क्या आप अभी भी पुराने जमाने की घिसी पिटी बिजनेस स्ट्रेटेजी अपना रहे हैं। बधाई हो। आप बहुत जल्द अपने कॉम्पिटिटर्स के लिए रास्ता साफ कर रहे हैं। जब आपके कस्टमर्स धीरे धीरे गायब हो जाएंगे तब रोने से अच्छा है कि आप डिकपलिंग का यह कड़वा सच अभी जान लें।
आज हम थैलिस टेक्सीरा की शानदार बुक अनलॉकिंग द कस्टमर वैल्यू चेन से वो ३ लेसन सीखेंगे जो आपके बिजनेस को डूबने से बचा सकते हैं। चलिए इस सफर की शुरुआत करते हैं और देखते हैं कि असली खेल कहाँ हो रहा है।
लेसन १ : डिकपलिंग — कस्टमर की चेन तोड़ना सीखो
बिजनेस की दुनिया में हम अक्सर सोचते हैं कि अगर हमें किसी बड़ी कंपनी को हराना है तो हमें उनसे बेहतर प्रोडक्ट बनाना होगा। पर थैलिस टेक्सीरा कहते हैं कि यह आपकी सबसे बड़ी गलतफहमी है। असल में आपको पूरा प्रोडक्ट नहीं बल्कि कस्टमर की उस 'वैल्यू चेन' को तोड़ना है जिसे वह सालों से फॉलो कर रहा है। इसे ही 'डिकपलिंग' कहते हैं। सोचिए आप एक बड़ी इलेक्ट्रॉनिक दुकान पर जाते हैं। आप वहां घंटों बिताते हैं। सेल्समैन का दिमाग खाते हैं। हर टीवी और फ्रिज को छूकर देखते हैं। और अंत में क्या करते हैं। आप चुपचाप बाहर निकलते हैं और अपने फोन पर अमेज़न खोलकर वही टीवी सस्ते में आर्डर कर देते हैं।
यहाँ क्या हुआ। उस बड़ी दुकान ने आपको प्रोडक्ट दिखाया। उसने आपको डेमो दिया। उसने आपको इन्फोर्मेशन दी। लेकिन 'खरीदने' वाला काम आपने अमेज़न पर किया। अमेज़न ने उस पूरी चेन को तोड़ दिया। उसने सिर्फ वो हिस्सा अपने पास रखा जहाँ से असली पैसा आता है यानी 'परचेजिंग'। बाकी का सिरदर्द उसने उस दुकान वाले के भरोसे छोड़ दिया। यह सुनने में थोड़ा अजीब और शायद उस दुकानदार के लिए बुरा लग सकता है पर यही आज के दौर का सच है। अगर आप अपने कस्टमर की पूरी एक्टिविटी को ध्यान से देखेंगे तो आपको समझ आएगा कि वह आपके पास क्यों आ रहा है। क्या वह आपसे कुछ सीखने आ रहा है या सिर्फ सामान लेने।
मान लीजिए आपका एक जिम है। लोग वहां वर्कआउट करने आते हैं। लेकिन जिम जाने में सबसे बड़ी दिक्कत क्या है। वहां तक जाना और वापस आना। अब यहाँ एक नया स्टार्टअप आता है जो आपको घर पर ही जिम इक्विपमेंट और ऑनलाइन कोचिंग दे देता है। उसने आपके जिम की चेन को डिकपल कर दिया। उसने कस्टमर का ट्रैवलिंग टाइम बचा लिया। अब कस्टमर को आपके महंगे एसी और म्यूजिक सिस्टम से कोई मतलब नहीं है। उसे बस पसीना बहाना है और वह काम उसने अपने बेडरूम में ही कर लिया।
ज्यादातर बिजनेस मालिक इस बात पर रोते रहते हैं कि उनके कस्टमर वफादार नहीं हैं। सच तो यह है कि कस्टमर कभी वफादार नहीं होता। वह सिर्फ अपनी सहूलियत और पैसे का वफादार होता है। अगर कोई उसे वही काम कम मेहनत में करवा दे तो वह आपको पलक झपकते ही छोड़ देगा। डिकपलिंग का असली मतलब यही है कि कस्टमर के पूरे सफर में से वो हिस्सा ढूंढो जहाँ उसे सबसे ज्यादा तकलीफ हो रही है। फिर उस तकलीफ को दूर कर दो। चाहे इसके लिए आपको पूरी इंडस्ट्री के नियम ही क्यों न बदलने पड़ें।
अगर आप आज भी यह सोच रहे हैं कि आपका पुराना ढर्रा चलता रहेगा तो आप शायद नींद में हैं। डिकपलिंग कोई जादू नहीं है। यह सिर्फ कस्टमर के आलस और उसकी समझदारी का फायदा उठाना है। जो लोग इसे समझ जाते हैं वो नेटफ्लिक्स बन जाते हैं और जो नहीं समझते वो ब्लॉकबस्टर की तरह इतिहास के पन्नों में दब जाते हैं। आपको तय करना है कि आप शिकार बनेंगे या शिकारी। क्योंकि इस खेल में बीच का कोई रास्ता नहीं है।
लेसन २ : वैल्यू चेन का असली खेल — समय और पैसा
बिजनेस में अक्सर लोग सिर्फ मुनाफे की बात करते हैं। लेकिन थैलिस टेक्सीरा हमें एक बहुत गहरी बात समझाते हैं। कस्टमर के पास दो ही सबसे कीमती चीजें हैं — पैसा और समय। हर कस्टमर अपनी पूरी लाइफ में बस इन्ही दो चीजों को मैनेज करने की कोशिश कर रहा है। जब भी कोई कस्टमर कुछ खरीदता है तो वह सिर्फ कैश नहीं दे रहा होता बल्कि वह अपना कीमती वक्त भी निवेश कर रहा होता है। अगर आप एक सफल बिजनेस बनाना चाहते हैं तो आपको यह समझना होगा कि आपका कस्टमर कहाँ अपना समय 'बर्बाद' कर रहा है और कहाँ वह पैसा 'बचाना' चाहता है।
सोचिए आप एक बहुत बड़े मॉल में ग्रोसरी शॉपिंग करने जाते हैं। आपको पार्किंग ढूंढने में १५ मिनट लगते हैं। फिर आप ट्राली लेकर गलियों में घूमते हैं। नमक की थैली ढूंढने में आधा घंटा लग जाता है। फिर बिलिंग की लाइन में आप अपनी जिंदगी के हसीन २० मिनट और कुर्बान कर देते हैं। यहाँ आपने पैसा तो दिया ही पर आपने अपना २ घंटा भी खर्च कर दिया। अब यहाँ आता है एक स्मार्ट स्टार्टअप जो कहता है कि आप बस ऐप पर क्लिक करो और १० मिनट में सामान आपके घर। उसने आपका समय बचा लिया। और जैसे ही आपने उसका ऐप इस्तेमाल किया आपने पुराने मॉल को अपनी यादों से डिलीट कर दिया।
हकीकत तो यह है कि आज का कस्टमर बहुत ज्यादा 'इम्पेशेंट' यानी बेताब हो चुका है। उसे सब कुछ अभी और इसी वक्त चाहिए। अगर आपकी वेबसाइट लोड होने में ३ सेकंड से ज्यादा लेती है तो कस्टमर समझता है कि आपने उसका अपमान कर दिया है। वह तुरंत किसी और दुकान पर चला जाता है। यहाँ ईगो दिखाने से काम नहीं चलेगा। आपको यह देखना होगा कि क्या आप कस्टमर की मेहनत कम कर रहे हैं। क्या आप उसके सफर से वो 'फालतू' के स्टेप्स हटा रहे हैं जो उसे इरिटेट करते हैं।
कुछ बिजनेस इसलिए फेल हो जाते हैं क्योंकि वो कस्टमर का पैसा तो बचाते हैं पर उसका समय बहुत ज्यादा ले लेते हैं। वहीं कुछ इसलिए फेल होते हैं क्योंकि वो समय तो बचाते हैं पर बहुत ज्यादा महंगे होते हैं। असली विनर वही है जो इन दोनों का सही बैलेंस ढूंढ ले। जैसे कि आजकल की ऑनलाइन मेडिसिन एप्स। आपको डॉक्टर का पर्चा अपलोड करना है और दवाइयां आपके दरवाजे पर। न केमिस्ट की दुकान पर जाकर खड़े होने की झंझट और न ही 'यह दवा नहीं है' सुनने का डर।
अगर आप अपने बिजनेस में कस्टमर को थका रहे हैं तो यकीन मानिए आप उसे खुद अपने हाथों से अपने कॉम्पिटिटर को गिफ्ट कर रहे हैं। कस्टमर को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका ऑफिस कितना आलीशान है या आपकी टीम कितनी बड़ी है। उसे बस इस बात से मतलब है कि उसका काम कितनी आसानी से हो रहा है। इसलिए अपनी वैल्यू चेन को फिर से देखिये। जहाँ भी कस्टमर को 'काम' करना पड़ रहा है उस हिस्से को खत्म कर दीजिये। जितना कम काम कस्टमर करेगा उतना ज्यादा पैसा आपकी जेब में आएगा। यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है पर आलसी कस्टमर ही सबसे अच्छा कस्टमर होता है क्योंकि वह अपनी सहूलियत के लिए आपको ज्यादा पैसे देने को भी तैयार रहता है।
लेसन ३ : कस्टमर सेंट्रिक डिस्रप्शन — शिकार बनने से बचें
ज्यादातर बड़ी कंपनियां अपनी हार का दोष नई टेक्नोलॉजी को देती हैं। वो कहते हैं कि हम इसलिए पीछे रह गए क्योंकि इंटरनेट आ गया या एआई आ गया। लेकिन थैलिस टेक्सीरा कहते हैं कि यह सिर्फ एक बहाना है। असल में टेक्नोलॉजी आपको नहीं मारती बल्कि आपका कस्टमर आपको छोड़कर चला जाता है क्योंकि कोई और उसे आपसे बेहतर समझ रहा है। इसे ही 'कस्टमर सेंट्रिक डिस्रप्शन' कहते हैं। यहाँ लड़ाई टेक्नोलॉजी की नहीं बल्कि कस्टमर के भरोसे और उसकी जरूरतों की है।
सोचिए एक जमाने में जब आपको टैक्सी चाहिए होती थी तो आप सड़क पर खड़े होकर हाथ हिलाते थे। टैक्सी वाला आपको भाव नहीं देता था। वह आपसे ज्यादा पैसे मांगता था और एसी चलाने के नखरे करता था। फिर उबर और ओला आए। उन्होंने कोई नई कार नहीं बनाई। उन्होंने बस आपके फोन में एक बटन दे दिया। अब टैक्सी आपके पास आती है। ड्राइवर आपको सर कहता है और आप पहले से जानते हैं कि कितने पैसे लगेंगे। यहाँ डिस्रप्शन ऐप की वजह से नहीं हुआ बल्कि इसलिए हुआ क्योंकि पुरानी टैक्सी सर्विस ने कस्टमर को परेशान कर रखा था।
अगर आप एक बड़ा बिजनेस चला रहे हैं तो आपके पास बहुत सारा डेटा होगा। लेकिन क्या आप उस डेटा का इस्तेमाल कस्टमर की लाइफ आसान बनाने में कर रहे हैं। या फिर आप सिर्फ उसे फालतू के ऑफर्स और ईमेल्स भेजकर परेशान कर रहे हैं। डिस्रप्शन तब होता है जब आप अपनी कंपनी के फायदे के बारे में सोचना बंद करके कस्टमर के फायदे के बारे में सोचना शुरू करते हैं। जो लोग खुद को बहुत बड़ा 'एक्सपर्ट' समझते हैं वो अक्सर यह भूल जाते हैं कि बाजार का असली राजा वो इंसान है जिसके हाथ में रिमोट या स्मार्टफोन है।
आज के दौर में अगर आप सुरक्षित रहना चाहते हैं तो आपको खुद अपना सबसे बड़ा दुश्मन बनना पड़ेगा। आपको खुद अपने बिजनेस में वो कमियां ढूंढनी होंगी जो कोई नया स्टार्टअप ढूंढ सकता है। अगर आप खुद को डिस्रप्ट नहीं करेंगे तो कोई और आकर आपको मार्केट से बाहर कर देगा। यह वैसा ही है जैसे आप अपनी पुरानी कार को खुद अपग्रेड कर लें वरना एक दिन वह सड़क के बीच में खड़ी हो जाएगी और लोग बगल से अपनी नई गाड़ियों में निकल जाएंगे।
याद रखिये कि बदलाव डरावना हो सकता है पर यह जरूरी है। आपको अपनी जिद छोड़नी होगी। अगर कस्टमर को अब आपकी सर्विस किसी और तरीके से चाहिए तो उसे वही दीजिये। ईगो पालने से घर नहीं चलता। थैलिस टेक्सीरा की यह बुक हमें सिखाती है कि मार्केट में टिके रहने का एकमात्र तरीका है कि आप कस्टमर के साथ साथ चलें। उससे एक कदम पीछे रहे तो आप इतिहास बन जाएंगे और एक कदम आगे रहे तो आप लीडर बन जाएंगे।
तो दोस्तों, आज हमने सीखा कि कैसे कस्टमर की वैल्यू चेन को समझकर और उसे डिकपल करके आप किसी भी बड़े बिजनेस को टक्कर दे सकते हैं। बिजनेस सिर्फ सामान बेचना नहीं है बल्कि कस्टमर की जिंदगी से मुश्किलों को कम करना है। अब आप खुद से एक सवाल पूछिए। क्या आप अपने काम में कस्टमर का समय बचा रहे हैं या सिर्फ अपना बैंक बैलेंस देख रहे हैं। नीचे कमेंट्स में जरूर बताएं कि आपका पसंदीदा लेसन कौन सा था। इस आर्टिकल को अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो अपना नया स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। याद रखिये कि सीखना बंद तो जीतना बंद।
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