Disrupt! Think Epic. Be Epic. (Hindi)


अगर आपको लगता है कि सिर्फ मेहनत करके आप इस बदलती दुनिया में टिक जाएंगे तो भाई आप बहुत बड़ी गलतफहमी में जी रहे हैं। बिना नई आदतें सीखे आप अपनी करियर की गाड़ी को गड्ढे में धकेल रहे हैं और लोग आपसे आगे निकलकर मजे ले रहे हैं। अपनी पुरानी घिसी पिटी सोच मत पकड़िए वरना पछताएंगे।

आज हम बिल जेन्सन की मशहूर बुक डिसरप्ट थिंक एपिक बी एपिक से वो ३ लेसन जानेंगे जो आपको इस भागती दुनिया का खिलाड़ी बना देंगे। चलिए जानते हैं कि कैसे खुद को पूरी तरह बदलकर आप भी एक सक्सेसफुल लाइफ जी सकते हैं।


लेसन १ : बदलाव से डरना बंद करो और उसे अपना हथियार बनाओ

आजकल की दुनिया इतनी तेज भाग रही है कि जब तक आप सुबह की चाय खत्म करते हैं तब तक मार्केट में कोई नई टेक्नोलॉजी आकर आपके पुराने काम को बेकार कर देती है। बिल जेन्सन कहते हैं कि अगर आप अब भी पुराने जमाने के ढर्रे पर चल रहे हैं तो आप उस नोकिया फोन की तरह हैं जिसे किसी ने अपडेट करना जरूरी नहीं समझा। दुनिया बदल रही है और आप कोने में बैठकर यह सोच रहे हैं कि काश पुराने दिन वापस आ जाते। भाई साहब पुराने दिन कभी वापस नहीं आते सिर्फ पुरानी यादें आती हैं। असलियत तो यह है कि जो लोग बदलाव से डरते हैं वह असल में अपनी तरक्की से डर रहे होते हैं। अगर आप सोच रहे हैं कि आपकी वह दस साल पुरानी डिग्री आपको अगले बीस साल तक रोटी खिलाती रहेगी तो शायद आप किसी और ही ग्रह पर रह रहे हैं।

आज के समय में डिसरप्शन का मतलब तबाही नहीं बल्कि एक मौका है। सोचिए उस दोस्त के बारे में जो आज भी टाइपराइटर सीखने की जिद करे क्योंकि उसके दादाजी ने कहा था कि इसमें बहुत स्कोप है। हंसी आती है न। लेकिन हम में से बहुत से लोग अपने करियर और सोच के साथ यही कर रहे हैं। हम उन स्किल्स को पकड़ कर बैठे हैं जिनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी है। बिल जेन्सन हमें सिखाते हैं कि हमें अपनी सोच को इतना लचीला बनाना होगा कि जैसे ही हवा का रुख बदले हम अपनी नाव की दिशा बदल सकें। अगर आप खुद को समय के साथ नहीं बदलेंगे तो कोई और आकर आपको रिप्लेस कर देगा और आप बस यह कहते रह जाएंगे कि किस्मत खराब थी।

सच तो यह है कि किस्मत खराब नहीं थी बस आपका अपडेट पेंडिंग था। जैसे आप अपने स्मार्टफोन को हर महीने अपडेट करते हैं वैसे ही खुद को अपडेट करना भी जरूरी है। क्या आपने कभी सोचा है कि क्यों कुछ लोग हर मुश्किल में भी रास्ता निकाल लेते हैं और कुछ लोग जरा सी परेशानी आने पर हाथ पैर फूलने लगते हैं। इसका राज उनके दिमाग में छिपा है। वह बदलाव को एक दुश्मन की तरह नहीं बल्कि एक ऐसे मेहमान की तरह देखते हैं जो उनके लिए कुछ नया लेकर आया है। आपको भी अपनी लाइफ में यही एप्रोच अपनानी होगी। डरो मत बल्कि यह देखो कि इस बदलाव में आपके लिए क्या छुपा है।

अगर आप इस भागती दुनिया में अपनी जगह बनाना चाहते हैं तो सबसे पहले यह मानना शुरू करें कि बदलाव ही इकलौता सच है। जो आज टॉप पर है वह कल नीचे हो सकता है और जो कल जीरो था वह आज हीरो बन सकता है। यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी जल्दी नई चीजों को अपनाते हैं। आप चाहे किसी भी फील्ड में हों अगर आप यह सोचते हैं कि आप सब कुछ जानते हैं तो समझ लीजिए कि आपकी ग्रोथ वहीं रुक गई है। सीखना कभी बंद मत करिए क्योंकि जिस दिन आपने सीखना बंद किया उस दिन आपने जीतना भी बंद कर दिया।


लेसन २ : पुरानी जानकारी को कचरे के डिब्बे में डालो और अनलर्न करना सीखो

दुनिया का सबसे बड़ा झूठ यह है कि ज्ञान कभी बेकार नहीं जाता। सच तो यह है कि बहुत सारा ज्ञान अब सड़ चुका है और आपके दिमाग में बस जगह घेर रहा है। बिल जेन्सन कहते हैं कि आज के दौर में सबसे बड़ी ताकत यह नहीं है कि आप कितना नया सीख सकते हैं बल्कि यह है कि आप कितनी जल्दी पुराने को भूल सकते हैं। इसे कहते हैं अनलर्निंग। मान लीजिए आप एक ऐसे ड्राइवर हैं जिसने जिंदगी भर पहाड़ों पर गाड़ी चलाई है और अचानक आपको रेगिस्तान में भेज दिया जाए। अगर आप वहां भी वही पुरानी ट्रिक्स लगाएंगे तो आपकी गाड़ी रेत में धंस जाएगी। हम में से बहुत से लोग अपनी जिंदगी की गाड़ी को पुरानी ट्रिक्स के भरोसे चला रहे हैं और फिर हैरान होते हैं कि तरक्की क्यों नहीं हो रही।

सोचिए उस रिश्तेदार के बारे में जो आज भी फेसबुक पर फोटो डालने के लिए साइबर कैफे जाता है क्योंकि उसे लगता है कि घर के वाईफाई से हैकिंग हो जाएगी। आप उसे समझाते हैं पर वह अपनी पुरानी जानकारी को सीने से लगाकर बैठा है। हंसी तो आती है पर क्या हम भी अपने काम में ऐसा ही कुछ नहीं कर रहे। हम उन तरीकों को पकड़े हुए हैं जो २००५ में काम करते थे। भाई साहब २००५ में तो लोग रिंगटोन के पैसे देते थे अब तो लोग फोन साइलेंट पर रखते हैं। समय बदल गया है और आपकी वह पुरानी वर्क एथिक्स या काम करने का तरीका अब शायद बोझ बन चुका है। जो कल तक आपकी ताकत थी आज शायद वही आपकी सबसे बड़ी कमजोरी है।

अनलर्न करना कोई कमजोरी नहीं बल्कि एक सुपरपावर है। इसका मतलब यह है कि आप अपने दिमाग को खाली करने की हिम्मत रखते हैं ताकि उसमें कुछ नया और कीमती भरा जा सके। अगर आपका प्याला पहले से ही भरा हुआ है तो उसमें कोई अमृत भी डालेगा तो वह बाहर ही गिरेगा। अक्सर हमारे ईगो को चोट लगती है जब हमें पता चलता है कि जो हम इतने सालों से सही मान रहे थे वह अब गलत है। लेकिन जो स्मार्ट होते हैं वह अपना ईगो साइड में रखते हैं और नई हकीकत को स्वीकार करते हैं। वह जानते हैं कि अगर वह पुराने मोजे नहीं बदलेंगे तो बदबू तो आएगी ही।

सफलता का सीधा सा हिसाब है कि आप कितनी जल्दी अपनी गलतफहमी को पहचान कर उसे डिलीट मारते हैं। जैसे कंप्यूटर की हार्ड ड्राइव को क्लीन करना जरूरी है वैसे ही अपने माइंडसेट को भी फॉर्मेट करना सीखिए। अगर आप आज भी वही पुराने घिसे पिटे आइडियाज लेकर मार्केट में जाएंगे तो लोग आपको सीरियसली लेना बंद कर देंगे। दुनिया को आपकी पुरानी कहानियों में दिलचस्पी नहीं है उसे इसमें दिलचस्पी है कि आप आज की समस्या का आज के तरीके से क्या समाधान देते हैं। इसलिए पुरानी यादों को दिल में रखिए पर पुरानी वर्क स्किल्स को कचरे के डिब्बे में डालना सीखिए तभी आप अगले लेवल पर पहुंच पाएंगे।


लेसन ३ : परफेक्ट होने का इंतजार छोड़ो और बिजली की रफ्तार से काम करो

आज के जमाने में वह इंसान भूखा मर जाएगा जो सब कुछ परफेक्ट करने के चक्कर में बैठा रहता है। बिल जेन्सन का मानना है कि अब जमाना बड़े के छोटे को हराने का नहीं रहा बल्कि अब तेज इंसान धीमे इंसान को हरा देता है। अगर आप अभी भी यह सोच रहे हैं कि जब सारे सितारे एक लाइन में आएंगे और जब पंडित जी शुभ मुहूर्त निकालेंगे तब आप अपना प्रोजेक्ट शुरू करेंगे तो भाई साहब तब तक आपका कॉम्पिटिटर अपना दूसरा स्टार्टअप भी शुरू कर चुका होगा। परफेक्शन असल में आलस का एक बहुत ही महंगा और पढ़ा लिखा रूप है। लोग सालों तक एक ही प्लान को पॉलिश करते रहते हैं और अंत में पता चलता है कि जिस प्रोडक्ट के लिए वह तैयारी कर रहे थे उसकी जरूरत ही खत्म हो गई है।

मान लीजिए आपको अपनी क्रश को प्रपोज करना है और आप पिछले छह महीने से बेस्ट शायरी और बेस्ट परफ्यूम की रिसर्च कर रहे हैं। इतने में पता चलता है कि पड़ोस वाले चिंटू ने उसे हाय बोला और वह दोनों कॉफी पर चले गए। अब आप अपनी शायरी लेकर बैठे रहिए क्योंकि परफेक्शन के चक्कर में आपने अपनी स्पीड खो दी। बिजनेस और करियर में भी यही होता है। आप सोचते हैं कि जब आपके पास बेस्ट कैमरा होगा तब आप यूट्यूब शुरू करेंगे या जब आपके पास बहुत पैसा होगा तब आप इन्वेस्ट करेंगे। यकीन मानिए वह बेस्ट टाइम कभी नहीं आता। जो लोग आज कामयाब हैं उन्होंने भी कचरा काम से ही शुरुआत की थी पर उन्होंने शुरुआत जल्दी की थी।

गलतियां करने से मत डरिए क्योंकि जो गलती नहीं कर रहा वह असल में कुछ नया कर ही नहीं रहा है। आज की दुनिया में फेल होना बुरा नहीं है पर धीरे फेल होना बहुत बुरा है। जल्दी फेल होइए ताकि आपको जल्दी पता चले कि क्या काम नहीं कर रहा है और आप तुरंत अपना रास्ता बदल सकें। अगर आप एक कछुए की चाल से चलेंगे तो आप चाहे कितने भी ज्ञानी क्यों न हों आप रेस से बाहर ही रहेंगे। अपनी डिसीजन मेकिंग को इतना तेज बनाइए कि लोग आपकी रफ्तार देखकर हैरान रह जाएं। याद रखिए कि एक गलत फैसला लेकर उसे सही साबित करना बेहतर है बजाय इसके कि आप कोई फैसला ही न लें और हाथ पर हाथ धरकर बैठे रहें।

सफलता का असली मंत्र यही है कि जितना सोच रहे हो उससे दुगुनी रफ्तार से काम करो। जब आप एक्शन लेते हैं तभी आपको असली अनुभव मिलता है। किताबों में पढ़ना और मैदान में उतरना दो अलग बातें हैं। बिल जेन्सन कहते हैं कि एपिक बनने के लिए आपको अपने डर को पीछे छोड़कर उस अंधेरे कुएं में कूदना ही होगा। एक बार जब आप रफ्तार पकड़ लेते हैं तो रास्ते अपने आप बनते चले जाते हैं। तो अब सोचना बंद करिए और अपनी उस अधूरी फाइल या उस पेंडिंग प्रोजेक्ट पर अभी इसी वक्त काम शुरू कीजिए। क्योंकि कल कभी नहीं आता और आज का समय किसी के लिए नहीं रुकता।


दोस्तों, दुनिया आपको तब तक नहीं पहचानेगी जब तक आप खुद को बदलने की हिम्मत नहीं करेंगे। बिल जेन्सन के यह लेसन सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं बल्कि अपनी लाइफ में उतारने के लिए हैं। क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो कल का इंतजार कर रहे हैं या आज ही अपनी किस्मत बदलने के लिए तैयार हैं। नीचे कमेंट में लिखकर बताइए कि आप अपनी कौन सी पुरानी आदत आज ही छोड़ने वाले हैं। इस आर्टिकल को अपने उस दोस्त के साथ शेयर करें जिसे एक बड़े बदलाव की जरूरत है। याद रखिए या तो आप दुनिया को डिसरप्ट करेंगे या दुनिया आपको खत्म कर देगी। फैसला आपका है।

-----

आपकी छोटी सी Help हमें और ऐसे Game-Changing Summaries लाने में मदद करेगी। DY Books को Donate करके हमें Support करें🙏 - Donate Now




#SuccessHabits #BillJensen #BookSummary #MotivationIndia #PersonalGrowth


_

Post a Comment

Previous Post Next Post