The 8th Habit (Hindi)


क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो पूरी लाइफ बस घिसी पिटी इफेक्टिवनेस के पीछे भागते रहे और हाथ कुछ नहीं लगा। सच तो यह है कि दुनिया आगे निकल गई और आप अभी भी पुराने घिसे पिटे फॉर्मूलों में फंसे हैं। अगर अपनी असली आवाज नहीं पहचानी तो यकीन मानिए आप बस एक भीड़ का हिस्सा बनकर रह जाएंगे जिसे कोई याद नहीं रखेगा।

स्टीवन कोवी की यह किताब आपको उस साधारण लाइफ से बाहर निकालकर ग्रेटनेस के रास्ते पर ले जाएगी। चलिए जानते हैं वह सीक्रेट्स जो आपकी पूरी लाइफ और सोचने का तरीका हमेशा के लिए बदल देंगे।


लेसन १ : अपनी आवाज को ढूंढना यानी फाइंड योर वॉइस

दोस्तो, क्या आपने कभी उस इंसान को देखा है जो ऑफिस में बस एक फर्नीचर की तरह पड़ा रहता है। जिसे बॉस की डांट भी प्रसाद की तरह लगती है और जिसकी लाइफ का सबसे बड़ा एडवेंचर बस वीकेंड पर सेल में कपड़े खरीदना है। हम में से ज्यादातर लोग अपनी पूरी जिंदगी बस सरवाइव करने में निकाल देते हैं। हम वह काम करते हैं जो हमें पसंद नहीं। हम उन लोगों के साथ रहते हैं जिन्हें हम झेल नहीं सकते। और सबसे मजेदार बात तो यह है कि हम इसे ही सक्सेस मान लेते हैं। स्टीवन कोवी कहते हैं कि अगर आप अपनी लाइफ में सिर्फ इफेक्टिव हैं तो आप बस एक अच्छी मशीन हैं। लेकिन इंसान बनने के लिए आपको अपनी आवाज ढूंढनी होगी।

अब आप सोचेंगे कि यह आवाज क्या कोई नया म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट है। बिल्कुल नहीं। यह आवाज आपके टैलेंट आपके पैशन आपकी जरूरत और आपके जमीर का मिलन है। मान लीजिए आपके पास खाना बनाने का गजब का टैलेंट है। लेकिन आप एक बैंक में बैठकर लोन की फाइलें चेक कर रहे हैं। तो आप वहां सिर्फ एक फाइल दबाने वाली मशीन बनकर रह गए हैं। आपका दिल कहीं और है और दिमाग कहीं और। ऐसे में आप कभी भी ग्रेटनेस तक नहीं पहुंच सकते। आपको वह काम ढूंढना होगा जो आपके अंदर के सोए हुए शेर को जगा दे।

अक्सर लोग कहते हैं कि भाई दाल रोटी चल रही है और क्या चाहिए। अरे भाई अगर सिर्फ पेट भरना ही मकसद होता तो ऊपर वाले ने आपको इतना बड़ा दिमाग और दिल नहीं दिया होता। दुनिया में नब्बे परसेंट लोग अपनी क्षमता का सिर्फ दस परसेंट इस्तेमाल करते हैं। बाकी का नब्बे परसेंट तो बस नेटफ्लिक्स पर सीरीज देखने और दूसरों की लाइफ में तांक झांक करने में निकल जाता है। अपनी आवाज ढूंढने का मतलब है यह समझना कि आप इस धरती पर किस खास मकसद के लिए आए हैं। क्या आप सिर्फ कंप्लेंट करने के लिए पैदा हुए हैं या फिर कुछ बदलने के लिए।

सोचिए अगर सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट छोड़कर सरकारी दफ्तर में क्लर्क की नौकरी की होती। वह वहां भी बहुत इफेक्टिव होते और शायद वक्त पर ऑफिस भी पहुंच जाते। लेकिन क्या दुनिया उन्हें कभी जान पाती। क्या वह ग्रेट कहलाते। बिल्कुल नहीं। उन्होंने अपनी आवाज को पहचाना और उसे पूरी दुनिया को सुनाया। आपकी आवाज आपके कंफर्ट जोन के बाहर बैठी आपका इंतजार कर रही है। लेकिन आप हैं कि अपने उस पुराने फटे हुए सोफे को छोड़ने को तैयार ही नहीं हैं।

ग्रेटनेस की पहली सीढ़ी यही है कि आप खुद से सच बोलना शुरू करें। क्या आप वही कर रहे हैं जिसके लिए आप बने हैं। या फिर आप बस अपनी ईएमआई भरने के लिए एक रोबोट की तरह जी रहे हैं। जिस दिन आप अपनी यूनिकनेस को पहचान लेंगे उस दिन से आपकी लाइफ का असली सफर शुरू होगा। वरना तो दुनिया में करोड़ों लोग रोज पैदा होते हैं और चुपचाप चले जाते हैं। कोई उनका नाम तक नहीं जानता। अपनी आवाज ढूंढिए इससे पहले कि आपकी खामोशी आपकी पहचान बन जाए। यह सफर थोड़ा मुश्किल हो सकता है लेकिन यकीन मानिए यह बहुत मजेदार है।


लेसन २ : दूसरों को उनकी आवाज ढूंढने के लिए इंस्पायर करना

जब आप अपनी आवाज ढूंढ लेते हैं तो आपको लगता है कि आपने जंग जीत ली। लेकिन असली खेल तो इसके बाद शुरू होता है। स्टीवन कोवी कहते हैं कि महानता अकेले कमरे में बैठकर नहीं मिलती। एक सच्चा लीडर वह नहीं होता जिसके पीछे हजारों लोग चलें। बल्कि वह होता है जो अपने साथ चलने वालों को भी लीडर बना दे। आजकल के बॉस को देखिए। उन्हें लगता है कि ऑफिस में खौफ फैलाना ही लीडरशिप है। वे चाहते हैं कि उनके कर्मचारी बस उनके इशारों पर नाचने वाले पुतले बनकर रहें। लेकिन ऐसे माहौल में टैलेंट मर जाता है और सिर्फ चापलूसी जिंदा रहती है।

सोचिए आपके पास एक ऐसी टीम है जहां हर कोई डरा हुआ है। क्या वहां कोई नया आइडिया आएगा। बिल्कुल नहीं। वहां सिर्फ वही होगा जो आपने कहा है। यह तो वैसा ही हुआ जैसे आप खुद ही बैटिंग करें और खुद ही फील्डिंग भी। दूसरों को इंस्पायर करने का मतलब है उनकी छुपी हुई काबिलियत को देखना जो शायद वे खुद भी नहीं देख पा रहे। यह काम थोड़ा मुश्किल है क्योंकि इसके लिए आपको अपना ईगो साइड में रखना पड़ता है। हम तो ऐसे लोग हैं जो अपनी पुरानी साइकिल भी किसी को चलाने के लिए न दें तो फिर क्रेडिट कैसे दे दें।

एक असली लीडर वह कोच होता है जो जानता है कि टीम का हर खिलाड़ी खास है। अगर आप किसी को बार बार यह कहेंगे कि तुम बेकार हो तो वह सच में बेकार बन जाएगा। लेकिन अगर आप उस पर भरोसा दिखाएंगे तो वह पहाड़ भी हिला सकता है। दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं। एक वे जो दूसरों की रोशनी बुझाकर खुद चमकना चाहते हैं। और दूसरे वे जो अपनी मशाल से दूसरों के दीये जलाते हैं। अब फैसला आपको करना है कि आप अंधेरे में अकेले चमकना चाहते हैं या पूरी दुनिया को रोशन करना चाहते हैं।

अक्सर हम लोगों को कंट्रोल करने की कोशिश करते हैं। हम चाहते हैं कि हर कोई हमारे हिसाब से चले। लेकिन इंसान कोई कंप्यूटर प्रोग्राम नहीं है जिसे आप कोड कर दें। इंसानों को प्यार सम्मान और भरोसे की जरूरत होती है। जब आप दूसरों को यह महसूस कराते हैं कि उनकी अहमियत है तो वे आपके लिए वह कर गुजरते हैं जो आपने सोचा भी नहीं होता। दूसरों की आवाज ढूंढने में मदद करना ही सबसे बड़ी सेवा है। और यही वह रास्ता है जो आपको इफेक्टिवनेस से ग्रेटनेस की ओर ले जाता है।

अगर आप अपने घर में या ऑफिस में सिर्फ हुक्म चला रहे हैं तो आप बस एक तानाशाह हैं। लेकिन अगर आपके होने से दूसरों का आत्मविश्वास बढ़ता है तो आप एक एथ हैबिट वाले इंसान हैं। याद रखिए महान लोग कभी भीड़ नहीं जुटाते वे तो लीडर्स की एक पूरी फौज तैयार करते हैं। दूसरों में निवेश करना ही सबसे बड़ा निवेश है जिसका रिटर्न आपको पूरी उम्र मिलता रहता है।


लेसन ३ : होल पर्सन पैराडाइम यानी खुद को पूरी तरह समझना

अब तक हमने आवाज ढूंढने और दूसरों को इंस्पायर करने की बात की। लेकिन यह सब तब तक अधूरा है जब तक आप खुद को एक मशीन समझना बंद नहीं करते। स्टीवन कोवी कहते हैं कि हम इंसानों को चार हिस्सों में बांट सकते हैं: शरीर मन दिल और आत्मा। लेकिन हमारी मॉडर्न लाइफ ने हमें बस एक चलता फिरता कैलकुलेटर बना दिया है। हम जिम जाते हैं ताकि शरीर ठीक रहे और ऑफिस जाते हैं ताकि बैंक बैलेंस बढ़े। लेकिन उस बेचारे दिल और आत्मा का क्या जो कोने में बैठकर आंसू बहा रहे हैं।

आजकल के कॉर्पोरेट कल्चर को देखिए। वे आपसे उम्मीद करते हैं कि आप अपना दिमाग घर पर छोड़कर आएं और बस वही करें जो कहा जाए। या फिर वे सिर्फ आपके हाथ पैरों का इस्तेमाल करते हैं जैसे आप कोई जेसीबी मशीन हों। अगर आप सिर्फ अपने शरीर और मन के लिए जी रहे हैं तो आप अपनी लाइफ का आधा हिस्सा कचरे में डाल रहे हैं। जब तक आपका काम आपकी आत्मा को सुकून नहीं देता और आपका दिल उस काम में नहीं लगता तब तक आप बस एक थके हुए मुसाफिर की तरह हैं जो बिना नक्शे के बस चले जा रहा है।

सोचिए एक ऐसा इंसान जिसके पास करोड़ों रुपए हैं लेकिन उसका परिवार उससे बात नहीं करता और उसे रात को नींद नहीं आती। क्या आप उसे महान कहेंगे। बिल्कुल नहीं। वह तो बस एक अमीर भिखारी है। असली ग्रेटनेस तब आती है जब आप अपने इन चारों हिस्सों को खाना खिलाते हैं। शरीर के लिए अच्छी सेहत मन के लिए लगातार सीखना दिल के लिए गहरे रिश्ते और आत्मा के लिए एक बड़ा मकसद। अगर इनमें से एक भी पहिया पंक्चर हुआ तो आपकी लाइफ की गाड़ी गड्ढे में गिरना तय है।

हम लोग अक्सर कहते हैं कि टाइम नहीं है। भाई टाइम सबके पास उतना ही है जितना एलन मस्क के पास है। फर्क बस इतना है कि हम उस टाइम को फालतू की रील्स देखने में बर्बाद करते हैं और फिर शिकायत करते हैं कि लाइफ बोरिंग है। अपनी आत्मा की आवाज सुनना बंद मत कीजिए। वह जो अंदर से हल्की सी आवाज आती है न कि यह गलत है या मुझे कुछ बड़ा करना है वही आपकी असली कंपास है। लेकिन हम तो उस आवाज को दबाने के लिए हेडफोन लगाकर तेज गाने सुनने लगते हैं।

जब आप इन चारों चीजों में तालमेल बिठा लेते हैं तो आप एक मैग्नेट बन जाते हैं। लोग आपकी तरफ खिंचे चले आते हैं क्योंकि उन्हें आपमें एक ठहराव और एक गहराई दिखती है। यह लेसन हमें सिखाता है कि सफलता का मतलब सिर्फ पैसा कमाना नहीं बल्कि एक पूरा और मुकम्मल इंसान बनना है। अगर आप खुद को ही नहीं संभाल सकते तो दुनिया को क्या खाक संभालेंगे। इसलिए अपनी बॉडी माइंड हार्ट और सोल को एक साथ लेकर चलिए। तभी आप उस ग्रेटनेस को छू पाएंगे जिसके सपने आप बंद आंखों से देखते हैं।


दोस्तो, द एथ हैबिट कोई जादुई छड़ी नहीं है जिसे घुमाते ही आपकी लाइफ बदल जाएगी। यह एक चुनाव है। एक चॉइस जो आपको हर सुबह उठकर करनी होगी। क्या आप आज भी वही पुराने ढर्रे पर चलेंगे या फिर अपनी असली आवाज को ढूंढकर दुनिया को यह बताएंगे कि आप कौन हैं। भीड़ का हिस्सा बनना आसान है लेकिन भीड़ से अलग खड़ा होने के लिए जिगरा चाहिए।

आज ही रुकिए और खुद से पूछिए कि आपकी वह कौन सी आवाज है जिसे आपने सालों से दबा रखा है। कमेंट में मुझे जरूर बताएं कि आप अपनी लाइफ में इफेक्टिवनेस से ग्रेटनेस की तरफ जाने के लिए आज कौन सा एक छोटा कदम उठाएंगे। इस आर्टिकल को उस दोस्त के साथ शेयर करें जो अपनी काबिलियत भूलकर बस एक रोबोट की तरह जी रहा है। याद रखिए आपकी महानता आपका इंतजार कर रही है बस आपको अपनी चुप्पी तोड़नी है।

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