क्या आप अभी भी भारी भरकम एड्स पर पैसा फूंक रहे हैं और फिर भी आपके कस्टमर्स आपको घास नहीं डाल रहे। बधाई हो आप अपनी मेहनत की कमाई नाली में बहा रहे हैं क्योंकि लोग आपके बोरिंग बिजनेस के बारे में बात करना तो दूर उसे याद तक नहीं रखना चाहते। बिना वर्ड ऑफ माउथ के आपका ब्रांड एक गुमनाम पत्थर की तरह है जिसे कोई नोटिस नहीं करता।
एंडी सरनोविट्ज की बुक वर्ड ऑफ माउथ मार्केटिंग हमें सिखाती है कि कैसे लोग खुद आपकी मार्केटिंग करेंगे। चलिए इस किताब से वे 3 सीक्रेट लेसन समझते हैं जो आपके बिजनेस को चर्चा का विषय बना देंगे।
लेसन १ : द फाइव टीज (The 5 Ts) – मार्केटिंग का असली रिमोट कंट्रोल
अगर आपको लगता है कि मार्केटिंग का मतलब सिर्फ सोशल मीडिया पर महंगे पोस्टर चिपकाना है तो आप शायद अभी भी 90 के दशक में जी रहे हैं। एंडी सरनोविट्ज कहते हैं कि वर्ड ऑफ माउथ कोई जादू नहीं है जिसे आप बस होने का इंतज़ार करें। यह एक साइंस है जिसके 5 बड़े पिलर्स हैं जिन्हें वे 'फाइव टीज' कहते हैं। ये पिलर्स आपके हाथ में वह रिमोट कंट्रोल थमा देते हैं जिससे आप तय करते हैं कि दुनिया आपके बारे में क्या बोलेगी।
सबसे पहले आते हैं टॉकर्स (Talkers)। ये वो लोग हैं जो आपके बारे में बातें करेंगे। अब ये आपके पड़ोस वाले शर्मा जी भी हो सकते हैं जो बिना बात के राय देते हैं या फिर आपके वफादार कस्टमर्स। पॉइंट यह है कि आपको पहचानना होगा कि आपके ब्रांड का असली फैन कौन है। क्या आपने कभी गौर किया है कि कुछ लोग नए आईफोन के लिए किडनी बेचने को तैयार रहते हैं और फिर उसका ढिंढोरा भी पीटते हैं। वो एप्पल के अनपेड टॉकर्स हैं। आपको अपने टॉकर्स को स्पेशल फील कराना होगा। अगर आप उन्हें भूल गए तो वो आपको भूलने में दो मिनट भी नहीं लगाएंगे।
दूसरा है टॉपिक (Topic)। लोग आपके बारे में बात क्यों करेंगे। क्या आपके पास कोई ऐसी बात है जो उनके चाय के ब्रेक में मसाला डाल सके। अगर आपका प्रोडक्ट वही पुराना और बोरिंग है तो कोई भी अपना गला खराब नहीं करेगा। मान लीजिए आपने एक ढाबा खोला और वहां की दाल मखनी बस 'ठीक-ठाक' है तो कोई चर्चा नहीं होगी। लेकिन अगर आपने वहां 'दुनिया की सबसे तीखी मिर्ची वाली रोटी' रख दी तो लोग जलन के मारे ही सही पर शोर जरूर मचाएंगे। एक छोटा सा और मजेदार टॉपिक देना आपकी जिम्मेदारी है।
तीसरा है टूल्स (Tools)। लोग बात तो करना चाहते हैं पर हम इंडियंस थोड़े आलसी होते हैं। हमें सब कुछ पका-पकाया चाहिए। अगर आप चाहते हैं कि लोग आपकी तारीफ करें तो उन्हें प्लेटफॉर्म दें। एक आसान सा शेयर बटन या एक मजेदार रिवॉर्ड प्रोग्राम वह टूल है जो लोगों के मुंह से शब्द निकलवाता है। अगर आप अपने कस्टमर को एक ऐसा कूपन देते हैं जो वो अपने दोस्त को गिफ्ट कर सके तो आपने उसे बात करने का एक बहाना और टूल दोनों दे दिए।
चौथा है टेकिंग पार्ट (Taking Part)। इमेजिन कीजिये कि आपके बारे में लोग इंटरनेट पर बातें कर रहे हैं और आप एक कोने में चुपचाप बैठे हैं जैसे किसी शादी में बिना बुलाए आए मेहमान। यह सबसे बड़ी गलती है। अगर कोई आपकी तारीफ करे तो 'थैंक यू' बोलिए और अगर कोई गाली दे तो उससे बात करके मामला सुलझाइए। जब ब्रांड्स खुद बातचीत में शामिल होते हैं तो लोगों को लगता है कि सामने कोई रोबोट नहीं बल्कि एक जीता-जागता इंसान बैठा है।
आखिरी है ट्रैकिंग (Tracking)। यह चेक करना कि आखिर लोग बोल क्या रहे हैं। क्या वो आपकी तारीफ कर रहे हैं या आपको कोस रहे हैं। अगर आप ट्रैक नहीं कर रहे तो आप अंधेरे में तीर चला रहे हैं। आजकल तो फ्री टूल्स हैं जिनसे आप जान सकते हैं कि मार्केट की हवा किस तरफ है। बिना ट्रैकिंग के आप अपनी गलतियों से कभी नहीं सीख पाएंगे।
तो ये फाइव टीज आपके बिजनेस की वो नींव हैं जिसके बिना आपकी मार्केटिंग की बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह ढह जाएगी। लेकिन याद रखिये सिर्फ बातें करना काफी नहीं है। आपको कुछ ऐसा करना होगा जिसे लोग भूल ना सकें और यही हमें ले जाता है हमारे अगले लेसन की तरफ।
लेसन २ : बी मेमोरेबल (Be Memorable) – बोरिंग बनेंगे तो लोग आपको भूल जाएंगे
आज की दुनिया में अटेंशन स्पैन किसी सुनहरी मछली से भी कम हो गया है। अगर आप वही घिसी-पिटी सर्विस दे रहे हैं जो हर गली का नुक्कड़ वाला दे रहा है, तो लोग आपके बारे में बात क्यों करेंगे। एंडी सरनोविट्ज कहते हैं कि वर्ड ऑफ माउथ की सबसे बड़ी दुश्मन 'बोरियत' है। जब तक आप कुछ ऐसा नहीं करेंगे जो लोगों के दिमाग की घंटी बजा दे, तब तक आप उनके लिए बस एक और नाम बनकर रह जाएंगे। इंडिया में हम अक्सर 'सस्ता और टिकाऊ' के पीछे भागते हैं, लेकिन जो ब्रांड्स 'यादगार' होते हैं, वही मार्केट पर राज करते हैं।
मान लीजिये आप एक ऑनलाइन जूते की दुकान चलाते हैं। आपका कॉम्पिटिटर भी जूते बेच रहा है और आप भी। लेकिन जैसे ही कस्टमर का बॉक्स खुलता है, उसे जूतों के साथ एक छोटा सा हाथ से लिखा हुआ 'थैंक यू' नोट और जूतों को साफ़ करने वाला एक छोटा सा ब्रश फ्री मिलता है। यह एक बहुत ही मामूली सी चीज़ है, लेकिन यह उस कस्टमर के लिए एक 'वॉव मोमेंट' बन जाता है। अब वो इंसान जब भी अपने दोस्तों के साथ बैठेगा, वो जूतों की क्वालिटी से ज्यादा उस छोटे से ब्रश और नोट की बात करेगा। आपने उसे एक कहानी दे दी है।
लोग अक्सर बड़ी-बड़ी मार्केटिंग कैंपेन के पीछे लाखों रुपये बर्बाद कर देते हैं, जबकि असल जादू छोटी-छोटी चीज़ों में छुपा होता है। क्या आपने कभी किसी ऐसे रेस्टोरेंट के बारे में सुना है जो बिल के साथ सौंफ की जगह एक छोटी सी पहेली या कोई फनी जोक देता हो। लोग उस खाने का स्वाद शायद भूल जाएं, लेकिन वो जोक अपने व्हाट्सएप ग्रुप पर जरूर शेयर करेंगे। यही मेमोरेबल होने की ताकत है। आपको बस एक ऐसा 'टॉकिंग पॉइंट' बनाना है जो इतना आसान हो कि उसे बताना किसी के लिए बोझ ना लगे।
यहाँ एक और बात समझना जरूरी है। मेमोरेबल होने का मतलब यह नहीं है कि आप कुछ बहुत अजीब या स्टंट करने लगें। इसका मतलब सिर्फ इतना है कि आप अपने कस्टमर के एक्सपीरियंस में थोड़ा सा तड़का लगा दें। अगर आप एक सॉफ्टवेयर कंपनी चलाते हैं और आपका कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव किसी क्लाइंट की प्रॉब्लम सॉल्व करते समय उससे उसकी पसंद की क्रिकेट टीम के बारे में बात कर लेता है, तो वो एक पर्सनल कनेक्शन बन जाता है। वो क्लाइंट अगली बार चार और लोगों से कहेगा कि भाई इनकी सर्विस गजब है, ये लोग सुनते हैं।
बोरिंग होना सबसे बड़ा पाप है। अगर आप अपनी फील्ड के 'एवरेज' प्लेयर बने रहेंगे, तो आपकी मार्केटिंग कभी वायरल नहीं होगी। वायरल होने के लिए आपको एवरेज की बाउंड्री को तोड़कर बाहर निकलना होगा। कुछ ऐसा कीजिये जिससे लोगों को लगे कि उन्हें अपनी चुप्पी तोड़नी ही पड़ेगी। लेकिन याद रखिये, आप याद तो रखे जाने चाहिए, पर अच्छे कारणों के लिए। और यहीं पर काम आता है भरोसे का वो खेल, जिसे हम अगले लेसन में समझेंगे।
लेसन ३ : अर्न द ट्रस्ट (Earn the Trust) – ईमानदारी ही सबसे बड़ी मार्केटिंग है
अगर आप सोच रहे हैं कि सिर्फ चालाकी और मीठी बातों से आप लोगों को अपने बारे में बात करने पर मजबूर कर देंगे, तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं। एंडी सरनोविट्ज बड़ी साफ बात कहते हैं कि वर्ड ऑफ माउथ मार्केटिंग का असली पेट्रोल 'भरोसा' है। बिना सच्चाई के आपकी मार्केटिंग उस गुब्बारे की तरह है जिसमें हवा तो बहुत है, पर एक छोटा सा पिन उसे पल भर में फोड़ सकता है। इंडिया में हम अक्सर कहते हैं कि 'ज़ुबान की कीमत होती है', और बिजनेस की दुनिया में यह बात पत्थर की लकीर है।
इमेजिन कीजिये कि एक मोबाइल कंपनी दावा करती है कि उनका फोन पानी में भी खराब नहीं होगा। अब राहुल नाम का एक लड़का जोश में आकर फोन को बाल्टी में डाल देता है और फोन तुरंत दम तोड़ देता है। अब राहुल चुप नहीं बैठेगा। वो इंटरनेट पर, मोहल्ले में और ऑफिस के लंच ब्रेक में उस कंपनी की ऐसी धज्जियां उड़ाएगा कि कंपनी के पसीने छूट जाएंगे। नेगेटिव वर्ड ऑफ माउथ, पॉजिटिव से दस गुना ज्यादा तेज़ी से फैलता है। इसलिए, कभी भी ऐसा वादा मत कीजिये जिसे आप निभा न सकें। ईमानदारी थोड़ी महंगी पड़ सकती है, लेकिन इसका मुनाफा लाइफटाइम मिलता है।
भरोसा जीतने का एक और तरीका है अपनी गलतियों को मान लेना। मान लीजिये आपने किसी कस्टमर को गलत सामान भेज दिया। अब आपके पास दो रास्ते हैं। पहला, आप उसे कस्टमर केयर के चक्कर कटवाएं और उसे पागल बना दें। दूसरा, आप खुद उसे फोन करें, गलती मानें और बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के उसे सही सामान के साथ एक छोटा सा 'सॉरी' गिफ्ट भेजें। आपको क्या लगता है, वो कस्टमर क्या करेगा। वो पूरी दुनिया को बताएगा कि यह कंपनी कितनी ईमानदार है। उसने आपकी गलती के बारे में नहीं, बल्कि आपकी शराफत के बारे में बात करनी शुरू कर दी है।
मार्केटिंग का मतलब लोगों को उल्लू बनाना नहीं है, बल्कि उनकी लाइफ में वैल्यू ऐड करना है। जब आप अपने फायदे से ज्यादा अपने कस्टमर के फायदे के बारे में सोचते हैं, तो आप उनका दिल जीत लेते हैं। और जिसका दिल आपने जीत लिया, उसका दिमाग और उसकी ज़ुबान आपके लिए फ्री में काम करना शुरू कर देती है। बिना किसी लालच के जब लोग आपकी तारीफ करते हैं, तो वो एडवरटाइजिंग की दुनिया का सबसे बड़ा अवार्ड होता है।
तो दोस्तों, अगर आप चाहते हैं कि आपका बिजनेस भी चर्चा का विषय बने, तो इन तीन लेसन्स को अपनी लाइफ में उतार लीजिये। फाइव टीज को समझिये, थोड़े मेमोरेबल बनिये और सबसे जरूरी, लोगों का भरोसा कमाइए। याद रखिये, एड्स पर पैसा खर्च करके आप सिर्फ अटेंशन खरीद सकते हैं, लेकिन प्यार और वफादारी सिर्फ और सिर्फ अच्छी सर्विस और ईमानदारी से ही मिलती है। अब उठिये और आज ही कुछ ऐसा कीजिये कि लोग आपके बारे में बात करना शुरू कर दें।
तो आपके बिजनेस का वो कौन सा एक 'मेमोरेबल' पॉइंट है जिसके बारे में लोग बात कर सकते हैं। नीचे कमेंट्स में जरूर बताएं और इस आर्टिकल को अपने उस दोस्त के साथ शेयर करें जो अभी भी पुराने तरीके से बिजनेस चलाने की कोशिश कर रहा है। चलिए मिलकर एक ऐसी कम्युनिटी बनाते हैं जहाँ काम बोलता है, विज्ञापन नहीं।
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