Great by Choice (Hindi)


अगर आपको लगता है कि आपकी लाइफ की गाड़ी सिर्फ इसलिए रुकी है क्योंकि किस्मत खराब है या बाहर बहुत कॉम्पिटिशन है तो आप बड़े मजे से अपनी बर्बादी का जश्न मना सकते हैं। आप जैसे लोग ही तो वह एवरेज भीड़ हैं जो बहाने बनाकर खुद को तसल्ली देते हैं।

जिम कोलिन्स की यह मास्टरपीस ग्रेट बाय चॉइस आपको आइना दिखाएगी कि सक्सेस कोई तुक्का नहीं बल्कि एक चॉइस है जिसे आप हर रोज चुनते हैं या खो देते हैं। चलिए जानते हैं वह ३ पावरफुल लेसन्स जो आपको भीड़ से अलग खड़ा कर देंगे।


लेसन १ : २० माइल मार्च की ताकत और आपकी आलसी फितरत

मान लीजिये आपको इंडिया के एक कोने से दूसरे कोने तक पैदल जाना है। मौसम एकदम सुहाना है और आप जोश में आकर पहले दिन ४० मील चल लेते हैं। अगले दिन धुप तेज़ है तो आप बस सोये रहते हैं। फिर तीसरे दिन बारिश होती है तो आप चाय पकोड़े का बहाना बनाकर रुक जाते हैं। क्या आपको लगता है कि आप कभी मंज़िल तक पहुँच पाएंगे। जिम कोलिन्स इसे १० एक्स कंपनियों और फेल होने वाली कंपनियों के बीच का सबसे बड़ा अंतर बताते हैं। १० एक्स कंपनियां वह हैं जो अनिश्चित माहौल में भी दूसरों से १० गुना ज्यादा ग्रोथ करती हैं। उनका सीक्रेट कोई जादू टोना नहीं बल्कि २० माइल मार्च है।

इसका मतलब है कि चाहे बाहर तूफ़ान आये या आपकी लॉटरी लग जाये आपको हर रोज सिर्फ उतना ही चलना है जितना आपने तय किया है। हमारे बीच बहुत से ऐसे शूरवीर हैं जो न्यू ईयर पर जिम का संकल्प लेते हैं। पहले दिन दो घंटे वर्कआउट करके अपनी फोटो इंस्टा पर डालते हैं। अगले दिन उनके शरीर का कोना कोना चीख रहा होता है और तीसरे दिन वह जिम के बाहर वाले समोसे वाले के पास मिलते हैं। यह है जोश की कमी नहीं बल्कि अनुशासन की कमी। २० माइल मार्च कहता है कि अगर आपने रोज १५ मिनट बुक पढ़ने का तय किया है तो चाहे दुनिया इधर की उधर हो जाये आपको वह १५ मिनट देने ही हैं।

लोग अक्सर अच्छे वक्त में अपनी पूरी ताकत झोंक देते हैं और जब बुरा वक्त आता है तो थक कर बैठ जाते हैं। जिम कोलिन्स कहते हैं कि जब परिस्थितियां आपके हाथ में न हों तब खुद को कंट्रोल करना ही असली जीत है। एक कंपनी की मिसाल लीजिये जो हर साल २० परसेंट ग्रोथ का टारगेट रखती है। जब मार्केट बहुत अच्छा होता है और वह ३० परसेंट बढ़ सकती है तब भी वह खुद को रोकती है। क्यों। क्योंकि वह जानती है कि ज्यादा तेजी से बढ़ने पर रिसोर्स ख़त्म हो जायेंगे और जब मंदी आएगी तो वह बिखर जाएगी।

हम अपनी लाइफ में भी यही गलती करते हैं। जिस दिन मोटिवेशन का इंजेक्शन लगता है उस दिन हम १८ घंटे काम करते हैं। अगले दिन हम नेटफ्लिक्स पर बिंज वॉच कर रहे होते हैं। यह अनकंट्रोल्ड बिहेवियर ही हमें एवरेज बनाकर रखता है। २० माइल मार्च एक कमिटमेंट है। यह एक बाउंड्री है जो आपको बहुत धीरे चलने से रोकती है और बहुत तेज भागने से भी बचाती है। यह आपके दिमाग को शांत रखता है क्योंकि आपको पता है कि आज का कोटा पूरा हो गया है।

अराजकता और अनिश्चितता के इस दौर में अगर आप चाहते हैं कि किस्मत आपका साथ दे तो पहले आप खुद का साथ देना शुरू कीजिये। रोज का एक छोटा गोल सेट कीजिये और उसे पत्थर की लकीर मान लीजिये। जो लोग आज आसमान छू रहे हैं उन्होंने कोई एक दिन की छलांग नहीं मारी है। उन्होंने सालों तक वही बोरिंग २० मील का सफर रोज तय किया है जो आप एक हफ्ते में छोड़ देते हैं। अगर आप अपनी लाइफ में इस कंसिस्टेंसी को नहीं ला सकते तो यकीन मानिए आप सिर्फ एक भीड़ का हिस्सा बनकर रह जाएंगे जो हमेशा वक्त और किस्मत को कोसती रहेगी।


लेसन २ : पहले बुलेट्स चलाओ फिर कैनन बॉल्स का धमाका करो

इमेजिन कीजिये कि समंदर के बीचों बीच एक दुश्मन का जहाज आपकी तरफ बढ़ रहा है। आपके पास गनपाउडर की एक लिमिटेड मात्रा है। अब आपके पास दो रास्ते हैं। पहला यह कि आप अपनी सारी बारूद एक ही बड़े गोले यानी कैनन बॉल में भरें और निशाना लगाकर चला दें। अगर निशाना चूक गया तो बधाई हो आप अब समंदर की मछलियों का खाना बनने वाले हैं। दूसरा रास्ता यह है कि आप पहले छोटी छोटी गोलियां यानी बुलेट्स चलाएं। पहली बुलेट चली और वह जहाज के बाईं ओर गिरी। आपने थोड़ा एंगल बदला और दूसरी बुलेट चलाई। वह दाईं ओर गिरी। तीसरी बुलेट एकदम बीच में जाकर लगी। अब आपको पता है कि सही निशाना कहाँ है। अब अपनी सारी बारूद निकालिए और एक बड़ी कैनन बॉल दाग दीजिये। गेम ओवर।

जिम कोलिन्स कहते हैं कि १० एक्स कंपनियां ऐसे ही काम करती हैं। वे सीधे अपनी पूरी जमा पूंजी किसी नए आईडिया में नहीं झोंक देतीं। वे पहले छोटे छोटे एक्सपेरिमेंट करती हैं जिन्हें कोलिन्स बुलेट्स कहते हैं। यह बुलेट्स लो कॉस्ट लो रिस्क और लो डिस्ट्रैक्शन वाली होती हैं। हमारे यहाँ लोग अपना छोटा सा पुश्तैनी खेत बेचकर सीधा शहर में कैफ़े खोल लेते हैं यह सोचे बिना कि उन्हें चाय बनानी भी आती है या नहीं। यह है सीधा कैनन बॉल दागना। और जब वह कैफ़े तीन महीने में बंद होता है तब वे कहते हैं कि धंधा ही खराब है।

बुलेट चलाने का मतलब है कि अगर आपको कोई बिज़नेस शुरू करना है तो पहले उसे पार्ट टाइम में करके देखिये। क्या लोग आपके प्रोडक्ट के लिए पैसे देने को तैयार हैं। अगर दो चार कस्टमर ने हां कहा तो समझिये आपकी बुलेट निशाने पर लगी है। लेकिन अगर आपकी बुलेट ही फेल हो रही है तो शुक्र मानिए कि आपने पूरी कैनन बॉल नहीं चलाई थी। बहुत से लोग अपनी पूरी लाइफ सेविंग्स किसी ऐसी स्कीम में लगा देते हैं जिसके बारे में उन्हें कखग भी नहीं पता होता। फिर जब पैसा डूबता है तो वे भगवान को दोष देते हैं।

ग्रेट बाय चॉइस हमें सिखाती है कि बिना किसी प्रूफ के बड़ी छलांग मारना बहादुरी नहीं बल्कि बेवकूफी है। सफल लोग डरे हुए नहीं होते लेकिन वे सावधान जरूर होते हैं। वे पहले डेटा इकट्ठा करते हैं और देखते हैं कि क्या काम कर रहा है। एक बार जब उन्हें यकीन हो जाता है कि रास्ता सही है तब वे अपनी पूरी ताकत अपना पूरा पैसा और अपना पूरा समय उस एक आईडिया पर लगा देते हैं।

इस लेसन का सबसे बड़ा सार्काज्म यही है कि हम लोग अक्सर दूसरों की कैनन बॉल्स देखते हैं लेकिन उनके द्वारा चलाई गई हजारों बुलेट्स को भूल जाते हैं। हमें लगता है कि वह रातों रात स्टार बन गया। नहीं भाई उसने पहले बहुत सारी छोटी गोलियां बर्बाद की थीं तब जाकर उसका निशाना पक्का हुआ है। इसलिए अगर आप भी अपनी लाइफ में कुछ बड़ा करना चाहते हैं तो पहले अपनी गन में छोटी बुलेट्स भरिये। एक्सपेरिमेंट कीजिये फेल होइये और सीखिये। जब पक्का पता चल जाए कि मछली कहाँ है तभी जाल फेंकिये वरना भूखे पेट सोने की आदत डाल लीजिये।


लेसन ३ : प्रोडक्टिव पैरानोइया और अनहोनी की तैयारी

क्या आपने कभी किसी ऐसे इंसान को देखा है जो चिलचिलाती धूप में भी छतरी लेकर घूमता है। आप शायद उसे देख कर हंसें और कहें कि यह पागल हो गया है। लेकिन जैसे ही अचानक से बारिश शुरू होती है आप भीगी बिल्ली बन कर शेड ढूंढते हैं और वही पागल इंसान मजे से सूखा हुआ अपने घर पहुँच जाता है। जिम कोलिन्स इसे ही प्रोडक्टिव पैरानोइया कहते हैं। १० एक्स कंपनियों के लीडर्स हमेशा इस डर में रहते हैं कि चीजें कभी भी बिगड़ सकती हैं। वे हमेशा खुद से पूछते हैं कि क्या होगा अगर कल मार्केट गिर गया। क्या होगा अगर कोई नई टेक्नोलॉजी आ गई।

यह डर उन्हें कमजोर नहीं बल्कि और ज्यादा मजबूत बनाता है। वे जानते हैं कि किस्मत हमेशा मेहरबान नहीं रहेगी। इसलिए जब सब कुछ अच्छा चल रहा होता है तब भी वे एक्स्ट्रा कैश जमा करते हैं और इमरजेंसी प्लान बना कर रखते हैं। हम लोग तो बस आज में जीने वाले महान लोग हैं। सैलरी आते ही हम ईएमआई पर नया आईफोन उठा लेते हैं और फिर पूरे महीने इस डर में जीते हैं कि कहीं कंपनी ले ऑफ न कर दे। यह है बिना छतरी के तूफान में निकलना। अगर आप अपनी लाइफ में थोड़े से पैरानोइड नहीं हैं तो आप बस अपनी बर्बादी का इंतज़ार कर रहे हैं।

जिम कोलिन्स की रिसर्च बताती है कि जो कंपनियां संकट में बच गईं उनके पास दूसरों की तुलना में तीन से दस गुना ज्यादा कैश रिज़र्व था। वे डरपोक नहीं थीं बल्कि वे तैयार थीं। वे जानते थे कि अनिश्चितता एक सच्चाई है और उससे लड़ने का एकमात्र तरीका है बफर बना कर रखना। लोग कहते हैं कि ज्यादा रिस्क लेने वाला ही ज्यादा कमाता है। सच तो यह है कि जो रिस्क को मैनेज करना जानता है वही अंत तक टिका रहता है।

अक्सर हम ओवरकॉन्फिडेंस के शिकार हो जाते हैं। हमें लगता है कि हमें सब पता है और हमारे साथ कुछ बुरा नहीं हो सकता। लेकिन याद रखिये कि ब्लैक स्वान इवेंट यानी ऐसी अनहोनी जिसकी किसी ने कल्पना न की हो वह कभी भी हो सकती है। जो लोग प्रोडक्टिव पैरानोइया का इस्तेमाल करते हैं वे मुश्किल समय में रोते नहीं हैं बल्कि वे मुस्कुराते हैं क्योंकि उन्होंने पहले ही इसकी तैयारी कर ली थी। वे अपने पास हमेशा एक ऑक्सीजन टैंक रखते हैं चाहे हवा कितनी भी साफ़ क्यों न हो।

इसलिए अगर आप चाहते हैं कि अराजकता के इस दौर में भी आप तरक्की करें तो आज ही से अपनी छतरी तैयार रखिये। चाहे वह आपकी सेविंग्स हो या आपकी स्किल्स हमेशा प्लान बी तैयार रखिये। जो लोग सिर्फ प्लान ए के भरोसे बैठते हैं उनके पास अक्सर पछतावे के अलावा कुछ नहीं बचता। अंत में जीत उसकी नहीं होती जो सबसे तेज भागता है बल्कि उसकी होती है जो हर मौसम में भागने के लिए तैयार रहता है।


ग्रेट बाय चॉइस हमें सिखाती है कि सक्सेस कोई इत्तेफाक नहीं है। यह आपकी २० माइल मार्च की कंसिस्टेंसी आपके छोटे छोटे बुलेट्स वाले एक्सपेरिमेंट और आपके प्रोडक्टिव पैरानोइया का नतीजा है। दुनिया कितनी भी अनिश्चित क्यों न हो जाए आप अपनी चॉइस से अपनी किस्मत लिख सकते हैं। अब फैसला आपका है कि आप सिर्फ वक्त को कोसना चाहते हैं या फिर आज से ही अपनी सक्सेस की चॉइस चुनना चाहते हैं।

अगर आपको इन लेसन्स ने थोड़ा सा भी सोचने पर मजबूर किया है तो इस आर्टिकल को उन लोगों के साथ शेयर कीजिये जो हमेशा अपनी नाकामयाबी का ठीकरा किस्मत पर फोड़ते हैं। नीचे कमेंट में बताइये कि आपकी लाइफ का २० माइल मार्च क्या होने वाला है।

-----

आपकी छोटी सी Help हमें और ऐसे Game-Changing Summaries लाने में मदद करेगी। DY Books को Donate करके हमें Support करें🙏 - Donate Now




#JimCollins #SuccessMindset #BookSummary #Strategy #BusinessGrowth


_

Post a Comment

Previous Post Next Post