The Power of Pull (Hindi)


आप अपनी लाइफ में वही पुराने घिसे पिटे तरीके यूज कर रहे हैं और फिर रोना रोते हैं कि सक्सेस नहीं मिल रही। जब दुनिया बदल गई है तो आप अभी भी चूहा दौड़ में क्यों भाग रहे हैं। द पावर ऑफ पुल को इग्नोर करके आप सिर्फ अपनी बर्बादी का सामान तैयार कर रहे हैं।

आज के इस दौर में अगर आप सही लोगों और सही मौकों को अपनी तरफ खींचना नहीं जानते तो यकीन मानिए आप पीछे छूटने के लिए ही बने हैं। चलिए इस बुक के 3 कमाल के लेसन से समझते हैं कि कैसे आप अपनी किस्मत खुद लिख सकते हैं।


लेसन १ : एक्सेस - दुनिया अब आपकी मुट्ठी में है

क्या आप अभी भी उसी जमाने में जी रहे हैं जहाँ जानकारी के लिए आपको किसी बड़े कॉलेज की डिग्री या किसी अमीर बाप का बेटा होना जरूरी लगता था। अगर हां तो बधाई हो आप एक चलती फिरती म्यूजियम की चीज बन चुके हैं। जॉन हेगल हमें समझाते हैं कि आज के दौर में सबसे बड़ी ताकत यह नहीं है कि आप क्या जानते हैं बल्कि यह है कि आप कितनी जल्दी सही जानकारी तक पहुँच सकते हैं। पुराने समय में लोग अपनी नॉलेज को छुपाकर रखते थे जैसे वह कोई खजाना हो। लेकिन आज के डिजिटल युग में अगर आप अपनी नॉलेज को दबाकर बैठेंगे तो उस पर बस धूल ही जमेगी।

मान लीजिए आपको एक बिरयानी की दुकान खोलनी है। पुराने जमाने में आप अपने शहर के सबसे बेस्ट हलवाई के पैर पकड़ते और शायद वह आपको अपनी सीक्रेट रेसिपी कभी नहीं बताता। लेकिन आज आप इंटरनेट पर जाते हैं और दुनिया के सबसे बड़े शेफ की रेसिपी देख लेते हैं। यही है पावर ऑफ एक्सेस। आपको सब कुछ खुद सीखने की जरूरत नहीं है बस यह पता होना चाहिए कि वह जानकारी कहाँ मिलेगी। जो लोग आज भी लाइब्रेरी में बैठकर पुरानी किताबें झाड़ रहे हैं वह बस पीछे ही रह जाएंगे।

दुनिया अब एक ग्लोबल विलेज बन चुकी है जहाँ हर चीज आपकी उंगलियों पर है। लेकिन आप क्या कर रहे हैं। आप शायद रील्स देख रहे हैं या किसी की शादी की फोटो पर कमेंट कर रहे हैं। जबकि उसी इंटरनेट का यूज करके आप दुनिया के टॉप माइंड्स से कनेक्ट हो सकते थे। एक्सेस का मतलब सिर्फ गूगल सर्च करना नहीं है। इसका मतलब है उन कम्युनिटीज और नेटवर्क्स का हिस्सा बनना जहाँ आपके मतलब की बातें हो रही हैं। अगर आप किसी ऐसे ग्रुप में नहीं हैं जहाँ आपसे ज्यादा स्मार्ट लोग हों तो यकीन मानिए आप गलत कमरे में बैठे हैं।

स्मार्ट लोग जानते हैं कि उन्हें अपनी ईगो को साइड में रखकर दूसरों के एक्सपीरियंस का फायदा उठाना है। जब आप दूसरों के बनाए रास्तों पर चलते हैं तो आपकी स्पीड अपने आप बढ़ जाती है। लेकिन हमारे यहाँ तो लोग आज भी खुद का चक्का इन्वेंट करने में लगे हैं। छोटे मूव्स का मतलब ही यही है कि आप बड़ी चीजों का हिस्सा बनने के लिए खुद को तैयार करें। एक्सेस पा लेना आधी जंग जीतने जैसा है। अब सवाल यह है कि क्या आप उस दरवाजे को खटखटाने की हिम्मत रखते हैं या बस बाहर खड़े होकर तमाशा देखते रहेंगे।


लेसन २ : अट्रैक्ट - मौकों के पीछे मत भागो उन्हें खुद के पास बुलाओ

जरा सोचिए आप एक पार्टी में गए हैं और वहां हर किसी से जाकर जबरदस्ती हाथ मिला रहे हैं और अपना बिजनेस कार्ड थमा रहे हैं। लोग आपको देखकर अपना रास्ता बदल लेंगे क्योंकि आप एक भूखे सेल्समैन जैसे लग रहे हैं। द पावर ऑफ पुल का दूसरा सबसे बड़ा पिलर है अट्रैक्ट। इसका सीधा सा मतलब है कि आप खुद को इतना कीमती बना लें कि सही लोग और सही मौके खुद चलकर आपके पास आएं। लेकिन आप तो ठहरे पुराने खयालात के इंसान जो आज भी कोल्ड कॉल और रद्दी ईमेल भेजने में विश्वास रखते हैं।

एक लड़का है जो हर लड़की को मैसेज करके पूछता है कि क्या तुम मुझसे दोस्ती करोगी। और दूसरा लड़का है जो जिम जाता है अपनी स्किल्स पर काम करता है और एक कूल पर्सनैलिटी बनाता है। अब आप ही बताइए कि किसके पास ज्यादा ऑप्शन्स होंगे। बिजनेस और लाइफ में भी यही रूल काम करता है। अगर आप सिर्फ दूसरों के दरवाजे खटखटाते रहेंगे तो लोग आपको सिर्फ एक सिरदर्द समझेंगे। लेकिन अगर आप अपनी फील्ड में कुछ ऐसा करते हैं जो दुनिया का ध्यान खींचे तो लोग खुद आपसे जुड़ना चाहेंगे।

आज के सोशल मीडिया के दौर में अट्रैक्ट करना बहुत आसान हो गया है लेकिन फिर भी लोग वही घिसी पिटी गलतियां कर रहे हैं। वे सिर्फ अपनी तारीफों के पुल बांधते हैं। बुक कहती है कि आपको अपनी वैल्यू दिखानी होगी न कि चिल्लाकर बतानी होगी। जब आप अपना काम पब्लिक में करते हैं और अपनी प्रोग्रेस दुनिया के साथ शेयर करते हैं तो आप एक मैग्नेट बन जाते हैं। जो लोग आपसे मैच करते हैं वे आपकी तरफ खींचे चले आएंगे। लेकिन नहीं आपको तो बस चुपचाप अपने कमरे में बैठकर चमत्कार का इंतजार करना है।

अट्रैक्शन का मतलब लक या किस्मत नहीं है। यह एक सोची समझी स्ट्रेटजी है। आपको उन जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज करानी होगी जहाँ आपके जैसे लोग मौजूद हैं। इसे हम सिरेंडिपिटी कहते हैं यानी ऐसी सुखद घटनाएं जो अचानक हो जाती हैं। लेकिन ये अचानक तभी होती हैं जब आप मैदान में उतरे होते हैं। अगर आप घर पर सोफे पर बैठकर चिप्स खा रहे हैं तो कोई भी बड़ा इन्वेस्टर या पार्टनर आपके घर का दरवाजा नहीं तोड़ने वाला। स्मार्ट मूव्स का मतलब ही यही है कि आप सही जगह पर सही समय पर मौजूद रहें ताकि किस्मत को भी आपसे टकराने का मौका मिले।


लेसन ३ : अचिव - छोटे कदमों से बड़े पहाड़ तोड़ना

क्या आपको भी लगता है कि बड़ी कामयाबी पाने के लिए आपको रातों रात कोई बहुत बड़ा धमाका करना पड़ेगा। अगर आप ऐसा सोचते हैं तो शायद आप किसी फिल्मी दुनिया में जी रहे हैं। जॉन हेगल हमें बताते हैं कि असली पावर छोटे और स्मार्ट मूव्स में होती है जिन्हें सही दिशा में लगातार लिया जाए। इसे अचिवमेंट का वह तरीका कहिए जहाँ आप हर दिन खुद को बेहतर बनाते हैं और देखते ही देखते आप खेल के सबसे बड़े खिलाड़ी बन जाते हैं। लेकिन आप तो बस एक ही दिन में अंबानी बनने के सपने देख रहे हैं।

मान लीजिए आपको एक बहुत बड़ी बॉडी बनानी है। आप पहले ही दिन जिम जाकर 100 किलो का वजन उठाने की कोशिश करते हैं और अगले दिन आपका शरीर आपको जवाब दे देता है। अब आप हफ़्तों तक बेड पर पड़े रहते हैं। वहीं दूसरा बंदा है जो रोज सिर्फ 15 मिनट एक्सरसाइज करता है लेकिन वह उसे कभी मिस नहीं करता। एक साल बाद वह फिट होगा और आप अभी भी अपने दर्द की मरहम पट्टी कर रहे होंगे। अचीवमेंट का मतलब यही है कि आप बड़े रिजल्ट्स के लिए छोटे छोटे और सही कदम उठाएं।

बुक के हिसाब से आज की दुनिया इतनी तेज बदल रही है कि आप पांच साल का लंबा प्लान नहीं बना सकते। जो लोग बहुत बड़े बड़े प्लान्स बनाकर बैठते हैं वे अक्सर फेल हो जाते हैं क्योंकि जब तक वे एग्जीक्यूट करते हैं तब तक मार्केट बदल चुका होता है। स्मार्ट लोग अपनी परफॉरमेंस को हर छोटे स्टेप पर टेस्ट करते हैं। वे अपनी गलतियों से सीखते हैं और तुरंत रास्ता बदल लेते हैं। लेकिन आपको तो अपनी ईगो प्यारी है। आप सोचते हैं कि जो आपने एक बार सोच लिया वही सही है। यही जिद आपको ले डूबती है।

जब आप छोटे मूव्स लेते हैं तो आपके पास फेल होने का डर कम होता है और सीखने की गुंजाइश ज्यादा होती है। इसे ही इंक्रीमेंटल ग्रोथ कहते हैं। अगर आप आज अपनी लाइफ में सिर्फ एक परसेंट का भी छोटा बदलाव करते हैं तो साल के अंत तक आप कहाँ होंगे इसका अंदाजा भी नहीं लगा सकते। द पावर ऑफ पुल यही सिखाती है कि मोमेंटम ही सब कुछ है। एक बार जब आप चलना शुरू कर देते हैं तो चीजें अपने आप आसान होने लगती हैं। तो अब सोचना बंद करिए और वह पहला छोटा कदम उठाइए जो आप कल पर टाल रहे थे।


दोस्तों, दुनिया तेजी से बदल रही है और द पावर ऑफ पुल हमें उस बदलाव का हिस्सा बनने का मौका दे रही है। क्या आप आज भी पुराने तरीकों से अपनी किस्मत को कोसते रहेंगे या फिर छोटे और स्मार्ट मूव्स लेकर अपनी लाइफ को एक नई दिशा देंगे। कमेंट्स में बताएं कि आप आज अपनी लाइफ को बेहतर बनाने के लिए कौन सा छोटा कदम उठाने वाले हैं। इस आर्टिकल को अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो बड़े सपने तो देखते हैं लेकिन शुरुआत करने से डरते हैं। याद रखिए आपकी एक छोटी सी कोशिश बड़ी चीजों को मोशन में ला सकती है।

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