Angel (Hindi)


क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो एफडी (FD) के 7 परसेंट रिटर्न को देखकर सुकून की नींद सोते हैं। बहुत बढ़िया। सोते रहिए। क्योंकि जब आपके दोस्त किसी स्टार्टअप में छोटा सा दांव लगाकर अगला उबेर (Uber) ढूंढ लेंगे, तब आप महंगाई की मार झेलते हुए अपनी पासबुक ही चाटेंगे। शायद आपको लगता है कि आप इतने स्मार्ट नहीं हैं कि करोड़ों की कंपनी पहचान सकें। यकीन मानिए, इस डर और आलस की वजह से आप अपनी आने वाली पीढ़ियों की दौलत आज ही गवां रहे हैं।

लेकिन रुकिए। अमीर बनने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आप अंधे होकर कहीं भी पैसा फेंक दें। आज के इस आर्टिकल में हम जेसन कैलाकैनिस की बुक एंजल (Angel) से वह 3 लेसन सीखेंगे, जो आपको एक साधारण इन्वेस्टर से एक स्मार्ट एंजल इन्वेस्टर बना देंगे।


लेसन १ : प्रोडक्ट के पीछे मत भागो, फाउंडर का खून पसीना देखो

ज्यादातर नए इन्वेस्टर्स की सबसे बड़ी गलती पता है क्या है। वे किसी स्टार्टअप का आईडिया सुनते हैं और उन्हें लगता है कि बस अब तो दुनिया बदल जाएगी। "भाई, यह ऐप तो फेसबुक को टक्कर देगा!" या "यह चाय वाला तो स्टारबक्स को बंद करवा देगा!"। अगर आप भी ऐसे ही सोचते हैं, तो मुबारक हो, आप अपना पैसा डूबने की पहली सीढ़ी पर खड़े हैं। जेसन कैलाकैनिस अपनी किताब में साफ कहते हैं कि शुरुआती दौर में आईडिया की कीमत एक फटे हुए नोट जैसी होती है। असली वैल्यू उस इंसान की है जो उस आईडिया को जमीन पर उतार रहा है।

सोचिए, अगर आपको एक रेस में पैसा लगाना हो। एक तरफ एक शानदार और चमकती हुई स्पोर्ट्स कार है लेकिन उसका ड्राइवर एक नौसिखिया बच्चा है जिसे क्लच और गियर का फर्क भी नहीं पता। दूसरी तरफ एक पुरानी और खटारा सी गाड़ी है लेकिन उसका ड्राइवर माइकल शूमाकर जैसा लेजेंड है। आप अपना पैसा किस पर लगाएंगे। जाहिर है ड्राइवर पर। स्टार्टअप की दुनिया में भी यही सच है।

शुरुआत में किसी भी कंपनी का प्रोडक्ट कचरा ही होता है। उबेर (Uber) जब शुरू हुआ था, तो वह सिर्फ सैन फ्रांसिस्को में काली गाड़ियां बुक करने का एक छोटा सा ऐप था। आईडिया बहुत साधारण था। लेकिन उसके पीछे जो लोग थे, उनमें वह जिद थी कि वे पूरी दुनिया की टैक्सी इंडस्ट्री को हिला सकें। जेसन कहते हैं कि आपको ऐसे फाउंडर ढूंढने हैं जो 'अनरीज़नेबल' (Unreasonable) हों। यानी ऐसे लोग जो हार मानने को तैयार ही न हों।

मान लीजिए आपका एक दोस्त है जो हर हफ्ते एक नया बिजनेस प्लान लेकर आता है। मंडे को वह कपड़े बेचना चाहता है और फ्राइडे तक वह रॉकेट बनाने की बातें करने लगता है। क्या आप उसे अपना पैसा देंगे। कभी नहीं। लेकिन वहीं एक दूसरा दोस्त है जो पिछले दो साल से अपनी छोटी सी वेबसाइट को चलाने के लिए दिन रात एक कर रहा है। उसके पास ऑफिस नहीं है, वह खुद ही कोडिंग करता है और खुद ही कस्टमर केयर संभालता है। उसे देखकर लगता है कि अगर कल को इंटरनेट भी बंद हो गया, तो वह कबूतरों के जरिए अपना सामान बेच लेगा। यह वह इंसान है जिस पर आपको दांव लगाना चाहिए।

फाउंडर में तीन चीजें देखिए: वह कितना सच बोलता है, वह कितनी तेजी से काम करता है और उसमें कितनी सहनशक्ति है। जेसन के मुताबिक, अगर फाउंडर थोड़ा पागल और जिद्दी है, तो वह आपके पैसे को मल्टीप्लायर बना देगा। स्टार्टअप में आप प्रोडक्ट नहीं खरीदते, आप उस फाउंडर की रात की नींद और दिन का चैन खरीदते हैं। अगर फाउंडर में वह आग नहीं है, तो समझ लीजिए कि आपका पैसा भी उस ठंडी राख में मिल जाएगा जिसे लोग 'फेलियर' कहते हैं।

तो अगली बार जब कोई आपको अपना 'क्रांतिकारी' आईडिया सुनाने आए, तो उसकी स्लाइड्स को कम देखिए और उसकी आंखों में छिपी भूख को ज्यादा। क्या वह इंसान तब भी खड़ा रहेगा जब बैंक बैलेंस जीरो होगा। अगर जवाब 'हां' है, तो समझ लीजिए कि आपने अपना पहला विनर ढूंढ लिया है।

लेकिन क्या सिर्फ एक सही इंसान ढूंढ लेना काफी है। बिल्कुल नहीं। यहीं पर आती है हमारी दूसरी सबसे बड़ी गलती, जिसे हम अगले लेसन में समझेंगे।


लेसन २ : अपना सारा प्यार (और पैसा) एक ही टोकरी में मत डालो

अक्सर जब लोग पहली बार एंजल इन्वेस्टिंग के बारे में सुनते हैं, तो वे किसी बॉलीवुड फिल्म के हीरो की तरह बर्ताव करने लगते हैं। उन्हें लगता है कि बस एक सही कंपनी मिल जाए और रातों-रात वे करोड़पति बन जाएंगे। वे अपना सारा सेविंग्स अकाउंट खाली करते हैं और किसी एक 'हॉट' स्टार्टअप में लगा देते हैं। फिर क्या होता है। वही जो हर इमोशनल फिल्म के अंत में होता है। बर्बादी। जेसन कैलाकैनिस कहते हैं कि अगर आप सिर्फ एक या दो स्टार्टअप में पैसा लगा रहे हैं, तो आप इन्वेस्टिंग नहीं कर रहे, आप जुआ खेल रहे हैं। और जुए में जीत हमेशा कसीनो की होती है।

एंजल इन्वेस्टिंग का गणित बहुत सीधा है। यहाँ 90 परसेंट स्टार्टअप्स बुरी तरह फेल हो जाते हैं। यानी आपके लगाए हुए 10 में से 9 पैसे डूबने वाले हैं। यह कड़वा सच है। लेकिन वह जो एक स्टार्टअप बच जाता है, वह इतना बड़ा बनता है कि वह आपके बाकी 9 डूबे हुए पैसों का 100 गुना वापस लाकर देता है। इसी को कहते हैं 'पावर लॉ'। लेकिन इस एक जैकपॉट को पकड़ने के लिए आपको कम से कम 50 दांव लगाने होंगे।

सोचिए आप एक ऐसे शादी वाले बफे (Buffet) में गए हैं जहाँ 50 तरह के पकवान हैं। आपको नहीं पता कि कौन सी डिश बासी है और कौन सी लाजवाब। अब अगर आप अपनी पूरी प्लेट सिर्फ एक ही पनीर की सब्जी से भर लें और वह खराब निकले, तो आपका पूरा डिनर बर्बाद हो गया। समझदारी इसी में है कि आप हर डिश को थोड़ा-थोड़ा चखें। स्टार्टअप्स के साथ भी यही करना है। जेसन की सलाह है कि अपना पोर्टफोलियो इतना बड़ा रखो कि रिस्क बंट जाए।

लोग अक्सर उन स्टार्टअप्स में पैसा लगाते हैं जो उन्हें 'कूल' लगते हैं। मान लीजिए आपको गेमिंग पसंद है, तो आप सिर्फ गेमिंग एप्स में पैसा झोंक रहे हैं। यह भी एक बड़ी बेवकूफी है। क्या पता कल सरकार गेमिंग पर टैक्स बढ़ा दे। फिर आपकी सारी मेहनत पानी में। आपको अलग-अलग सेक्टर्स में पैसा लगाना चाहिए। थोड़ा एआई (AI) में, थोड़ा हेल्थकेयर में, थोड़ा फिनटेक में।

इसे एक मजाकिया उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए आपने मोहल्ले की तीन लड़कियों को शादी के लिए प्रपोज किया। पहली ने थप्पड़ मारा, दूसरी ने ब्लॉक कर दिया, और तीसरी ने भैया बोल दिया। अगर आप सिर्फ इन्हीं तीन पर रुके रहे, तो आप कुंवारे ही मरेंगे। लेकिन अगर आप 50 जगहों पर ट्राई करेंगे, तो कहीं न कहीं तो बात बन ही जाएगी ना। इन्वेस्टमेंट भी कुछ ऐसा ही है। आपको अपनी किस्मत को ज्यादा से ज्यादा मौके देने होंगे।

जेसन कहते हैं कि अगर आपके पास इन्वेस्ट करने के लिए 10 लाख रुपये हैं, तो पूरे 10 लाख एक बार में मत लगाइए। उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटिए। हर स्टार्टअप को 25 या 50 हजार दीजिए। इससे आप गेम में ज्यादा समय तक टिके रहेंगे। याद रखिए, एंजल इन्वेस्टिंग कोई 100 मीटर की रेस नहीं है, यह एक मैराथन है। यहाँ वही जीतता है जो आखिरी तक मैदान में खड़ा रहता है।

तो अपनी ईगो को साइड में रखिए और यह मानना छोड़ दीजिए कि आप भविष्य देख सकते हैं। आप अंतर्यामी नहीं हैं। इसलिए अपनी टोकरी को फैलाइए और हर अच्छे मौके को थोड़ा-थोड़ा पकड़िए। लेकिन पैसा लगाने के बाद क्या। क्या सो जाना है। बिल्कुल नहीं। यहीं शुरू होता है वह काम जो अच्छे इन्वेस्टर्स को महान बनाता है, जिसे हम अगले लेसन में देखेंगे।


लेसन ३ : इन्वेस्टर अपडेट्स ही असली थर्मामीटर हैं

बहुत से लोग पैसा लगाने के बाद ऐसे गायब हो जाते हैं जैसे कर्ज लेने के बाद दूर के रिश्तेदार। उन्हें लगता है कि बस चेक काट दिया, अब तो सीधे बैंक बैलेंस चेक करेंगे जब कंपनी बड़ी हो जाएगी। जेसन कैलाकैनिस कहते हैं कि यह सबसे बड़ी गलती है। पैसा देने के बाद आपका असली काम शुरू होता है। और वह काम है: 'इन्वेस्टर अपडेट्स' पढ़ना और मांगना।

अगर कोई फाउंडर आपको हर महीने यह नहीं बता रहा कि उसके ऑफिस में क्या चल रहा है, तो समझ लीजिए कि दाल में कुछ काला है। शायद दाल ही काली है। एक स्टार्टअप की सेहत का पता उसके मंथली अपडेट्स से चलता है। इसमें तीन चीजें होनी चाहिए: कितना पैसा बचा है (Burn Rate), कितनी सेल हुई (Revenue), और सबसे जरूरी, उन्हें आपकी क्या मदद चाहिए।

सोचिए आपने अपने किसी दोस्त को बिजनेस शुरू करने के लिए पैसे उधार दिए। अब वह दोस्त आपका फोन नहीं उठा रहा। जब आप उससे मिलते हैं, तो वह मौसम की बातें करता है लेकिन बिजनेस का नाम नहीं लेता। आपको डर लगेगा ना। वही डर आपको स्टार्टअप्स में भी रखना चाहिए। जेसन का नियम साफ है: जो फाउंडर अपडेट नहीं देता, वह या तो डरपोक है या वह आपसे कुछ छुपा रहा है।

एक सच्चा और काबिल फाउंडर आपसे अपनी गलतियां भी शेयर करेगा। वह बताएगा कि "भाई, इस महीने हमारी मार्केटिंग फेल हो गई और हमारे 5 लाख डूब गए"। यह सुनकर आपको गुस्सा आ सकता है, लेकिन यह एक अच्छा साइन है। इसका मतलब है कि फाउंडर ईमानदार है और वह सुधार करना चाहता है। जो इंसान अपनी बीमारी छुपाता है, उसका इलाज कभी नहीं हो सकता।

यहाँ एक चुटकुला फिट बैठता है। एक आदमी डॉक्टर के पास गया और बोला, "डॉक्टर साहब, मेरी याददाश्त कमजोर हो गई है"। डॉक्टर ने पूछा, "कब से"। आदमी बोला, "क्या कब से"। अगर फाउंडर भी ऐसा ही बर्ताव करे कि उसने आपसे पैसे कब लिए थे उसे याद ही नहीं, तो समझो आपका पैसा गया। अपडेट्स वह धागा है जो आपको और कंपनी को जोड़कर रखता है।

जेसन यह भी कहते हैं कि आपको सिर्फ अपडेट्स पढ़ने नहीं हैं, बल्कि मदद भी करनी है। अगर फाउंडर को किसी बड़े क्लाइंट से मीटिंग करनी है और आपकी पहचान वहां है, तो करवाइए। अगर उन्हें कोई अच्छा इंजीनियर चाहिए और आप किसी को जानते हैं, तो मिलवाइए। आप सिर्फ एक एटीएम (ATM) मशीन नहीं हैं, आप एक पार्टनर हैं। जितना ज्यादा आप कंपनी की वैल्यू बढ़ाएंगे, आपके शेयर्स की कीमत उतनी ही बढ़ेगी।

यह खेल सिर्फ नंबरों का नहीं है, यह भरोसे का है। अगर आप फाउंडर के साथ रेगुलर टच में हैं, तो आपको डूबते जहाज से पहले ही उतरने का मौका मिल जाएगा या फिर उड़ते हुए रॉकेट में अपनी सीट बेल्ट टाइट करने का इशारा मिल जाएगा।


दोस्तों, एंजल इन्वेस्टिंग कोई रॉकेट साइंस नहीं है, लेकिन यह कमजोर दिल वालों के लिए भी नहीं है। यह उन लोगों के लिए है जो रिस्क लेना जानते हैं और जिनमें धैर्य है। जेसन कैलाकैनिस की यह बातें सिर्फ स्टार्टअप्स के लिए नहीं, बल्कि जिंदगी के लिए भी सच हैं। सही लोगों को पहचानिए, अपने मौकों को बढ़ाइए और हमेशा अपनी आंखों और कानों को खुला रखिए।

आज ही अपने आप से एक सवाल पूछिए: क्या आप अपनी मेहनत की कमाई को सिर्फ बचाने के लिए इन्वेस्ट कर रहे हैं, या उसे बढ़ाने के लिए। नीचे कमेंट्स में बताइए कि क्या आप कभी किसी स्टार्टअप में पैसा लगाने का रिस्क लेंगे। और हां, अगर यह आर्टिकल काम का लगा हो, तो इसे उस दोस्त को जरूर भेजें जो हमेशा नए बिजनेस आइडियाज की बातें करता रहता है।

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