Crushing It! (Hindi)


क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो सोचते हैं कि अच्छी नौकरी मिल गई तो लाइफ सेट है। मुबारक हो आप अपनी बर्बादी का जश्न मना रहे हैं। दुनिया बदल रही है और आप अभी भी पुराने आइडियाज को पकड़कर बैठे हैं। गैरी वी की यह बातें नहीं सुनी तो गरीबी में जीने के लिए तैयार रहिए।

इस ब्लॉग में हम गैरी वेनरचक की किताब क्रशिंग इट के उन सीक्रेट्स को खोलेंगे जो आपके ऑनलाइन बिजनेस और पर्सनल ब्रांड को आसमान पर पहुँचा देंगे। चलिए जानते हैं वे ३ लेसन जो आपकी जिंदगी बदल देंगे।


लेसन १ : पर्सनल ब्रांडिंग ही असली दौलत है

दोस्तो, आज के दौर में अगर आप सिर्फ एक डिग्री और ऑफिस की कुर्सी के भरोसे बैठे हैं तो आप बहुत बड़े खतरे में हैं। गैरी वी अपनी किताब क्रशिंग इट में साफ कहते हैं कि आपका नाम ही आपका सबसे बड़ा बिजनेस है। इसे ऐसे समझिए कि आप अपने पड़ोस वाले शर्मा जी को तो जानते हैं जो बहुत अच्छी चाय बनाते हैं पर उनकी कोई दुकान नहीं है। अगर कल को वे अपनी दुकान खोलें तो क्या आप वहां जाएंगे। बिल्कुल जाएंगे। क्यों। क्योंकि शर्मा जी का नाम ही एक ब्रांड बन चुका है।

आजकल बहुत से लोग सोचते हैं कि ब्रांडिंग का मतलब सिर्फ बड़ी कंपनियों का लोगो होता है। यह आपकी सबसे बड़ी गलतफहमी है। असल में ब्रांडिंग वह है जो लोग आपके कमरे से बाहर जाने के बाद आपके बारे में बातें करते हैं। अगर लोग आपको जानते ही नहीं तो आप चाहे दुनिया का सबसे बेस्ट प्रोडक्ट बना लें कोई उसे खरीदने नहीं आएगा। लोग इंसानों से जुड़ना चाहते हैं कंपनियों से नहीं।

इमेजिन कीजिए कि आप एक बहुत टैलेंटेड ग्राफिक डिजाइनर हैं पर आपने अपनी कला को दुनिया के सामने कभी दिखाया ही नहीं। आप बस इस इंतजार में बैठे हैं कि कोई चमत्कार होगा और गूगल आपको घर से उठाकर ले जाएगा। सच तो यह है कि बिना पर्सनल ब्रांड के आप एक ऐसी गुप्त खजाना हैं जिसका नक्शा किसी के पास नहीं है। लोग आपके टैलेंट की कद्र तब करेंगे जब आप उन्हें दिखेंगे।

गैरी वी कहते हैं कि आपको अपनी कहानी सुनानी होगी। चाहे आप दाल मखनी बना रहे हों या कोडिंग कर रहे हों उसे दुनिया के साथ शेयर कीजिए। बहुत से लोग डरते हैं कि लोग क्या कहेंगे। अरे भाई लोग तो वैसे भी कहेंगे। अगर आप फेल हुए तो भी कहेंगे और अगर आप कुछ नहीं कर रहे तो भी कहेंगे। तो कम से कम कुछ बड़ा करके ही उनकी बातों का मसाला बनिए।

पर्सनल ब्रांडिंग कोई एक दिन का काम नहीं है। यह रोज की मेहनत है। जैसे आप रोज सुबह उठकर ब्रश करते हैं वैसे ही आपको अपनी ऑनलाइन मौजूदगी पर काम करना होगा। आपको अपनी वैल्यू दिखानी होगी। जब आप लोगों की लाइफ में कुछ अच्छा जोड़ते हैं तो वे आप पर भरोसा करने लगते हैं। और याद रखिए आज के समय में भरोसा ही असली करंसी है।

अगर आपके पास पैसा नहीं है तो कोई बात नहीं। लेकिन अगर आपके पास एक मजबूत पर्सनल ब्रांड है तो पैसा खुद चलकर आपके पास आएगा। ब्रांडिंग वह ढाल है जो मंदी के समय में भी आपको बचाकर रखेगी। जब कम्पनियाँ छंटनी कर रही होती हैं तब पर्सनल ब्रांड वाले लोग अपना नया रास्ता खुद बना लेते हैं। इसलिए शर्माना छोड़िए और अपनी पहचान बनाना शुरू कीजिए। क्योंकि जो दिखता है वही बिकता है और जो ज्यादा दिखता है वह ज्यादा बिकता है।


लेसन २ : कंटेंट क्रिएशन में कोई बहाना नहीं

दोस्तो, अक्सर लोग मुझसे कहते हैं कि भाई मेरे पास तो महंगा कैमरा नहीं है या मेरा घर फोटो खिंचवाने लायक सुंदर नहीं है। गैरी वी ऐसे लोगों को एक ही बात कहते हैं और वह है बहाने बनाना बंद करो। अगर आपके पास एक सस्ता सा स्मार्टफोन है और इंटरनेट कनेक्शन है तो आपके पास वह सब कुछ है जो एक करोड़पति बनने के लिए चाहिए। आज के जमाने में यह कहना कि मेरे पास रिसोर्स नहीं हैं बिल्कुल वैसा ही है जैसे समंदर के किनारे खड़े होकर कहना कि मुझे प्यास लगी है।

जरा सोचिए कि आप एक बहुत बड़े शेफ बनना चाहते हैं पर आप किचन में जाने से डरते हैं क्योंकि आपकी कढ़ाई काली हो गई है। क्या यह कोई लॉजिक हुआ। लोग आपकी चमचमाती कढ़ाई देखने नहीं बल्कि आपके हाथ का स्वाद चखने आते हैं। कंटेंट क्रिएशन में भी यही बात लागू होती है। लोगों को आपकी सच्चाई और आपकी मेहनत देखनी है ना कि कोई नकली दिखावा। अगर आप अपनी कमियों को छुपाने में लगे रहेंगे तो आप कभी शुरू ही नहीं कर पाएंगे।

गैरी वी का सबसे बड़ा मंत्र है डॉक्यूमेंट डोंट क्रिएट। इसका मतलब है कि आपको हर चीज को परफेक्ट बनाने की जरूरत नहीं है। आप जो कर रहे हैं बस उसे रिकॉर्ड कीजिए। अगर आप एक स्टूडेंट हैं और पढ़ रहे हैं तो अपनी पढ़ाई की जर्नी शेयर कीजिए। अगर आप एक मैकेनिक हैं और गाड़ी ठीक कर रहे हैं तो उसका प्रोसेस दिखाइए। लोग पर्दे के पीछे की कहानी देखना पसंद करते हैं। उन्हें वह इंसान ज्यादा पसंद आता है जो अपनी गलतियों को भी हंसते हुए दिखा देता है।

बहुत से लोग सोचते हैं कि वे तब शुरू करेंगे जब उनके पास बहुत सारा फ्री टाइम होगा। सच तो यह है कि फ्री टाइम कभी नहीं आता उसे निकालना पड़ता है। अगर आप दिन में ८ घंटे की नौकरी करते हैं तो आपके पास शाम के ७ बजे से रात के २ बजे तक का समय है। इस समय में आप क्या कर रहे हैं वही तय करेगा कि आप अगले ५ साल में कहां होंगे। अगर आप नेटफ्लिक्स पर वेब सीरीज देख रहे हैं तो बधाई हो आप दूसरों के सपने पूरे करने में उनकी मदद कर रहे हैं।

कंटेंट क्रिएशन एक मैराथन है कोई १०० मीटर की रेस नहीं। इसमें आपको रोज मैदान में उतरना होगा। चाहे आपके वीडियो पर १० व्यूज आएं या १० हजार आपको रुकना नहीं है। इमेजिन कीजिए कि आप एक कुआं खोद रहे हैं। रोज थोड़ी थोड़ी मिट्टी निकालनी होगी तभी पानी मिलेगा। अगर आप दो दिन बाद ही थक कर बैठ गए कि पानी नहीं निकल रहा तो आप सिर्फ प्यासे ही मरेंगे।

याद रखिए इंटरनेट कभी नहीं सोता। जब आप सो रहे होते हैं तब भी आपका कंटेंट दुनिया के किसी न किसी कोने में देखा जा रहा होता है। यह आपकी एक ऐसी आर्मी है जो बिना सैलरी के आपके लिए २४ घंटे काम करती है। तो क्या आप अभी भी यह कहेंगे कि आपके पास टाइम नहीं है। बहाने बनाना छोड़िए और कैमरा ऑन कीजिए। क्योंकि जो आज शुरू करेगा वही कल राज करेगा।


लेसन ३ : प्लेटफार्म के हिसाब से खुद को ढालना

दोस्तो, बहुत से लोग एक ही वीडियो बनाते हैं और उसे हर जगह टेप की तरह चिपका देते हैं। फेसबुक पर भी वही इंस्टाग्राम पर भी वही और लिंक्डइन पर भी वही। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप किसी शादी में जिम के कपड़े पहनकर चले जाएं या ऑफिस की मीटिंग में शेरवानी पहनकर बैठ जाएं। गैरी वी कहते हैं कि अगर आप हर प्लेटफार्म की भाषा नहीं समझते तो आप अपना समय बर्बाद कर रहे हैं। हर सोशल मीडिया एक अलग मोहल्ला है और वहां रहने वाले लोगों का मिजाज भी अलग है।

इंस्टाग्राम एक ऐसी जगह है जहां सब अपनी लाइफ को चकाचक दिखाते हैं। वहां लोग आपकी फोटो की क्वालिटी और स्टाइल देखते हैं। वहीं दूसरी तरफ लिंक्डइन एक बहुत ही सीरियस और प्रोफेशनल जगह है। वहां लोग यह देखना चाहते हैं कि आपने बिजनेस में क्या नया सीखा या आप दूसरों के करियर में क्या वैल्यू जोड़ सकते हैं। अगर आप लिंक्डइन पर जाकर अपने लंच की फोटो डालेंगे तो लोग आपको ऐसे देखेंगे जैसे आपने किसी की तेरहवीं पर जोक सुना दिया हो।

गैरी वी का मानना है कि आपको नेटिव कंटेंट बनाना चाहिए। यानी जिस प्लेटफार्म पर आप हैं वहां के माहौल में घुल मिल जाइए। यूट्यूब पर लोग लंबी और गहरी बातें सुनने आते हैं तो वहां विस्तार से समझाइए। ट्विटर पर लोग कम शब्दों में बड़ी बात सुनना चाहते हैं तो वहां पंच मारिए। अगर आप एक ही कंटेंट को हर जगह ठूंसेंगे तो लोग आपको इग्नोर करना शुरू कर देंगे। यह सोशल मीडिया की दुनिया है यहाँ भीड़ बहुत है और अटेंशन बहुत कम।

अक्सर लोग पूछते हैं कि भाई इतने सारे एप्स कैसे मैनेज करें। इसका जवाब बहुत सिंपल है जहाँ आपकी ऑडियंस है वहां आपको होना पड़ेगा। अगर आप सोचते हैं कि फेसबुक तो बूढ़ों का प्लेटफार्म है तो आप बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं। वहां आज भी दुनिया की सबसे ज्यादा जनता मौजूद है जो आपके प्रोडक्ट को खरीदने की ताकत रखती है। टिकटॉक या रील्स पर यंग जनता है जो मनोरंजन ढूंढ रही है। आपको उनकी पसंद का ध्यान रखना होगा तभी वे आपकी बात सुनेंगे।

सबसे बड़ी बात यह है कि आपको एक कम्युनिटी बनानी होगी। सिर्फ पोस्ट डालना काफी नहीं है। जब कोई आपके कंटेंट पर कमेंट करे तो उसे जवाब दीजिए। उनसे बातें कीजिए। अगर आप लोगों को इग्नोर करेंगे तो वे भी आपको अनफॉलो करने में एक सेकंड नहीं लगाएंगे। यह एक तरफा रास्ता नहीं है बल्कि यह एक बातचीत है। जब आप अपने ऑडियंस के साथ एक रिश्ता बना लेते हैं तो वे आपके सबसे बड़े प्रमोटर बन जाते हैं।

गैरी वी की यह किताब सिर्फ ज्ञान देने के लिए नहीं है बल्कि एक्शन लेने के लिए है। अगर आप आज भी सोचते रह गए कि कल शुरू करूँगा तो वह कल कभी नहीं आएगा। दुनिया तेजी से भाग रही है और अगर आप अभी नहीं दौड़े तो आप बहुत पीछे छूट जाएंगे। उठिए अपनी पहचान बनाइए और दुनिया को बता दीजिए कि आप भी यहाँ कुछ बड़ा करने आए हैं। आपकी मेहनत ही आपकी पहचान बनेगी।


तो दोस्तो, क्या आप अब भी बहानों के पीछे छुपना चाहते हैं या आज से ही अपने सपनों का ब्रांड बनाना शुरू करेंगे। नीचे कमेंट में मुझे बताइए कि आप किस टॉपिक पर अपना पहला वीडियो बनाने वाले हैं। इस आर्टिकल को अपने उस दोस्त के साथ शेयर कीजिए जो बहुत टैलेंटेड है पर कैमरे के सामने आने से डरता है। चलिए साथ मिलकर ग्रो करते हैं।

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