क्या आप भी उन महान बिजनेस ओनर्स में से हैं जो नए ग्राहकों के पीछे ऐसे भागते हैं जैसे मोहल्ले का कुत्ता गाड़ी के पीछे। पुराने कस्टमर्स को तो आप ऐसे भूल जाते हैं जैसे ब्रेकअप के बाद एक्स का नंबर। मुबारक हो आप अपना पैसा और बिजनेस दोनों खुद ही बर्बाद कर रहे हैं।
आज हम जोसेफ जाफे की किताब फ्लिप द फनेल के उन सीक्रेट्स को समझेंगे जो आपके बिजनेस की पूरी गेम ही पलट देंगे। अगर आप मार्केटिंग बजट बचाकर ग्रोथ बढ़ाना चाहते हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए गोल्ड माइन है।
लेसन १ : नए ग्राहक के पीछे भागना बंद करो और पुराने को गले लगाओ
मार्केटिंग की दुनिया में हम सबको एक ही बीमारी है और वह है नए ग्राहकों का नशा। हम पागलों की तरह फेसबुक और गूगल पर पैसे फेंकते हैं ताकि कोई अनजान व्यक्ति हमारी दुकान या वेबसाइट पर कदम रखे। लेकिन जो इंसान पहले से आपकी जेब में पैसे डाल चुका है उसे हम ऐसे इग्नोर करते हैं जैसे शादी के बाद कोई अपनी पुरानी फोटोज़ को करता है। जोसेफ जाफे कहते हैं कि नए कस्टमर को ढूंढने का खर्च पुराने कस्टमर को रोक कर रखने के खर्च से दस गुना ज्यादा होता है। अब आप खुद सोचिए कि आप समझदार बिजनेसमैन हैं या बस पैसे जलाने वाले इंजीनियर।
मान लीजिए आपका एक रेस्टोरेंट है। एक नया लड़का पहली बार आपके यहाँ पास्ता खाने आता है। आप उसे इम्प्रेस करने के लिए पूरी जान लगा देते हैं। फ्री ड्रिंक देते हैं और वेटर को उसके पीछे लगा देते हैं। लेकिन वहीँ बगल वाली टेबल पर आपका वह रेगुलर कस्टमर बैठा है जो पिछले तीन साल से हर संडे आपके यहाँ आता है। उसे पानी पूछने वाला भी कोई नहीं है क्योंकि आपको लगता है कि यह तो अपना ही बंदा है यह कहाँ जाएगा। यहीं पर आप सबसे बड़ी गलती कर रहे हैं। जिस दिन वह पुराना कस्टमर आपके पड़ोस वाले रेस्टोरेंट में चला गया उस दिन आपकी फनेल का छेद इतना बड़ा हो जाएगा कि आप उसे नए ग्राहकों से कभी नहीं भर पाएंगे।
हकीकत तो यह है कि मार्केटिंग की फनेल ऊपर से बहुत चौड़ी होती है लेकिन नीचे जाते जाते पतली हो जाती है। हम ऊपर से बहुत सारे लोग अंदर डालते हैं और नीचे से वे एक एक करके निकलते जाते हैं। फ्लिप द फनेल का सीधा मतलब है कि इस फनेल को उल्टा कर दो। जो लोग फनेल के सबसे संकरे हिस्से यानी नीचे की तरफ हैं वे आपके सबसे कीमती लोग हैं। उन्हें इतनी इज्जत और प्यार दो कि वे आपके बिजनेस की जड़ बन जाएं। अगर आप अपने मौजूदा ग्राहकों को खुश नहीं रख सकते तो नए ग्राहकों को लाना सिर्फ वक्त की बर्बादी है।
असली ग्रोथ का राज विज्ञापन में नहीं बल्कि आपके कस्टमर डेटाबेस में छुपा है। जब आप अपने पुराने ग्राहकों पर ध्यान देते हैं तो वे सिर्फ ग्राहक नहीं रहते बल्कि आपके दोस्त बन जाते हैं। वे आपके बारे में दूसरों को बताते हैं। और यकीन मानिए जब कोई दोस्त किसी चीज की तारीफ करता है तो वह किसी भी करोड़ों के विज्ञापन से ज्यादा पावरफुल होती है। इसलिए आज से ही अपनी मार्केटिंग स्ट्रेटेजी बदलिए। नए की तलाश में पुराने को खोना बंद कीजिए। अगर आपका पुराना ग्राहक खुश है तो वह अपने साथ पांच नए लोग खुद लेकर आएगा। क्या आपको लगता है कि आप अपने पुराने ग्राहकों को वह इज्जत दे रहे हैं जिसके वे हकदार हैं।
लेसन २ : फनेल को उल्टा करो और जादू देखो
पुराने जमाने की मार्केटिंग का एक ही मंत्र था कि शोर मचाओ और भीड़ इकट्ठा करो। इसे हम सेल्स फनेल कहते थे जहाँ ऊपर से हजार लोग आते थे और नीचे से मुश्किल से दो लोग निकलते थे। बाकी के नौ सौ अट्ठानवे लोग कहाँ गए। वे आपके बैड एक्सपीरियंस की वजह से नफरत लेकर बाहर निकल गए। जोसेफ जाफे कहते हैं कि अब समय आ गया है कि इस फनेल को सर के बल खड़ा कर दिया जाए। जब आप फनेल को पलट देते हैं तो सबसे ऊपर वे लोग आते हैं जो आपके ब्रांड पर भरोसा करते हैं। अब आपकी जिम्मेदारी उन्हें और ज्यादा खुश करने की है ताकि वे खुद एक लाउडस्पीकर बन जाएं।
सोचिए आपने एक महंगा स्मार्टफोन खरीदा। डब्बा खोलते ही आपको पता चलता है कि चार्जर खराब है। आप कस्टमर केयर को फोन करते हैं और वे आपको चालीस मिनट तक होल्ड पर रखते हैं। अंत में एक रोबोटिक आवाज कहती है कि सर आप हमारे सर्विस सेंटर जाइए। अब उस समय आपका मन करता है कि फोन को दीवार पर मार दें और उस कंपनी के मालिक को ट्विटर पर जाकर चार गालियां दें। कंपनी ने आपको फोन बेचने के लिए करोड़ों के विज्ञापन किए लेकिन आपको खुश रखने के लिए दस रुपए का चार्जर बदलने में उनकी जान निकल रही है। यह है फटी हुई फनेल वाली मार्केटिंग जहाँ से कस्टमर भाग रहे हैं।
अब जरा इसकी दूसरी तरफ देखिए। अगर वही कंपनी आपको फोन के साथ एक छोटा सा थैंक यू नोट भेजती और चार्जर खराब होने पर खुद आपके घर आकर नया चार्जर दे जाती तो। आप इतने इम्प्रेस हो जाते कि आप ऑफिस में हर किसी को उस ब्रांड की तारीफ सुनाते। यहाँ कंपनी ने मार्केटिंग पर एक रुपया खर्च नहीं किया लेकिन आपने उनके लिए फ्री में दस नए कस्टमर तैयार कर दिए। इसे ही कहते हैं वर्ड ऑफ माउथ की ताकत। जब आप फनेल फ्लिप करते हैं तो आपकी प्रायोरिटी विज्ञापन से हटकर कस्टमर सर्विस पर आ जाती है।
आजकल की दुनिया में हर इंसान के पास सोशल मीडिया की ताकत है। एक नाराज कस्टमर आपके ब्रांड की धज्जियां उड़ा सकता है और एक खुश कस्टमर आपको रातों रात स्टार बना सकता है। हम अक्सर भूल जाते हैं कि कस्टमर कोई डेटा या नंबर नहीं है बल्कि एक जीता जागता इंसान है। उसे अटेंशन चाहिए और उसे यह महसूस होना चाहिए कि वह स्पेशल है। जब आप उसे सेल्स के बाद भी वैसी ही सर्विस देते हैं जैसी सेल्स से पहले प्रॉमिस की थी तो आप एक लॉयल कम्युनिटी बना लेते हैं। यह कम्युनिटी आपके बिजनेस के लिए उस सुरक्षा कवच की तरह है जिसे कोई भी कॉम्पिटिटर तोड़ नहीं सकता। तो क्या आप अभी भी सिर्फ नए नंबरों के पीछे भागेंगे या अपने मौजूदा बेस को एक आर्मी में बदलेंगे।
लेसन ३ : एक्नॉलेजमेंट और रिस्पेक्ट ही असली मार्केटिंग है
क्या आपने कभी गौर किया है कि जब आप किसी दुकान पर बार-बार जाते हैं और दुकानदार आपको आपके नाम से बुलाता है, तो आपको कैसा महसूस होता है। अचानक से आप वहां के वीआईपी बन जाते हैं। जोसेफ जाफे कहते हैं कि इंसान को डिस्काउंट से ज्यादा इज्जत की भूख होती है। मार्केटिंग की भाषा में इसे एक्नॉलेजमेंट कहते हैं। इसका मतलब है कि आप अपने कस्टमर को यह एहसास कराएं कि आपने उन्हें देखा है, सुना है और आप उनकी कद्र करते हैं। अगर आप अपने ग्राहकों को सिर्फ एक ट्रांजैक्शन आईडी समझते हैं, तो वे भी आपको सिर्फ एक वेंडर समझेंगे। जिस दिन उन्हें आपसे सस्ता ऑप्शन मिला, वे आपको छोड़कर चले जाएंगे।
मान लीजिए आप हर सुबह एक ही टपरी पर चाय पीने जाते हैं। एक दिन चाय वाला आपसे कहता है कि भाई साहब, आज आपकी फेवरेट अदरक वाली चाय कम चीनी के साथ तैयार है। बस, उस एक लाइन ने आपको उस दुकान का परमानेंट गुलाम बना दिया। अब चाहे बगल में स्टारबक्स ही क्यों न खुल जाए, आप उस चाय वाले को धोखा नहीं देंगे। यहाँ चाय वाले ने कोई इंस्टाग्राम एड नहीं चलाया, उसने बस आपको 'पहचाना'। बिजनेस में यह पहचान ही सबसे बड़ा एसेट है। जब आप अपने पुराने ग्राहकों को स्पेशल फील कराते हैं, तो वे आपके सेल्समैन बन जाते हैं।
आजकल की कंपनियां क्या करती हैं। वे नए ग्राहकों को ५० परसेंट डिस्काउंट देती हैं और जो बेचारा पुराना ग्राहक है, उसे पूरी कीमत चुकानी पड़ती है। यह तो वैसा ही हुआ कि आप अपनी पुरानी गर्लफ्रेंड को इग्नोर कर रहे हैं और नई को फाइव स्टार में डिनर करा रहे हैं। पुराने कस्टमर को लगता है कि वफादारी का इनाम तो कुछ मिला नहीं, उल्टा मुझे ज्यादा पैसे देने पड़ रहे हैं। फ्लिप द फनेल का मंत्र है कि अपने लॉयल ग्राहकों को रिवॉर्ड दो। उन्हें एक्सक्लूसिव एक्सेस दो, उन्हें थैंक यू बोलो, उन्हें बर्थडे पर विश करो। यह छोटी-छोटी चीजें आपके ब्रांड की एक ऐसी इमेज बनाती हैं जिसे कोई भी बड़ा मार्केटिंग बजट नहीं खरीद सकता।
मार्केटिंग का मतलब सिर्फ चिल्लाना नहीं है, बल्कि एक रिश्ता बनाना है। जब आप अपने ग्राहकों का सम्मान करते हैं, तो वे आपकी ढाल बन जाते हैं। वे सोशल मीडिया पर आपके बारे में अच्छा लिखते हैं और मुश्किल वक्त में आपके साथ खड़े रहते हैं। जोसेफ जाफे की यह किताब हमें यही सिखाती है कि बिजनेस सिर्फ सामान बेचने का नाम नहीं है, बल्कि लोगों का दिल जीतने का नाम है। तो क्या आप तैयार हैं अपने ग्राहकों को सिर्फ एक नंबर समझने के बजाय उन्हें अपना पार्टनर बनाने के लिए।
अगर आप भी वही घिसी-पिटी मार्केटिंग कर रहे हैं जहाँ हर साल बजट बढ़ता है लेकिन प्रॉफिट नहीं, तो अब रुकने का समय है। फनेल को पलट दीजिए। अपने उन ग्राहकों की लिस्ट बनाइए जो आपके साथ पिछले एक साल से जुड़े हैं और आज ही उन्हें कुछ ऐसा सरप्राइज दीजिए कि उनका दिन बन जाए। याद रखिए, एक खुश ग्राहक विज्ञापन के हजार रुपयों से ज्यादा कीमती है। अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया और आप अपने बिजनेस की गेम बदलना चाहते हैं, तो इसे अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो सिर्फ सेल्स के पीछे भाग रहे हैं। कमेंट्स में बताएं कि आप अपने पुराने ग्राहकों को खुश करने के लिए क्या नया करने वाले हैं।
-----
आपकी छोटी सी Help हमें और ऐसे Game-Changing Summaries लाने में मदद करेगी। DY Books को Donate करके हमें Support करें🙏 - Donate Now
#MarketingTips #CustomerRetention #FlipTheFunnel #BusinessGrowth #EntrepreneurshipIndia
_