क्या आप भी रोज सुबह उसी पुरानी घिसी-पिटी जिंदगी को गले लगाने के लिए उठते हैं। बधाई हो, आप उस भीड़ का हिस्सा हैं जो सिर्फ दूसरों के सपने पूरे करने के लिए पैदा हुई है। अगर बिना किसी प्लानिंग के अमीर बनने का सपना देख रहे हैं, तो यकीन मानिए, लॉटरी का टिकट ही आपका आखिरी सहारा है। इस अनकॉमन सक्सेस की राह पर न चलकर आप अपनी लाइफ को और भी कॉमन और बोरिंग बना रहे हैं।
इस जाल से बाहर निकलने का समय आ गया है। जॉन ली डूमास की यह कमाल की किताब हमें उन ३ शक्तिशाली लेसन्स के बारे में बताती है जो आपको फाइनेंसियल फ्रीडम और सच्ची सफलता के सीधे रास्ते पर ले जाएंगे। आइए इन्हें गहराई से समझते हैं।
लेसन १ : अपनी खुद की एक अलग पहचान ढूंढना यानी डिफाइन योर अवतार
क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप हर किसी को खुश करने की कोशिश करते हैं तो असल में आप किसी को भी खुश नहीं कर पाते हैं। हमारे आसपास के बहुत से लोग एक बहुत बड़ी गलती करते हैं। वे एक ऐसा बिजनेस शुरू करना चाहते हैं जो बच्चों से लेकर दादाजी तक सबको पसंद आए। वे सोचते हैं कि उनका प्रोडक्ट हर कोई खरीदेगा। लेकिन सच तो यह है कि जब आप सबके लिए कुछ बनाने निकलते हैं तो आप किसी के लिए भी खास नहीं बन पाते हैं। जॉन ली डूमास कहते हैं कि अगर आपको अनकॉमन सक्सेस चाहिए तो आपको सबसे पहले अपने परफेक्ट कस्टमर को पहचानना होगा। इसी को बिजनेस की भाषा में अवतार कहा जाता है।
यह अवतार कोई जादू का कैरेक्टर नहीं है। यह असल में आपके सबसे परफेक्ट कस्टमर का एक खाका है। आपको उसके बारे में सब कुछ पता होना चाहिए। उसे सुबह कितने बजे उठना पसंद है। उसे कौन सा खाना अच्छा लगता है। वह रात को किस चिंता की वजह से सो नहीं पाता है। जब आप इस हद तक जाकर अपने अवतार को समझ लेते हैं तो आपका काम आसान हो जाता है।
आइए इसे एक बहुत ही मजेदार और सिंपल उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए आप एक रेस्टोरेंट खोलना चाहते हैं। अब आप सोचते हैं कि मैं एक ही छत के नीचे चाइनीज भी बेचूँगा साउथ इंडियन भी रखूँगा इटालियन पास्ता भी बनाऊँगा और साथ में कड़क चाय भी पिलाऊँगा। आपको लगेगा कि वाह क्या आइडिया है। दुकान पर तो पैर रखने की जगह नहीं मिलेगी। लेकिन असलियत में क्या होता है। जो इंसान बेहतरीन डोसा खाना चाहता है वह आपके पास कभी नहीं आएगा। क्यों। क्योंकि उसे पता है कि आप तो सब कुछ बनाते हैं तो आपका डोसा उतना खास नहीं होगा। वह उस दुकान पर जाएगा जो सिर्फ और सिर्फ बेहतरीन डोसा बनाने के लिए जानी जाती है। आपकी दुकान एक खिचड़ी बनकर रह जाएगी जिसे लोग मजबूरी में तो खा सकते हैं पर चाव से कभी नहीं।
ठीक यही बात आपके करियर और आपके कंटेंट पर भी लागू होती है। जब आप अपने ब्लॉग या बिजनेस के लिए सिर्फ एक इंसान को ध्यान में रखकर काम करते हैं तो आपकी बातें सीधे उसके दिल पर लगती हैं। उसे लगता है कि यह आर्टिकल तो सिर्फ उसी के लिए लिखा गया है। यही वह सीक्रेट है जो एक आम बिजनेस को एक ब्रांड बना देता है।
जब आप अपने अवतार को बिल्कुल साफ देख लेते हैं तो आपके लिए फैसले लेना बहुत आसान हो जाता है। आपको पता होता है कि आपको क्या लिखना है और क्या नहीं लिखना है। आपको यह भी मालूम होता है कि आपके उस परफेक्ट कस्टमर की सबसे बड़ी समस्या क्या है जिसे आप हल कर सकते हैं। जब आप उसकी एक बड़ी प्रॉब्लम को पूरी तरह खत्म कर देते हैं तो वह आपका लाइफटाइम फैन बन जाता है। वह आपके काम को दूसरों के साथ खुद शेयर करता है।
भीड़ का हिस्सा बनकर चलना बहुत आसान है लेकिन भीड़ में पहचान खो जाना उससे भी ज्यादा आसान है। अगर आप आज भी यही सोच रहे हैं कि आपका कंटेंट इंटरनेट पर मौजूद हर एक इंसान देखे तो समझ जाइए कि आप अपनी एनर्जी को गलत जगह बर्बाद कर रहे हैं। अपनी ताकत को समेटिए। किसी एक खास इंसान की बड़ी जरूरत को पकड़िए और उस पर अपना पूरा फोकस लगा दीजिए। जब आप सिर्फ एक इंसान के लिए परफेक्ट बन जाते हैं तो धीरे-धीरे आपके जैसे हजारों लोग आपके साथ जुड़ने लगते हैं। यही अनकॉमन सक्सेस की पहली सीढ़ी है।
लेसन २ : मार्केट में खाली जगह को भरना यानी फाइंड द वॉइड
अपने परफेक्ट कस्टमर यानी अवतार को चुनने के बाद अब बारी आती है मार्केट में अपनी असली जगह बनाने की। बहुत से लोग यहीं पर आकर घुटने टेक देते हैं। वे सोचते हैं कि भाई जिस फील्ड में मैं जाना चाहता हूँ वहाँ तो पहले से ही बड़े-बड़े सूरमा बैठे हैं। इंटरनेट पर तो हर टॉपिक पर लाखों वीडियो और ब्लॉग पहले से ही मौजूद हैं। अब भला मुझे कौन पढ़ेगा या देखेगा। अगर आप भी यही सोचकर घर बैठे हैं तो जॉन ली डूमास आपको एक बहुत बड़ा सच बताना चाहते हैं। वे कहते हैं कि मार्केट कभी भी पूरी तरह से भरा हुआ नहीं होता। बस आपको उस भीड़ के बीच की खाली जगह को ढूंढना आना चाहिए जिसे बिजनेस की दुनिया में फाइंड द वॉइड कहते हैं।
इसे समझने के लिए जरा अपने आसपास देखिए। जब आप किसी नए शहर में जाते हैं तो आपको हर नुक्कड़ पर कपड़े की दुकानें दिखाई देती हैं। हर कोई जीन्स टीशर्ट और शर्ट बेच रहा है। अब अगर आप भी उनके बगल में एक और वैसी ही दुकान खोल लेंगे तो क्या होगा। आप भी उसी भीड़ का हिस्सा बन जाएंगे और दिन भर ग्राहकों के लिए तरसेंगे। लेकिन मान लीजिए कि आप उस मार्केट को ध्यान से देखते हैं और आपको पता चलता है कि उस पूरे इलाके में कोई भी ऐसी दुकान नहीं है जो सिर्फ और सिर्फ दूल्हे के कपड़े यानी शेरवानी बेचती हो। लोग शेरवानी खरीदने के लिए पचास किलोमीटर दूर दूसरे शहर जाते हैं। बस यही वह खाली जगह है जिसे आपको ढूंढना था। अब जब आप वहाँ शेरवानी की स्पेशल दुकान खोलेंगे तो लोग खुद चलकर आपके पास आएंगे क्योंकि पूरे मार्केट में आपका कोई मुकाबला ही नहीं है।
हमारे ब्लॉगिंग और कंटेंट क्रिएशन के काम में भी बिल्कुल ऐसा ही होता है। आज इंटरनेट पर बुक समरी बताने वाले हजारों चैनल्स और वेबसाइट्स हैं। कोई पूरी किताब पढ़कर सुना रहा है तो कोई सिर्फ दो लाइनों में बात खत्म कर रहा है। लेकिन डीवाई बुक्स ने क्या किया। हमने देखा कि लोग लंबी-लंबी बातें सुनकर बोर हो जाते हैं और छोटी बातों से उन्हें पूरा ज्ञान नहीं मिलता। इसलिए हमने एक ऐसी जगह चुनी जहाँ हम आपको हर किताब से सिर्फ ३ सबसे बड़े लाइफ चेंजिंग लेसन्स बताते हैं वह भी आपकी अपनी सिंपल भाषा में। हमने उस खाली जगह को पकड़ा जहाँ लोग गहरा ज्ञान भी चाहते थे और अपना समय भी बचाना चाहते थे।
भीड़ का पीछा करना बंद कीजिए। यह देखना बंद कीजिए कि दूसरे लोग क्या कर रहे हैं। इसके बजाय यह देखिए कि दूसरे लोग कहाँ गलती कर रहे हैं। वे अपने रीडर्स या कस्टमर्स को ऐसी कौन सी चीज है जो नहीं दे पा रहे हैं। जब आप उस अधूरी कमी को पूरा करने की जिम्मेदारी उठा लेते हैं तो आप मार्केट के राजा बन जाते हैं। तब आपको कस्टमर के पीछे नहीं भागना पड़ता बल्कि कस्टमर आपको ढूंढते हुए आता है।
याद रखिए कि जब रास्ता पहले से साफ न हो तो खुद अपना रास्ता बनाना पड़ता है। दूसरों की नकल करके आप कभी भी अनकॉमन सक्सेस हासिल नहीं कर सकते। नकल करने वाले हमेशा दूसरे नंबर पर ही रहते हैं। अगर आपको नंबर वन बनना है तो आपको वह खाली जगह भरनी होगी जो अब तक सूनी पड़ी है। अपने काम को इतना अनोखा बना दीजिए कि लोग चाहकर भी आपकी तुलना किसी और से न कर सकें। जब आप मार्केट की इस खाली जगह को अपनी ताकत बना लेते हैं तो आपकी सफलता का रास्ता बिल्कुल साफ हो जाता है।
लेसन ३ : एक सही मेंटर का साथ चुनना यानी फाइंड ए मेंटर
अब जब आपने अपना अवतार भी चुन लिया है और मार्केट की खाली जगह को भी ढूंढ लिया है तो आपको लगेगा कि बस अब तो गाड़ी चल पड़ी। अब तो सीधे सफलता के स्टेशन पर ही जाकर रुकेगी। लेकिन ठहरिए। असली परीक्षा तो अब शुरू होती है। जॉन ली डूमास कहते हैं कि जब आप एक नए और अनकॉमन रास्ते पर चलते हैं तो सबसे बड़ी गलती यह करते हैं कि आप सब कुछ खुद ही करने की कोशिश करने लगते हैं। आप सोचते हैं कि मैं खुद ही रास्ता ढूंढ लूँगा। खुद ही ठोकर खाकर सीख जाऊँगा। लेकिन दोस्त इस चक्कर में आपका जो सबसे कीमती एसेट यानी आपका समय बर्बाद होता है उसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता। इसीलिए अनकॉमन सक्सेस का तीसरा और सबसे बड़ा सीक्रेट है एक सही मेंटर का साथ चुनना।
इसे एक बहुत ही सिंपल और मजेदार उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए आपको एक घने जंगल के पार जाना है जहाँ आज से पहले आप कभी नहीं गए। अब आपके पास दो रास्ते हैं। पहला रास्ता यह है कि आप खुद अपनी कुल्हाड़ी उठाएं झाड़ियों को काटें रास्ता बनाएं और आगे बढ़ें। इस रास्ते में क्या होगा। हो सकता है आप किसी दलदल में फंस जाएं। हो सकता है कोई जंगली जानवर आप पर हमला कर दे। या फिर हो सकता है कि आप गोल-गोल घूमकर वापस उसी जगह पर आ जाएं जहाँ से शुरू किया था। अब जरा दूसरा रास्ता देखिए। आपको जंगल के बाहर एक ऐसा इंसान मिलता है जो उस जंगल को अपनी हथेली की तरह जानता है। वह वहाँ सालों से रह रहा है और उसे पता है कि कहाँ दलदल है और कहाँ सीधा रास्ता। वह आपका हाथ पकड़ता है और बिना किसी चोट के आपको चंद घंटों में जंगल के पार पहुंचा देता है। बस यही फर्क होता है एक मेंटर के बिना और एक मेंटर के साथ चलने में।
हमारे करियर और बिजनेस में भी बिल्कुल यही नियम लागू होता है। जब आप डीवाई बुक्स पर यह आर्टिकल पढ़ रहे हैं तो आप असल में क्या कर रहे हैं। आप जॉन ली डूमास के सालों के अनुभव को सिर्फ कुछ मिनटों में सीख रहे हैं। जॉन ली डूमास ने जो गलतियां अपने जीवन में कीं और उनसे जो सीखा वह सब उन्होंने इस किताब में लिख दिया ताकि आपको वह गलतियां दोबारा न करनी पड़ें। एक सही मेंटर आपकी पीठ पर बैठकर आपको रास्ता नहीं दिखाता बल्कि वह आपको यह बताता है कि आगे जो गड्ढा आने वाला है उससे कैसे बचना है।
बहुत से लोग सोचते हैं कि मेंटर ढूंढने के लिए लाखों रुपए खर्च करने पड़ेंगे या किसी बड़े बिजनेसमैन के पैर पकड़ने पड़ेंगे। ऐसा बिल्कुल नहीं है। एक किताब एक पॉडकास्ट या फिर डीवाई बुक्स का एक आर्टिकल भी आपका मेंटर बन सकता है। बशर्ते आप उनकी बातों को सिर्फ सुनें नहीं बल्कि अपनी लाइफ में लागू भी करें। अगर आप आज भी अकेले ही सब कुछ करने की जिद पर अड़े हैं तो समझ जाइए कि आप अपनी सफलता की स्पीड को खुद ही धीमा कर रहे हैं।
अहंकार को किनारे रखिए। यह मानना बंद कीजिए कि आपको सब कुछ आता है। दुनिया के जितने भी बड़े और सफल लोग हुए हैं उन सबका कोई न कोई मेंटर जरूर रहा है। जब आप एक सही गाइडेंस के साथ आगे बढ़ते हैं तो आपका कॉन्फिडेंस अलग ही लेवल पर होता है। आपको पता होता है कि अगर आप कहीं गिरेंगे भी तो कोई है जो आपको उठाकर फिर से खड़ा कर देगा। इसलिए देर मत कीजिए। अपने फील्ड के सबसे बेहतरीन इंसान को अपना मेंटर बनाइए उनके नक्शेकदम पर चलिए और अपनी सफलता की स्पीड को दस गुना बढ़ा दीजिए।
तो दोस्तों, आज हमने जॉन ली डूमास की किताब से यह जाना कि अनकॉमन सक्सेस का रास्ता कोई जादू नहीं है। यह एक सीधा और साफ रास्ता है। पहले अपना एक परफेक्ट अवतार चुनिए। फिर मार्केट की खाली जगह को भरिए और अंत में एक सही मेंटर का हाथ पकड़कर तेजी से आगे बढ़ जाइए।
अब गेंद आपके पाले में है। क्या आप आज भी उसी भीड़ का हिस्सा बने रहना चाहते हैं जो सिर्फ दूसरों के सपने पूरे करती है। या फिर आज ही अपना पहला कदम उठाकर अपनी अनकॉमन सक्सेस की कहानी लिखना चाहते हैं। इस आर्टिकल को सिर्फ पढ़कर छोड़ मत दीजिए। नीचे कमेंट बॉक्स में मुझे अभी बताइए कि इन ३ लेसन्स में से कौन सा लेसन आपकी लाइफ को बदलने वाला है। अपने उस दोस्त के साथ इस आर्टिकल को जरूर शेयर कीजिए जो अपनी लाइफ में कुछ बड़ा करना चाहता है। उठिए आगे बढ़िए और अपनी किस्मत खुद बदलिए।
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