अगर आप अभी भी सौ पन्नों का बिजनेस प्लान बनाने की कोशिश में अपनी रातें खराब कर रहे हैं तो मुबारक हो आप अपनी बर्बादी का शानदार नक्शा तैयार कर रहे हैं। जबकि स्मार्ट लोग जिम होरान की इस बुक से एक पेज में अपनी किस्मत लिख रहे हैं और आप बस भारी फाइलों के नीचे दबे जा रहे हैं।
आज के इस आर्टिकल में हम जिम होरान की किताब द वन पेज बिजनेस प्लान की गहराई में उतरेंगे। हम जानेंगे कि कैसे सिर्फ एक पेज आपकी पूरी कंपनी की तकदीर बदल सकता है और आपको उन तीन खास लेसन के बारे में बताएंगे जो हर एंटरप्रेन्योर के लिए जरूरी हैं।
लेसन १ : अपनी विजन को एकदम साफ रखना।
जिम होरान अपनी इस किताब में सबसे पहले जिस चीज पर हथौड़ा मारते हैं वह है आपका विजन। ज्यादातर लोग जब बिजनेस शुरू करते हैं तो उनके दिमाग में खिचड़ी बनी होती है। उन्हें लगता है कि बस पैसे कमाने हैं और बड़ा आदमी बनना है। पर भाई साहब सिर्फ बड़ा आदमी बनने की चाहत तो गली के उस नुक्कड़ वाले लड़के को भी है जो दिन भर रील देखता रहता है।
बिजनेस में विजन का मतलब है कि आप अगले पांच या दस साल में अपनी कंपनी को दुनिया के किस कोने में देख रहे हैं। जिम कहते हैं कि अगर आप अपनी विजन को एक पैराग्राफ में नहीं लिख सकते तो यकीन मानिए आपको खुद नहीं पता कि आप क्या कर रहे हैं। आप उस ड्राइवर की तरह हैं जो गाड़ी तो बहुत तेज चला रहा है पर उसे यह नहीं पता कि जाना दिल्ली है या गोवा। और फिर जब रास्ता खत्म होता है तो पता चलता है कि आप तो अपने ही घर के पीछे वाले नाले के पास खड़े हैं।
मान लीजिए हमारे एक मित्र हैं चिंटू जी। चिंटू जी को जोश चढ़ा कि वह एक कैफे खोलेंगे। उन्होंने दुनिया भर के लोन ले लिए और एक भारी भरकम बिजनेस प्लान तैयार किया जिसे पढ़कर शायद नासा के साइंटिस्ट भी डर जाएं। लेकिन जब उनसे पूछा गया कि चिंटू भाई आपके इस कैफे की खास बात क्या होगी तो उनका जवाब था कि बस चाय पिलाएंगे और क्या। अब भाई साहब चाय तो हर नुक्कड़ पर मिलती है। चिंटू जी के पास कोई विजन ही नहीं था कि वह अपने कैफे को एक ब्रांड बनाना चाहते हैं या बस टाइम पास करना चाहते हैं।
नतीजा यह हुआ कि छह महीने में ही कैफे पर ताला लग गया क्योंकि कस्टमर को पता ही नहीं चला कि चिंटू जी की चाय में ऐसा क्या है जो बाकी जगह नहीं है। वहीं दूसरी तरफ अगर चिंटू जी ने जिम होरान की बात मानी होती और एक पेज पर साफ लिखा होता कि उनका विजन अगले दो साल में शहर के हर कॉलेज स्टूडेंट के लिए सबसे सस्ता और कूल हैंगआउट अड्डा बनना है तो शायद आज वह चाय की नदियां बहा रहे होते।
विजन का साफ होना इसलिए जरूरी है क्योंकि जब बिजनेस में मुश्किल वक्त आता है और वह तो आएगा ही तब केवल आपका विजन ही आपको बिस्तर से उठाकर काम पर वापस लाता है। अगर आपका विजन धुंधला है तो आप छोटी सी परेशानी आते ही हथियार डाल देंगे। लोग अक्सर घंटों बैठकर फालतू की डिटेल्स पर बहस करते हैं जैसे कि ऑफिस की दीवार का रंग क्या होगा या सोफे का कपड़ा कैसा होगा। अरे भाई पहले यह तो तय कर लो कि उस सोफे पर बैठने वाला कोई आएगा भी या नहीं।
जिम होरान का यह लेसन हमें सिखाता है कि अपनी विजन को इतना सिंपल और पावरफुल बनाओ कि उसे पढ़ते ही आपके अंदर की सुस्ती भाग जाए। वह कहते हैं कि शब्दों का जाल मत बुनो बल्कि सच को सामने रखो। एक पेज का जादू यही है कि वह आपको फालतू की बातों से दूर रखकर सिर्फ असल मुद्दे पर फोकस करने के लिए मजबूर कर देता है। अगर आपका विजन क्लियर है तो समझो आधा रास्ता आपने तय कर लिया है। बाकी की मेहनत तो बस उस रास्ते पर चलने की है। तो क्या आपने कभी सोचा है कि आपके काम का असली मकसद क्या है या बस आप भी चिंटू जी की तरह हवा में तीर चला रहे हैं।
लेसन २ : एक्शन ओरिएंटेड मिशन स्टेटमेंट बनाना।
विजन तो देख लिया कि हमें चाँद पर पहुंचना है पर भाई साहब वहां पैदल तो जाएंगे नहीं। उसके लिए एक रॉकेट चाहिए और वही रॉकेट है आपका मिशन स्टेटमेंट। जिम होरान कहते हैं कि ज्यादातर कंपनियों के मिशन स्टेटमेंट इतने बोरिंग और भारी भरकम होते हैं कि उन्हें पढ़कर नींद आ जाए। लोग लिखते हैं कि हम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सेवा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अरे भाई यह क्या प्रवचन दे रहे हो।
जिम के हिसाब से मिशन स्टेटमेंट का मतलब है कि आप असल में हर दिन क्या करने वाले हैं। यह आपकी विजन का वर्किंग प्लान है। अगर विजन एक सपना है तो मिशन वह अलार्म घड़ी है जो आपको सुबह उठाकर काम पर लगाती है। यह आपके बिजनेस का वह इंजन है जो बिना रुके चलना चाहिए। अगर आपका मिशन साफ नहीं है तो आपकी टीम बस ऑफिस आकर पंखे की हवा खाएगी और महीने के अंत में सैलरी का इंतज़ार करेगी।
अब एक और मजेदार उदाहरण लेते हैं। मान लीजिए हमारे एक और दोस्त हैं पप्पु भाई। पप्पु भाई ने एक जिम खोलने का सोचा। उनका विजन बड़ा था कि सबको फिट बनाना है। उन्होंने अपना मिशन स्टेटमेंट कुछ ऐसा लिखा कि हम स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांति लाएंगे और मानवता को निरोग बनाएंगे। अब पप्पु भाई के जिम में जो ट्रेनर आए उन्हें समझ ही नहीं आया कि इस क्रांति में करना क्या है। वह बेचारे बस कोने में खड़े होकर मोबाइल चलाते रहते थे। पप्पु भाई परेशान कि लोग वजन क्यों नहीं घटा रहे। असल में पप्पु भाई को जिम होरान की जरूरत थी।
अगर वह अपना मिशन स्टेटमेंट सिंपल रखते जैसे कि हमारा काम हर मेंबर को रोज चालीस मिनट की हाई इंटेंसिटी ट्रेनिंग देना और उनका डाइट चार्ट फॉलो करवाना है तो बात कुछ और होती। जब काम एकदम साफ होता है तो बहानेबाजी की जगह खत्म हो जाती है। पप्पु भाई का मिशन स्टेटमेंट तो किसी नेता के भाषण जैसा लग रहा था जिसमें जोश तो था पर होश गायब था।
जिम होरान हमें सिखाते हैं कि मिशन स्टेटमेंट में फालतू के विशेषण मत लगाइए। यह मत कहिए कि आप बेस्ट हैं बल्कि यह बताइए कि आप करते क्या हैं। एक अच्छा मिशन स्टेटमेंट वह है जिसे पढ़कर आपके ऑफिस का चपरासी भी समझ जाए कि आज उसे क्या हासिल करना है। अगर आप अपने मिशन को एक पेज पर उतारते हैं तो आपके पास फालतू के कामों के लिए समय ही नहीं बचेगा।
अक्सर लोग बिजनेस में उन कामों में उलझ जाते हैं जिनसे कोई फायदा नहीं होता। जैसे कि बिजनेस कार्ड का डिजाइन दस बार बदलना या फिर मीटिंग पर मीटिंग करना। जिम कहते हैं कि अपना मिशन लिखो और उसे दीवार पर चिपका दो। हर सुबह खुद से पूछो कि जो मैं आज कर रहा हूँ क्या वह मेरे मिशन से मेल खाता है। अगर जवाब ना है तो तुरंत उस काम को कचरे के डिब्बे में डाल दो। बिजनेस में सफल होने का सबसे बड़ा सीक्रेट यही है कि आप क्या नहीं कर रहे हैं। फालतू की एक्टिविटी और असली काम के बीच का फर्क ही आपका मिशन स्टेटमेंट तय करता है। तो क्या आपके पास ऐसा कोई मिशन है जो आपको सोने न दे या आपका मिशन भी पप्पु भाई की तरह सिर्फ कागजों पर ही सो रहा है।
लेसन ३ : छोटे और असरदार गोल सेट करना।
विजन और मिशन तो तय हो गए पर अब बारी है उन सीढ़ियों की जो आपको मंजिल तक ले जाएंगी। जिम होरान कहते हैं कि ज्यादातर लोग यही गलती करते हैं कि वह एक ही दिन में पहाड़ चढ़ना चाहते हैं। वह सोचते हैं कि आज बिजनेस शुरू किया और कल तक बैंक बैलेंस सात अंकों में होगा। भाई साहब ऐसी तरक्की सिर्फ फिल्मों में या फिर उन स्कीमों में होती है जो पच्चीस दिन में पैसा डबल करने का वादा करती हैं।
असल बिजनेस में आपको अपने बड़े विजन को छोटे और असरदार गोल्स में तोड़ना पड़ता है। जिम का कहना है कि अगर आपके गोल्स स्मार्ट नहीं हैं तो वह सिर्फ आपकी कल्पना हैं। गोल्स ऐसे होने चाहिए जिन्हें आप नाप सकें और जिनका एक समय तय हो। वरना आप बस गोल गोल घूमते रह जाएंगे और साल के आखिर में आपके हाथ में सिर्फ खाली डायरी और सिर का दर्द होगा।
इसे समझने के लिए हमारे एक और काल्पनिक मित्र गप्पू जी का उदाहरण लेते हैं। गप्पू जी ने एक ऑनलाइन स्टोर शुरू किया। जब उनसे पूछा गया कि आपका गोल क्या है तो उन्होंने बड़े गर्व से कहा कि मुझे दुनिया का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स राजा बनना है। अब गप्पू जी के पास कोई छोटा प्लान नहीं था। वह सीधा एमेजॉन को टक्कर देने की सोच रहे थे पर उन्हें यह नहीं पता था कि आज के दिन कितने ऑर्डर पैक करने हैं। वह दिन भर लैपटॉप खोलकर बैठते और बस सपने देखते कि जब करोड़ों रुपये आएंगे तो वह कौन सी कार खरीदेंगे।
नतीजा यह हुआ कि छोटे छोटे जरूरी काम जैसे कि कस्टमर का रिप्लाई देना या स्टॉक चेक करना वह भूल ही गए। अगर गप्पू जी ने जिम होरान की बुक पढ़ी होती तो वह समझते कि पहले महीने का गोल सिर्फ दस सही ऑर्डर डिलीवर करना होना चाहिए था। जब आप बहुत बड़े गोल के पीछे भागते हैं तो आप आज की छोटी जीत को भूल जाते हैं और यही आपकी हार की शुरुआत होती है।
जिम होरान हमें सिखाते हैं कि एक पेज के बिजनेस प्लान में आपके गोल्स एकदम क्रिस्टल क्लियर होने चाहिए। जैसे कि अगले तीन महीने में मुझे पचास नए कस्टमर जोड़ने हैं या फिर अगले छह महीने में अपनी सेल्स को बीस परसेंट बढ़ाना है। जब आपके पास ऐसे सटीक नंबर होते हैं तो आपका दिमाग बहाने नहीं ढूंढता बल्कि रास्ते तलाशता है। अक्सर लोग अपनी प्रोग्रेस ट्रैक नहीं करते क्योंकि उन्हें सच का सामना करने से डर लगता है। लेकिन जिम कहते हैं कि नंबर्स झूठ नहीं बोलते।
अगर आप अपने गोल्स को हर हफ्ते रिव्यू नहीं कर रहे हैं तो आप बस अंधेरे में तीर चला रहे हैं। छोटे गोल्स का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जब आप उन्हें पूरा करते हैं तो आपको एक जीत का अहसास होता है। यही वह कॉन्फिडेंस है जो आपको बड़े विजन की तरफ खींचता है। बिजनेस कोई सौ मीटर की रेस नहीं है बल्कि यह एक मैराथन है और मैराथन जीतने के लिए आपको हर किलोमीटर का हिसाब रखना पड़ता है। तो क्या आपने अपने आज के गोल सेट किए हैं या आप भी गप्पू जी की तरह सीधे राजा बनने के सपने देख रहे हैं।
तो दोस्तों, जिम होरान की यह किताब हमें सिखाती है कि बिजनेस करना कोई रॉकेट साइंस नहीं है बशर्ते आपके पास सादगी और स्पष्टता हो। सौ पन्नों की भारी फाइलें अलमारी की शोभा बढ़ा सकती हैं पर एक पेज का प्लान आपके बिजनेस की रफ्तार बढ़ा सकता है। अपनी विजन को साफ रखिये मिशन को एक्शन में बदलिए और छोटे गोल्स के साथ अपनी जीत का रास्ता बनाइये। याद रखिये कि एक सफल बिजनेस प्लान वह नहीं है जो देखने में अच्छा लगे बल्कि वह है जिसे आप असल में फॉलो कर सकें।
अब आपकी बारी है। नीचे कमेंट बॉक्स में हमें बताइये कि आपके बिजनेस या करियर का वह एक बड़ा विजन क्या है जिसे आप एक पेज पर लिखना चाहेंगे। इस आर्टिकल को अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो बड़े बड़े प्लांस तो बनाते हैं पर शुरू करने से डरते हैं। क्या पता आपका एक शेयर किसी की तकदीर बदल दे।
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