The Secret Code of Success (Hindi)


क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो दिन भर मोटिवेशनल कोट्स पढ़ते हैं पर बैंक बैलेंस आज भी खाली है। सच तो यह है कि आपकी मेहनत बेकार जा रही है क्योंकि आप गलत कोड डाल रहे हैं। बिना इस सीक्रेट कोड के आपकी लाइफ वैसी ही रहेगी जैसे बिना चाबी के ताला।

नोआ सेंट जॉन की यह बुक हमें बताती है कि क्यों हम खुद ही अपनी सक्सेस के दुश्मन बने बैठे हैं। चलिए जानते हैं वह ७ हिडन स्टेप्स जो आपकी वेल्थ और हैप्पीनेस का रास्ता हमेशा के लिए खोल देंगे।


लेसन १ : अफॉर्मेशंस का जादू और दिमाग की चालाकी

क्या आपको कभी ऐसा लगा है कि आप खुद से झूठ बोल रहे हैं। जब आप आईने के सामने खड़े होकर कहते हैं कि मैं बहुत अमीर हूँ और आपका खाली बटुआ पीछे से आपको चिढ़ा रहा होता है। यह है ट्रेडिशनल अफर्मेशंस की सबसे बड़ी प्रॉब्लम। हमारा दिमाग बहुत चालाक है। जब आप कहते हैं कि मैं करोड़पति हूँ तो आपका सबकॉन्शियस माइंड तुरंत बोलता है कि भाई रहने दे मुझे सब पता है। यहीं पर नोआ सेंट जॉन का सीक्रेट कोड काम आता है जिसे वह अफॉर्मेशंस कहते हैं। यह कोई जादू टोना नहीं है बल्कि आपके दिमाग को काम पर लगाने का एक तरीका है।

इंसानी दिमाग की एक बहुत ही अजीब आदत है। अगर आप इससे कोई सवाल पूछते हैं तो यह तब तक चैन से नहीं बैठता जब तक इसे जवाब न मिल जाए। उदाहरण के तौर पर अगर आप आज ऑफिस में बैठे हैं और खुद से पूछें कि मैं इतना गरीब क्यों हूँ। आपका दिमाग तुरंत लिस्ट बना देगा। क्योंकि तुम आलसी हो। क्योंकि तुम फालतू खर्चे करते हो। क्योंकि तुम्हारी किस्मत खराब है। अब सोचिए अगर आप इस सवाल को ही बदल दें। अगर आप खुद से पूछें कि मैं इतना खुश और अमीर कैसे होता जा रहा हूँ। अब आपका दिमाग मजबूर है। उसे अब उन रास्तों को ढूंढना ही पड़ेगा जो आपको अमीर बनाएंगे।

यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप गूगल पर कुछ सर्च करते हैं। अगर आप गलत कीवर्ड डालेंगे तो गलत रिजल्ट ही मिलेंगे। लेकिन अगर आप सही सवाल पूछेंगे तो गूगल बाबा आपको सही रास्ता दिखाएंगे। हमारे इंडियन घरों में अक्सर सिखाया जाता है कि ज्यादा सवाल मत पूछो। पर यहाँ लेखक कहते हैं कि जितने ज्यादा और सही सवाल आप खुद से पूछेंगे उतनी ही जल्दी आप अपनी लाइफ का लॉक खोल पाएंगे।

मान लीजिए आपको अपनी क्रश से बात करनी है। अगर आप डर के मारे खुद से कहेंगे कि मैं बहुत कॉन्फिडेंट हूँ तो अंदर से धक धक तो होगी ही। लेकिन अगर आप पूछें कि आज मैं इतना कॉन्फिडेंट कैसे हूँ कि सब मेरी तरफ अट्रैक्ट हो रहे हैं। आपका दिमाग तुरंत आपको आपकी पुरानी सक्सेस की याद दिलाएगा। वह आपको बताएगा कि पिछली बार आपने कैसे महफिल लूटी थी। अफॉर्मेशंस आपके दिमाग के उस हिस्से को जगाते हैं जो अब तक सोया हुआ था। यह तरीका उन लोगों के लिए बेस्ट है जो पॉजिटिव सोच तो रखना चाहते हैं पर खुद से झूठ नहीं बोल सकते।

अक्सर हम अपनी लाइफ में उन चीजों पर फोकस करते हैं जो हमारे पास नहीं हैं। हम दुखी होते हैं कि पड़ोसी के पास बड़ी गाड़ी है और हमारे पास सिर्फ साइकिल। पर क्या आपने कभी यह पूछा कि मेरे पास आज जो है उसके लिए मैं इतना लकी कैसे हूँ। जब आप सवाल पूछते हैं तो आप यूनिवर्स को एक सिग्नल भेजते हैं। आप कह रहे हैं कि मुझे पता है कि मेरे पास सक्सेस आने वाली है बस मुझे उसका तरीका जानना है। यह लेसन हमें सिखाता है कि सफलता के लिए सिर्फ हाथ पैर मारना काफी नहीं है। आपको अपने दिमाग के सर्च इंजन को सही दिशा में मोड़ना होगा। वरना आप गोल गोल घूमते रहेंगे और अंत में हाथ कुछ नहीं आएगा।


लेसन २ : सक्सेस एनोरेक्सिया और खुद का रास्ता रोकना

क्या आपने कभी गौर किया है कि जैसे ही आपकी लाइफ में कुछ अच्छा होने वाला होता है आप खुद ही कुछ ऐसा रायता फैला देते हैं कि सब बिगड़ जाता है। मान लीजिए आपकी बहुत अच्छी जॉब लगने वाली है और आप ठीक इंटरव्यू वाले दिन अलार्म बंद करके सो जाते हैं। या फिर आप वेट लॉस करना चाहते हैं और जिम जाने के पहले दिन ही आप चार छोले भटूरे दबा लेते हैं। इसे नोआ सेंट जॉन सक्सेस एनोरेक्सिया कहते हैं। यह एक ऐसी मानसिक बीमारी है जिसमें इंसान सफलता से इतना डरता है कि वह खुद ही अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार लेता है।

हम में से ज्यादातर लोग असल में फेल होने से नहीं बल्कि पास होने से डरते हैं। आप सोच रहे होंगे कि यह क्या बकवास है। भला कोई सफल होने से क्यों डरेगा। पर गहराई में जाकर देखिये। आपके दिमाग में एक डर बैठा है कि अगर मैं सफल हो गया तो लोग मुझसे जलने लगेंगे। अगर मैं अमीर बन गया तो मेरे दोस्त बदल जाएंगे। या फिर सबसे बड़ा डर कि अगर मैं टॉप पर पहुँच गया और वहाँ से गिर गया तो क्या होगा। यह डर आपके दिमाग में एक इनविजिबल दीवार खड़ी कर देता है। आप मेहनत तो पूरी करते हैं पर ऐन मौके पर आपका दिमाग कहता है कि भाई पीछे हट जा वरना बहुत जिम्मेदारी आ जाएगी।

यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप एक हाथ से कार का एक्सीलरेटर दबा रहे हैं और दूसरे पैर से पूरी ताकत लगाकर ब्रेक मार रहे हैं। गाड़ी शोर तो बहुत करेगी धुआं भी छोड़ेगी पर अपनी जगह से हिलेगी नहीं। हमारे समाज में अमीर लोगों को अक्सर विलेन की तरह दिखाया जाता है। फिल्मों में तो यही दिखता है कि गरीब आदमी ईमानदार है और अमीर आदमी का दिल पत्थर का है। बचपन से सुनी यह बातें हमारे अंदर घर कर जाती हैं। फिर जब हम खुद पैसा कमाने निकलते हैं तो हमारा सबकॉन्शियस माइंड चिल्लाता है कि रुक जा अगर तू अमीर बना तो तू भी बुरा बन जाएगा।

सक्सेस एनोरेक्सिया से लड़ने का एक ही तरीका है और वह है अपनी वैल्यू को पहचानना। हम अक्सर दूसरों की नजरों में खुद को तौलते हैं। अगर पड़ोसी ने तारीफ कर दी तो हम खुश और अगर किसी ने मजाक उड़ा दिया तो हम डिप्रेशन में चले जाते हैं। लेखक कहते हैं कि आपको खुद को यह परमिशन देनी होगी कि आप सफलता के हकदार हैं। आपको यह समझना होगा कि आपके पास पैसा आने से आप बुरे इंसान नहीं बनेंगे बल्कि आप और भी ज्यादा लोगों की मदद कर पाएंगे।

सोचिये अगर विराट कोहली यह सोचकर बैटिंग करना छोड़ देते कि अगर मैं ज्यादा रन बनाऊंगा तो लोग मुझसे ज्यादा उम्मीदें पाल लेंगे। तो क्या वह आज यहाँ होते। उन्होंने अपनी सफलता को स्वीकार किया और उसे गले लगाया। आपको भी अपनी लाइफ में वही करना है। जब भी आपको लगे कि आप खुद को पीछे खींच रहे हैं तो रुक कर खुद से पूछिए कि क्या यह वाकई कोई मुश्किल है या मैं खुद ही ब्रेक मार रहा हूँ। पिछले लेसन में हमने सीखा कि दिमाग से सही सवाल कैसे पूछें और इस लेसन में हमने सीखा कि उन सवालों के जवाबों को स्वीकार कैसे करें। जब आप खुद को परमिशन दे देते हैं तब आपकी असली उड़ान शुरू होती है। वरना आप बस किनारे पर खड़े होकर लहरें गिनते रह जाएंगे और समंदर कोई और पार कर ले जाएगा।


लेसन ३ : लविंग मिरर और सही लोगों का साथ

क्या आपने कभी गौर किया है कि आपके पास ऐसे दोस्त भी हैं जो आपकी हर बात पर टांग खींचते हैं। आप कहते हैं कि भाई मैं नया बिजनेस शुरू कर रहा हूँ और उनका जवाब आता है कि भाई तू रहने दे तुझसे दाल चावल नहीं बनते तू बिजनेस क्या खाक करेगा। इसे लेखक कहते हैं रिवर्स मिररिंग। यानी ऐसे लोग जो आपको आपकी कमियां और कमजोरियां ही दिखाते रहते हैं। नोआ सेंट जॉन कहते हैं कि अगर आपको वाकई सक्सेस कोड को क्रैक करना है तो आपको अपनी लाइफ में लविंग मिरर यानी ऐसे लोगों की जरूरत है जो आपकी काबिलियत को देख सकें।

हमारा आत्मविश्वास काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि हमारे आस-पास के लोग हमें कैसे देखते हैं। अगर आप ऐसे लोगों के बीच घिरे हैं जो खुद लाइफ में कुछ नहीं करना चाहते तो वे कभी नहीं चाहेंगे कि आप उनसे आगे निकलें। यह बिल्कुल केकड़े वाली कहानी जैसा है। जैसे ही एक केकड़ा बाल्टी से बाहर निकलने की कोशिश करता है बाकी उसकी टांग पकड़कर नीचे खींच लेते हैं। पर लविंग मिरर वह इंसान होता है जो आपको याद दिलाता है कि आप कौन हैं और आप क्या कर सकते हैं। वह आपकी गलतियां भी बताएगा पर आपका मजाक उड़ाने के लिए नहीं बल्कि आपको सुधारने के लिए।

इंडियन कल्चर में हम अक्सर दोस्तों और रिश्तेदारों को छोड़ने में हिचकिचाते हैं चाहे वे कितने ही टॉक्सिक क्यों न हों। पर याद रखिये कि आपकी इनकम और आपकी खुशहाली उन ५ लोगों का एवरेज है जिनके साथ आप अपना सबसे ज्यादा वक्त बिताते हैं। अगर उन ५ लोगों की लाइफ में कोई गोल नहीं है तो यकीन मानिए छठे नंबर पर आप खड़े हैं। यह सुनने में थोड़ा कड़वा लग सकता है पर अपनी ग्रोथ के लिए आपको अपने सर्कल को फिल्टर करना ही पड़ेगा। यह वैसा ही है जैसे आप सड़ा हुआ सेब टोकरी में नहीं रखते वरना बाकी भी खराब हो जाएंगे।

लेखक यह भी कहते हैं कि लविंग मिरर सिर्फ कोई इंसान ही नहीं बल्कि आपका अपना नजरिया भी हो सकता है। क्या आप खुद के लिए एक अच्छे दोस्त हैं। जब आप कोई गलती करते हैं तो क्या आप खुद को कोसते हैं या फिर खुद को सहारा देकर फिर से खड़े करते हैं। अक्सर हम दूसरों से तो प्यार की उम्मीद करते हैं पर खुद को आईने में देखकर सिर्फ कमियां ही निकालते हैं। अगर आप खुद का सम्मान नहीं करेंगे तो दुनिया भी आपको वही दिखाएगी जो आप खुद महसूस करते हैं।

सफलता का यह कोड बहुत सिंपल है। पहले लेसन में हमने अपने दिमाग के सर्च इंजन को सही सवाल दिए। दूसरे लेसन में हमने खुद को सफल होने की परमिशन दी और खुद के रास्ते से हटे। और अब इस तीसरे लेसन में हमने वह माहौल तैयार किया जहाँ हम फल फूल सकें। जब ये तीनों चीजें एक साथ मिलती हैं तब पैदा होती है वह वेल्थ और हैप्पीनेस जिसके सपने आप बचपन से देख रहे हैं। यह कोई रॉकेट साइंस नहीं है बस अपनी लाइफ के सॉफ्टवेयर को अपडेट करने का एक तरीका है। अगर अब भी आप वही पुरानी आदतें पकड़कर बैठे रहेंगे तो रिजल्ट भी वही पुराने ही मिलेंगे। चॉइस आपकी है कि आप अपनी लाइफ के कोड को डिकोड करना चाहते हैं या फिर बस किस्मत का रोना रोते रहना चाहते हैं।


आज से ही खुद से झूठ बोलना बंद कीजिये। एक पेपर उठाइए और अपना पहला अफॉर्मेशन सवाल लिखिए। क्या आप तैयार हैं उस दीवार को गिराने के लिए जो आपने खुद ही खड़ी की है। अगर हाँ तो कमेंट में सक्सेस लिखिए और इस आर्टिकल को उस दोस्त के साथ शेयर कीजिये जो लाइफ में कुछ बड़ा करना चाहता है। आपकी एक छोटी सी शुरुआत आपकी पूरी दुनिया बदल सकती है। याद रखिये कि कोड आपके हाथ में है बस सही बटन दबाने की देर है।

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