The Gap and the Gain (Hindi)



आप अपनी लाइफ में सब कुछ अचीव करके भी दुखी है क्योंकि आपका दिमाग एक टूटी हुई मशीन है जो सिर्फ कमिया ढूंढता है। बधाई हो, आप अपनी पूरी मेहनत नाली में बहा रहे है और आपको पता तक नहीं है। सच तो यह है कि आप कभी खुश नहीं होंगे।

अगर आप भी इसी चूहा दौड़ में फंसकर अपनी मेंटल पीस खो चुके है तो यह आर्टिकल आपके लिए है। चलिए आज समझते है उन 3 पावरफुल लेसन्स को जो आपकी लाइफ देखने का नजरिया और आपकी सक्सेस की डेफिनेशन को हमेशा के लिए बदल देंगे।


लेसन १ : गैप वर्सेस गेन का अंतर

हमे बचपन से ही सिखाया गया है कि हमेशा ऊँचा देखो और आगे बढ़ो। पर कोई यह नहीं बताता कि जब आप ऊँचा देखते है तो गर्दन में दर्द भी होता है और सामने वाला गड्ढा भी नहीं दिखता। हम सब एक ऐसी रेस में भाग रहे है जिसका फिनिश लाइन कभी आता ही नहीं है। मान लीजिए आपने सोचा कि जब मेरे पास एक लाख रुपये होंगे तब मैं खुश होऊंगा। जैसे ही एक लाख आए आपका दिमाग कहता है कि भाई पड़ोसी के पास तो पांच लाख है। बस यही से शुरू होता है गैप का चक्कर। गैप वह खाली जगह है जो आपके आज के अचीवमेंट और आपके उस परफेक्ट इमेजिनरी गोल के बीच में होती है। आप चाहे कितना भी पा ले आप हमेशा उस खालीपन को देखते रहते है। यह बिलकुल वैसा ही है जैसे आप एक शानदार दावत में बैठे है और आपका ध्यान सिर्फ उस एक डिश पर है जो मेनू में थी पर टेबल पर नहीं आई। आप बाकी के छप्पन भोग का मजा लेने के बजाय उस एक पनीर टिक्का के लिए रो रहे है जो वहां है ही नहीं।

यह गैप वाला माइंडसेट एक जहरीले दोस्त की तरह है। यह आपको कभी क्रेडिट नहीं देगा। आप रात दिन एक करके प्रमोशन पाते है और यह माइंडसेट कहता है कि अरे इसमें क्या बड़ी बात है अगले साल तो तुम्हे मैनेजर बनना चाहिए था। आप जिम जाकर पांच किलो वजन कम करते है और यह गैप वाला दिमाग आपको आईने में दिखाकर कहता है कि अभी भी पेट तो बाहर ही है। हम अपनी जीत को सेलिब्रेट करने के बजाय उसे एक चेकलिस्ट का हिस्सा बना देते है। इस चक्कर में हमारा कॉन्फिडेंस ऊपर जाने के बजाय पाताल में चला जाता है। हम हमेशा खुद को आइडियल वर्जन से कम्पेयर करते है। पर सच तो यह है कि आइडियल सिर्फ एक दिशा दिखाने के लिए होता है वहां तक पहुंचना नामुमकिन है। यह क्षितिज की तरह है जिसे आप जितना छूने की कोशिश करेंगे वह उतना ही दूर होता जाएगा।

अब जरा इसके उलट गेन वाले माइंडसेट को देखिए। गेन का मतलब है पीछे मुड़कर देखना। यह देखना कि आप कल कहा थे और आज कहा है। जब आप गेन में रहते है तो आप अपनी प्रोग्रेस को अपनी पुरानी हार और पुराने वर्जन से नापते है। यह माइंडसेट आपको बताता है कि भले ही आज आपके पास करोड़ों नहीं है पर कम से कम अब आपको बस के धक्के तो नहीं खाने पड़ते। आप अपनी छोटी छोटी जीत को महसूस करते है। जब आप गेन मोड में होते है तो आपका दिमाग डोपामाइन रिलीज करता है जो आपको और मेहनत करने की ताकत देता है। गैप आपको थकाता है जबकि गेन आपको फ्यूल देता है। अगर आप आज भी गैप में जी रहे है तो आप अपनी सक्सेस की खुशी को फ्यूचर के लिए गिरवी रख रहे है। और यकीन मानिए वह फ्यूचर कभी नहीं आएगा क्योंकि आपका दिमाग हमेशा एक नया और बड़ा गैप ढूंढ लेगा।


लेसन २ : सक्सेस को खुद से नापना

अगर गैप एक जहरीला दोस्त है तो दूसरो से तुलना करना वह रिश्तेदार है जो आपकी हर ख़ुशी में कमिया निकालता है। हम अपनी लाइफ की फिल्म को दूसरो के इंस्टाग्राम रील्स के साथ कम्पेयर करने की गलती करते है। आप अपनी मेहनत वाली जर्नी को किसी और के फिनिश लाइन से नाप रहे है। यह तो वही बात हुई कि आप हाथी को पेड़ पर चढ़ने की रेस में बंदर से कम्पेयर कर रहे है। नतीजा क्या होगा? आप खुद को हमेशा लूजर ही समझेंगे। गैप माइंडसेट की सबसे बड़ी बीमारी यही है कि हमारा सक्सेस का पैमाना बाहर की दुनिया तय करती है। अगर पड़ोसी ने नई कार ली है तो आपकी पुरानी कार अचानक आपको कबाड़ लगने लगती है। भले ही वह कार आपको पिछले साल तक जन्नत की सैर कराती थी। हम अपनी खुशी का रिमोट कंट्रोल लोगो के हाथ में दे देते है। और लोग तो वैसे भी सेल सेल में रिमोट बांटने के शौकीन होते है।

इस किताब का दूसरा सबसे बड़ा लेसन यह है कि सक्सेस को सिर्फ खुद से नापिए। आपका मुकाबला सिर्फ उस इंसान से है जिसे आप हर सुबह आईने में देखते है। जब आप अपनी तुलना खुद से करते है तो गेम पूरी तरह बदल जाता है। तब आपको दिखता है कि दो साल पहले आप बात करने में हिचकिचाते थे पर आज आप मीटिंग्स लीड कर रहे है। यह एक गेन है। भले ही आज आपके पास वह बंगला नहीं है जो आपने सोचा था पर आपके पास वह स्किल्स है जो आपको वहां तक ले जाएगी। जब आप खुद को बेंचमार्क बनाते है तो आप अपनी यूनिक स्ट्रेंथ को पहचान पाते है। दूसरो को देखकर भागना आपको सिर्फ थकाएगा पर खुद को बेहतर बनाना आपको इवोल्व करेगा। यह बिलकुल वैसा ही है जैसे आप जिम जाए और सिर्फ अपनी पुरानी फोटो से आज की बॉडी को मैच करे। अगर आप वहां थोडा भी सुधार देखते है तो आप मोटिवेटेड महसूस करेंगे।

पर अगर आप जिम के सबसे तगड़े आदमी को देखकर दुखी हो रहे है तो आप फिर से गैप के जाल में फंस चुके है। हम अक्सर भूल जाते है कि हर किसी की स्टार्टिंग लाइन अलग होती है। कोई खानदानी रईस है तो कोई जीरो से शुरू कर रहा है। ऐसे में कम्पेरिजन करना बेवकूफी के अलावा और कुछ नहीं है। जब आप गेन माइंडसेट अपनाते है तो आप दूसरो की सक्सेस से जलने के बजाय उनसे सीखना शुरू करते है। आप यह समझते है कि उनकी जीत आपकी हार नहीं है। आपकी जीत तो आपकी कल की कमजोरी पर पाई गई विजय है। यह नजरिया आपको एक अजीब सी शांति देता है। अब आपको किसी को कुछ साबित करने की जरूरत नहीं है। आपको बस खुद को कल से बेहतर साबित करना है। और यकीन मानिए यह दुनिया की सबसे बड़ी जीत है क्योंकि इसमें आप कभी हार नहीं सकते।


लेसन ३ : दिन का अंत गेन्स के साथ

अब बात करते है उस सीक्रेट हथियार की जो आपके दिमाग को रातों-रात गैप से निकालकर गेन के मखमली सोफे पर बिठा देगा। ज्यादातर लोग अपने दिन की शुरुआत और अंत चिंता के साथ करते है। रात को सोते समय हम उन दस चीजों के बारे में सोचते है जो आज खराब हुई या जो हम नहीं कर पाए। यह बिलकुल वैसा ही है जैसे आप पूरे दिन मेहनत करके महल बनाए और रात को एक छोटी सी ईंट टेढ़ी होने पर पूरे महल को ही गाली देने लगे। हमारा दिमाग नेगेटिविटी की तरफ चुंबक की तरह खिंचता है। अगर आप इसे खुला छोड़ देंगे तो यह आपको नरक की सैर कराकर ही दम लेगा। इसीलिए आपको अपने दिमाग को ट्रेन करना होगा। और इसका सबसे आसान तरीका है दिन का अंत अपनी जीत के साथ करना। किताब के लेखक सजेस्ट करते है कि हर रात सोने से पहले अपनी डायरी में उन 3 चीजों को लिखे जो आज आपने हासिल की है। यह सुनने में बहुत छोटा और बच्चों वाला काम लग सकता है पर इसके पीछे की साइंस बहुत गहरी है।

जब आप अपनी 3 जीत या गेन्स लिखते है तो आप अपने सबकॉन्शियस माइंड को यह मैसेज देते है कि आप एक विनर है। यह जीत बहुत बड़ी होना जरूरी नहीं है। हो सकता है आज आपने किसी मुश्किल क्लाइंट से शांति से बात की हो या जिम में पांच मिनट एक्स्ट्रा बिताए हो या बस अपने गुस्से पर काबू रखा हो। यह सब गेन्स है। जब आप इन्हें पेपर पर उतारते है तो आपका दिमाग अगले दिन के लिए भी जीत ढूंढना शुरू कर देता है। यह बिलकुल वैसा ही है जैसे आप एक नया फोन खरीदने के बारे में सोचे और अचानक आपको सड़क पर हर दूसरे आदमी के हाथ में वही फोन दिखने लगे। जब आप जीत पर फोकस करते है तो आपको अपनी लाइफ में जीत ही जीत दिखने लगती है। इसे ही सिलेक्टिव अटेंशन कहते है। अगर आप गैप पर फोकस करेंगे तो आपको सिर्फ दुख और कमिया दिखेंगी। पर अगर आप गेन पर फोकस करेंगे तो आपको हर तरफ प्रोग्रेस और मौकों का अम्बार दिखेगा।

लेकिन याद रहे यह कोई मैजिक पिल नहीं है जिसे एक बार खाया और काम खत्म। यह एक प्रैक्टिस है। आपको इसे रोज करना होगा। जैसे ब्रश करना जरूरी है वैसे ही मेंटल हाइजीन के लिए गेन्स लिखना जरूरी है। यह प्रैक्टिस आपको उस फ्यूचर के डर से भी बचाती है जिसकी चिंता में आप आज का दिन बर्बाद कर रहे है। जब आप देखते है कि आप हर दिन कुछ न कुछ नया अचीव कर रहे है तो आपका सेल्फ कॉन्फिडेंस आसमान छूने लगता है। अब आप सक्सेस के पीछे भाग नहीं रहे बल्कि आप अपनी सक्सेस को खुद क्रिएट कर रहे है। आप अपनी खुशी को किसी बड़े गोल के पीछे छुपाकर नहीं रखते बल्कि हर कदम पर उसे महसूस करते है। तो क्या आप तैयार है अपनी लाइफ की स्क्रिप्ट बदलने के लिए? याद रखिए खुश रहने के लिए आपको परफेक्ट होने की जरूरत नहीं है बस आपको कल से थोड़ा बेहतर होना है। और यही इस पूरी किताब का सबसे बड़ा सच है।


आज ही एक डायरी उठाइए और अपने आज के 3 गेन्स लिखिए। खुद को उस गैप की जेल से आजाद कीजिए जिसमे आप सालों से बंद है। आप जितना सोच रहे है उससे कही ज्यादा आगे आ चुके है। अपनी प्रोग्रेस को सेलिब्रेट कीजिए और नीचे कमेंट्स में अपना कम से कम एक आज का गेन जरूर शेयर करे। आपकी एक छोटी सी जीत किसी और के लिए इंस्पिरेशन बन सकती है।

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