क्या आप अभी भी वही घिसे पिटे सोशल मीडिया रील्स देखकर खुद को लीडर समझ रहे हैं। सच तो यह है कि बिना बुक्स पढे आपका करियर उस ठहरे हुए पानी जैसा है जिसमें सिर्फ मच्छर पनपते हैं। सक्सेस की रेस में आप पीछे नहीं बल्कि गायब हो चुके हैं।
लेकिन फिक्र मत कीजिए। आज हम रीड टू लीड बुक से वह 3 सीक्रेट लेसन सीखेंगे जो आपकी सोच और करियर की पूरी कायापलट कर देंगे। चलिए जानते हैं कि कैसे एक छोटी सी हैबिट आपको भीड़ से अलग खड़ा कर सकती है।
लेसन १ : रीडिंग केवल शौक नहीं लीडरशिप की चाबी है
अगर आपको लगता है कि बुक्स पढना सिर्फ उन लोगो का काम है जिनके पास बहुत खाली समय है तो बधाई हो। आप अपनी ग्रोथ की अर्थी खुद सजा रहे हैं। असल में लीडरशिप कोई ऐसी चीज नहीं है जो आपको ऑफिस की कुर्सी के साथ मुफत में मिल जाए। यह एक मसल है जिसे आपको रोज ट्रेन करना पडता है। और इस मसल की जिम है लाइब्रेरी।
सोचिए आपके ऑफिस में एक मीटिंग चल रही है। बॉस ने एक नई टेक्नोलॉजी का नाम लिया और आप वहां ऐसे ब्लैंक खड़े हैं जैसे किसी ने अचानक आपसे रॉकेट साइंस का फार्मूला पूछ लिया हो। वही आपका एक कलीग बड़े टशन के साथ उस टॉपिक पर ज्ञान दे रहा है क्योंकि उसने पिछले हफ्ते ही उस पर एक बुक खत्म की है। अब आप खुद सोचिए कि प्रमोशन की लाइन में सबसे आगे कौन खड़ा होगा। वह जो बुक्स के पन्ने पलट रहा है या वह जो ऑफिस के कैंटीन में समोसे के साथ गप्पे लड़ा रहा है।
लोग अक्सर बहाना बनाते हैं कि भाई टाइम ही नहीं मिलता। सच तो यह है कि टाइम सबके पास बराबर है बस आपकी प्रायोरिटी गलत है। आप इंस्टाग्राम पर अनजान लोगो की शादियों की फोटो देखने के लिए 2 घंटे निकाल सकते हैं पर अपनी बुद्धि बढाने के लिए 20 मिनट नहीं। यह वैसा ही है जैसे आप बिना धार वाली कुल्हाड़ी से जंगल काटने निकल पड़े हों। मेहनत तो आप पूरी कर रहे हैं पर रिजल्ट जीरो आने वाला है।
रीडिंग आपको वह विजन देती है जो बाकियों के पास नहीं होता। जब आप एक बुक पढते हैं तो आप किसी और के सालो के तजुर्बे को कुछ घंटो में अपना बना लेते हैं। यह एक तरह की चीटिंग है जो पूरी तरह लीगल है। एक लीडर हमेशा बाकियों से दो कदम आगे सोचता है और वह यह इसलिए कर पाता है क्योंकि उसके पास नॉलेज का वह भंडार है जो सिर्फ स्क्रीन देखने से नहीं मिलता।
अगर आप आज से पढना शुरू नहीं करते हैं तो आप कल भी वही रहेंगे जहां आज हैं। बस आपकी उम्र बढ़ जाएगी और आपकी मार्केट वैल्यू कम हो जाएगी। तो फैसला आपका है कि आपको खुद को अपडेट करना है या आउटडेटेड होकर कबाड़ में बिकना है।
लेसन २ : केवल पन्ने पलटना रीडिंग नहीं है स्मार्ट स्ट्रेटेजी अपनाएं
कुछ लोग बड़े गर्व से कहते हैं कि भाई मैंने इस महीने 5 बुक्स खत्म कर दीं। लेकिन जब उनसे पूछो कि भाई उन बुक्स से सीखा क्या तो वह ऐसे चुप हो जाते हैं जैसे किसी ने उनसे उनका एटीएम पिन मांग लिया हो। ऐसी रीडिंग का क्या फायदा जो आपके दिमाग के ऊपर से बाउंसर की तरह निकल जाए। यह तो वही बात हुई कि आप जिम तो रोज जा रहे हैं लेकिन वहां सिर्फ एक्सरसाइज करने वालो को देख कर वापस आ जाते हैं। क्या इससे आपकी बॉडी बनेगी। बिल्कुल नहीं।
स्मार्ट रीडिंग का मतलब यह नहीं है कि आप बुक्स को डकार जाएं बल्कि इसका मतलब है कि आप उन आइडियाज को हजम करें। बुक को एक पवित्र चीज की तरह सजा कर मत रखिए जिसे हाथ लगाने से भी डर लगे। बुक के साथ कुश्ती लड़िए। उसके पन्नो पर नोट्स लिखिए इम्पोर्टेंट लाइन्स को मार्क कीजिए और अगर कोई बात पसंद न आए तो वहां अपनी असहमति भी दर्ज कीजिए। यह आपकी पर्सनल डायरी होनी चाहिए न कि किसी शोरूम का सजावटी सामान।
असली गेम तब शुरू होता है जब आप बुक बंद करते हैं। अगर आपने कोई मार्केटिंग की बुक पढी है और अगले दिन उसे अपने काम में इस्तेमाल नहीं किया तो आपने अपना कीमती समय बर्बाद किया है। लोग अक्सर नॉलेज इकट्ठा करने के लालच में इतने अंधे हो जाते हैं कि वह उसे एक्शन में बदलना भूल जाते हैं। यह वैसा ही है जैसे आप रेसिपी की हजार बुक्स पढ़ लें लेकिन किचन में जाकर चाय का एक कप भी न बना पाएं। ऐसे शेफ को दुनिया क्या कहेगी। आप खुद समझदार हैं।
रीडिंग को एक एक्टिव प्रोसेस बनाइए। जब आप कुछ पढ़ते हैं तो खुद से पूछिए कि यह बात मेरी लाइफ में कहां फिट बैठती है। क्या मैं अपनी टीम के साथ बातचीत करते समय इस नए तरीके का इस्तेमाल कर सकता हूं। क्या मेरी सुबह की रूटीन को इस बुक के हिसाब से बदला जा सकता है। अगर जवाब हां है तो उसे तुरंत आजमाइये। याद रखिए कि अधूरी जानकारी से ज्यादा खतरनाक अधूरी एप्लीकेशन होती है।
अगर आप एक महीने में एक ही बुक पढ़ते हैं लेकिन उसकी एक बात को अपनी लाइफ में उतार लेते हैं तो आप उन लोगो से कोसो आगे हैं जो महीने की 10 बुक्स पढ़ कर भी वही पुरानी गलतियां दोहरा रहे हैं। नॉलेज पावर नहीं है नॉलेज का सही इस्तेमाल पावर है। तो अगली बार जब आप कोई बुक उठाएं तो उसे पढ़ने के लिए नहीं बल्कि खुद को बदलने के लिए पढ़ें। वरना आपकी अलमारी तो भर जाएगी पर आपकी जेब और दिमाग दोनों खाली ही रहेंगे।
लेसन ३ : कंसिस्टेंसी ही असली सुपरपावर है
ज्यादातर लोग जोश में आकर संडे के दिन 4 घंटे बुक पढ़ते हैं और फिर अगले 4 हफ्ते तक उस बुक को हाथ भी नहीं लगाते। यह तो वही बात हुई कि आप एक ही दिन में 10 किलो बादाम खा लें और सोचें कि अगले दिन आपकी याददाश्त आइंस्टीन जैसी हो जाएगी। भाई साहब ऐसे दिमाग तेज नहीं होता बल्कि पेट खराब होता है। रीडिंग कोई ऐसा काम नहीं है जो आप फुर्सत मिलने पर करें बल्कि यह ब्रश करने जैसी एक हैबिट होनी चाहिए।
सोचिए अगर आप रोज सिर्फ 10 पन्ने भी पढ़ते हैं तो साल के आखिर तक आप लगभग 12 से 15 बुक्स खत्म कर लेंगे। जहां आपके दोस्त नेटफ्लिक्स पर सीरीज के सीजन खत्म करने में बिजी होंगे वहां आप अपनी नॉलेज के नए सीजन लॉन्च कर रहे होंगे। यह जो छोटा सा गैप है न यही आगे चलकर आपकी और उनकी सैलरी के बीच का एक बड़ा पहाड़ बन जाएगा। लोग कहेंगे कि आपकी किस्मत चमक गई पर सच तो यह है कि आपने अपनी किस्मत को उन खामोश पन्नो के बीच खुद तराशा है।
अक्सर लोग कहते हैं कि पढ़ने में मन नहीं लगता। अरे भाई मन तो ऑफिस जाने में भी नहीं लगता पर ईएमआई का डर आपको वहां समय पर पहुंचा देता है। अपनी ग्रोथ को भी एक ईएमआई की तरह समझिये जो आपको अपने फ्यूचर सेल्फ को चुकानी है। अगर आज आपने अपने दिमाग में इन्वेस्ट नहीं किया तो कल आपको इसका भारी हर्जाना बेरोजगारी या एक बोरिंग जॉब के रूप में भरना पड़ेगा।
सक्सेसफुल लोगो में और आपमें बस एक ही फर्क है। वह जानते हैं कि बोरियत को कैसे हराना है। जब बुक बोरिंग लगने लगे तब भी उसे न छोड़ना ही एक लीडर की निशानी है। आप अपनी लाइफ के डायरेक्टर खुद हैं। क्या आप चाहते हैं कि आपकी मूवी का हीरो एक ऐसा इंसान हो जो दो पेज पढ़ते ही सो जाता है। बिल्कुल नहीं। आप तो उसे एक पावरफुल विजनरी के रूप में देखना चाहते हैं। तो उस विजनरी की तरह एक्ट करना आज से ही शुरू कीजिए।
तो दोस्तों, क्या आप तैयार हैं अपनी लाइफ की कमांड अपने हाथ में लेने के लिए। आज ही उस बुक को उठाइये जो आपकी अलमारी में धूल फांक रही है। कमेंट में मुझे बताइए कि वह कौन सी एक बुक है जिसे आप अगले 7 दिनों में खत्म करने वाले हैं। याद रखिये कि एक पढ़ा लिखा लीडर ही दुनिया को बदल सकता है और वह लीडर आप भी हो सकते हैं। आज से ही अपनी लीडरशिप की जर्नी शुरू करें क्योंकि जो पढ़ता है वही बढ़ता है।
-----
आपकी छोटी सी Help हमें और ऐसे Game-Changing Summaries लाने में मदद करेगी। DY Books को Donate करके हमें Support करें🙏 - Donate Now
#LeadershipDevelopment #CareerGrowth #BookSummary #ReadToLead #SelfImprovement
_