Goals! (Hindi)


अगर आपको लगता है कि आप अपनी लाइफ में बहुत बिजी हैं और फिर भी कहीं नहीं पहुँच रहे तो मुबारक हो आप बिना मैप के जंगल में भाग रहे हैं। ब्रायन ट्रेसी की गोल्स बुक को इग्नोर करके आप बस अपनी असफलता का रास्ता और भी ज्यादा आसान बना रहे हैं।

आज हम ब्रायन ट्रेसी की वर्ल्ड फेमस किताब गोल्स की उन खास बातों को समझेंगे जो आपकी लाइफ को पूरी तरह बदल देंगी। यह आर्टिकल आपको सिखाएगा कि कैसे आप अपने बड़े सपनों को हकीकत में बदल सकते हैं और सक्सेस की रेस में सबसे आगे निकल सकते हैं।


लेसन १ : अपनी लाइफ के ड्राइवर खुद बनिए और 100 परसेंट जिम्मेदारी लीजिए।

ज्यादातर लोग अपनी लाइफ को एक ऐसी कार की तरह चलाते हैं जिसके स्टीयरिंग पर उनका कोई कंट्रोल नहीं होता। वो पीछे वाली सीट पर बैठकर बस चिल्लाते रहते हैं कि भाई गाड़ी सही रास्ते पर नहीं जा रही है। वो अपनी नाकामी के लिए सरकार को कोसेंगे अपने पड़ोसी के शोर को दोष देंगे या फिर उस बेचारे बिजली बिल को भी नहीं छोड़ेंगे जिसने उनका बजट बिगाड़ दिया। लेकिन ब्रायन ट्रेसी कहते हैं कि अगर आपको सक्सेस की मंजिल तक पहुँचना है तो आपको ड्राइवर की सीट पर बैठना ही पड़ेगा। आपको यह मानना होगा कि आज आप जहाँ भी हैं और जो भी आपके पास है उसके लिए सिर्फ और सिर्फ आप जिम्मेदार हैं।

सोचिए कि आप एक रेस्टोरेंट में जाते हैं और वेटर आपके लिए बहुत ही कड़वा खाना ले आता है। अब आप वहां बैठकर रोना शुरू कर दें कि मेरी किस्मत ही खराब है या फिर वेटर की खानदान की हिस्ट्री निकाल लें तो इससे आपका पेट नहीं भरने वाला। समझदारी इसी में है कि आप उस खाने को वापस भेजें और अपनी पसंद का आर्डर दें। लाइफ भी बिलकुल वैसी ही है। अगर आपकी लाइफ में कड़वाहट है तो इसका मतलब है कि आपने खुद उसे आर्डर किया है या फिर चुपचाप उसे स्वीकार कर लिया है। जब तक आप दूसरों को ब्लेम करते रहेंगे तब तक आप अपनी पावर उन लोगों के हाथ में दे रहे हैं।

अक्सर लोग अपनी सैलरी कम होने का दुख मनाते हैं लेकिन कभी यह नहीं सोचते कि क्या उन्होंने अपनी स्किल्स पर काम किया। वो बस इस इंतजार में रहते हैं कि कोई फरिश्ता आएगा और उनकी किस्मत की चाबी घुमा देगा। यकीन मानिए ऐसा कोई फरिश्ता नहीं आने वाला और अगर आया भी तो वो शायद आपको और भी ज्यादा आलसी बना देगा। अपनी सफलता की पूरी जिम्मेदारी लेना सुनने में थोड़ा भारी लग सकता है पर असल में यही सबसे बड़ी आजादी है। जब आप यह मान लेते हैं कि सब कुछ आपके हाथ में है तब आप रोना बंद कर देते हैं और काम करना शुरू कर देते हैं।

जिम्मेदारी लेने का मतलब यह नहीं है कि आप खुद को सजा देना शुरू कर दें। इसका मतलब सिर्फ इतना है कि आप अपनी प्रॉब्लम का सलूशन खुद ढूंढेंगे। अगर आप फिट नहीं हैं तो जिम जाने की जिम्मेदारी आपकी है न कि उस जिम ट्रेनर की जो अपनी इंस्टा रील बनाने में बिजी है। अगर आपका बैंक बैलेंस जीरो है तो पैसे कमाने का तरीका आपको ही सोचना होगा। ब्रायन ट्रेसी साफ कहते हैं कि जिस पल आप कंप्लेंट करना बंद करते हैं उसी पल से आपकी प्रोग्रेस शुरू हो जाती है। तो आज से ही पीड़ित कार्ड यानी विक्टिम कार्ड खेलना बंद कीजिए और अपनी लाइफ की कार के असली मालिक बनिए।


लेसन २ : अपने गोल्स को कागज पर उतारिए वरना वो सिर्फ एक विश बनकर रह जाएंगे।

दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं। पहले वो जिनके पास बहुत सारे सपने होते हैं और दूसरे वो जिनके पास लिखे हुए गोल्स होते हैं। ब्रायन ट्रेसी कहते हैं कि बिना लिखे हुए लक्ष्य सिर्फ एक हवा के झोंके की तरह होते हैं जो आते हैं और चले जाते हैं। अगर आप अपने दिमाग में यह सोचकर बैठे हैं कि मुझे अमीर बनना है तो यह कोई गोल नहीं है। यह तो सिर्फ एक अच्छी लगने वाली ख्वाइश है जो हर दूसरा इंसान सोते जागते देखता है। असल जादू तब शुरू होता है जब आप एक पेन उठाते हैं और उसे डायरी पर लिखना शुरू करते हैं। जब आप लिखते हैं तब आपका दिमाग उस धुंधली तस्वीर को साफ देखने लगता है।

मान लीजिए आपको अपने किसी दोस्त की शादी में जाना है जो शहर के किसी ऐसे कोने में रहता है जहाँ आप कभी नहीं गए। अब आप सड़क पर खड़े होकर बस यह चिल्लाएं कि मुझे शादी में जाना है तो क्या आप पहुँच जाएंगे। बिलकुल नहीं। आपको एक एड्रेस चाहिए होगा। आपको रास्ता पता करना होगा। गोल्स को लिखना अपनी सक्सेस का गूगल मैप सेट करने जैसा है। लोग अक्सर कहते हैं कि मुझे याद है कि मुझे क्या चाहिए पर सच तो यह है कि हमारा दिमाग नए विचारों का कारखाना है कोई हार्ड ड्राइव नहीं। जो आज याद है वो कल किसी नई रील को देखते ही गायब हो जाएगा।

हैरानी की बात तो यह है कि पूरी दुनिया में सिर्फ तीन परसेंट लोग ही अपने गोल्स लिखते हैं। और वही तीन परसेंट लोग बाकी के संतानवे परसेंट लोगों से कहीं ज्यादा कमाते हैं और खुश रहते हैं। लोग लिखने से इसलिए डरते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि अगर उन्होंने लिख दिया और पूरा नहीं हुआ तो क्या होगा। भाई अभी भी तो पूरा नहीं हो रहा है। कम से कम लिखकर आप खुद को एक डेडलाइन तो दे रहे हैं। ब्रायन ट्रेसी का फॉर्मूला बहुत सिंपल है। अपना गोल लिखो उसके नीचे एक तारीख डालो और फिर उन कामों की लिस्ट बनाओ जो आपको वहां तक ले जाएंगे।

बिना लिस्ट के काम करना वैसे ही है जैसे बिना सामान की लिस्ट के सुपर मार्केट जाना। आप वहां घुसेंगे तो सही पर बाहर निकलेंगे उन चीजों के साथ जिनकी आपको जरूरत ही नहीं थी। गोल्स लिखने का मतलब है कि आप अपनी एनर्जी को एक लेजर की तरह फोकस कर रहे हैं। जब आप हर सुबह अपनी डायरी खोलकर अपना गोल देखते हैं तो आपका आलस अपने आप पैक होकर घर से बाहर निकल जाता है। यह एक छोटा सा काम है पर इसका असर इतना बड़ा है कि आप खुद हैरान रह जाएंगे। इसलिए बहाने बनाना छोड़िए और अपनी किस्मत खुद लिखना शुरू कीजिए।


लेसन ३ : हर दिन अपने मुख्य लक्ष्य पर काम करने का अनुशासन और साहस दिखाइए।

आपने जिम्मेदारी ले ली और अपने गोल्स भी लिख लिए पर क्या इतना काफी है। बिल्कुल नहीं। अगर सिर्फ लिखने से सब कुछ मिल जाता तो आज हर डायरी बेचने वाला करोड़पति होता। असली खेल तो तब शुरू होता है जब आप उस कागज के टुकड़े को हकीकत में बदलने के लिए मैदान में उतरते हैं। ब्रायन ट्रेसी कहते हैं कि सफलता का सबसे बड़ा दुश्मन कोई और नहीं बल्कि आपका खुद का टालमटोल करने वाला स्वभाव है। हम अक्सर उस सबसे जरूरी काम को कल पर टाल देते हैं जो हमें सबसे ज्यादा डराता है। लेकिन याद रखिए वह डरावना काम ही आपकी तरक्की का दरवाजा है।

कल्पना कीजिए कि आपको एक बहुत बड़ा और बदसूरत मेंढक खाना है। अब आप उसे जितनी देर तक बैठकर घूरते रहेंगे वो उतना ही ज्यादा बदसूरत और डरावना होता जाएगा। समझदारी इसी में है कि आप अपना मुंह खोलें और उसे एक बार में निगल जाएं। आपकी लाइफ का सबसे बड़ा और मुश्किल काम ही वो मेंढक है। लोग दिन भर छोटे छोटे फालतू कामों में बिजी रहते हैं जैसे कि ईमेल्स चेक करना या डेस्क साफ करना ताकि उन्हें उस बड़े काम का सामना न करना पड़े। यह वैसी ही बात हुई कि आपको पढ़ाई करनी है पर आप इस बात पर रिसर्च कर रहे हैं कि पेन की स्याही किस केमिकल से बनती है।

अनुशासन का मतलब यह नहीं है कि आप खुद को एक कमरे में बंद कर लें। इसका मतलब बस इतना है कि जब आपका मन न हो तब भी वह काम करें जो करना जरूरी है। हर दिन अपने मुख्य लक्ष्य की दिशा में कम से कम एक कदम जरूर बढ़ाएं। चाहे वो कदम छोटा ही क्यों न हो पर वो रुकना नहीं चाहिए। अगर आप एक लेखक बनना चाहते हैं तो हर दिन एक पेज लिखिए। अगर आप बिजनेस करना चाहते हैं तो हर दिन एक नए क्लाइंट से बात कीजिए। कंसिस्टेंसी ही वो जादू है जो कोयले को हीरा बना देती है। बिना इसके बड़े से बड़ा टैलेंट भी घर की अलमारी में रखे पुराने अखबार की तरह रद्दी हो जाता है।

ब्रायन ट्रेसी का एक बहुत ही शानदार नियम है जिसे वो एबीसिडीई मेथड कहते हैं। अपने कामों को प्राथमिकता दें और सबसे पहले उस काम को खत्म करें जिसके न होने से आपको सबसे ज्यादा नुकसान हो सकता है। जब आप हर दिन जीतना शुरू करते हैं तो आपका कॉन्फिडेंस सातवें आसमान पर पहुँच जाता है। फिर कोई भी बाधा आपको छोटी लगने लगती है। लाइफ कोई लॉटरी नहीं है कि एक दिन अचानक आपका नंबर लग जाएगा। यह एक मैराथन है जहाँ हर कदम मायने रखता है। तो उठिए और उस मेंढक को आज ही खा लीजिए ताकि आपका कल आज से बेहतर हो सके।


ब्रायन ट्रेसी की यह किताब हमें सिखाती है कि सफलता कोई रहस्य नहीं है बल्कि एक साइंस है। अगर आप वही काम करेंगे जो सफल लोग करते हैं तो आपको भी वही रिजल्ट्स मिलेंगे जो उन्हें मिलते हैं। आज ही अपनी लाइफ की कमान संभालिए अपने गोल्स को डायरी में उतारिए और बिना रुके उन पर काम शुरू कर दीजिए। आपकी मंजिल आपका इंतजार कर रही है बस आपको पहला कदम उठाने की हिम्मत दिखानी है।

अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया और आप अपनी लाइफ को बदलने के लिए तैयार हैं तो नीचे कमेंट में अपना सबसे बड़ा एक गोल जरूर लिखें। इस आर्टिकल को अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो लाइफ में कुछ बड़ा करना चाहते हैं पर रास्ता नहीं ढूंढ पा रहे हैं। आपकी एक छोटी सी कोशिश किसी की जिंदगी बदल सकती है।

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