आप दिन रात गधों की तरह मेहनत कर रहे हैं और आपको लगता है कि एक दिन बॉस आपकी आरती उतारेगा। लेकिन सच तो यह है कि आपसे कम काम करने वाला चंट लड़का प्रमोशन ले उड़ा क्योंकि आपको पावर का खेल खेलना नहीं आता और आप बस कोने में बैठकर अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे हैं।
आज हम जेफरी फेफर की किताब पावर से वह कड़वे सच जानेंगे जो स्कूल में नहीं सिखाए गए। यह तीन लेसन आपकी जिंदगी और करियर देखने का नजरिया पूरी तरह बदल देंगे ताकि आप पीछे न छूट जाएं।
लेसन १ : सिर्फ काम करना काफी नहीं है उसकी ढोलक बजाना भी सीखिए
अगर आपको लगता है कि आप चुपचाप कोने में बैठकर अपना काम पूरी ईमानदारी से करेंगे और एक दिन कंपनी का मालिक खुद फूल माला लेकर आपको केबिन में बुलाएगा तो दोस्त आप किसी फेयरी टेल में जी रहे हैं। असल दुनिया में सिर्फ अच्छा काम करना वैसा ही है जैसे अंधेरे कमरे में किसी को आंख मारना। आपको पता है आप क्या कर रहे हैं पर दुनिया को रत्ती भर फर्क नहीं पड़ता। जेफरी फेफर साफ कहते हैं कि परफॉरमेंस और पावर का रिश्ता बहुत कमजोर होता है। आप ऑफिस में सबसे ज्यादा कोडिंग कर सकते हैं या सबसे ज्यादा सेल्स ला सकते हैं लेकिन अगर आपके बॉस को यह नहीं पता कि यह आपने किया है तो वह क्रेडिट किसी ऐसे को दे देगा जो बस मीटिंग्स में मुस्कुराना जानता है।
सोचिए आपके ऑफिस में एक रमेश है जो सुबह नौ से रात नौ बजे तक कीबोर्ड तोड़ता है। वह बेचारा सोचता है कि उसका काम उसकी पहचान बनेगा। वहीं दूसरी तरफ सुरेश है जो काम कम करता है पर जब भी करता है उसका ढिंढोरा पूरे ऑफिस में पीट देता है। वह लंच ब्रेक में बॉस के साथ क्रिकेट की बातें करता है और प्रेजेंटेशन के वक्त ऐसे खड़ा होता है जैसे पूरी कंपनी उसी के कंधों पर टिकी हो। साल के अंत में प्रमोशन किसको मिलेगा। जाहिर है सुरेश को क्योंकि उसने अपनी एक विजिबिलिटी बनाई है। लोग अक्सर टैलेंट की पूजा नहीं करते बल्कि उस इंसान की करते हैं जो टैलेंटेड दिखता है। दुनिया बहुत जालिम है और यहाँ आपकी मेहनत एक प्रोडक्ट है जिसकी मार्केटिंग आपको खुद करनी पड़ेगी।
अगर आप अपनी मार्केटिंग नहीं करेंगे तो लोग आपको ग्रांटेड लेने लगेंगे। आप वह पुराने फर्नीचर बन जाएंगे जिस पर धूल तो बहुत है पर कोई उसे देखता तक नहीं। आपको अपनी उपलब्धियों को सही तरीके से सही लोगों के सामने पेश करना आना चाहिए। इसका मतलब यह नहीं कि आप झूठ बोलें या दूसरों का काम चुराएं। इसका मतलब सिर्फ इतना है कि जब आप कुछ अच्छा करें तो उसका क्रेडिट लेने में शर्माएं नहीं। शर्माना उन लोगों का काम है जिन्हें अपनी वैल्यू नहीं पता। पावर उन लोगों के पास आती है जो यह जानते हैं कि कब और कहाँ अपना सिक्का जमाना है। आप चाहे कितने ही बड़े एक्सपर्ट क्यों न हों अगर आप अदृश्य हैं तो आप कमजोर हैं।
इंसानी दिमाग बहुत आलसी होता है। वह गहराई में जाकर यह नहीं देखता कि किसने कितनी रातें काली की हैं। वह बस उसे याद रखता है जो उसकी नजरों के सामने सबसे ज्यादा चमक रहा हो। इसलिए अपनी चमक बढ़ाना शुरू कीजिए। मीटिंग्स में बोलना शुरू कीजिए और अपने काम की रिपोर्ट ऐसे दीजिए कि सामने वाले को लगे कि आपके बिना यह मुमकिन ही नहीं था। पावर के इस खेल में चुप रहना कोई महानता नहीं बल्कि खुद के पैरों पर कुल्हाड़ी मारना है। अगर आप खुद को प्रमोट नहीं करेंगे तो यकीन मानिए कोई दूसरा आपके लिए यह मेहनत नहीं करने वाला।
लेसन २ : नेटवर्किंग ही असली तिजोरी की चाबी है
अगर आप उन लोगों में से हैं जो सोचते हैं कि ऑफिस सिर्फ काम करने की जगह है और सहकर्मियों के साथ चाय पीना या गप्पे लड़ाना वक्त की बर्बादी है तो मुबारक हो आप पावर की रेस से बाहर हो चुके हैं। जेफरी फेफर इस किताब में डंके की चोट पर कहते हैं कि आप क्या जानते हैं उससे कहीं ज्यादा जरूरी यह है कि आप किसको जानते हैं। पावर कोई ऐसी चीज नहीं है जो आपको घर बैठे मिल जाएगी। यह रिश्तों के जरिए बहती है। जो लोग अकेले रहकर अपना किला बनाने की कोशिश करते हैं वह अक्सर पहली मुसीबत आते ही ढह जाते हैं। असली पावर उन लोगों के पास होती है जिनके पास जानकारी और रिसोर्स का एक्सेस होता है और यह एक्सेस सिर्फ नेटवर्किंग से आता है।
कल्पना कीजिए कि आप एक बहुत बड़े जंगल में फंसे हैं। आपके पास एक छोटी सी टॉर्च है जो सिर्फ दो फुट तक का रास्ता दिखाती है। लेकिन आपके पास उन लोगों के फोन नंबर हैं जिनके पास नक्शे और हेलीकॉप्टर हैं। अब बताइए कौन जल्दी बाहर निकलेगा। ऑफिस की दुनिया भी ऐसी ही है। यहाँ आपको उन लोगों के साथ उठना बैठना पड़ेगा जो फैसले लेते हैं। अक्सर लोग कहते हैं कि मुझे चापलूसी पसंद नहीं। पर दोस्त जिसे आप चापलूसी कह रहे हैं वह असल में स्ट्रेटेजिक नेटवर्किंग है। अगर आप उस इंसान से बात नहीं करेंगे जिसके हाथ में आपकी तरक्की की कलम है तो आप अपनी किस्मत खुद ही अंधेरे में लिख रहे हैं।
आपके ऑफिस में एक ग्रुप है जो हर शाम साथ में कॉफी पीने जाता है। वहां काम की बातें कम और इधर उधर की बातें ज्यादा होती हैं। आप अपनी कुर्सी से चिपक कर एक्सेल शीट भरते रहते हैं क्योंकि आपको लगता है कि आप बहुत डिसिप्लिन हैं। लेकिन उसी कॉफी ब्रेक में यह तय हो जाता है कि अगला बड़ा प्रोजेक्ट किसे मिलेगा या किसे टीम से निकाला जाएगा। जब तक वह खबर आपकी डेस्क तक पहुँचती है तब तक खेल खत्म हो चुका होता है। पावरफुल लोग हमेशा लूप में रहते हैं। उन्हें पता होता है कि हवा किस तरफ बह रही है। और यह जानकारी उन्हें ईमेल से नहीं बल्कि उन अनौपचारिक रिश्तों से मिलती है जो उन्होंने समय के साथ बनाए होते हैं।
आपको ऐसे लोगों की लिस्ट बनानी चाहिए जो आपके करियर को ऊपर ले जा सकते हैं। फिर चाहे वह आपका बॉस हो या किसी दूसरे डिपार्टमेंट का मैनेजर। उनसे जुड़ने का बहाना ढूंढिए। उनकी मदद कीजिए ताकि वक्त आने पर आप उनसे अपनी बात मनवा सकें। नेटवर्किंग का मतलब सिर्फ मतलब निकालना नहीं बल्कि एक ऐसा जाल बुनना है जिसमें आप गिरे तो लोग आपको थाम लें। जो लोग दूसरों की मदद करते हैं और जिनके पास लोगों का समर्थन होता है उनसे टकराने की हिम्मत कोई नहीं करता। याद रखिए अकेले शेर होने से बेहतर है उस झुंड का हिस्सा होना जो राज करता है। अगर आप लोगों के दिलों और दिमाग में नहीं हैं तो आप पावर की गिनती में भी नहीं हैं।
लेसन ३ : पावरफुल दिखने का नाटक ही असली पावर है
दुनिया बड़ी अजीब है दोस्त। यहाँ लोग आपको वैसे नहीं देखते जैसे आप असल में हैं बल्कि वैसे देखते हैं जैसे आप खुद को दिखाते हैं। जेफरी फेफर कहते हैं कि अगर आप पावरफुल दिखेंगे तो लोग मान लेंगे कि आप पावरफुल हैं। इसे फेक इट अंटिल यू मेक इट कह लीजिए या फिर एक स्मार्ट इमेज बिल्डिंग। अगर आप कंधे झुकाकर दबे पांव ऑफिस में घुसते हैं और अपनी बात कहने में हकलाते हैं तो लोग आपको कुचलने में एक सेकंड भी नहीं लगाएंगे। पावर एक परफॉरमेंस आर्ट है। आपको अपनी बॉडी लैंग्वेज अपनी आवाज और अपने कपड़ों से यह मेसेज देना पड़ता है कि आप यहाँ हुकूमत करने आए हैं न कि सिर्फ हाजिरी लगाने।
दो लोग एक ही बात कह रहे हैं। पहला इंसान नजरें नीचे झुकाकर डरे हुए स्वर में कहता है कि शायद हमें यह प्लान ट्राई करना चाहिए। दूसरा इंसान सीधा खड़ा होकर पूरे आत्मविश्वास के साथ आंखों में आंखें डालकर कहता है कि हमें यह प्लान अभी लागू करना चाहिए। आप किसकी बात मानेंगे। जाहिर है दूसरे की। भले ही उसका प्लान कचरा ही क्यों न हो लेकिन उसका बोलने का तरीका आपको यकीन दिला देता है कि वह सही है। लोग अक्सर कॉन्फिडेंस को काबिलियत समझ लेते हैं। अगर आप डरे हुए दिखेंगे तो लोग आपके टैलेंट पर भी शक करेंगे। इसलिए अपनी इमेज को एक ढाल की तरह इस्तेमाल कीजिए।
सोचिए आपके ऑफिस में एक मीटिंग चल रही है। वहां एक साहब ऐसे सूट पहनकर और ऐसी ठसक के साथ बैठते हैं जैसे पूरी बिल्डिंग के कागजात उन्हीं की जेब में हों। वह कम बोलते हैं पर जब बोलते हैं तो सबकी बोलती बंद हो जाती है। अब भले ही उन्हें काम का क ख ग भी न पता हो लेकिन उनकी अपीयरेंस ही उनकी पावर बन जाती है। वहीं आप अपनी फटी हुई जींस या ढीली शर्ट में सबसे ज्यादा नॉलेज लेकर बैठे रहें कोई आपको गंभीरता से नहीं लेगा। यह कड़वा सच है कि लोग पहले आपकी पैकिंग देखते हैं और बाद में प्रोडक्ट। अगर आपकी पैकिंग शानदार है तो दुनिया आपकी कीमत खुद ब खुद बढ़ा देगी।
पावर पाने के लिए आपको अपनी भावनाओं पर कंट्रोल करना होगा। गुस्सा और डर जैसी चीजें आपको कमजोर दिखाती हैं। एक पावरफुल इंसान हमेशा शांत और रहस्यमयी दिखता है। जब आप अपनी हर बात सबको नहीं बताते तो लोग आपके बारे में उत्सुक रहते हैं और आपसे थोड़ा डरते भी हैं। यह डर ही आपकी रिस्पेक्ट सुनिश्चित करता है। याद रखिए अगर आप बहुत ज्यादा सुलभ और मीठे बनेंगे तो लोग आपको अपना काम थोपने वाला गधा समझ लेंगे। अपनी एक बाउंड्री बनाइए और अपनी इमेज को इतना सॉलिड रखिए कि किसी की हिम्मत न हो आपसे फालतू बात करने की। जब आप खुद अपनी इज्जत करेंगे तभी यह दुनिया आपको सिर पर बिठाएगी।
पावर पाना कोई पाप नहीं है बल्कि यह जीने का एक तरीका है। अगर आप पावर के इन नियमों को नहीं समझेंगे तो कोई दूसरा आप पर राज करेगा। जेफरी फेफर की यह बातें शायद सुनने में कड़वी लगें पर यही असलियत है। अब फैसला आपके हाथ में है। क्या आप वही बेचारे कर्मचारी बने रहना चाहते हैं जो सिर्फ दूसरों की तरक्की पर तालियां बजाता है या फिर आप खुद वह पावरफुल इंसान बनना चाहते हैं जिसके लिए तालियां बजती हैं। आज ही अपनी मार्केटिंग करना शुरू कीजिए अपने नेटवर्क को मजबूत बनाइए और अपनी इमेज को एक लीडर की तरह ढालिए।
नीचे कमेंट्स में बताइए कि इन तीनों लेसन में से कौन सा आपको सबसे ज्यादा चुभा और आप कल से अपने व्यवहार में क्या बदलाव करने वाले हैं। इस आर्टिकल को अपने उस दोस्त के साथ शेयर कीजिए जो ऑफिस में बहुत मेहनत करता है पर उसे क्रेडिट नहीं मिलता। आपकी एक शेयरिंग किसी का करियर बचा सकती है।
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