आपका बिजनेस ठप पड़ा है और आप अभी भी सोच रहे हैं कि किस्मत साथ नहीं दे रही। सच तो यह है कि आपकी सेल्स टीम सो रही है और आप बिना किसी सिस्टम के अंधेरे में तीर मार रहे हैं। इस बुक को इग्नोर करना मतलब अपने कंपटीटर को खुद दावत देना है।
जैक डेली की यह बुक हाइपर सेल्स ग्रोथ केवल थ्योरी नहीं बल्कि सेल्स का वह कड़वा सच है जो आपके बिजनेस को रॉकेट की तरह उड़ा सकता है। चलिए बिना किसी देरी के उन ३ लेसन्स को समझते हैं जो आपके बैंक बैलेंस की शक्ल बदल देंगे।
लेसन १ : सेल्स कल्चर ही असली किंग है
ज्यादातर बिजनेस ओनर्स को लगता है कि सेल्स बढ़ाने के लिए बस कुछ तेज तर्रार लड़के रख लो और काम हो गया। भाई साहब यह कोई मोहल्ले की क्रिकेट टीम नहीं है जहां एक स्टार प्लेयर आपको मैच जिता देगा। जैक डेली कहते हैं कि अगर आपके ऑफिस का माहौल यानी कल्चर खराब है तो दुनिया का बेस्ट सेल्समैन भी वहां आकर सर पकड़ लेगा। आप अपनी टीम से उम्मीद करते हैं कि वे कस्टमर के सामने नाचें और गाएं जबकि ऑफिस में आप खुद हिटलर बने घूमते हैं। जब तक आपके एम्प्लॉई ऑफिस आने के नाम से खुश नहीं होंगे तब तक वे बाहर जाकर आपके ब्रांड की तारीफ कैसे करेंगे।
सोचिए आप एक ऐसे रेस्टोरेंट में जाते हैं जहां वेटर का चेहरा उतरा हुआ है। क्या आप वहां दोबारा जाना चाहेंगे। बिलकुल नहीं। यही हाल आपके सेल्स का भी है। अगर आपकी टीम अंदर से मोटिवेटेड नहीं है तो वे केवल सैलरी के लिए काम करेंगे सेल्स के लिए नहीं। सेल्स कल्चर का मतलब है एक ऐसा माहौल बनाना जहां हर कोई जीतना चाहता हो। जैक डेली इसे स्पोर्ट्स टीम की तरह देखते हैं। एक ऐसी टीम जहां हर प्लेयर को पता है कि उसका गोल क्या है। आप अपनी टीम को केवल टारगेट देते हैं लेकिन उन्हें विजन नहीं देते। यह तो वही बात हो गई कि आप अंधेरे कमरे में किसी को फुटबॉल खेलने के लिए बोल रहे हैं।
अक्सर बॉस को लगता है कि पैसा ही सब कुछ है। पर सच तो यह है कि लोग रिकॉग्निशन के भूखे होते हैं। अगर किसी ने अच्छी डील क्लोज की है तो पूरे ऑफिस के सामने उसकी तारीफ कीजिए। उसे वो इज्जत दीजिए जिसका वो हकदार है। जब बाकी लोग देखेंगे कि मेहनत करने वाले को पलकों पर बिठाया जा रहा है तो वे खुद अपनी परफॉरमेंस सुधारने लगेंगे। इसे कहते हैं हेल्दी कॉम्पिटिशन। लेकिन आप क्या करते हैं। आप मीटिंग में सबको डांटते हैं और सोचते हैं कि डर से सेल्स बढ़ जाएगी। डर से केवल लोग रिजाइन करते हैं सेल्स नहीं बढ़ती।
कल्चर का मतलब यह भी है कि आप अपनी सेल्स टीम को फालतू के पेपर वर्क से बचाएं। सेल्समैन का काम है मार्केट में होना न कि ऑफिस में बैठकर रिपोर्ट भरना। आप उन्हें क्लर्क बना देते हैं और फिर रोते हैं कि सेल्स नहीं आ रही। जैक डेली साफ कहते हैं कि सेल्समैन का असली ऑफिस मार्केट है। उन्हें वहां रहने दीजिए। उन्हें वो टूल्स और आजादी दीजिए जिससे वे अपना जादू दिखा सकें। जब ऑफिस का कल्चर पॉजिटिव होता है तो सेल्स अपने आप एक बाय-प्रोडक्ट बन जाती है। आपको पीछे पड़ने की जरूरत नहीं पड़ती लोग खुद भागकर काम करते हैं।
लेसन २ : सही खिलाडियों को सही पोजीशन पर बिठाना
कल्चर तो आपने सेट कर लिया पर क्या आपके पास सही लोग हैं। जैक डेली एक बहुत गहरी बात कहते हैं कि हम अक्सर गलत इंसान को सही काम देने की कोशिश करते हैं। यह बिलकुल वैसा ही है जैसे आप एक मछली को पेड़ पर चढ़ने के लिए मजबूर कर रहे हों। आप अपने सबसे अच्छे सेल्समैन को मैनेजर बना देते हैं और फिर हैरान होते हैं कि अब न तो वो अच्छी सेल्स कर रहा है और न ही टीम संभाल पा रहा है। भाई साहब सेल्स करना और टीम मैनेज करना दो बिलकुल अलग टैलेंट हैं। हर विराट कोहली अच्छा कप्तान नहीं बन सकता और हर अच्छा कप्तान बेस्ट बैट्समैन नहीं होता।
ज्यादातर बिजनेसमैन यह गलती करते हैं कि वे एक ही इंसान से सब कुछ करवाना चाहते हैं। आप चाहते हैं कि वही बंदा कोल्ड कॉलिंग भी करे वही मीटिंग भी करे और वही फॉलो अप भी ले। यह तो सुपरमैन से भी ज्यादा उम्मीद पालना हो गया। जैक डेली का सिस्टम कहता है कि आपको अपनी सेल्स टीम को अलग अलग रोल में बांटना चाहिए। एक होता है हंटर जिसका काम है नए क्लाइंट ढूंढना और डील लाना। दूसरा होता है फार्मर जिसका काम है पुराने क्लाइंट्स का ख्याल रखना और उनसे रिश्ता बनाए रखना। अब अगर आप हंटर को ऑफिस में बिठाकर पेपर वर्क करवाएंगे तो वो बोर हो जाएगा और अगर फार्मर को नए शिकार पर भेजेंगे तो वो डर जाएगा।
इंडिया में लोग अक्सर रिश्तेदारों या सस्ते में मिलने वाले लड़कों को सेल्स में रख लेते हैं। फिर वे रोते हैं कि माल नहीं बिक रहा। सेल्स कोई चैरिटी का काम नहीं है। जैक डेली कहते हैं कि हमेशा ए क्लास प्लेयर्स को हायर कीजिए। अगर आप मूंगफली देंगे तो आपको बंदर ही मिलेंगे। एक बेहतरीन सेल्समैन अपनी सैलरी का दस गुना आपको कमा कर देता है। इसलिए उसे ढूंढने में और उसे ट्रेन करने में कंजूसी मत कीजिए। लेकिन आप क्या करते हैं। आप सोचते हैं कि ट्रेनिंग में पैसा बर्बाद होगा। अगर उसे ट्रेन किया और वो छोड़कर चला गया तो। जैक डेली का जवाब बड़ा करारा है। सोचिए अगर आपने उसे ट्रेन नहीं किया और वो आपके पास ही रह गया तो।
मैनेजमेंट का मतलब डंडा चलाना नहीं है। मैनेजमेंट का मतलब है बाधाओं को हटाना। अपने सेल्स के लोगों के रास्ते से पत्थर हटाइए ताकि वे दौड़ सकें। उन्हें माइक्रो मैनेज करना बंद कीजिए। हर पांच मिनट में फोन करके यह पूछना कि कहां पहुंचे और क्या हुआ यह सेल्स नहीं जासूसी है। उन्हें एक सिस्टम दीजिए एक प्रोसेस दीजिए और फिर उन्हें अपना काम करने दीजिए। जब आप सही इंसान को उसकी काबिलियत के हिसाब से सही जगह पर बिठाते हैं तो बिजनेस की ग्रोथ को कोई नहीं रोक सकता।
लेसन ३ : कस्टमर को भगवान नहीं अपना ब्रांड एम्बेसडर बनाओ
सेल्स की दुनिया का सबसे बड़ा झूठ यह है कि डील क्लोज होने पर काम खत्म हो गया। असल में काम तो वहां से शुरू होता है। जैक डेली कहते हैं कि नया कस्टमर ढूंढना पुराने कस्टमर को बनाए रखने से पांच गुना ज्यादा महंगा पड़ता है। लेकिन आप क्या करते हैं। जैसे ही कस्टमर ने पैसे दिए आप उसे ऐसे भूल जाते हैं जैसे कोई पुरानी उधारी हो। आप नए शिकार की तलाश में निकल जाते हैं और जो हाथ में है उसे खिलाना भूल जाते हैं। यह तो वही बात हुई कि आप अपनी शादी के बाद अपनी पत्नी को पहचानना ही बंद कर दें और फिर उम्मीद करें कि घर में सुख शांति रहेगी।
जैक डेली का सिस्टम कहता है कि आपको अपने क्लाइंट्स के साथ एक ऐसा पर्सनल रिश्ता बनाना चाहिए कि उन्हें लगे आप केवल अपना माल नहीं बेच रहे बल्कि उनकी फिक्र कर रहे हैं। क्या आपको अपने टॉप क्लाइंट्स के बच्चों के नाम पता हैं। क्या आपको पता है कि उन्हें खाने में क्या पसंद है। अगर नहीं तो आप सेल्स नहीं कर रहे आप केवल ट्रांजेक्शन कर रहे हैं। इंडिया में बिजनेस रिश्तों पर चलता है। अगर आप अपने क्लाइंट को उसके जन्मदिन पर एक छोटा सा सरप्राइज भेज देते हैं या बिना किसी मतलब के बस हाल चाल पूछने के लिए फोन कर देते हैं तो आप उसके दिल में जगह बना लेते हैं। फिर कोई दूसरा कंपटीटर चाहे कितना भी डिस्काउंट दे दे वो क्लाइंट आपको छोड़कर कहीं नहीं जाएगा।
अक्सर कंपनियां सेल्स बढ़ाने के लिए पागलों की तरह एडवरटाइजिंग पर पैसा फूंकती हैं। जैक डेली का कहना है कि अगर आप अपने मौजूदा कस्टमर्स को खुश रखते हैं तो वे खुद आपके लिए मार्केटिंग करेंगे। इसे कहते हैं वर्ड ऑफ माउथ। जब एक खुश कस्टमर चार लोगों को बताता है कि आपका प्रोडक्ट कितना जबरदस्त है तो उस एड की वैल्यू करोड़ों के टीवी एड से भी ज्यादा होती है। लेकिन आप तो कस्टमर की शिकायत आने पर फोन उठाना बंद कर देते हैं। आपको लगता है कि एक कस्टमर के जाने से क्या होगा। भाई साहब वो एक कस्टमर अपने साथ दस और लोगों को ले डूबेगा।
सेल्स में रिकॉग्निशन केवल एम्प्लॉई के लिए नहीं कस्टमर के लिए भी होनी चाहिए। उन्हें स्पेशल महसूस कराइए। उन्हें अपनी कंपनी के प्रोग्रेस का हिस्सा बनाइए। जैक डेली के अनुसार सेल्स एक प्रोसेस है जिसमें आप कस्टमर की प्रॉब्लम का सलूशन बेचते हैं। अगर आप केवल अपना कोटा पूरा करने के चक्कर में रहेंगे तो आप कभी बड़े खिलाड़ी नहीं बन पाएंगे। जिस दिन आपने कस्टमर को अपनी सेल्स फोर्स का हिस्सा बना लिया उस दिन आपको विज्ञापन की जरूरत नहीं पड़ेगी। याद रखिए सेल्स केवल एक बार बेचने का नाम नहीं है बार बार बेचे जाने वाले भरोसे का नाम है।
दोस्तों, जैक डेली की यह बातें केवल सुनने में अच्छी नहीं लगतीं बल्कि इन्हें लागू करने से असल में बैंक बैलेंस बढ़ता है। क्या आप अभी भी वही पुराने घिसे पिटे तरीकों से सेल्स करने की कोशिश कर रहे हैं। उठिए अपने ऑफिस का कल्चर बदलिए सही लोगों को सही काम दीजिए और अपने कस्टमर्स को अपना सबसे बड़ा फैन बना लीजिए। आज ही अपनी सेल्स टीम के साथ बैठिए और इनमें से कोई भी एक लेसन लागू कीजिए। अगर आपको यह जानकारी काम की लगी तो इसे अपने उन दोस्तों के साथ शेयर कीजिए जिनका बिजनेस सुस्त पड़ा है। कमेंट में बताइए कि आपके बिजनेस की सबसे बड़ी मुश्किल क्या है। चलिए मिलकर सेल्स का तूफान लाते हैं।
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