Trump (Hindi)


क्या आप भी वही पुराने घिसे पिटे तरीकों से अमीर बनने का सपना देख रहे हैं। मुबारक हो आप अपनी लाइफ बर्बाद करने की सही राह पर हैं। अगर आपको लगता है कि सिर्फ मेहनत से डोनलड टरमप जैसी दौलत मिलेगी तो आप शायद किसी और ही दुनिया में जी रहे हैं।

पर फिकर मत करिए। आज हम हाउ टू गेट रिच के वो सीक्रेट्स खोलेंगे जो आपको एक आम आदमी से रीयल एस्टेट का बेताज बादशाह बना सकते हैं। चलिए जानते हैं अमीर बनने के 3 पावरफुल लेसन।


लेसन १ : बी अ जनरल (एक सेनापति की तरह काम करें)

अमीर बनना कोई बच्चों का खेल नहीं है और डोनलड टरमप इस बात को आपसे बेहतर जानते हैं। टरमप कहते हैं कि अगर आप अपना बिजनेस चला रहे हैं तो आपको एक बॉस नहीं बल्कि एक सेनापति यानी जनरल की तरह सोचना होगा। अब आप कहेंगे कि भाई मेरे पास तो सिर्फ दो स्टाफ हैं और एक ऑफिस बॉय है उसमें सेनापति कहाँ से आ गया। यहीं पर तो आप मात खा जाते हैं। असल में जनरल बनने का मतलब यह नहीं है कि आप तलवार लेकर ऑफिस पहुँच जाएं। इसका मतलब है कि आपको अपने साम्राज्य की हर छोटी से छोटी हलचल का पता होना चाहिए।

मान लीजिए आपने एक नई चाय की दुकान खोली है। अब अगर आपको यही नहीं पता कि दूध वाला कितना पानी मिला रहा है या आपका लड़का कितनी चीनी बचा रहा है तो आप कभी भी टरमप टावर खड़ा नहीं कर पाएंगे। टरमप का मानना है कि एक अच्छा लीडर वही है जो बड़े विजन पर काम करते हुए भी अपनी नजरें जमीन पर रखता है। वह कहते हैं कि आपको हर चीज को खुद मैनेज करने की जरूरत नहीं है पर आपको इतना पता होना चाहिए कि काम सही से हो रहा है या नहीं।

भारत में हमारे यहाँ एक बड़ी बीमारी है जिसे हम चलता है एटीट्यूड कहते हैं। ऑफिस में लाइट जल रही है तो चलने दो। क्लाइंट नाराज है तो होने दो। अगर आप इस माइंडसेट के साथ अमीर बनना चाहते हैं तो यकीन मानिए आप सिर्फ अपनी गरीबी को मैनेज कर रहे हैं। टरमप अपनी किताब में साफ कहते हैं कि जो इंसान अपनी डिटेल्स को नजरअंदाज करता है उसे दुनिया नजरअंदाज कर देती है।

सोचिए आप एक शादी में गए हैं जहाँ कैटरिंग का काम आपके हाथ में है। अगर आप एक कोने में बैठकर सिर्फ ठंडी कोल्ड ड्रिंक पी रहे हैं और आपको यह नहीं पता कि पनीर की सब्जी में सिर्फ आलू तैर रहे हैं तो यकीन मानिए मेहमान आपको दुआएं नहीं बल्कि गालियां देकर जाएंगे। एक जनरल की तरह आपको हर स्टाल पर जाकर चेक करना होगा कि मसाला सही है या नहीं। बिजनेस भी बिल्कुल वैसा ही है।

टरमप कहते हैं कि लोग आपके पास तभी टिकेंगे जब उन्हें पता होगा कि उनकी हर हरकत पर आपकी नजर है। जब आप एक जनरल की तरह पेश आते हैं तो लोगों में आपके प्रति एक डर और इज्जत दोनों होती है। बिना डंडे के तो आजकल लोग लाइन में भी नहीं लगते फिर करोड़ों का बिजनेस कैसे चलेगा। इसलिए अगर अमीर बनना है तो सबसे पहले अपने अंदर के उस ढीले इंसान को मारिए और एक सख्त जनरल का चोला पहन लीजिए। अपनी टीम को गाइड करिए पर उन्हें यह भी बता दीजिए कि अगर उन्होंने गड़बड़ की तो उनका कोर्ट मार्शल पक्का है।


लेसन २ : द आरट ऑफ नेगोशिएशन (मोलभाव की कला)

अगर आपको लगता है कि आप दुकान पर जाकर सौ रुपये की चीज को अस्सी में करवा लेते हैं और आप बहुत बड़े नेगोशिएटर हैं तो भाई साहब आपको अपनी सोच बदलने की जरूरत है। डोनलड टरमप के लिए नेगोशिएशन का मतलब सिर्फ पैसे बचाना नहीं बल्कि अपनी हर बात मनवाना है। टरमप कहते हैं कि दुनिया एक बड़ी मार्केट है और यहाँ हर इंसान कुछ न कुछ बेच रहा है। अगर आपको यह कला नहीं आती तो आप दूसरों के इशारों पर नाचने के लिए तैयार रहिए।

नेगोशिएशन का सबसे पहला नियम है कि कभी भी बहुत ज्यादा उतावले मत दिखिए। मान लीजिए आपको एक बहुत शानदार ऑफिस पसंद आ गया है। अब अगर आप वहां जाकर मालिक के सामने नाचने लगें कि वाह क्या नजारा है मुझे तो यही चाहिए तो समझ लीजिए आपने अपनी जेब कटवाने का इंतजाम कर लिया है। टरमप का स्टाइल है कि चीज कितनी भी अच्छी लगे चेहरे पर ऐसे भाव रखो जैसे आप उस पर अहसान कर रहे हों।

हमारे यहाँ लोग इमोशनल होकर डील करते हैं। अरे भाई साहब हमारे पुराने रिश्ते हैं कुछ कम कर लीजिए। टरमप कहते हैं कि रिश्तों को घर पर छोड़कर आइए। बिजनेस की टेबल पर सिर्फ फायदा बोलता है। अगर आप किसी डील से उठकर जाने की ताकत नहीं रखते तो आप नेगोशिएशन नहीं बल्कि भीख मांग रहे हैं। आपके पास हमेशा एक प्लान बी होना चाहिए ताकि सामने वाले को लगे कि आपको उसकी जरूरत नहीं है बल्कि उसे आपकी जरूरत है।

जैसे हमारी मम्मी सब्जी मंडी में करती हैं। आलू वाले ने कहा बीस रुपये किलो। मम्मी कहेंगी दस रुपये के हिसाब से दे दे। वह मना करेगा तो मम्मी बिना पीछे मुड़े चलने लगेंगी। बस यही वो पल है जब दुकानदार हार मानकर पीछे से आवाज लगाता है कि बहन जी ले जाओ। टरमप भी अपनी बड़ी बड़ी रीयल एस्टेट डील्स में यही सस्पेंस और एटीट्यूड इस्तेमाल करते हैं।

टरमप एक और बड़ी बात कहते हैं कि अपनी वैल्यू हमेशा बढ़ाकर बताओ। अगर आप खुद को छोटा समझेंगे तो दुनिया आपको पैरों तले रौंद देगी। जब आप किसी टेबल पर बैठते हैं तो आपकी बॉडी लैंग्वेज ऐसी होनी चाहिए जैसे आप उस कमरे के सबसे अमीर आदमी हैं भले ही आपकी जेब में उस वक्त चिल्लर ही क्यों न हो। कॉन्फिडेंस ही वो चाबी है जिससे बड़े बड़े तिजोरियों के ताले खुलते हैं।

अमीर बनने की रेस में वही जीतता है जो अपनी शर्तों पर खेलता है। अगर आप हर बार सामने वाले की हां में हां मिलाएंगे तो आप बिजनेस नहीं बल्कि गुलामी कर रहे हैं। तो अगली बार जब भी कोई डील करें तो याद रखें कि आपको उस आलू वाले दुकानदार की तरह नहीं बल्कि उस जिद्दी कस्टमर की तरह व्यवहार करना है जिसे पता है कि बाजार में विकल्पों की कमी नहीं है। नेगोशिएशन का मतलब ही यही है कि सामने वाले को यह यकीन दिला दो कि तुम्हारे बिना उसका काम रुक जाएगा पर तुम्हारे लिए वह सिर्फ एक और डील है।


लेसन ३ : मेन्टेन योर मोमेंटम (अपनी रफतार बनाए रखें)

अमीर बनना एक बात है और अमीर बने रहना बिलकुल दूसरी बात है। डोनलड टरमप का मानना है कि कामयाबी मिलने के बाद जो इंसान सो जाता है उसकी किस्मत भी सो जाती है। टरमप कहते हैं कि मोमेंटम यानी रफतार ही वह चीज है जो आपको पहाड़ की चोटी तक ले जाती है। लेकिन जैसे ही आप यह सोचने लगते हैं कि अब तो मैं राजा बन गया हूँ और मुझे मेहनत करने की जरूरत नहीं है ठीक उसी पल से आपका पतन शुरू हो जाता है।

अक्सर लोग एक छोटी सी कामयाबी मिलते ही पार्टी करने निकल जाते हैं और अपने काम को भगवान भरोसे छोड़ देते हैं। टरमप अपनी लाइफ में कई बार अर्श से फर्श पर आए पर उन्होंने कभी अपनी रफतार कम नहीं की। वह कहते हैं कि अगर आप साइकिल चलाना बंद कर देंगे तो आप गिर जाएंगे। बिजनेस की दुनिया भी उस साइकिल की तरह है जहाँ आपको लगातार पैडल मारते रहना पड़ता है।

सोचिए आप जिम गए और आपने कड़ी मेहनत करके बढ़िया बॉडी बना ली। अब अगर आप यह सोचकर रोज समोसे और जलेबी खाना शुरू कर दें कि बॉडी तो बन गई है तो कुछ ही हफ्तों में आपके एब्स की जगह एक बड़ा सा मटका नजर आने लगेगा। कामयाबी भी वैसी ही है। इसे बनाए रखने के लिए आपको वही अनुशासन चाहिए जो इसे पाने के लिए चाहिए था।

टरमप के मुताबिक दुनिया में कॉम्पिटिशन बहुत ज्यादा है। जब आप सो रहे होते हैं तब कोई दूसरा आपसे ज्यादा मेहनत कर रहा होता है ताकि वह आपकी जगह ले सके। इसलिए आपको हमेशा भूखा रहना होगा। यहाँ भूख का मतलब रोटी से नहीं बल्कि और आगे बढ़ने और बेहतर करने की जिद से है। टरमप कहते हैं कि जो इंसान अपने काम से प्यार करता है उसके लिए काम कभी बोझ नहीं होता बल्कि वह एक नशा बन जाता है।

भारत में हम अक्सर एक लेवल पर पहुँचकर रिलैक्स हो जाते हैं। हमें लगता है कि अब तो सरकारी नौकरी लग गई है या अब तो बिजनेस सेट हो गया है अब क्या करना। लेकिन टरमप की डिक्शनरी में सेट जैसा कोई शब्द नहीं है। या तो आप आगे बढ़ रहे हैं या आप पीछे जा रहे हैं। बीच में खड़े रहने का मतलब है कि आप दूसरों के लिए रास्ता साफ कर रहे हैं।

इसलिए अगर आप सच में अमीर बनना चाहते हैं और उस दौलत को सात पुश्तों तक ले जाना चाहते हैं तो अपनी रफतार को कभी कम मत होने दीजिए। हर सुबह इस डर के साथ उठिए कि अगर आज आपने कुछ नया नहीं किया तो आप कल के मुकाबले पीछे रह जाएंगे। अपनी एनर्जी को सही दिशा में लगाइए और जीत का सिलसिला जारी रखिए। जब तक आप मैदान में दौड़ रहे हैं तब तक आपको कोई हरा नहीं सकता।


तो दोस्तों, यह थे डोनलड टरमप के वो राज जिन्होंने उन्हें दुनिया के सबसे ताकतवर और अमीर इंसानों की लिस्ट में खड़ा कर दिया। अब फैसला आपके हाथ में है। क्या आप भी वही पुरानी लाइफ जीना चाहते हैं या अपनी तकदीर खुद लिखना चाहते हैं। अगर आपको इन तीन लेसन से कुछ नया सीखने को मिला है तो इसे आज ही अपनी लाइफ में लागू करें। कमेंट में बताएं कि आपको कौन सा लेसन सबसे ज्यादा पसंद आया और इस आर्टिकल को अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जिन्हें अपनी लाइफ में एक बड़े धक्के की जरूरत है। याद रखिए अमीर बनने का पहला कदम सोचना नहीं बल्कि कदम बढ़ाना है।

-----

आपकी छोटी सी Help हमें और ऐसे Game-Changing Summaries लाने में मदद करेगी। DY Books को Donate करके हमें Support करें🙏 - Donate Now




#HowToGetRich #DonaldTrump #WealthMindset #SuccessTips #DYBooks


_

Post a Comment

Previous Post Next Post