The Best Service Is No Service (Hindi)


क्या आप अभी भी कस्टमर केयर की फ़ौज पालकर खुद को बड़ा बिजनेसमैन समझ रहे हैं। सच तो यह है कि आपका कस्टमर आपसे बात करके अपना खून नहीं जलाना चाहता। जितनी ज्यादा आपकी हेल्प डेस्क की घंटियां बज रही हैं उतना ही गहरा आपके बिजनेस का जनाजा निकल रहा है।

आज हम बिल प्राइस की बुक द बेस्ट सर्विस इस नो सर्विस से ऐसे ३ लेसन सीखेंगे जो आपके बिजनेस करने के पुराने और थकाऊ तरीके को पूरी तरह बदल देंगे। चलिए समझते हैं कि कैसे कम सर्विस देकर भी आप ज्यादा प्रॉफिट कमा सकते हैं।


लेसन १ : डिमांड को खत्म करना ही असली सर्विस है

इमेजिन करिए कि आपने एक नया स्मार्टफोन खरीदा और वह पहले ही दिन हैंग होने लगा। अब आप कस्टमर केयर को फोन लगाते हैं और वहां से एक मधुर आवाज आती है कि आपकी कॉल हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। क्या वाकई। अगर आपकी कॉल उनके लिए इतनी ही जरूरी होती तो फोन हैंग ही क्यों होता। बिल प्राइस अपनी किताब में यही कड़वा सच बताते हैं। वह कहते हैं कि सबसे अच्छी सर्विस वह है जिसकी जरूरत ही न पड़े। हम इंडियंस को आदत है कि जब तक किसी चीज के लिए चार बार माथापच्ची न करें हमें लगता ही नहीं कि हमने काम किया है। लेकिन बिजनेस में यह मेहनत नहीं बल्कि बेवकूफी है।

सोचिए एक इंटरनेट कंपनी के बारे में जिसके पास रोज हजारों कॉल्स आती हैं कि भाई साहब नेट नहीं चल रहा। कंपनी ने सौ लोग बिठा दिए फोन उठाने के लिए। कंपनी को लगता है कि वह बहुत महान काम कर रही है। लेकिन असलियत में वह कंपनी एक गड्ढे में गिर रही है। असली समझदारी फोन उठाने वाले लोग बढ़ाना नहीं है बल्कि यह पता लगाना है कि नेट बंद ही क्यों हो रहा है। अगर आप उस तार को ठीक कर दें जो बार बार टूट जाता है तो वह हजार लोग आपको कॉल ही नहीं करेंगे। जब कॉल नहीं आएगी तो आपको सर्विस देने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। यही है असली जादू।

जरा अपने पड़ोस वाले शर्मा जी की किराने की दुकान को देखिए। अगर उनके पास हर दूसरा कस्टमर यह पूछने आए कि भाई साहब चीनी कहां रखी है तो शर्मा जी का आधा दिन तो सिर्फ उंगली दिखाने में निकल जाएगा। अब अगर शर्मा जी थोड़े स्मार्ट बनें और चीनी के डिब्बे पर बड़ा सा बोर्ड लगा दें तो किसी को पूछने की हिम्मत ही नहीं होगी। कस्टमर आएगा अपना सामान उठाएगा और पैसे देकर चला जाएगा। शर्मा जी भी खुश और कस्टमर भी खुश। इसे कहते हैं अनचाही डिमांड को जड़ से उखाड़ फेंकना।

अक्सर बिजनेसमैन को लगता है कि कस्टमर से बात करना रिलेशनशिप बनाना है। भाई साहब कस्टमर आपसे दोस्ती करने नहीं आया है। उसे अपना काम खत्म करके घर जाकर नेटफ्लिक्स देखना है। अगर उसे आपसे बात करनी पड़ रही है तो इसका मतलब है कि आपके प्रोडक्ट या प्रोसेस में कोई बड़ा लोचा है। आप जितनी ज्यादा सर्विस देने की कोशिश कर रहे हैं आप असल में अपनी नाकामियों पर पर्दा डाल रहे हैं। यह वैसा ही है जैसे आप अपनी कार का इंजन ठीक करने के बजाय हर किलोमीटर पर एक मैकेनिक को साथ लेकर घूमें। सुनने में यह बात जितनी अजीब लगती है उतनी ही सच है।

इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आपका बिजनेस रॉकेट की तरह उड़े तो अपनी सर्विस टीम को कम काम देना शुरू करिए। उनसे पूछिए कि आज सबसे ज्यादा फोन किस बात के लिए आए। अगर जवाब मिले कि लोग पासवर्ड भूल रहे हैं तो पासवर्ड रिसेट करने के तरीके को इतना आसान बना दीजिए कि एक छोटा बच्चा भी उसे खुद कर ले। जब प्रॉब्लम होगी ही नहीं तो कस्टमर केयर की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। आपका पैसा बचेगा और कस्टमर की दुआएं मिलेंगी वह अलग। याद रखिए कि खुश कस्टमर वह नहीं है जो आपसे फोन पर लंबी बातें करे बल्कि वह है जो आपके प्रोडक्ट को चुपचाप इस्तेमाल करे और अपनी लाइफ एन्जॉय करे।


लेसन २ : कस्टमर को खुद की मदद करने दें

आजकल के जमाने में अगर आपको एक पिज्जा आर्डर करने के लिए भी किसी को फोन करके अपनी लोकेशन समझानी पड़े तो गुस्सा आना लाजमी है। वह जमाना गया जब हम घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते थे। बिल प्राइस कहते हैं कि अगर आप कस्टमर को खुद अपना काम करने का मौका नहीं दे रहे हैं तो आप उनका और अपना दोनों का वक्त बर्बाद कर रहे हैं। इसे कहते हैं सेल्फ सर्विस का जादू। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे किसी रेस्टोरेंट में बुफे सिस्टम। आपको जो चाहिए जितना चाहिए खुद उठाइए और खाइए। वेटर के पीछे भागने की जरूरत ही नहीं।

अब हमारे देश में कुछ लोगों को लगता है कि अगर हमने कस्टमर को खुद काम करने को कह दिया तो वह बुरा मान जाएगा। लेकिन सच तो यह है कि आज की जेनरेशन को किसी से बात करना पसंद ही नहीं है। अगर मुझे बैंक का बैलेंस चेक करना है तो मैं किसी बैंक मैनेजर की शक्ल देखने के बजाय अपने फोन पर एक क्लिक करना ज्यादा पसंद करूँगा। अगर आपका बिजनेस अभी भी इस बात पर टिका है कि कस्टमर आपको मेल करेगा और आप दो दिन बाद जवाब देंगे तो भाई साहब आप डायनासोर के जमाने में जी रहे हैं। कस्टमर को ऐसे टूल्स दीजिए कि वह अपनी प्रॉब्लम खुद ही सॉल्व कर ले।

मान लीजिए आपका एक छोटा सा ऑनलाइन कपड़ों का स्टोर है। अब हर दूसरा बंदा आपको मैसेज करके पूछ रहा है कि मेरा आर्डर कहां पहुंचा है। अब आप या तो एक बंदा बिठाएं जो दिन भर ट्रैकिंग नंबर कॉपी पेस्ट करे या फिर आप अपनी वेबसाइट पर एक छोटा सा बटन लगा दें जिस पर क्लिक करते ही स्टेटस दिख जाए। जब कस्टमर को खुद ही सब कुछ दिख जाएगा तो वह आपको परेशान क्यों करेगा। और मजे की बात तो यह है कि जब कस्टमर खुद अपना काम करता है तो उसे एक अलग ही लेवल की जीत महसूस होती है। उसे लगता है कि वह बहुत स्मार्ट है और आपका सिस्टम बहुत एडवांस।

लेकिन इसमें एक छोटा सा ट्विस्ट है। सेल्फ सर्विस का मतलब यह नहीं है कि आप अपनी वेबसाइट को भूल भुलैया बना दें। अगर पासवर्ड बदलने के लिए भी कस्टमर को दस पेज से गुजरना पड़ रहा है तो वह आपकी सर्विस छोड़कर भाग जाएगा। प्रोसेस इतना सिंपल होना चाहिए कि आपके मोहल्ले के काका भी उसे समझ सकें। अगर आपने सिस्टम को कॉम्प्लिकेटेड बना दिया तो कस्टमर वापस आपके सिर पर आकर नाचने लगेगा। और यकीन मानिए गुस्से में भरा हुआ कस्टमर किसी आग के गोले से कम नहीं होता जो आपकी ब्रांड इमेज को जलाकर राख कर सकता है।

यही वजह है कि दुनिया की बड़ी बड़ी कंपनियां अब हेल्प सेंटर और एफएक्यू पर इतना जोर देती हैं। वे चाहती हैं कि आप उनकी वेबसाइट पर आएं और अपनी प्रॉब्लम का सोल्यूशन खुद ढूंढ लें। इससे कंपनी का करोड़ों का खर्चा बचता है और कस्टमर का कीमती समय भी। तो अपने बिजनेस में झांककर देखिए कि कौन से ऐसे काम हैं जो कस्टमर खुद कर सकता है। उन्हें वह आजादी दीजिए। जब आप कस्टमर को कंट्रोल देते हैं तो वे आपके ब्रांड के वफादार बन जाते हैं। क्योंकि आपने उन्हें सिर्फ एक प्रोडक्ट नहीं दिया बल्कि आपने उनका समय बचाया है जो आज के दौर में सबसे महंगी चीज है।


लेसन ३ : हर कॉल एक फेलियर है

ज्यादातर कंपनियों में जब कॉल सेंटर के फोन बजते हैं, तो मैनेजर साहब अपनी कॉलर ऊंची करके कहते हैं कि देखो हमारा बिजनेस कितना बड़ा है। लेकिन बिल प्राइस के हिसाब से यह जीत नहीं बल्कि आपकी हार का ढोल बज रहा है। हर वो कॉल जो आपके सपोर्ट सेंटर पर आती है, वो एक सबूत है कि आपके प्रोडक्ट, आपकी वेबसाइट या आपकी डिलीवरी में कहीं कोई बड़ा छेद है। इसे ऐसे समझिए कि अगर आपको बार-बार डॉक्टर के पास जाना पड़ रहा है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि डॉक्टर बहुत अच्छा है, बल्कि इसका मतलब यह है कि आपकी सेहत का बैंड बजा हुआ है।

बिजनेस की दुनिया में हम डेटा की बातें तो बहुत करते हैं, लेकिन जब उस डेटा को इस्तेमाल करने की बारी आती है, तो हम अपनी आंखें मूंद लेते हैं। अगर महीने में हजार लोग यह पूछने के लिए फोन कर रहे हैं कि बिल कैसे भरें, तो इसका मतलब है कि आपका बिलिंग पेज किसी सरकारी ऑफिस की फाइल जैसा पेचीदा है। अब आपके पास दो रास्ते हैं। या तो आप फोन उठाने के लिए और लड़के रख लें, या फिर उस बिलिंग पेज को इतना आसान बना दें कि किसी को पूछने की जरूरत ही न पड़े। स्मार्ट बिजनेसमैन हमेशा दूसरे रास्ते को चुनता है क्योंकि वह जानता है कि एक बार की मेहनत जिंदगी भर का सुकून देती है।

हमारे यहां अक्सर प्रॉब्लम को सॉल्व करने के बजाय उसे दबाने की कोशिश की जाती है। कस्टमर ने शिकायत की, आपने उसे डिस्काउंट कूपन दे दिया और मामला रफा-दफा। लेकिन वह कूपन उस जख्म पर बैंड-एड लगाने जैसा है जिसे सर्जरी की जरूरत है। असल समाधान तब होगा जब आप उस जड़ तक पहुंचेंगे जहां से वह शिकायत पैदा हुई थी। जिस दिन आप हर कंप्लेंट को एक लेसन की तरह देखना शुरू कर देंगे, उस दिन से आपका खर्चा कम और कस्टमर का भरोसा बढ़ना शुरू हो जाएगा। याद रखिए, कस्टमर को आपकी मीठी बातों से ज्यादा इस बात में इंटरेस्ट है कि उसका काम बिना किसी रुकावट के हो जाए।

यह बात दिमाग में बिठा लीजिए कि बेस्ट सर्विस का मतलब ज्यादा से ज्यादा हेल्प करना नहीं है, बल्कि हेल्प की जरूरत को ही खत्म कर देना है। जब आपका सिस्टम इतना परफेक्ट होगा कि कस्टमर को अपनी उंगली भी न उठानी पड़े, तब आप वाकई एक सक्सेसफुल ब्रांड कहलाएंगे। तो आज ही अपनी शिकायतों की लिस्ट निकालिए और देखिए कि कौन सी वो चीजें हैं जो आपके कस्टमर का खून सुखा रही हैं। उन्हें ठीक करिए और अपने बिजनेस को एक नई ऊंचाई पर ले जाइए।


दोस्तों, बिजनेस सिर्फ सामान बेचना नहीं बल्कि भरोसा जीतना है। अगर आप भी अपने कस्टमर को वह आजादी देना चाहते हैं जिसके वे हकदार हैं, तो आज से ही अपनी सर्विस की कमियों को ढूंढना शुरू करें। इस आर्टिकल को अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो कस्टमर सर्विस के बोझ तले दबे जा रहे हैं। नीचे कमेंट में बताएं कि आपको कौन सा लेसन सबसे ज्यादा पसंद आया। चलिए मिलकर बिजनेस करने के तरीके को बदलते हैं।

-----

आपकी छोटी सी Help हमें और ऐसे Game-Changing Summaries लाने में मदद करेगी। DY Books को Donate करके हमें Support करें🙏 - Donate Now




#CustomerExperience #BusinessStrategy #CustomerService #Efficiency #IndianEntrepreneurs


_

Post a Comment

Previous Post Next Post