Lean Analytics (Hindi)


अगर आप भी उन महान एंटरप्रेन्योर्स में से हैं जो बिना डेटा देखे बस हवा में तीर चला रहे हैं तो बधाई हो। आप बहुत जल्द अपने स्टार्टअप की तेरहवीं की तैयारी कर रहे हैं। बिना लीन एनालिटिक्स के बिजनेस चलाना वैसा ही है जैसे पट्टी बांधकर हाइवे पर गाड़ी दौड़ाना। यह अंधेरा आपको ले डूबेगा।

आज हम इस कड़वे सच का सामना करेंगे कि क्यों आपका स्टार्टअप फेल हो सकता है। हम लीन एनालिटिक्स के उन ३ जादुई लेसन को समझेंगे जो आपके डूबते हुए बिजनेस को रॉकेट की तरह उड़ा सकते हैं। तो चलिए डेटा की इस असली पावर को बारीकी से डिकोड करते हैं।


लेसन १ : दी वन मेट्रिक दैट मैटर्स - फालतू के डेटा का कचरा बाहर फेंको

आजकल के नए स्टार्टअप फाउंडर्स को एक बहुत बड़ी बीमारी है। वो हर चीज को ट्रैक करना चाहते हैं। कितने लोग वेबसाइट पर आए। कितने लोगों ने फोटो देखी। कितने लोगों ने गलती से बटन दबाया। भाई साहब अगर आप सब कुछ ट्रैक कर रहे हैं तो यकीन मानिए आप कुछ भी ट्रैक नहीं कर रहे हैं। इसे कहते हैं वैनिटी मेट्रिक्स का नशा। यह वैसा ही है जैसे आप जिम जाएं और बस इस बात से खुश हों कि आपने नए कपड़े अच्छे पहने हैं। अरे भाई आपका वजन कम हुआ या नहीं। आपकी ताकत बढ़ी या नहीं। उस पर ध्यान कौन देगा।

लीन एनालिटिक्स का सबसे पहला और सबसे कड़वा लेसन यही है। आपको केवल उस एक नंबर को खोजना है जो आपके बिजनेस की किस्मत बदल सकता है। इसे कहते हैं ओएमटीएम यानी दी वन मेट्रिक दैट मैटर्स। अगर आप अभी अपना बिजनेस शुरू कर रहे हैं तो आपके लिए सबसे जरूरी चीज क्या है। क्या वो फेसबुक पर मिले एक हजार लाइक्स हैं। बिल्कुल नहीं। क्या उन लाइक्स से आपके घर का चूल्हा जलेगा। शायद नहीं। आपके लिए उस समय सबसे बड़ा मेट्रिक यह होना चाहिए कि कितने लोग आपकी सर्विस को दोबारा इस्तेमाल कर रहे हैं।

मान लीजिए आपने एक नया समोसा स्टार्टअप शुरू किया। अब आप इस बात का जश्न मना रहे हैं कि आपकी दुकान के सामने से रोज दस हजार लोग गुजरते हैं। यह तो बहुत अच्छी बात है। लेकिन क्या उन दस हजार में से दस लोगों ने भी समोसा खरीदा। अगर नहीं खरीदा तो वो दस हजार का नंबर सिर्फ आपके ईगो को पंप करने के लिए है। आपकी जेब भरने के लिए नहीं। असली बिजनेसमैन वह है जो उस एक नंबर को पकड़ ले जो उसे बताए कि उसका बिजनेस डूब रहा है या तैर रहा है।

ज्यादातर लोग डेटा के समुद्र में डूब जाते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि जितना ज्यादा डेटा उतना बड़ा बिजनेस। यह वैसी ही बेवकूफी है जैसे एग्जाम से एक रात पहले पूरी लाइब्रेरी की किताबें मेज पर सजा लेना। पढ़ना तो आपको केवल वही एक चैप्टर है जो पेपर में आने वाला है। ठीक वैसे ही आपके स्टार्टअप की हर स्टेज का एक अपना हीरो मेट्रिक होता है। अगर आप शुरुआत में हैं तो आपका ध्यान सिर्फ इस पर होना चाहिए कि लोग आपको पसंद कर रहे हैं या नहीं। अगर आप बढ़ रहे हैं तो ध्यान इस पर होना चाहिए कि लोग दूसरों को बता रहे हैं या नहीं।

अगर आप एक साथ दस चीजों को ठीक करने की कोशिश करेंगे तो आप कुछ भी ठीक नहीं कर पाएंगे। एक वक्त पर सिर्फ एक लक्ष्य। एक मेट्रिक। और पूरी जान उसे बेहतर बनाने में लगा दो। बाकी सब शोर है। बाकी सब फालतू की बातें हैं। जब आप उस एक मेट्रिक को सुधार लेते हैं तब आप अगले लेवल पर जाने के हकदार बनते हैं। तो आज ही अपनी वो लंबी चौड़ी एक्सेल शीट बंद करिए। अपने आपसे पूछिए कि वो कौन सा एक नंबर है जो अगर कल सुबह बढ़ गया तो मेरा बिजनेस सच में तरक्की करेगा। अगर आपको वो नंबर नहीं पता तो आप बिजनेस नहीं बस टाइम पास कर रहे हैं।


लेसन २ : अपने बिजनेस मॉडल को पहचानो - हर किसी की नकल करना बंद करो

मार्केट में एक बहुत बड़ी गलतफहमी है कि बिजनेस तो बिजनेस होता है। चाहे आप चड्ढी बेच रहे हों या कोई सॉफ्टवेयर। लेकिन सच तो यह है कि हर बिजनेस का अपना एक अलग कैरेक्टर होता है। लीन एनालिटिक्स का दूसरा लेसन हमें यही समझाता है कि आपको अपने बिजनेस मॉडल की नस पहचाननी होगी। लोग अक्सर क्या करते हैं। वो पड़ोस वाले शर्मा जी के स्टार्टअप की स्ट्रेटजी अपने बिजनेस में चिपका देते हैं। यह वैसा ही है जैसे आप पेट दर्द की दवा सिर दर्द के लिए खा रहे हों। फायदा तो होगा नहीं पर साइड इफेक्ट्स जरूर हो जाएंगे।

मान लीजिए आप एक ई-कॉमर्स स्टोर चला रहे हैं। वहां आपका सबसे बड़ा खेल है कन्वर्जन रेट। यानी कितने लोग आए और कितनों ने सच में बटुआ खाली किया। अब अगर आप अपनी तुलना एक फेसबुक जैसे सोशल मीडिया एप से करने लगें जो सिर्फ यूजर के समय को ट्रैक करता है तो आप बर्बाद हो जाएंगे। ई-कॉमर्स में अगर कोई आपकी साइट पर घंटों बिता रहा है और कुछ खरीद नहीं रहा तो वह आपके लिए कस्टमर नहीं बल्कि एक विंडो शॉपिंग करने वाला मेहमान है जो बस आपकी बिजली जला रहा है।

सक्सेसफुल होने के लिए आपको यह समझना होगा कि आप किस कैटेगरी में आते हैं। क्या आप एक ई-कॉमर्स हैं। या आप एक साफ्टवेयर एज ए सर्विस (सास) कंपनी हैं। या फिर आप एक कंटेंट साइट चला रहे हैं। हर मॉडल के अपने अलग रूल्स होते हैं। अगर आप एक एप बना रहे हैं तो आपका फोकस होना चाहिए स्टिकिनेस पर। यानी क्या लोग फेविकोल की तरह आपकी एप से चिपके हुए हैं। अगर लोग एप डाउनलोड करते हैं और अगले ही पल डिलीट कर देते हैं तो आपके पास डेटा तो बहुत है पर यूजर एक भी नहीं। यह तो वही बात हुई कि शादी में मेहमान आए तो बहुत पर खाना देखते ही बिना खाए भाग गए।

ज्यादातर स्टार्टअप इसलिए दम तोड़ देते हैं क्योंकि वो गलत मेट्रिक्स को चेज कर रहे होते हैं। वो सोचते हैं कि अगर हम खूब सारा एड दिखाएंगे तो लोग आएंगे। भाई साहब लोग आ तो जाएंगे पर क्या वो रुकेंगे। डेटा हमें यही बताता है कि आपका बिजनेस मॉडल कितना खोखला है या कितना मजबूत। अगर आप कंटेंट बना रहे हैं तो आपका डेटा यह होना चाहिए कि लोग आपका आर्टिकल कितना पढ़ रहे हैं। क्या वो आखिरी लाइन तक पहुंच रहे हैं या पहली लाइन पढ़कर ही उन्हें नींद आ रही है।

नकल करना छोड़िए और अपने बिजनेस की औकात पहचानिए। डेटा कभी झूठ नहीं बोलता। अगर आपका मॉडल गलत है तो डेटा आपको आईना दिखा देगा। लेकिन समस्या यह है कि हम आईना देखना ही नहीं चाहते। हमें लगता है कि हमारा आईडिया तो दुनिया का सबसे बेस्ट आईडिया है। पर भाई साहब आईडिया की वैल्यू जीरो है अगर आपका डेटा उसे सपोर्ट नहीं कर रहा। अपने बिजनेस मॉडल के हिसाब से सही मेट्रिक्स चुनिए और फिर देखिए कि कैसे चीजें बदलती हैं। बिना मतलब की भीड़ जमा करने से अच्छा है कि आप उन पांच लोगों को ढूंढें जो आपके बिजनेस के लिए सच में पैसा देने को तैयार हैं।


लेसन ३ : एनालिटिक्स की पांच स्टेज - छलांग मारने से पहले चलना तो सीखो

दुनिया का हर बड़ा स्टार्टअप रातों-रात खड़ा नहीं हुआ। लेकिन आज के दौर में हर किसी को बस एक ही चीज की जल्दी है। वो है स्केल करना। यानी रातों-रात करोड़ों यूजर्स और करोड़ों का फंड। भाई साहब अगर आपकी नींव ही कमजोर है और आप उस पर बुर्ज खलीफा बनाएंगे तो वो गिरेगा ही। लीन एनालिटिक्स हमें पांच ऐसी स्टेज बताता है जिनसे गुजरना आपके स्टार्टअप के लिए अनिवार्य है। ये स्टेज हैं एम्पथी, स्टिकिनेस, वायरलेंस, रेवेन्यू और स्केल। अगर आप पहली स्टेज को छोड़कर सीधे रेवेन्यू पर कूदेंगे तो आपका हाल भी वैसा ही होगा जैसा बिना तैरना सीखे समंदर में कूदने वाले का होता है।

पहली स्टेज है एम्पथी। इसका मतलब है अपने कस्टमर के दर्द को समझना। क्या आप सच में उनकी कोई ऐसी समस्या हल कर रहे हैं जिसके लिए वो आपको दुआएं देंगे या फिर आप बस अपना शौक पूरा कर रहे हैं। यहाँ डेटा यह देखना होता है कि क्या लोग आपके प्रोडक्ट को देखकर यह बोल रहे हैं कि मुझे इसकी तलाश थी। इसके बाद आती है स्टिकिनेस। क्या लोग वापस आ रहे हैं। अगर आपके पास दुनिया का सबसे अच्छा प्रोडक्ट है पर लोग उसे एक बार इस्तेमाल करके भूल जाते हैं तो आप एक बाल्टी भर रहे हैं जिसमें नीचे छेद है। आप कितना भी पानी डालें बाल्टी कभी नहीं भरेगी।

जब लोग आपके प्रोडक्ट से चिपक जाएं तब बारी आती है वायरलेंस की। यानी क्या आपके यूजर्स आपके लिए फ्री के सेल्समैन बन रहे हैं। क्या वो खुद होकर दूसरों को बता रहे हैं कि भाई यह चीज ट्राई कर। अगर ऐसा नहीं हो रहा तो इसका मतलब है कि अभी आपके प्रोडक्ट में वो दम नहीं है कि वो जंगल की आग की तरह फैल सके। इसके बाद ही आपको रेवेन्यू और फिर स्केल के बारे में सोचना चाहिए। लोग गलती क्या करते हैं। वो स्केल वाली स्टेज पर पैसा पानी की तरह बहा देते हैं जबकि अभी तक उनकी स्टिकिनेस ही ठीक नहीं हुई होती। यह वैसा ही है जैसे आप एक फटे हुए ढोल को जोर-जोर से पीटने की कोशिश कर रहे हों। आवाज तो आएगी नहीं बस ढोल और फट जाएगा।

बिजनेस करना कोई तुक्का नहीं है। यह एक साइंस है। अगर आप डेटा के इन स्टेप्स को फॉलो नहीं करेंगे तो आप बस एक जुआ खेल रहे हैं। और जुए में अक्सर घर बिक जाते हैं। स्टार्टअप में हर स्टेज की अपनी एक वैल्यू होती है। आपको यह पहचानना होगा कि आज आप किस स्टेज पर खड़े हैं। अगर आप अभी एम्पथी वाली स्टेज पर हैं तो रेवेन्यू के बारे में सोचकर अपना सिर मत फोड़िए। पहले यह कन्फर्म करिए कि क्या लोगों को आपके आईडिया की जरूरत भी है या नहीं। डेटा आपको बताएगा कि कब आपको अगले गियर में गाड़ी डालनी है।

याद रखिए डेटा आपकी पसंद और नापसंद का मोहताज नहीं है। वो बेरहम है। वो आपको सच बताता है चाहे वो सच आपको कितना भी बुरा क्यों न लगे। जो स्टार्टअप इन पांच स्टेज को समझकर चलता है वही लंबे समय तक टिक पाता है। बाकी तो बस कुछ दिन का शोर मचाकर गायब हो जाते हैं। तो अपनी ईगो को साइड में रखिए और डेटा से पूछिए कि बॉस अब आगे क्या करना है।


अगर आप भी अपने स्टार्टअप को डेटा की पावर से बदलना चाहते हैं तो आज ही अपनी स्ट्रैटेजी को फिर से चेक करिए। क्या आप सही मेट्रिक को ट्रैक कर रहे हैं या बस अंधेरे में हाथ-पांव मार रहे हैं। नीचे कमेंट्स में बताइए कि आपके बिजनेस का वह एक नंबर क्या है जिसे आप कल सुबह सुधारना चाहते हैं। इस आर्टिकल को अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो बिना मैप के बिजनेस की रेस में भाग रहे हैं।

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