क्या आपकी लाइफ की गाड़ी बिना पेट्रोल के धक्का मार कर चल रही है। बधाई हो आप अपनी मोजो खो चुके हैं और अब बस एक जिंदा लाश की तरह ऑफिस और घर के चक्कर काट रहे हैं। जब पड़ोसी की नई कार देखकर जलन हो और खुद की अचीवमेंट जीरो लगे तो समझो मोजो गायब है।
लेकिन फिकर मत करिए। आज हम मार्शल गोल्डस्मिथ की किताब मोजो से वो सीक्रेट्स निकालेंगे जो आपकी लाइफ में फिर से वही खोया हुआ जोश और चमक वापस लाएंगे। चलिए इन ३ पावरफुल लेसन्स को गहराई से समझते हैं।
लेसन १ : मोजो के ४ पिलर्स और आपका असली वजूद
क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ लोग सुबह उठते ही ऐसे चार्ज रहते हैं जैसे उनके पीछे किसी ने रॉकेट लगा दिया हो। और दूसरी तरफ हम हैं जो अलार्म को पांच बार स्नूज़ करने के बाद भी ऐसे उठते हैं जैसे किसी जंग से हार कर आए हों। असल में यह सारा खेल मोजो का है। मार्शल गोल्डस्मिथ कहते हैं कि मोजो कोई जादुई शक्ति नहीं है जो सिर्फ चुनिंदा लोगों को मिलती है। यह आपके अंदर का वो पॉजिटिव स्पिरिट है जो तब बाहर आता है जब आप जो कर रहे होते हैं उसमें आपको मजा आता है और दुनिया को उससे फायदा मिलता है। लेकिन मोजो हवा में नहीं बनता। इसके ४ पिलर्स होते हैं।
पहला पिलर है आइडेंटिटी। यानी आप खुद को कैसे देखते हैं। यहाँ हम अक्सर गलती कर देते हैं। हम अपनी पहचान अपनी जॉब प्रोफाइल या बैंक बैलेंस से जोड़ लेते हैं। मान लीजिए आप एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। अगर कल को आपकी कंपनी आपको निकाल दे तो क्या आपकी पहचान खत्म हो गई। अगर आप ऐसा सोचते हैं तो आपका मोजो उसी दिन दम तोड़ देगा। असली आइडेंटिटी वो है जो आप खुद के बारे में सोचते हैं। क्या आप एक मेहनती इंसान हैं। क्या आप एक अच्छे दोस्त हैं। जब आपकी जड़ें मजबूत होती हैं तब बाहर के तूफान आपका मोजो नहीं हिला पाते।
दूसरा पिलर है अचीवमेंट। हम अक्सर बड़ी अचीवमेंट के चक्कर में छोटी जीत को भूल जाते हैं। आपको लगता है कि जब करोड़ों का बंगला बनेगा तभी मोजो वापस आएगा। भाई तब तक तो बुढ़ापा आ जाएगा। मोजो का मतलब है हर छोटी जीत को सेलिब्रेट करना। आज आपने जिम में १० मिनट ज्यादा बिताए। वो एक अचीवमेंट है। आज आपने एक मुश्किल ईमेल का जवाब शांति से दिया। वो भी एक अचीवमेंट है। जब आप अपनी छोटी छोटी जीत को वैल्यू देते हैं तो आपका दिमाग आपको और ज्यादा जीतने के लिए सिग्नल भेजता है।
तीसरा पिलर है रेपुटेशन। दुनिया आपके बारे में क्या सोचती है। अब आप कहेंगे कि दुनिया की फिकर कौन करता है। पर सच तो यह है कि अगर ऑफिस में सब आपको कामचोर समझते हैं तो आप वहां बैठकर बहुत ज्यादा मोजो फील नहीं कर पाएंगे। रेपुटेशन का मतलब दूसरों को खुश करना नहीं है बल्कि अपनी बातों और कामों में एक जैसा रहना है। अगर आप जो कहते हैं वही करते हैं तो लोग आप पर भरोसा करेंगे और वो भरोसा आपको एक अलग लेवल का कॉन्फिडेंस देगा।
चौथा और सबसे जरूरी पिलर है एक्सेप्टेंस। अपनी कमियों को स्वीकार करना। हम अक्सर सुपरमैन बनने की कोशिश में खुद को ही कोसते रहते हैं। अरे भाई अगर आपको खाना बनाना नहीं आता तो बुरा मानने की क्या बात है। स्विगी और जोमैटो इसीलिए तो करोड़पति बने हैं। जब आप अपनी उन चीजों को एक्सेप्ट कर लेते हैं जिन्हें आप बदल नहीं सकते तो आपकी आधी चिंता खत्म हो जाती है। अब आपकी एनर्जी उन चीजों पर लगती है जिन्हें आप सच में बेहतर बना सकते हैं।
मोजो इन चारों पिलर्स का एक परफेक्ट बैलेंस है। अगर एक भी पिलर कमजोर हुआ तो आपकी लाइफ की बिल्डिंग हिलने लगेगी। जैसे उस रिश्तेदार की शादी में होता है जहाँ खाना तो अच्छा होता है पर डीजे वाला गाना ही नहीं बजाता। मजा ही नहीं आता। अपनी लाइफ में इन ४ पिलर्स को चेक करिए। क्या आप सिर्फ दूसरों की नजरों में अच्छा बनने की कोशिश कर रहे हैं पर अंदर से खाली महसूस कर रहे हैं। अगर हाँ तो समझो आपकी आइडेंटिटी वाला पिलर हिल गया है। इसे ठीक करिए और फिर देखिए आपका मोजो कैसे वापस लौटता है।
लेसन २ : नो मोर कंप्लेनिंग और विक्टिम कार्ड का अंत
क्या आपके पास भी वो एक दोस्त है जो हमेशा रोता रहता है। बॉस खराब है। बीवी लड़ती है। सरकार बेकार है और यहाँ तक कि उसके घर का नल भी जानबूझकर उसी पर पानी थूकता है। इसे कहते हैं प्रोफेशनल कंप्लेनर। मार्शल गोल्डस्मिथ कहते हैं कि अगर आप अपनी लाइफ में मोजो वापस लाना चाहते हैं तो सबसे पहले यह विक्टिम कार्ड खेलना बंद करना होगा। जब आप शिकायत करते हैं तो आप अनजाने में दुनिया को यह बता रहे होते हैं कि आपकी लाइफ का रिमोट कंट्रोल आपके हाथ में नहीं बल्कि किसी और के हाथ में है। और भाई अगर रिमोट किसी और के पास है तो चैनल तो वो अपनी मर्जी का ही चलाएगा ना।
शिकायत करना एक नशा है। इसमें बड़ा मजा आता है क्योंकि यह हमें अपनी नाकामियों के लिए एक बहाना दे देता है। मान लीजिए आपका प्रमोशन नहीं हुआ। अब दो रास्ते हैं। या तो अपनी स्किल सुधारिए या फिर कैंटीन में बैठकर समोसे खाते हुए सबको बताइए कि बॉस तो अपने साले को प्रमोट करना चाहता था। दूसरा रास्ता बहुत आसान है पर यही रास्ता आपके मोजो का गला घोंट देता है। गोल्डस्मिथ एक बहुत बढ़िया एक्सरसाइज बताते हैं जिसे कहते हैं डेली क्वेश्चन। खुद से पूछिए कि क्या मैंने आज खुश रहने की पूरी कोशिश की। क्या मैंने आज अपने काम को मजेदार बनाने की कोशिश की। नोटिस करिए यहाँ सवाल यह नहीं है कि क्या आप खुश थे। सवाल यह है कि क्या आपने कोशिश की।
अक्सर हम वेट करते हैं कि कोई चमत्कार होगा और हमारी लाइफ बदल जाएगी। हम सोचते हैं कि जिस दिन लॉटरी लगेगी या जिस दिन वो पड़ोस वाली आंटी टोकना बंद करेंगी उस दिन हम खुश होंगे। यह वैसी ही बात हुई कि आप आग के सामने बैठकर कहें कि पहले मुझे गर्मी दो फिर मैं लकड़ियां डालूंगा। मोजो अंदर से बाहर की तरफ आता है बाहर से अंदर की तरफ नहीं। जब आप शिकायत करना बंद करते हैं तो आपके पास अचानक बहुत सारी खाली एनर्जी बच जाती है। अब इस एनर्जी को आप अपनी सिचुएशन बेहतर बनाने में लगा सकते हैं।
ऑफिस की वो बोरिंग मीटिंग्स याद हैं जहाँ सब बस एक दूसरे का चेहरा देखते हैं और मन ही मन सोचते हैं कि काश यहाँ भूकंप आ जाए और मीटिंग कैंसिल हो जाए। अब यहाँ दो तरह के लोग होते हैं। एक वो जो मीटिंग के बाद एक घंटा और बर्बाद करेंगे यह डिस्कस करने में कि मीटिंग कितनी बेकार थी। और दूसरे वो जो उस बोरिंग मीटिंग में भी कुछ काम का ढूंढ लेंगे या कम से कम यह तय करेंगे कि अगली बार वो अपना पॉइंट कैसे बेहतर तरीके से रखेंगे। मोजो वाले लोग हमेशा सॉल्यूशन ढूंढते हैं और बिना मोजो वाले लोग हमेशा प्रॉब्लम में पीएचडी करते हैं।
याद रखिए आपकी लाइफ की फिल्म के डायरेक्टर आप खुद हैं। अगर फिल्म फ्लॉप हो रही है तो प्रोड्यूसर को गाली देने से कुछ नहीं होगा। आपको अपनी स्क्रिप्ट बदलनी होगी। शिकायत करना छोड़िए और जिम्मेदारी लेना शुरू करिए। जिस दिन आप यह मान लेंगे कि आपकी ख़ुशी और आपकी तरक्की सिर्फ आपके फैसलों पर टिकी है उसी दिन आपका मोजो वापस आने के लिए अपना बैग पैक करना शुरू कर देगा। बिना वजह का रोना धोना बंद करिए क्योंकि दुनिया को आपके आंसुओं में कोई इंटरेस्ट नहीं है। सबको बस यह देखना है कि आप गिरकर वापस कैसे खड़े होते हैं।
लेसन ३ : मोजो किलर्स को पहचानना और अपनी एनर्जी बचाना
क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आप बहुत अच्छे मूड में ऑफिस पहुंचे और वहां किसी एक इंसान से पांच मिनट बात की और अचानक आपको लगने लगा कि इससे अच्छा तो मैं घर पर सो ही रहा होता। बधाई हो। आप एक मोजो किलर से मिले हैं। मार्शल गोल्डस्मिथ कहते हैं कि जितना जरूरी मोजो पाना है उससे कहीं ज्यादा जरूरी उसे बचाना है। हमारी लाइफ में कुछ ऐसी आदतें और लोग होते हैं जो बिल्कुल उस लीकेज की तरह हैं जो आपकी बाल्टी कभी भरने नहीं देते। आप चाहे जितना मोटिवेशन का पानी डाल लो अगर नीचे छेद है तो सब बेकार है।
सबसे बड़ा मोजो किलर है पास्ट में जीना। हम में से आधे लोग तो इसी गम में डूबे हैं कि यार काश उस समय मैंने वो जमीन खरीद ली होती या काश मैंने उस लड़की को प्रपोज कर दिया होता। भाई जो हो गया वो हो गया। आप टाइम मशीन लेकर पीछे नहीं जा सकते। मोजो हमेशा प्रेजेंट में रहता है। अगर आप कल की गलतियों का बोझ आज ढो रहे हैं तो आपकी पीठ वैसे ही झुक जाएगी और आप आगे कैसे देख पाएंगे। अपनी गलतियों से लेसन लीजिए और उन्हें वही छोड़ दीजिए। उन्हें गले लगाकर बैठने से आपको कोई मेडल नहीं मिलने वाला।
दूसरा मोजो किलर है बिना वजह की बहस जीतना। क्या आपको भी लगता है कि फेसबुक के कमेंट सेक्शन में किसी अनजान आदमी को नीचा दिखाकर आपको शांति मिलेगी। यह सरासर बेवकूफी है। गोल्डस्मिथ इसे नो विन सिचुएशन कहते हैं। आप बहस जीत भी गए तो आपने क्या पाया। सिर्फ अपनी कीमती एनर्जी और टाइम बर्बाद किया। मोजो वाले लोग जानते हैं कि हर लड़ाई लड़ने के लिए नहीं होती। कभी कभी चुप रहकर आगे बढ़ जाना ही सबसे बड़ी जीत होती है। अपनी शांति को किसी ऐसे इंसान के हाथ में मत दीजिए जिसे आपकी लाइफ से कोई लेना देना ही नहीं है।
तीसरा मोजो किलर है ओवर कमिटमेंट। हम सबको अच्छा बनना है। बॉस ने एक्स्ट्रा काम दिया तो हाँ। दोस्त ने ट्रिप पर बुलाया तो हाँ। रिश्तेदार ने शादी में मदद मांगी तो हाँ। और आखिर में हम खुद के लिए ना बन जाते हैं। जब आप अपनी कैपेसिटी से ज्यादा काम लेते हैं तो आप किसी भी काम को दिल से नहीं कर पाते। इससे आपका अचीवमेंट वाला पिलर गिर जाता है और मोजो गायब हो जाता है। न कहना सीखिए। यह कोई पाप नहीं है। अपनी प्रायोरिटी सेट करिए क्योंकि अगर आप खुद को नहीं संभालेंगे तो दुनिया आपको निचोड़ कर फेंक देगी।
अब बात करते हैं उन लोगों की जो आपके मोजो के दुश्मन हैं। अपनी लाइफ का एक ऑडिट करिए। देखिए कि आपके सर्कल में कितने लोग हैं जो आपको इंस्पायर करते हैं और कितने ऐसे हैं जो सिर्फ गॉसिप और नेगेटिविटी फैलाते हैं। अगर आप पांच नेगेटिव लोगों के साथ रहते हैं तो छठे नेगेटिव इंसान आप ही होंगे। अपनी बाउंड्री सेट करिए। उन लोगों के लिए अपना दरवाजा बंद कर दीजिए जो आपकी प्रोग्रेस से जलते हैं या जो हमेशा आपको छोटा महसूस कराते हैं। मोजो एक डेलिकेट चीज है। इसे सहेज कर रखना पड़ता है।
मार्शल गोल्डस्मिथ हमें सिखाते हैं कि मोजो कोई मंजिल नहीं है बल्कि एक रास्ता है। यह हर दिन की मेहनत है। आज आपका मोजो बहुत हाई हो सकता है और कल शायद आपको थोड़ा लो फील हो। यह नॉर्मल है। जरूरी यह है कि आप अपनी आदतों पर नजर रखें। जब भी आपको लगे कि आपका जोश कम हो रहा है तो रुकिए और देखिए कि कौन सा पिलर कमजोर पड़ रहा है। क्या आप फिर से शिकायत करने लगे हैं। क्या आप फिर से पास्ट में खो गए हैं। जैसे ही आप प्रॉब्लम को पहचान लेंगे आप उसे ठीक भी कर पाएंगे।
दोस्तों, यह लाइफ आपकी है और इसे पूरे मोजो के साथ जीना आपका हक है। किसी और के लिए अपनी चमक फीकी मत पड़ने दीजिए। अपनी आइडेंटिटी बनाइये। अपनी जीत को एन्जॉय करिए और उन सब चीजों को लात मारिये जो आपकी तरक्की में रोड़ा बन रही हैं। आज से ही अपनी मोजो को वापस लाने का मिशन शुरू करिए क्योंकि एक बार जब आप इस पावर को समझ लेंगे तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक पाएगी।
उठिए। अपनी धूल झाड़िये। और फिर से उसी जोश के साथ मैदान में उतरिए। आपकी मोजो आपका इन्तजार कर रही है।
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