आपका बिजनेस ठप होने वाला है और आपको पता भी नहीं है। वही घिसे पिटे आइडियाज चिपका रहे हो जैसे पुराने जमाने का रेडियो। अगर अभी भी क्रिएटिव लीप नहीं लिया तो कंपटीशन आपको कच्चा चबा जाएगा और आप बस हाथ मलते रह जाओगे। क्या सच में इतने पीछे रहना चाहते हो?
आज हम बॉब श्मेतेरर की मशहूर किताब लीप के बारे में बात करेंगे। यह बुक आपको सिखाएगी कि कैसे बोरिंग स्ट्रेटजी को छोड़कर एक धमाकेदार बिजनेस खड़ा करना है। आइए जानते हैं वो ३ बड़े लेसन जो आपकी सोच बदल देंगे।
लेसन १ : क्रिएटिविटी सिर्फ एड्स के लिए नहीं बिजनेस के लिए है
आजकल के स्टार्टअप फाउंडर्स को लगता है कि एक चमकता हुआ लोगो बना लिया या किसी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से डांस वाला रील बनवा लिया तो उनका बिजनेस चमक जाएगा। भाई साहब, यह वैसी ही बात है जैसे खटारा कार पर नया पेंट करवाकर उसे फरारी कहना। बॉब श्मेतेरर अपनी किताब लीप में सबसे पहले इसी भ्रम को तोड़ते हैं। वह कहते हैं कि असली क्रिएटिविटी विज्ञापन के दफ्तरों में नहीं बल्कि बिजनेस की जड़ों में होनी चाहिए।
सोचिए आप एक चाय की दुकान खोलते हैं। अब हजार लोग पहले से ही इलायची वाली चाय बेच रहे हैं। आप भी वही करेंगे तो आप सिर्फ एक भीड़ का हिस्सा हैं। लेकिन अगर आप वहां बैठकर लोगों को कुल्हड़ के साथ एक छोटी सी बिस्किट फ्री देते हैं या अपनी दुकान की सजावट किसी लाइब्रेरी जैसी कर देते हैं तो यह आपकी बिजनेस स्ट्रेटजी की क्रिएटिविटी है। यह सिर्फ मार्केटिंग नहीं है यह आपका पूरा बिजनेस मॉडल है। हमारे देश में लोग अक्सर कॉपी पेस्ट करने में उस्ताद होते हैं। पड़ोसी ने जिम खोला और वह चलने लगा तो हम भी उसके बगल में एक जिम खोल देते हैं। फिर दोनों एक दूसरे का चेहरा देखते हैं और सोचते हैं कि ग्राहक क्यों नहीं आ रहे।
जब आप अपने बिजनेस को क्रिएटिव नजरिए से देखते हैं तो आप सिर्फ एक प्रोडक्ट नहीं बेचते बल्कि एक एक्सपीरियंस बेचते हैं। बॉब बताते हैं कि क्रिएटिव बिजनेस आइडिया वह है जो आपके पूरे काम करने के तरीके को बदल दे। मान लीजिए आप एक ऑनलाइन कपड़े की दुकान चलाते हैं। सब लोग फोटो डाल रहे हैं। आप क्या अलग कर रहे हैं? शायद आप एक ऐसी सर्विस शुरू करें जहां लोग घर पर कपड़े मंगाकर ट्रायल कर सकें और फिर खरीदें। यह एक क्रिएटिव लीप है।
ज्यादातर लोग रिस्क लेने से डरते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि कुछ नया किया तो लोग हंसेंगे। लेकिन सच तो यह है कि लोग आप पर तब भी हंसेंगे जब आप फेल होकर दुकान बंद करेंगे। तो क्यों न कुछ ऐसा करके रिस्क लिया जाए जो मार्केट का नक्शा ही बदल दे। अगर आपका बिजनेस आइडिया बोरिंग है तो उसे कितना भी सजा लें वह रहेगा बोरिंग ही। असली जादू तब होता है जब आप अपनी सर्विस या डिलीवरी के तरीके में कुछ ऐसा नया जोड़ते हैं जिसकी कल्पना आपके कंपटीशन ने सपने में भी न की हो।
तो अगली बार जब आप अपने बिजनेस के बारे में सोचें तो खुद से पूछिए कि क्या मैं सिर्फ एक और दुकानदार हूं या मैं कुछ ऐसा बना रहा हूं जो लोगों की जिंदगी में सच में कुछ अलग वैल्यू जोड़ रहा है। याद रखिए मार्केट में शोर बहुत है और उस शोर को काटने के लिए आपको चीखने की जरूरत नहीं है बल्कि एक बेहतरीन और हटके आइडिया की जरूरत है।
लेसन २ : हर जगह एक ही बात बोलो वरना कस्टमर कन्फ्यूज हो जाएगा
अगर आप सुबह जिम में खुद को फिट होने का मोटिवेशन देते हैं और रात को पार्टी में छोले भटूरे दबाकर खाते हैं तो आपकी बॉडी कभी नहीं बनेगी। ठीक वैसे ही आपके ब्रांड का हाल होता है जब आप इंस्टाग्राम पर कुछ और बोलते हैं और आपकी सर्विस कुछ और ही निकलती है। बॉब श्मेतेरर इस लेसन में इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशन की बात करते हैं। इसका सीधा मतलब है कि आपका ब्रांड जो वादा करता है वह उसे हर मोड़ पर निभाना चाहिए।
आजकल के दौर में एक कस्टमर आपको फेसबुक पर देखता है फिर आपकी वेबसाइट पर आता है और अंत में आपके कस्टमर केयर से बात करता है। अगर इन तीनों जगहों पर उसे अलग अलग अनुभव मिला तो वह समझ जाएगा कि दाल में कुछ काला है। हमारे यहां कई कंपनियां ऐसी हैं जो विज्ञापन में तो दिखाती हैं कि वह राजा महाराजा जैसा ट्रीटमेंट देंगी लेकिन जब आप उनकी दुकान पर जाते हैं तो सेल्समैन आपको ऐसे देखता है जैसे आपने उससे उसकी किडनी मांग ली हो। यह तालमेल की कमी ही एक अच्छे बिजनेस को बर्बाद कर देती है।
मान लीजिए आपने एक प्रीमियम कॉफी शॉप खोली है। आपने बहुत पैसा खर्च करके बढ़िया फर्नीचर लगवाया और सोशल मीडिया पर बहुत ही क्लासी फोटो डाली। लेकिन जब कोई वहां आता है और उसे प्लास्टिक के कप में कॉफी मिलती है तो उसका सारा मूड खराब हो जाता है। यहां आपकी क्रिएटिविटी फेल हो गई क्योंकि आपने पूरे रास्ते के बारे में नहीं सोचा। एक सफल ब्रांड वह है जिसकी सुगंध उसकी पैकिंग से लेकर उसके बिल देने के तरीके तक में महसूस हो।
भारत में अक्सर लोग सोचते हैं कि थोड़ा बहुत झूठ बोलकर सामान बेच देंगे तो क्या ही फर्क पड़ेगा। लेकिन भाई साहब आज का ग्राहक बहुत स्मार्ट है। अगर आप एक तरफ ईमानदारी की बात करते हैं और दूसरी तरफ हिडन चार्जेस लगाते हैं तो आपकी क्रिएटिविटी धरी की धरी रह जाएगी। बॉब कहते हैं कि क्रिएटिविटी का मतलब सिर्फ सुंदर दिखना नहीं है बल्कि भरोसा जीतना है। जब आपकी हर हरकत आपके ब्रांड के मैसेज से मिलती है तब जाकर एक लेजेंडरी ब्रांड बनता है।
इसे एक फिल्म की तरह समझिए। अगर फिल्म का ट्रेलर एक्शन से भरा हो और पूरी फिल्म में सिर्फ रोना धोना हो तो पब्लिक थिएटर से बाहर निकलते ही गालियां देगी। आपका बिजनेस भी वही फिल्म है। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि जो कहानी आपने शुरू की है उसे आप अंत तक सही तरीके से पहुंचाएं। जब आपकी स्ट्रेटजी और आपका कम्युनिकेशन एक साथ मिलकर चलते हैं तो आपको मार्केटिंग पर करोड़ों खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती क्योंकि आपका काम ही आपके लिए बोलता है।
लेसन ३ : पुराने रास्तों को छोड़ो और फ्यूचर के लिए लंबी छलांग लगाओ
क्या आपको याद है वो समय जब हम फोटो खिंचवाने के बाद रील को लैब में धुलवाने के लिए हफ़्तों इंतज़ार करते थे? फिर डिजिटल कैमरा आया और पूरी दुनिया बदल गई। कोडाक जैसी बड़ी कंपनी ने उस वक्त बदलाव की छलांग नहीं लगाई और आज वह इतिहास बन चुकी है। बॉब श्मेतेरर इस लेसन में इसी छलांग यानी लीप की बात करते हैं। वह कहते हैं कि अगर आप अपनी सफलता के नशे में चूर होकर पुराने तरीकों से चिपके रहे तो कोई नया खिलाड़ी आपको उखाड़ फेंकेगा।
ज्यादातर बिजनेस मालिक सोचते हैं कि जो चल रहा है उसे ही धीरे-धीरे बेहतर करते रहो। यह वैसा ही है जैसे आप एक बैलगाड़ी के पहियों में ग्रीस लगाकर उसे तेज करने की कोशिश करें। भाई साहब जमाना रॉकेट का आ गया है और आप अभी भी पहिए ठीक कर रहे हैं। हमारे देश में कई दुकानदार आज भी वही डायरी और पेन लेकर बैठे हैं जबकि उनके बगल वाला लड़का मोबाइल ऐप से अपना सारा स्टॉक मैनेज कर रहा है और घर बैठे डिलीवरी दे रहा है। इसे ही कहते हैं वक्त के साथ बड़ा बदलाव लाना।
छलांग लगाने का मतलब यह नहीं है कि आप आंख बंद करके कहीं भी कूद जाएं। इसका मतलब है अपनी पूरी इंडस्ट्री के भविष्य को समझना और वह करना जो कोई और नहीं कर रहा। डर सबको लगता है। पैसा डूबने का डर और इज्जत जाने का डर। लेकिन सबसे बड़ा डर तो यह होना चाहिए कि अगर आपने आज खुद को नहीं बदला तो कल आप मार्केट से गायब हो जाएंगे। बॉब समझाते हैं कि असली लीडर वह नहीं है जो लहरों के साथ बहता है बल्कि वह है जो लहरें पैदा करता है।
सोचिए अगर नेटफ्लिक्स ने सिर्फ सीडी रेंट पर देने का काम जारी रखा होता तो क्या वह आज इतना बड़ा होता? नहीं। उन्होंने रिस्क लिया और स्ट्रीमिंग की दुनिया में छलांग लगाई। आपको भी अपने बिजनेस में यही देखना है कि क्या आप सिर्फ आज का गुजारा कर रहे हैं या आप कल की तैयारी कर रहे हैं। अपनी स्ट्रेटजी को हर कुछ सालों में पूरी तरह से खंगालना जरूरी है। जो कल काम करता था शायद वह आज कचरा बन चुका हो।
बिना रिस्क के कोई भी बड़ी क्रांति नहीं आती। अगर आप वही करेंगे जो सब कर रहे हैं तो आपको वही मिलेगा जो सबको मिल रहा है यानी बस औसत मुनाफा। लेकिन अगर आप एक साहसी कदम उठाते हैं और कुछ ऐसा पेश करते हैं जो आज की जरूरत है तो आप कंपटीशन से कोसों आगे निकल जाएंगे। बिजनेस में ठहर जाना ही हार की पहली निशानी है। इसलिए अपनी कुर्सी से उठिए और देखिए कि वह कौन सा नया रास्ता है जिस पर चलने से पूरी दुनिया आपको देखेगी।
तो दोस्तो, क्या आप अब भी वही पुराने घिसे पिटे तरीकों से अपना बिजनेस चलाएंगे या इस बार एक बड़ी छलांग लगाने के लिए तैयार हैं? याद रखिए कि छोटा बदलाव आपको जिंदा रखता है लेकिन एक महान छलांग आपको अमर बना देती है। अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया तो इसे अपने उस दोस्त के साथ शेयर करें जो अपना नया स्टार्टअप शुरू कर रहा है या अपने पुराने बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहता है। नीचे कमेंट करके बताएं कि वह कौन सा एक क्रिएटिव आइडिया है जो आपके बिजनेस की किस्मत बदल सकता है।
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