूचर फर्म का मतलब है वो रिस्क लेना, वो रिसर्च करना और वो नई स्किल्स सीखना जिसकी जरूरत शायद आज नहीं है, लेकिन कल उसके बिना गुजारा नहीं होगा।
मान लीजिए आप एक बहुत बड़े हलवाई हैं। आपकी दुकान की जलेबियां पूरे शहर में मशहूर हैं। यह आपकी प्रेजेंट फर्म है। अब आप देखते हैं कि लोग अब सेहत को लेकर फिक्रमंद हो रहे हैं और चीनी से दूर भाग रहे हैं। अगर आप समझदार हैं, तो आप अपनी कमाई का एक छोटा हिस्सा 'शुगर फ्री' मिठाइयों की टेस्टिंग में लगाएंगे। शुरुआत में शायद कोई उसे न खरीदे। आपकी टीम कहेगी कि क्या फालतू काम में टाइम वेस्ट कर रहे हो, यहां जलेबियां बनाने की फुर्सत नहीं है। लेकिन जिस दिन डॉक्टर सबको चीनी बंद करने की सलाह देंगे, उस दिन आपकी वो 'फालतू' टेस्टिंग ही आपकी जान बचाएगी।
ज्यादातर कंपनियों में जब बजट कम होता है, तो सबसे पहले ट्रेनिंग और आर एंड डी (R&D) का गला घोंटा जाता है। यह वैसा ही है जैसे कोई किसान बीज ही खा जाए क्योंकि उसे आज भूख लगी है। अगर बीज खा लिए, तो अगली फसल कहां से आएगी? फ्यूचर फर्म को मैनेज करने का मतलब है अपने कंफर्ट जोन को लात मारना।
ब्लॉकबस्टर वीडियो नाम की एक बहुत बड़ी कंपनी थी जो फिल्में किराए पर देती थी। उनके पास मौका था नेटफ्लिक्स को खरीदने का, लेकिन उन्होंने हंसी में उड़ा दिया। उन्हें अपनी प्रेजेंट फर्म की चमक दमक पर इतना भरोसा था कि उन्होंने फ्यूचर की परछाई तक नहीं देखी। आज नेटफ्लिक्स हर फोन में है और ब्लॉकबस्टर सिर्फ यादों में।
अगर आप एक मैनेजर हैं, तो हफ्ते में कम से कम एक दिन या अपनी एनर्जी का बीस परसेंट हिस्सा सिर्फ फ्यूचर फर्म को दीजिए। उन सवालों के जवाब ढूंढिए जो अभी पूछे नहीं गए हैं। उन परेशानियों का हल निकालिए जो अभी आई नहीं हैं। जो लोग आपको आज पागल कह रहे हैं, कल वही आपके लिए तालियां बजाएंगे। फ्यूचर फर्म को मैनेज करना कोई रॉकेट साइंस नहीं है, बस अपनी नजर को डेस्क से हटाकर क्षितिज (Horizon) पर ले जाना है।
आज की प्रेजेंट फर्म आपकी पत्नी की तरह है जिसे आपको रोज खुश रखना है, लेकिन फ्यूचर फर्म उस रिटायरमेंट प्लान की तरह है जिसे अगर आज इग्नोर किया, तो बुढ़ापा सड़कों पर गुजरेगा। इसलिए अपनी प्रायोरिटी सेट कीजिए।
तो दोस्तों, 'द नेगलेक्टेड फर्म' हमें यह सिखाती है कि मैनेजमेंट का असली मतलब सिर्फ काम करवाना नहीं, बल्कि काम को जिंदा रखना है। अगर आप आज के प्रॉफिट में इतने अंधे हो गए हैं कि कल का खतरा नहीं देख पा रहे, तो आप एक अच्छे मैनेजर नहीं बल्कि सिर्फ एक अच्छे ऑपरेटर हैं। अपनी प्रेजेंट फर्म को एफिशिएंट बनाइए ताकि वह आपको कल की तैयारी करने का पैसा दे सके। आज और कल के बीच का यह बैलेंस ही एक साधारण कंपनी और एक लीजेंडरी ब्रांड के बीच का फर्क है।
उठिए, अपनी फाइलों से बाहर निकलिए और पूछिए अपने आप से - "क्या मैं कल के लिए तैयार हूं?" क्योंकि वक्त किसी का इंतजार नहीं करता, और मार्केट उसे कभी माफ नहीं करता जो बदलाव से डरता है।
आज ही अपने रूटीन में से कुछ समय अपनी फ्यूचर फर्म के लिए निकालें। आपका एक छोटा सा कदम आपके करियर और बिजनेस की दिशा बदल सकता है। इस आर्टिकल को उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो काम के बोझ में अपनी ग्रोथ भूल गए हैं। कमेंट में बताएं कि आपकी फ्यूचर फर्म का सबसे बड़ा चैलेंज क्या है?
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