क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो सुबह जोश में अलार्म लगाते हैं और फिर उसे बंद करके ऐसे सोते हैं जैसे कुंभकर्ण के सगे भाई हों। आप हर मोटिवेशनल वीडियो देखते हैं पर लाइफ वही की वही अटकी है। आप अपनी असली पावर को मिस कर रहे हैं क्योंकि आपको अपना मोटिवेशनल डी एन ए ही नहीं पता। यह अधूरा ज्ञान आपको सक्सेस से मीलों दूर रख रहा है और सच तो यह है कि बिना इसे समझे आप बस अंधेरे में हाथ पैर मार रहे हैं।
इस आर्टिकल में हम तामारा लोवे की बुक से वे सीक्रेट्स समझेंगे जो आपकी परफॉरमेंस को रॉकेट की तरह उड़ा देंगे। चलिए जानते हैं वे ३ पावरफुल लेसन जो आपकी लाइफ बदल देंगे।
लेसन १ : अपना मोटिवेशनल डी एन ए पहचानें
क्या आपको लगता है कि जो तरीका आपके पडोसी शर्मा जी के बेटे के लिए काम कर गया, वही आपके लिए भी जादू कर देगा। अगर हाँ, तो शायद यही आपकी सबसे बड़ी भूल है। तामारा लोवे कहती हैं कि हर इंसान का एक यूनिक मोटिवेशनल डी एन ए होता है। यह बिलकुल आपके फिंगरप्रिंट जैसा है। जैसे एक मछली को आप पेड़ पर चढ़ने के लिए मोटिवेट नहीं कर सकते, वैसे ही हर इंसान एक ही ढर्रे पर नहीं चल सकता। हम में से ज्यादातर लोग बस दूसरों की देखा-देखी अपनी लाइफ की रेस दौड़ रहे हैं।
सोचिए, आप एक ऐसे जिम में जाते हैं जहाँ कोच सबको एक ही वजन उठाने को कहता है। चाहे आप दुबले-पतले हों या पहलवान। क्या यह सही है। बिलकुल नहीं। यही हाल हमारे मोटिवेशन का भी है। तामारा लोवे ने इसे तीन हिस्सों में बांटा है: ड्राइव, नीड और अवार्ड। ड्राइव का मतलब है कि आपको अंदर से क्या चीज धक्का देती है। कुछ लोग चैलेंज मिलने पर आग की तरह जल उठते हैं, तो कुछ लोग शांति और सिक्योरिटी चाहते हैं। अगर आप एक ऐसे इंसान हैं जिसे शांति पसंद है, लेकिन आप खुद को किसी बहुत बड़े कम्पटीशन में झोंक देते हैं, तो आपका स्ट्रेस लेवल आसमान छूने लगेगा। यह वैसा ही है जैसे डीजल वाली कार में पेट्रोल डाल देना। गाड़ी चलेगी नहीं, बस धुआं छोड़ेगी।
अब बात करते हैं नीड की। आपकी जरूरत क्या है। क्या आपको काम करने के लिए एक फिक्स रूटीन चाहिए या आपको हर दिन कुछ नया और एडवेंचरस चाहिए। हमारे देश में आधे से ज्यादा लोग तो इसलिए दुखी हैं क्योंकि वे उस जॉब में फंसे हैं जो उनके नेचर के खिलाफ है। अगर आपको लोगों से मिलना पसंद है और आपको एक बंद कमरे में कंप्यूटर के सामने बिठा दिया जाए, तो आपका मोटिवेशन जीरो होना पक्का है। आप बस घड़ी देखते रहेंगे कि कब छुट्टी हो और कब आप इस जेल से बाहर निकलें। इसमें आपकी गलती नहीं है, बस आपका काम आपके मोटिवेशनल डी एन ए से मैच नहीं कर रहा।
आखिरी हिस्सा है अवार्ड। आपको रिवॉर्ड में क्या चाहिए। कुछ लोगों को सबके सामने तारीफ और तालियां चाहिए होती हैं, तो कुछ को बस एक मोटा बोनस चेक मिल जाए तो वे खुश हैं। अब मान लीजिए आपने बहुत अच्छा काम किया और आपका बॉस आपको स्टेज पर बुलाकर मेडल देता है, लेकिन आपको तो स्टेज से डर लगता है। आप वहां ख़ुशी के बजाय शर्मिंदगी महसूस करेंगे। अगली बार आप अच्छा काम करने से डरेंगे क्योंकि आपको वह अवार्ड पसंद ही नहीं आया।
असली सक्सेस तब मिलती है जब आप जान लेते हैं कि आप किस मिट्टी के बने हैं। जब आप अपनी ड्राइव, नीड और अवार्ड को समझ लेते हैं, तो आपको किसी बाहरी मोटिवेशनल वीडियो की जरूरत नहीं पड़ती। आप खुद एक पावरहाउस बन जाते हैं। अपनी कमजोरी को पहचानना बुरा नहीं है, लेकिन अपनी ताकत को न पहचानना सबसे बड़ा पाप है। तो क्या आप तैयार हैं अपने अंदर के उस असली इंसान से मिलने के लिए जो अब तक तालों में बंद था।
लेसन २ : दूसरों की नकल छोड़कर अपने नेचुरल स्टाइल से काम करें
अक्सर हमारे यहाँ क्या होता है। अगर मोहल्ले का कोई लड़का सुबह पांच बजे उठकर दौड़ रहा है और उसका सिलेक्शन पुलिस में हो गया, तो अगले दिन से पूरा मोहल्ला अपनी नींद हराम करके सड़कों पर नजर आता है। हम यह भूल जाते हैं कि हर किसी का शरीर और दिमाग अलग तरीके से बना है। तामारा लोवे का यह लेसन हमें यह समझाता है कि दुनिया के बनाए हुए सक्सेस के सांचे में खुद को फिट करना बंद करो। अगर आप रात के समय ज्यादा क्रिएटिव महसूस करते हैं, तो जबरदस्ती 'अर्ली मॉर्निंग क्लब' का हिस्सा बनने की जरूरत नहीं है। यह वैसा ही है जैसे हाथी खुद को चीते से कम्पेयर करने लगे और सोचे कि वह तेज क्यों नहीं दौड़ पा रहा। भाई, तुम हाथी हो, तुम्हारी अपनी ताकत है।
सोचिए, आप एक ऐसी शादी में गए हैं जहाँ कपड़े का साइज सिर्फ 'स्माल' उपलब्ध है। अब चाहे आपकी बॉडी 'डबल एक्सेल' वाली हो, आपको वही पहनना पड़ेगा। क्या आप उसमें कम्फर्टेबल होंगे। क्या आप वहां खुलकर नाच पाएंगे। बिलकुल नहीं। आप बस इस डर में जिएंगे कि कहीं से सिलाई न खुल जाए। हमारी लाइफ और करियर के साथ भी यही हो रहा है। हम दूसरों के बताए हुए 'बेस्ट तरीके' अपनाते हैं और फिर जब रिजल्ट नहीं मिलता, तो खुद को कोसते हैं। हकीकत तो यह है कि आपने अपनी नेचुरल स्टाइल का गला घोंट दिया है। तामारा कहती हैं कि जब आप अपने मोटिवेशनल डी एन ए के हिसाब से काम करते हैं, तो मेहनत बोझ नहीं लगती बल्कि मजा आने लगता है।
लोग आपसे कहेंगे कि सक्सेसफुल होने के लिए बहुत ज्यादा सोशल होना जरूरी है, हर पार्टी में जाना जरूरी है। लेकिन अगर आप एक अंतर्मुखी इंसान हैं जिसे अकेले बैठकर काम करना पसंद है, तो लोगों से मिलना आपके लिए एनर्जी बढ़ाने के बजाय उसे चूसने जैसा होगा। आप थक जाएंगे, चिड़चिड़े हो जाएंगे और अंत में हार मान लेंगे। क्या आपने कभी किसी शेर को घास खाते देखा है क्योंकि बाकी जानवर वही खा रहे हैं। नहीं न। तो फिर आप क्यों अपनी पर्सनालिटी के खिलाफ जाकर काम कर रहे हैं।
सर्कस का बंदर भी दूसरों के इशारों पर नाचता है, पर वह जंगल का राजा नहीं कहलाता। राजा वही बनता है जो अपने उसूलों और अपनी स्टाइल पर अडिग रहता है। जब आप अपनी स्ट्रेंथ को पहचान लेते हैं, तो आप यह नहीं देखते कि दुनिया क्या कर रही है। आप बस यह देखते हैं कि आपके लिए क्या बेस्ट है। स्मार्ट वर्क का असली मतलब यही है कि आप अपनी एनर्जी को वहां लगाएं जहाँ वह सबसे ज्यादा असर दिखाए। अगर आप अपनी कमियों को ठीक करने में ही पूरी जिंदगी लगा देंगे, तो अपनी खूबियों का इस्तेमाल कब करेंगे। इसलिए दूसरों की कार्बन कॉपी बनने के बजाय खुद का एक ओरिजिनल वर्जन बनिए। यकीन मानिए, मार्केट में ओरिजिनल की कीमत हमेशा डुप्लीकेट से ज्यादा होती है।
अब जब आपने अपनी स्टाइल पहचान ली है, तो अगला कदम है उन रुकावटों को हटाना जो आपको आगे बढ़ने से रोक रही हैं। और सबसे बड़ी रुकावट आपके बाहर नहीं, बल्कि आपके अंदर है।
लेसन ३ : अपने डर पर जीत पाकर गोल्स की तरफ कदम बढ़ाएं
क्या आपको कभी ऐसा लगा है कि आपके पास एक बढ़िया आईडिया है, सारा प्लान तैयार है, लेकिन जैसे ही आप कदम बढ़ाने वाले होते हैं, एक आवाज आती है — "भाई, अगर फेल हो गए तो लोग क्या कहेंगे।" यह आवाज आपके किसी दुश्मन की नहीं, बल्कि आपके अंदर बैठे उस डर की है जिसने करोड़ों सपनों को जन्म लेने से पहले ही मार दिया है। तामारा लोवे कहती हैं कि मोटिवेशनल डी एन ए को समझना आधा काम है, बाकी का आधा काम है उस डर को लात मारना जो आपको जंजीरों में जकड़े हुए है। हम अक्सर बाधाओं को पहाड़ जैसा बड़ा मान लेते हैं, जबकि असल में वे सिर्फ रेत के ढेर होते हैं जो एक फूँक से उड़ सकते हैं।
सोचिए, आप एक अंधेरे कमरे में खड़े हैं और आपको लगता है कि सामने कोई भूत खड़ा है। आप पसीने से तर-बतर हैं, दिल धड़क रहा है, और आप हिलने की हिम्मत नहीं कर रहे। लेकिन जैसे ही कोई लाइट जलाता है, पता चलता है कि वह तो बस एक पुराना कोट टंगा हुआ था। हमारी लाइफ की ज्यादातर प्रॉब्लम्स भी ऐसी ही होती हैं। हम फेलियर से इतना डरते हैं जैसे फेल होना कोई जानलेवा बीमारी हो। जबकि सच तो यह है कि फेलियर सिर्फ एक फीडबैक है जो बताता है कि यह वाला रास्ता काम नहीं कर रहा, दूसरा ट्राई करो। हमारे देश में तो लोग 'लोग क्या कहेंगे' के डर से अपनी पूरी जवानी उन कामों में निकाल देते हैं जिनसे उन्हें नफरत है। क्या उन लोगों ने कभी आपका बिजली का बिल भरा है। नहीं न। तो फिर उनकी राय को अपने सपनों से बड़ा क्यों बनाना।
तामारा एक बहुत ही पते की बात कहती हैं — "एक्शन ही डर का असली इलाज है।" जब आप हाथ पर हाथ धरकर बैठते हैं, तो डर बड़ा होता जाता है। लेकिन जैसे ही आप पहला छोटा कदम उठाते हैं, वह डर सिकुड़ने लगता है। यह वैसा ही है जैसे ठंडे पानी के स्विमिंग पूल में उतरना। बाहर खड़े रहकर आप कांपते रहेंगे, लेकिन एक बार डुबकी लगा ली, तो शरीर अपने आप सेट हो जाता है। आप बस परफेक्शन के चक्कर में रुके रहते हैं कि "जब सब कुछ सही होगा तब शुरू करूँगा।" यकीन मानिए, वह 'सही समय' कभी नहीं आता। सही समय वही है जब आप डिसाइड कर लेते हैं कि अब बहुत हो गया, अब मुझे अपनी लाइफ बदलनी है।
अपने गोल्स को अचीव करना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। यह सिर्फ अपनी जिद और अपने डर के बीच का एक मुकाबला है। अगर आप अपने डर को पाल-पोसकर बड़ा करेंगे, तो वह आपको खा जाएगा। लेकिन अगर आप अपने सपनों को दाना-पानी देंगे, तो वे आपको आसमान की ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। याद रखिए, इतिहास गवाह है कि दुनिया ने हमेशा उन्हीं का मजाक उड़ाया है जिन्होंने कुछ अलग करने की कोशिश की, और बाद में वही दुनिया उनके लिए तालियां बजाती है। तो क्या आप अभी भी उस पुराने कोट से डरकर अंधेरे में खड़े रहेंगे, या लाइट जलाकर अपनी सक्सेस की तरफ दौड़ लगाएंगे। फैसला आपका है, क्योंकि आपकी लाइफ की स्क्रिप्ट लिखने वाला पेन आपके ही हाथ में है।
मोटिवेशन कोई ऐसी चीज नहीं है जो बाहर से उधार ली जाए। यह आपके अंदर है, आपके डी एन ए में है। तामारा लोवे की यह बातें सिर्फ सुनने के लिए नहीं, बल्कि अपनी लाइफ में उतारने के लिए हैं। अपनी असली ताकत को पहचानिए, दूसरों की नकल करना बंद कीजिए और आज ही उस एक डर का सामना कीजिए जो आपको रोक रहा है। याद रखिए, आप यहाँ सिर्फ भीड़ का हिस्सा बनने नहीं, बल्कि अपनी एक अलग पहचान बनाने आए हैं।
आज ही कमेंट में लिखकर बताएं कि वह कौन सा एक काम है जिसे आप डर की वजह से कल पर टाल रहे हैं। चलिए मिलकर उस डर को खत्म करते हैं और अपनी सक्सेस की जर्नी शुरू करते हैं। इस आर्टिकल को अपने उस दोस्त के साथ शेयर करें जो टैलेंटेड तो है, पर बस थोड़ा सा कन्फ्यूज्ड है।
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