अभी भी आप वही घिसी पिटी सर्विस देकर कस्टमर के लौटने का वेट कर रहे हैं? क्या जोक है। आप शायद अपनी दुकान और इज्जत दोनों को डूबते हुए देखना एन्जॉय कर रहे हैं। बिना कस्टमर सर्विस के सीक्रेट्स जाने आप सिर्फ अपनी नाकामी की कहानी लिख रहे हैं।
आज के इस जबरदस्त ब्लॉग में हम शेप हायकेन की बुक अमेज़ एवरी कस्टमर एवरी टाइम से कस्टमर सर्विस के वो दमदार लेसन सीखेंगे जो आपके बिजनस को एक बड़े ब्रांड में बदल देंगे। आइये जानते हैं वह जादुई तरीके जो हर कस्टमर को आपका दीवाना बना देंगे।
लेसन १ : मोमेंट्स ऑफ मैजिक बनाना
बिजनस की दुनिया में अक्सर लोग सोचते हैं कि कस्टमर को खुश करने के लिए कोई बहुत बड़ा धमाका करना पड़ेगा। पर असलियत में कहानी कुछ और ही है। शेप हायकेन कहते हैं कि आपको हर बार कोई महल खड़ा करने की जरूरत नहीं है। बस छोटे छोटे मौकों पर कस्टमर की उम्मीद से एक कदम आगे निकलना है। इसे लेखक मोमेंट्स ऑफ मैजिक कहते हैं।
सोचिये आप एक रेस्टोरेंट में जाते हैं और वेटर सिर्फ खाना लाकर रख देता है। यह एक साधारण बात है। इसे मोमेंट ऑफ मिज़री या मोमेंट ऑफ मेडियोक्रिटी कह सकते हैं। लेकिन अगर वही वेटर आपको बिना मांगे एक्स्ट्रा टिश्यू पेपर ला दे या बस मुस्कुराकर पूछ ले कि खाना कैसा लगा तो वह एक छोटा सा जादू बन जाता है। इंडिया में हम अक्सर सर्विस के नाम पर सिर्फ काम निपटाने में विश्वास रखते हैं। दुकानदार ऐसे बैठते हैं जैसे कस्टमर पर अहसान कर रहे हों। अगर आप भी इसी कैटेगरी में आते हैं तो मुबारक हो आप अपनी बर्बादी का रास्ता खुद साफ कर रहे हैं।
असली मैजिक तब होता है जब आप कस्टमर की छोटी छोटी जरूरतों को समझते हैं। मान लीजिये आपकी मोबाइल की दुकान है। एक कस्टमर टेम्पर्ड ग्लास लगवाने आता है। आप ग्लास तो लगाते ही हैं पर साथ में उसके फोन का कवर भी फ्री में साफ कर देते हैं। इसमें आपका कोई खर्चा नहीं हुआ। बस दो मिनट की मेहनत लगी। लेकिन उस कस्टमर के दिमाग में आपकी इमेज एक हीरो जैसी बन गई। वह अगली बार चार दोस्तों को लेकर आपके पास ही आएगा।
ज़्यादातर बिजनस ओनर अपनी अकड़ में रहते हैं। उन्हें लगता है कि माल अच्छा है तो लोग अपने आप आएँगे। भाई साहब वह जमाना गया। अब लोग सिर्फ प्रोडक्ट नहीं खरीदते। वे एक्सपीरियंस खरीदते हैं। अगर आपका व्यवहार रुखा है तो कस्टमर आपके पास दोबारा नहीं फटकेगा। चाहे आप सोना ही क्यों न बेच रहे हों। आपको हर छोटे टचपॉइंट पर ध्यान देना होगा। चाहे वह फोन पर बात करना हो या बिलिंग काउंटर पर लाइन कम करना।
याद रखिये कि छोटे छोटे जादू ही मिलकर एक बड़ी ब्रांड वैल्यू बनाते हैं। जब आप लगातार मोमेंट्स ऑफ मैजिक क्रिएट करते हैं तो कस्टमर को आपके ब्रांड से प्यार हो जाता है। वह आपका कस्टमर नहीं बल्कि आपका मार्केटिंग मैनेजर बन जाता है। वह खुद ही दुनिया को बताएगा कि आपकी सर्विस कितनी लाजवाब है। इसलिए आज से ही अपनी सर्विस में वह छोटा सा एक्स्ट्रा तड़का लगाना शुरू कीजिये। क्योंकि बिना जादू के बिजनस सिर्फ एक बोझ है जिसे आप ढो रहे हैं।
लेसन २ : प्रॉब्लम को अवसर में बदलना
ज्यादातर बिजनस वाले तब घबरा जाते हैं जब कोई कस्टमर चिल्लाते हुए उनकी दुकान पर आता है। वे या तो बहस करने लगते हैं या फिर बहाने बनाने लगते हैं। लेकिन शेप हायकेन कहते हैं कि एक नाराज कस्टमर असल में आपके लिए लॉटरी का टिकट है। अगर आप उसकी प्रॉब्लम को सही तरीके से सुलझा देते हैं तो वह कस्टमर पहले से भी ज्यादा वफादार बन जाता है। इसे ही रिकवरी का जादू कहते हैं।
मान लीजिये आपने ऑनलाइन एक ब्रांडेड जूता मंगवाया। लेकिन जब डिब्बा खुला तो उसमें बाएं पैर के दो जूते निकले। अब आपका पारा सातवें आसमान पर होगा। आप कस्टमर केयर को फोन लगाते हैं। अब यहाँ दो चीजें हो सकती हैं। या तो वो आपको नियमों की किताब पढ़ाएँ और कहें कि सात दिन वेट करो। या फिर वो तुरंत माफी मांगें और कहें कि हम आज ही नया जूता भेज रहे हैं और साथ में आपकी परेशानी के लिए एक डिस्काउंट कूपन भी दे रहे हैं। अब आप ही बताइये कि आप दोबारा कहाँ से शॉपिंग करेंगे।
इंडिया में तो लोग गलती मानकर खुश ही नहीं होते। अगर आप किसी हलवाई को बोल दें कि समोसा ठंडा है तो वह आपको ही ऐसे देखेगा जैसे आपने उसकी जायदाद मांग ली हो। वह कहेगा कि अभी तो कढ़ाई से निकाला है। भाई साहब अपनी ईगो को साइड में रखिये। बिजनस में आपकी ईगो से किसी का पेट नहीं भरता। जब कस्टमर शिकायत करता है तो वह आपको एक मौका दे रहा है अपनी सर्विस सुधारने का। जो कस्टमर बिना बोले चले जाते हैं वो ज्यादा खतरनाक होते हैं क्योंकि वो कभी लौटकर नहीं आते और बाहर जाकर दस लोगों को आपकी बुराई सुनाते हैं।
जब कोई प्रॉब्लम आती है तो उसे एक स्टेज की तरह देखिये जहाँ आपको अपनी बेस्ट परफॉरमेंस देनी है। शिकायत को एक गिफ्ट मानिये। उसे इतनी तेजी और शालीनता से हल कीजिये कि कस्टमर दंग रह जाए। उसे लगना चाहिए कि वाह यार ये लोग तो मेरी सच में परवाह करते हैं। अगर आपने गलती की है तो उसे दिल से मानिये। बहाने बनाना बंद कीजिये कि लड़का छुट्टी पर था या बिजली चली गई थी। कस्टमर को आपकी दिक्कतों से कोई लेना देना नहीं है। उसे बस अपना सोल्यूशन चाहिए।
एक बार जब आप प्रॉब्लम को सुलझा देते हैं तो वह कस्टमर आपका सबसे बड़ा प्रमोटर बन जाता है। वह दुनिया को चीख चीख कर बताएगा कि इन लोगों ने मेरी मुसीबत में कितनी मदद की। यही वो मोमेंट है जहाँ आप एक साधारण दुकानदार से एक भरोसेमंद ब्रांड बन जाते हैं। तो अगली बार जब कोई कस्टमर गुस्से में आए तो छिपने के बजाय मुस्कुराकर उसका स्वागत कीजिये। क्योंकि वही गुस्सा आपके बिजनस की तरक्की का रास्ता खोल सकता है। अब यह आपके ऊपर है कि आप उसे एक जंग की तरह लड़ते हैं या एक सुनहरे मौके की तरह इस्तेमाल करते हैं।
लेसन ३ : इंटरनल कस्टमर सर्विस
अब तक हमने बात की बाहर वाले कस्टमर की, लेकिन शेप हायकेन एक बहुत गहरी बात कहते हैं। अगर आपके अपने घर में आग लगी हो, तो आप बाहर ठंडक नहीं पहुँचा सकते। इसका मतलब सीधा है—अगर आप अपने एम्प्लॉईज या टीम मेंबर्स के साथ बुरा व्यवहार करते हैं, तो उम्मीद मत रखिये कि वे आपके कस्टमर को पलकों पर बिठाएंगे। बिजनस की दुनिया में इसे इंटरनल कस्टमर सर्विस कहते हैं।
सोचिये, एक ऑफिस है जहाँ बॉस हर बात पर चिल्लाता है और एम्प्लॉईज को डराकर रखता है। अब वही डरा हुआ और चिढ़ा हुआ एम्प्लॉई जब किसी कस्टमर का फोन उठाएगा, तो उसके लहजे में शहद नहीं, बल्कि जहर घुला होगा। वह बस अपना काम निपटाना चाहेगा क्योंकि उसका अपना मन तो दुखी है। इंडिया में अक्सर मालिक खुद को राजा और स्टाफ को नौकर समझते हैं। यह सोच आपके बिजनस के लिए उस दीमक जैसी है जो अंदर ही अंदर सब खोखला कर देती है।
अगर आप चाहते हैं कि आपका स्टाफ कस्टमर को अमेज़ (Amaze) करे, तो पहले आपको अपने स्टाफ को अमेज़ करना होगा। उन्हें वो इज्जत और सपोर्ट दीजिये जिसकी वे हकदार हैं। जब एक डिलीवरी बॉय धूप में पसीना बहाकर आता है और आप उसे एक गिलास ठंडा पानी पूछते हैं, तो वो सिर्फ पानी नहीं पीता, उसका आपके ब्रांड के प्रति सम्मान बढ़ जाता है। अगली बार जब वह कस्टमर के दरवाजे पर जाएगा, तो वह थका हुआ नहीं बल्कि एक खुशमिजाज इंसान बनकर जाएगा। आपकी टीम आपके बिजनस का चेहरा है। अगर चेहरा ही उदास होगा, तो पूरी बॉडी की रौनक गायब हो जाएगी।
ज्यादातर लोग सोचते हैं कि पैसा ही सब कुछ है। पर भाई साहब, सैलरी तो सब देते हैं। आप उन्हें क्या अलग दे रहे हैं? क्या आप उनकी मुश्किलों में उनके साथ खड़े होते हैं? क्या आप उनकी छोटी सी जीत पर उन्हें शाबाशी देते हैं? अगर नहीं, तो भूल जाइये कि आपकी सर्विस कभी नंबर वन बन पाएगी। इंटरनल सर्विस का मतलब है एक ऐसा कल्चर बनाना जहाँ हर कोई एक दूसरे की मदद के लिए तैयार हो। जब ऑफिस के अंदर का माहौल पॉजिटिव होता है, तो वह पॉजिटिविटी अपने आप कस्टमर तक पहुँच जाती है।
याद रखिये, आपकी कंपनी की सर्विस उतनी ही अच्छी होगी जितनी आपकी टीम की सबसे कमजोर कड़ी। अगर आप अपने लोगों का ख्याल रखेंगे, तो वे आपके बिजनस का ख्याल रखेंगे। यह एक सिंपल सा चक्र है। इसे तोड़िये मत। अपने स्टाफ को सिर्फ मशीन मत समझिये, उन्हें इंसान मानिये। जब वे खुश होंगे, तभी वे आपके कस्टमर्स के लिए मोमेंट्स ऑफ मैजिक क्रिएट कर पाएंगे। बिना अपनी टीम को जीते, आप मार्केट की जंग कभी नहीं जीत सकते।
तो क्या आप आज से अपने बिजनस में ये बदलाव लाने के लिए तैयार हैं? याद रखिये, कस्टमर सर्विस कोई डिपार्टमेंट नहीं है, यह पूरी कंपनी का एक नजरिया है। नीचे कमेंट में लिखिये कि आप आज से अपने कस्टमर के लिए कौन सा एक नया जादू शुरू करने वाले हैं। इस ब्लॉग को उन दोस्तों के साथ शेयर कीजिये जो अपना बिजनस बड़ा करना चाहते हैं। आपकी एक छोटी सी कोशिश किसी का बिजनस डूबने से बचा सकती है। चलिए, मिलकर इंडिया के हर बिजनस को एक वर्ल्ड क्लास ब्रांड बनाते हैं।
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