Build (Hindi)


बिना किसी प्लान के नया प्रोडक्ट या बिजनेस शुरू कर रहे हैं। बधाई हो आप बहुत जल्द बहुत सारा पैसा और समय बर्बाद करने वाले हैं। जब आईपॉड और नेस्ट जैसी चीजें बनाने वाले टोनी फड़ेल भी फेल हो सकते हैं तो आपकी क्या बिसात है। यह कड़वा सच आपको कोई और नहीं बताएगा।

आज डीवाई बुक्स पर हम टोनी फड़ेल की मशहूर किताब बिल्ड के तीन सबसे बड़े और जरूरी लेसन्स को गहराई से समझेंगे ताकि आप बिजनेस और करियर में फेल होने से बच सकें।


लेसन १ : बिना फेलियर के कोई बड़ा प्रोडक्ट नहीं बनता

पैसा कमाने की जल्दी में लोग अक्सर एक सबसे बड़ी गलती करते हैं। वे बिना सोचे समझे सीधे बड़ा बिजनेस शुरू कर देते हैं। उनको लगता है कि एक बढ़िया आइडिया दिमाग में आया और वे रातोंरात करोड़पति बन गए। टोनी फड़ेल कहते हैं कि असली दुनिया ऐसे काम नहीं करती है। अगर आपको एक बहुत बड़ा और सफल प्रोडक्ट बनाना है तो सबसे पहले आपको खुद को बदलना होगा। आपको फेल होना सीखना होगा।

जब टोनी फड़ेल ने अपने करियर की शुरुआत की थी तब वे भी एक आम इंसान की तरह थे। उनके पास बहुत सारे आइडिया थे पर काम करने का सही तरीका नहीं था। वे एक कंपनी में गए जो बहुत एडवांस चीजें बना रही थी। वहां उन्होंने दिन रात मेहनत की। अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। नतीजा क्या निकला। वह कंपनी पूरी तरह से बंद हो गई। उनका पहला बड़ा प्रोजेक्ट बुरी तरह से फ्लॉप हो गया। उनके सारे सपने एक पल में टूट गए।

क्या उन्होंने हार मान ली। बिल्कुल नहीं। इस बड़े फेलियर से उन्होंने एक बहुत बड़ा लेसन सीखा। उन्होंने समझा कि जब आप कुछ नया बनाने निकलते हैं तो शुरुआत में गलतियां होना तय है। अगर आप पहली बार में ही परफेक्ट बनने की कोशिश करेंगे तो आप कभी कुछ नया नहीं सीख पाएंगे। हमारे आस पास ऐसे बहुत से लोग हैं जो सोचते हैं कि वे पहले ही दिन से सब कुछ सही करेंगे। वे एक नया स्टार्टअप खोलते हैं। बिना मार्केट को समझे बहुत सारा पैसा लगा देते हैं। फिर जब उनका आइडिया फेल होता है तो वे पूरी तरह से टूट जाते हैं।

टोनी फड़ेल की यह किताब हमें सिखाती है कि फेल होना कोई बुरी बात नहीं है। बुरा तब है जब आप उस फेलियर से कुछ सीखते नहीं हैं। एप्पल कंपनी में जब आईपॉड बन रहा था तब भी सैकड़ों बार डिजाइन फेल हुए थे। कई बार टीम को लगा कि यह काम नहीं करेगा। पर हर फेलियर से एक नया रास्ता निकला। आपको भी अपने करियर और बिजनेस में यही सोच रखनी होगी। शुरुआत हमेशा छोटी होनी चाहिए। पहले एक छोटा सा प्रोडक्ट बनाइए। उसे मार्केट में टेस्ट कीजिए। लोग उसमें क्या कमियां निकाल रहे हैं उसे ध्यान से सुनिए।

आपकी गलतियां ही आपका सबसे बड़ा गुरु हैं। जब आप अपनी कमियों को ठीक करते जाते हैं तब जाकर एक बेहतरीन प्रोडक्ट तैयार होता है। इसलिए अगर आप भी कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं तो आज ही से फेल होने का डर दिमाग से निकाल दीजिए। तैयार रहिए हर उस गलती के लिए जो आपको आपके लक्ष्य के करीब ले जाएगी।


लेसन २ : सही मेंटर खोजना ही आपकी असली ताकत है

पहले लेसन में हमने सीखा कि फेल होने से कैसे डरना नहीं है। पर जब आप उस डर को छोड़कर आगे बढ़ते हैं तो आपको एक और बड़ी दीवार का सामना करना पड़ता है। वह दीवार है अकेले सब कुछ करने की सनक। लोग सोचते हैं कि मैं ही सबसे बुद्धिमान हूँ। मुझे किसी की सलाह की जरूरत नहीं है। टो尼 फड़ेल कहते हैं कि यह सोच आपको सीधा खाई में ले जाएगी। बिजनेस और करियर की इस लंबी लड़ाई में आपको एक सही गाइड यानी मेंटर की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।

जब टोनी फड़ेल एप्पल कंपनी में काम कर रहे थे तब उनके पास विजन तो था पर कॉर्पोरेट दुनिया के दांव पेच की समझ नहीं थी। वहां उन्हें स्टीव जॉब्स के रूप में एक ऐसा मेंटर मिला जिसने उनके काम करने का पूरा तरीका ही बदल दिया। स्टीव जॉब्स कोई सीधे और सरल इंसान नहीं थे। वे बहुत सख्त थे। वे छोटी से छोटी गलती पर भी चिल्ला उठते थे। पर टोनी फड़ेल ने उनके इस गुस्से के पीछे छिपे हुए विजन को देखा। उन्होंने समझा कि एक सच्चा मेंटर आपको केवल दिलासा नहीं देता। वह आपको आपकी औकात दिखाता है। वह आपके काम को और बेहतर बनाने के लिए आपको मजबूर करता है।

हमारे समाज में लोग मेंटर का मतलब गलत समझते हैं। वे सोचते हैं कि मेंटर वो है जो बस हां में हां मिलाए। जो आपकी झूठी तारीफ करे और आपको खुश रखे। अगर आपका मेंटर भी ऐसा ही है तो बधाई हो आप बहुत प्यार से डूबने वाले हैं। एक अच्छा मेंटर वो नहीं है जो आपको रास्ता दिखाए। अच्छा मेंटर वो है जो रास्ते में आने वाले गड्डों के बारे में आपको पहले ही सावधान कर दे। वह आपको वो कड़वा सच बोलता है जो आपके दोस्त या परिवार वाले कभी नहीं बोल पाएंगे।

आज के युवाओं की सबसे बड़ी दिक्कत यही है। वे दो किताबें पढ़कर खुद को भगवान समझने लगते हैं। वे किसी अनुभवी इंसान की बात सुनना ही नहीं चाहते। वे सोचते हैं कि इंटरनेट पर सब कुछ मौजूद है तो गुरु की क्या जरूरत है। पर इंटरनेट आपको जानकारी दे सकता है अनुभव नहीं। अनुभव केवल उस इंसान से मिलता है जिसने खुद उस रास्ते पर चलकर ठोकरें खाई हों। जब आप एक सही मेंटर चुनते हैं तो आप दूसरों की दस साल की गलतियों से दस मिनट में सीख जाते हैं। इससे आपका वो कीमती समय बचता है जो आप खुद गलती करके गंवाने वाले थे।

मेंटर खोजना कोई आसान काम नहीं है। इसके लिए आपको अपना अहंकार छोड़ना होगा। आपको यह मानना होगा कि आप सब कुछ नहीं जानते। जब आप सीखने की इच्छा लेकर किसी के पास जाते हैं तभी आपको सही रास्ता मिलता है। टोनी फड़ेल की यह बात हमेशा याद रखिए कि एक महान प्रोडक्ट के पीछे हमेशा एक महान गाइड का हाथ होता है। इसलिए अकेले भागना बंद कीजिए। किसी ऐसे इंसान को ढूंढिए जो आपकी कमियों को पकड़ सके और आपको हर दिन बेहतर बनने के लिए मजबूर कर सके। तभी आप इस बिजनेस की रेस में टिक पाएंगे।


लेसन ३ : प्रोडक्ट ऐसा बनाएं जो लोगों की असली प्रॉब्लम साल्व करे

जब आप फेल होने का डर छोड़ देते हैं और एक सही मेंटर ढूंढ लेते हैं तब असली खेल शुरू होता है। अब समय आता है उस चीज को बनाने का जिसके लिए आप इतनी मेहनत कर रहे हैं। पर यहाँ भी लोग एक बहुत बड़ी जाल में फंस जाते हैं। वे सोचते हैं कि मैं दुनिया का सबसे सुंदर और अनोखा प्रोडक्ट बनाऊंगा। वे केवल दिखावे पर ध्यान देते हैं। टोनी फड़ेल कहते हैं कि सुंदरता बाद में आती है पहले उपयोगिता आती है। अगर आपका प्रोडक्ट लोगों की असली समस्या को हल नहीं कर रहा है तो आपका आइडिया बेकार है।

जब नेस्ट कंपनी में नया थर्मोस्टेट बन रहा था तब टोनी फड़ेल के सामने कई चुनौतियां थीं। बाजार में पहले से बहुत से डिज़ाइन मौजूद थे। पर वे सब बहुत पेचीदा थे। आम इंसान को उन्हें समझने में बहुत दिक्कत होती थी। टोनी फड़ेल ने तय किया कि वे केवल एक सुंदर डिज़ाइन नहीं बनाएंगे। वे एक ऐसा डिवाइस बनाएंगे जो लोगों की लाइफ को सच में आसान करे। उन्होंने एक ऐसा प्रोडक्ट बनाया जो खुद सीखता है कि आपको कब कितनी गर्मी या ठंडक चाहिए। उसने लोगों का बिजली का बिल बचाया। उसने एक असली प्रॉब्लम को साल्व किया। तभी वह सुपरहिट हुआ।

आजकल के नए स्टार्टअप्स को देखिए। वे ऐसी चीजें बना रहे हैं जिनकी किसी को जरूरत ही नहीं है। वे केवल फैंसी तकनीक और बड़े बड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। वे भूल जाते हैं कि ग्राहक को आपकी तकनीक से कोई मतलब नहीं है। ग्राहक को केवल इस बात से मतलब है कि आपका प्रोडक्ट उसका समय या पैसा कैसे बचा रहा है। अगर आप केवल अपने शौक के लिए कुछ बना रहे हैं तो उसे बिजनेस मत कहिए। बिजनेस वही है जो किसी की मजबूरी या जरूरत को पूरा करे।

यह तीसरा लेसन पहले दोनों लेसन्स से सीधे जुड़ा हुआ है। जब आप अपनी गलतियों से सीखते हैं और मेंटर की कड़वी बातें सुनते हैं तब आपको समझ आता है कि ग्राहक क्या चाहता है। एक बेहतरीन प्रोडक्ट रातोंरात नहीं बनता। उसके लिए आपको बार बार ग्राहक के पास जाना पड़ता है। उसकी डांट और शिकायतें सुननी पड़ती हैं। जब आप लोगों की तकलीफ को अपनी तकलीफ समझने लगते हैं तब जाकर एक ऐसा प्रोडक्ट बनता है जो इतिहास रचता है। दिखावे की दुनिया से बाहर निकलिए और काम की चीजें बनाना शुरू कीजिए।


तो दोस्तों टोनी फड़ेल की इस किताब से आज हमने तीन बड़े लेसन्स सीखे। पहला यह कि फेल होने से कभी मत डरिए। दूसरा यह कि लाइफ में एक सही मेंटर का होना बहुत जरूरी है। और तीसरा यह कि हमेशा ऐसा प्रोडक्ट बनाइए जो लोगों की असली प्रॉब्लम को दूर करे। यह तीनों बातें केवल बिजनेस के लिए नहीं बल्कि आपके पूरे करियर के लिए जरूरी हैं।

अब आपकी बारी है। नीचे कमेंट सेक्शन में हमें जरूर बताइए कि इन तीनों में से कौन सा लेसन आपको सबसे अच्छा लगा। क्या आपके पास भी कोई ऐसा आइडिया है जो लोगों की लाइफ बदल सकता है। इस आर्टिकल को अपने उन दोस्तों के साथ जरूर शेयर कीजिए जो अपना नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं। आपकी एक शेयरिंग किसी का पूरा करियर बदल सकती है। आज ही से छोटे कदम उठाइए और कुछ बड़ा बनाना शुरू कीजिए।

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