कंपनी रातों-रात कंगाल हो रही है। ऑफिस के कमरे में सन्नाटा है। आपकी सबसे बेहतरीन टीम बिना कुछ कहे नौकरी छोड़कर जा रही है। हर महीने लाखों का नुकसान हो रहा है।
यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं है। यह उन सभी मैनेजर्स और लीडर्स की कड़वी सच्चाई है जो काम करवाने का सही तरीका नहीं जानते।
अगर आप भी हर दिन काम के बोझ तले दब रहे हैं और आपकी टीम आपकी एक बात सुनने को तैयार नहीं है तो आप बहुत बड़ी गड़बड़ कर रहे हैं। आप अपने करियर और अपने बिजनेस को हर दिन गर्त में धकेल रहे हैं। इस बात को नजरअंदाज करना आपको भविष्य में बहुत भारी पड़ने वाला है।
लेकिन इस तबाही को रोका जा सकता है। स्पेंसर जॉनसन और केन ब्लैंचर्ड की लिखी मशहूर किताब द वन मिनट मैनेजर इसी गंभीर समस्या का सबसे अचूक इलाज प्रस्तुत करती है।
इस आर्टिकल में आप जानेंगे कि कैसे केवल एक-एक मिनट के तीन छोटे बदलाव आपके काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल सकते हैं।
अब समय आ गया है कि हम इस पूरी व्यवस्था के पीछे के मुख्य रहस्य को समझें।
लेसन १ : वन मिनट गोल्स
सोचिए आप ऑफिस में बैठे हैं। आपकी मेज पर फाइलों का पहाड़ लगा है। आपकी टीम का एक सदस्य आता है। वह आपसे पूछता है कि आज क्या काम करना है। आप उसे आधे घंटे का लंबा लेक्चर देते हैं। वह सिर हिलाता है और चला जाता है। शाम को पता चलता है कि उसने पूरा काम गलत कर दिया। आपका दिमाग खराब होता है। आपका समय बर्बाद होता है। कंपनी का पैसा पानी में बह जाता है।
हम सब अक्सर यही सबसे बड़ी गलती करते हैं। हम लोगों से उम्मीद तो बहुत बड़ी-बड़ी रखते हैं। लेकिन उन्हें यह कभी साफ-साफ नहीं बताते कि आखिर करना क्या है। हम लंबे-लंबे ईमेल लिखते हैं। तीन घंटे की मीटिंग बुलाते हैं। उसमें चाय-समोसे उड़ते हैं। लेकिन काम की बात शून्य होती है।
यहाँ काम आता है पहला सीक्रेट - वन मिनट गोल्स।
यह तकनीक कहती है कि किसी भी लक्ष्य को इतना छोटा और स्पष्ट बना दो कि उसे केवल एक मिनट में पढ़ा जा सके। यानी केवल दो सौ या ढाई सौ शब्द।
जब आप अपनी टीम के साथ बैठते हैं तो केवल इतना तय कीजिए कि कौन क्या करेगा और सही काम का क्या मतलब है। हर इंसान के पास अपने लक्ष्य की एक पन्ने की पर्ची होनी चाहिए।
अब जरा सोचिए। जब लक्ष्य इतना छोटा और साफ होगा तो कोई बहाना नहीं चलेगा। कोई यह नहीं कह पाएगा कि मुझे समझ नहीं आया था। इंसान अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कितना भटकता है। सुबह उठकर मोबाइल पर केवल सोशल मीडिया के नोटिफिकेशन देखना या Amazon.in से नए लैपटॉप स्टैंड और Boat Smartwatch का ऑफर चेक करना। इसमें हम घंटों निकाल देते हैं। लेकिन अपने असली काम का गोल सेट करने के लिए हमारे पास एक मिनट नहीं होता।
यह तरीका आपके जीवन को बहुत आसान बना देता है। जब आपके लक्ष्य आपकी आँखों के सामने होते हैं तो आप रोज सुबह ऑफिस आकर केवल एक मिनट में उन्हें देखकर ट्रैक पर लौट सकते हैं।
अब जरा सोचिए। जब लक्ष्य तय हो गए और आपकी टीम ने काम करना शुरू कर दिया, तो इसके बाद क्या होता है? क्या आप सीधे महीने के अंत में काम चेक करेंगे और चिल्लाएंगे? बिल्कुल नहीं। यही से असली खेल शुरू होता है जहाँ लोग अक्सर दूसरी बड़ी गलती कर बैठते हैं।
लेसन २ : वन मिनट प्रेजिंग्स
जब आपकी टीम काम करना शुरू करती है तो अधिकांश बॉस क्या करते हैं? वे चील की तरह नजर गड़ाकर बैठ जाते हैं। वे केवल इस इंतजार में रहते हैं कि कब कोई छोटी सी गलती हो और वे तुरंत चीखना शुरू कर दें। यह तरीका इंसान का हौसला पूरी तरह तोड़ देता है।
लोग महीनों तक ईमानदारी से मेहनत करते हैं। लेकिन कोई उनकी तारीफ नहीं करता। फिर एक दिन उनसे एक छोटी सी चूक हो जाती है। तुरंत बॉस का बुलावा आता है और पूरे ऑफिस के सामने बेइज्जती कर दी जाती है।
इसी पुरानी और घटिया सोच को खत्म करता है दूसरा सीक्रेट - वन मिनट प्रेजिंग्स।
यह तकनीक आपको सिखाती है कि लोगों को कोई गलत काम करते हुए पकड़ने के बजाय उन्हें कोई सही काम करते हुए पकड़ें।
जैसे ही आपकी टीम का कोई सदस्य कुछ अच्छा काम करे, तुरंत उसके पास जाएं। केवल एक मिनट निकालें। उसे साफ-साफ बताएं कि उसने क्या सही किया है। उसे बताएं कि उसके इस छोटे से काम से आपको और पूरी कंपनी को कितनी खुशी मिली है।
अब यहाँ एक बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। तारीफ बिल्कुल असली होनी चाहिए। हवा-हवाई बातें यहाँ काम नहीं करेंगी। अगर आप झूठ-मूठ की तारीफ करेंगे तो लोग तुरंत समझ जाएंगे।
सोचिए जब आप नया Noise Wireless Earbuds खरीदते हैं या अपनी टेबल के लिए नया Pigeon Coffee Mug लाते हैं, तो आप कितना खुश होकर सबको दिखाते हैं। बस वही खुशी आपको अपनी टीम की छोटी-छोटी सफलताओं पर भी दिखानी है।
तारीफ करने में कंजूसी करना सबसे बड़ी बेवकूफी है। जब आप तुरंत तारीफ करते हैं तो सामने वाले इंसान को महसूस होता है कि उसके काम की कद्र हो रही है। उसका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुँच जाता है।
लेकिन जीवन इतना आसान भी नहीं होता। हर बार सब कुछ सही नहीं चलेगा। लोग गलतियां भी करेंगे और सही रास्ते से भटकेंगे भी। तब आप क्या करेंगे? क्या तारीफ करते रहेंगे या सब कुछ भूलकर सीधे नौकरी से निकाल देंगे? इस मुश्किल मोड़ से बाहर निकलने का रास्ता हमें अगले कदम में मिलता है।
लेसन ३ : वन मिनट री-डायरेक्शंस
जब कोई इंसान गलती करता है तो आम तौर पर दो चीजें होती हैं। या तो बॉस उसे जोर-जोर से डांटकर उसका अपमान करता है। या फिर सब कुछ छुपाकर शांति से बैठा रहता है और अंत में सीधे कंपनी से बाहर कर देता है। ये दोनों ही तरीके पूरी तरह गलत और बेवकूफी भरे हैं।
गड़बड़ी होने पर सही रास्ता दिखाता है तीसरा सीक्रेट - वन मिनट री-डायरेक्शंस।
इसका मतलब बहुत सीधा है। जैसे ही किसी से कोई गलती हो, बिना देर किए तुरंत उससे बात करें। लेकिन याद रहे, बात केवल एक मिनट में खत्म होनी चाहिए।
शुरुआत के तीस सेकेंड में उस इंसान को स्पष्ट रूप से बताएं कि उसने क्या गलती की है। उसे समझाएं कि इस गलती से आपका और टीम का कितना नुकसान हुआ है। इसके बाद कुछ सेकेंड के लिए रुकें। उस सन्नाटे को रहने दें ताकि उसे अपनी गलती की गंभीरता महसूस हो सके।
अब आते हैं सबसे महत्वपूर्ण बाकी के तीस सेकेंड पर। यहाँ आपको उस इंसान को याद दिलाना है कि वह कितना काबिल है। उसे बताएं कि आपको उस पर भरोसा है, लेकिन उसकी यह गलती कतई स्वीकार नहीं है।
इसे ऐसे समझिए। जैसे आप गाड़ी में Ambi Pur Car Air Freshener लगाते हैं ताकि बदबू दूर हो और सफर शानदार बने। उसी तरह यह फीडबैक भी काम का माहौल बनाए रखने के लिए है, किसी को नीचा दिखाने के लिए नहीं। लोग अपने काम को बेहतर बनाने के लिए घर पर Milton Executive Lunch Box लेकर समय पर निकलते हैं ताकि उनका पूरा दिन सही चले। तो जब काम में कोई कमी आए तो सही समय पर सही सलाह ही असली समाधान बनती है।
गलती की सजा देना आसान है। लेकिन इंसान को सही राह दिखाना ही असली लीडरशिप है। जब आप गलती के साथ-साथ इंसान की काबिलियत को भी सम्मान देते हैं, तो वह इंसान दुखी होने के बजाय दोगुनी मेहनत से काम करने में जुट जाता है।
जब आप इन तीनों तकनीकों को अपने जीवन और काम में लागू करना शुरू करेंगे, तो चमत्कार होना तय है।
अगर आप अपने काम करने के तरीके को बदलना चाहते हैं और एक सफल लीडर बनना चाहते हैं तो इन तीन आसान नियमों को आज ही से अपने जीवन में लागू करें।
अगर आपको इस आर्टिकल से कुछ नया सीखने को मिला है तो इसे अपने दोस्तों और ऑफिस के साथियों के साथ जरूर शेयर करें। कमेंट सेक्शन में हमें बताएं कि इन तीनों में से कौन सा लेसन आपको सबसे ज्यादा पसंद आया। ऐसे ही और भी शानदार बुक्स की समरी पढ़ने के लिए हमारे ब्लॉग को तुरंत सब्सक्राइब करें।
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