Dotcom Secrets (Hindi)


अगर आप अभी भी अपनी बेकार वेबसाइट पर ट्रैफिक आने का इंतजार कर रहे हैं तो मुबारक हो। आप अपने पैसे को आग लगाने में एक्सपर्ट बन चुके हैं। जबकि आपके कॉम्पिटिटर फनल बनाकर आपसे आगे निकल रहे हैं और आप बस क्लिक्स गिनते रह गए। अब भी नहीं संभले तो बिजनेस बंद करना ही बेहतर है।

डॉट कॉम सीक्रेट्स बुक सिर्फ एक किताब नहीं बल्कि ऑनलाइन बिजनेस का वो नक्शा है जो आपको हारने से बचाएगा। आज हम इस बुक के तीन ऐसे कमाल के लेसन देखेंगे जो आपके डूबते हुए बिजनेस में जान फूंक देंगे और आपको प्रॉफिट की तरफ ले जाएंगे।


लेसन १ : द वैल्यू लैडर (द वैल्यू लैडर)

क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप किसी डेंटिस्ट के पास फ्री क्लीनिंग के लिए जाते हैं तो अंत में हजारों का बिल कैसे हाथ में आ जाता है। यह कोई जादू नहीं है और न ही कोई इत्तेफाक है। इसे कहते हैं वैल्यू लैडर का कमाल। रसेल ब्रन्सन कहते हैं कि ज्यादातर लोग अपना बिजनेस इसलिए बंद कर देते हैं क्योंकि वे पहली ही मुलाकात में कस्टमर की शादी अपने सबसे महंगे प्रोडक्ट से कराना चाहते हैं। भाई साहब थोड़ा सब्र रखिए। पहले डेट पर तो ले जाइए।

इंडिया में अक्सर लोग अपनी वेबसाइट बनाते हैं और सीधा एक लाख का कोर्स या सर्विस बेचने लगते हैं। अब आप खुद सोचिए कि गली का अनजान आदमी अगर आपसे आकर कहे कि मुझे दस हजार रुपये दे दो मैं तुम्हारी किस्मत बदल दूंगा तो आप उसे पैसे देंगे या पुलिस को फोन करेंगे। जाहिर है आप उसे पागल समझेंगे। वैल्यू लैडर इसी पागलपन का इलाज है। यह एक ऐसी सीढ़ी है जहां आप कस्टमर को पहले छोटा सा फायदा देते हैं। जैसे कोई फ्री ईबुक या कोई सस्ता सा वर्कशॉप।

जब कस्टमर को पहली सीढ़ी पर वैल्यू मिलती है तो उसका भरोसा बढ़ता है। उसे लगता है कि अगर इस बंदे की फ्री वाली चीज इतनी अच्छी है तो पेड वाली कितनी गजब होगी। बस यही वो मोमेंट है जहां आप उसे अगली सीढ़ी पर चढ़ाते हैं। अब आप उसे थोड़ा महंगा प्रोडक्ट देते हैं। फिर उससे महंगा और फिर सबसे महंगा। अगर आप सीधा टॉप पर चढ़ने की कोशिश करेंगे तो गिरना तय है।

मान लीजिए आप एक फिटनेस कोच हैं। आप सीधा पांच हजार का डाइट प्लान मत बेचिए। पहले एक फ्री रेसिपी गाइड दीजिए। फिर एक छोटा सात दिन का चैलेंज बेचिए सिर्फ सौ रुपये में। जब वो इंसान सात दिन में हल्का महसूस करेगा तब वो खुद आपके पास आएगा और पूछेगा कि सर आपका पर्सनल ट्रेनिंग प्रोग्राम कितने का है।

आप उसे चेज नहीं कर रहे हैं। वो आपकी सीढ़ी चढ़कर खुद आपके पास आ रहा है। अगर आपके पास यह लैडर नहीं है तो आप बस एक सेल्समैन बनकर रह जाएंगे जो हर किसी के पीछे भागता है। लेकिन अगर आपके पास यह सिस्टम है तो आप एक एक्सपर्ट बन जाते हैं जिसके पास लोग खुद आते हैं। याद रखिए कस्टमर को धीरे धीरे ऊपर लाना है वरना वो बीच में ही दम तोड़ देगा और आपका बैंक बैलेंस जीरो ही रहेगा।


लेसन २ : द अट्रैक्टिव कैरेक्टर (द अट्रैक्टिव कैरेक्टर)

अगर आपको लगता है कि सिर्फ अच्छे फीचर्स बताकर आप करोड़पति बन जाएंगे तो शायद आप अभी भी नब्बे के दशक में जी रहे हैं। आजकल लोग फीचर्स नहीं बल्कि इंसान खरीदते हैं। रसेल ब्रन्सन कहते हैं कि हर सफल बिजनेस के पीछे एक अट्रैक्टिव कैरेक्टर होता है। एक ऐसी पर्सनालिटी जिससे लोग जुड़ सकें। अगर आपका ब्रांड एक बोरिंग सरकारी ऑफिस जैसा फील देता है जहां कोई चेहरा ही नहीं है तो समझ लीजिए कि कस्टमर आपसे दूर भागने वाला है।

अट्रैक्टिव कैरेक्टर का मतलब यह नहीं कि आपको बॉलीवुड हीरो जैसा दिखना है। इसका मतलब है कि आपको अपनी एक पहचान बनानी है। लोग उन लोगों को फॉलो करते हैं जो उनके जैसे होते हैं या जो वो बनना चाहते हैं। आपको अपनी कहानी सुनानी होगी। लोग आपकी जीत से ज्यादा आपकी हार की कहानियों में इंटरेस्ट लेते हैं। जब आप बताते हैं कि कैसे आप एक छोटी सी नौकरी से तंग आकर मार्केटिंग की दुनिया में आए और कैसे आपने हजारों गलतियां कीं तब लोग आपसे जुड़ाव महसूस करते हैं।

इंडिया में लोग अक्सर शर्माते हैं। उन्हें लगता है कि अगर उन्होंने अपनी असली कहानी बता दी तो लोग क्या कहेंगे। भाई साहब लोग वैसे भी कुछ न कुछ कहेंगे ही तो क्यों न कुछ ऐसा कहें जिससे आपकी सेल बढ़ जाए। आपको एक लीडर बनना होगा। एक ऐसा इंसान जिसकी अपनी एक राय हो। अगर आप हर किसी को खुश करने की कोशिश करेंगे तो आप किसी को भी इम्प्रेस नहीं कर पाएंगे। जो सबके लिए होता है वो किसी के लिए नहीं होता।

मान लीजिए आप स्टॉक मार्केट सिखाते हैं। अगर आप सिर्फ ग्राफ और नंबर्स दिखाएंगे तो लोग सो जाएंगे। लेकिन अगर आप अपनी वो कहानी सुनाएंगे कि कैसे आपने पहली बार में अपने सारे पैसे डुबा दिए थे और फिर उस गड्ढे से बाहर कैसे निकले तो लोग आपकी बातों को ध्यान से सुनेंगे। वे आपको एक गुरु की तरह देखेंगे क्योंकि आपने वो सब झेला है जो वो अभी झेल रहे हैं।

अट्रैक्टिव कैरेक्टर बनने के लिए आपको थोड़ा सा ड्रामैटिक भी होना पड़ेगा। अपनी लाइफ के सीक्रेट्स शेयर कीजिए और अपने कस्टमर्स को अपनी दुनिया का हिस्सा बनाइए। जब लोग आपको पसंद करने लगते हैं तो वो आपके कॉम्पिटिटर के पास नहीं जाते चाहे वो सस्ता ही क्यों न बेच रहा हो। क्योंकि वो आपसे प्यार करते हैं और भरोसा इंसान पर होता है दुकान पर नहीं। बिना अट्रैक्टिव कैरेक्टर के आपका बिजनेस बस एक बिना आत्मा के शरीर जैसा है जो कभी भी गिर सकता है।


लेसन ३ : सेल्स फनल की पावर (सेल्स फनल)

अगर आप अपनी वेबसाइट को लेकर बहुत गर्व महसूस कर रहे हैं तो थोड़ा संभल जाइए। रसेल ब्रन्सन का मानना है कि वेबसाइट आपके बिजनेस के लिए एक ईंट की दीवार जैसी है जहां कस्टमर आता है, कंफ्यूज होता है और फिर वापस चला जाता है। वेबसाइट पर इतने सारे बटन होते हैं कि बेचारा कस्टमर समझ ही नहीं पाता कि उसे करना क्या है। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप किसी रेस्टोरेंट में जाएं और वेटर आपको मेन्यू देने के बजाय किचन में ले जाकर खड़ा कर दे और कहे कि जो मर्जी हो बना लो। आप वहां से भाग जाएंगे।

यहीं पर काम आता है सेल्स फनल। फनल एक ऐसा रास्ता है जहां आप कस्टमर का हाथ पकड़ते हैं और उसे स्टेप बाय स्टेप मंजिल तक ले जाते हैं। वेबसाइट पर लोग 'घूमने' आते हैं लेकिन फनल पर लोग 'खरीदने' आते हैं। फनल का हर पेज सिर्फ एक ही मकसद के लिए बना होता है और वो है कस्टमर को अगले कदम पर ले जाना। इसमें कोई फालतू के 'अबाउट अस' या 'कांटेक्ट अस' के लिंक नहीं होते जो उसका ध्यान भटकाएं।

मान लीजिए आप ऑनलाइन जूते बेच रहे हैं। एक साधारण वेबसाइट पर आप हजार जूते दिखाएंगे। कस्टमर देखेगा, कंफ्यूज होगा और टैब बंद कर देगा। लेकिन एक फनल में आप उसे पहले एक कमाल के रनिंग शूज का विज्ञापन दिखाएंगे। जब वो क्लिक करेगा तो उसे सिर्फ वही जूता दिखेगा। जैसे ही वो खरीदने लगेगा आप उसे एक 'ऑर्डर बम्प' देंगे कि क्या आपको इसके साथ जुराबें भी चाहिए। फिर अगले पेज पर आप उसे एक 'अपसेल' देंगे कि क्या आपको जूतों को साफ करने वाली किट भी चाहिए।

यह सारा प्रोसेस ऑटोमेटिक होता है। आपको हर कस्टमर के पीछे डंडा लेकर नहीं भागना पड़ता। इंडिया में आजकल हर कोई डिजिटल मार्केटिंग की बात करता है लेकिन फनल की ताकत को बहुत कम लोग समझते हैं। अगर आप फनल हैकिंग जानते हैं यानी अपने कॉम्पिटिटर के फनल को समझकर उससे बेहतर बना सकते हैं तो आपको जीतने से कोई नहीं रोक सकता। यह बिजनेस को एक मशीन की तरह चलाने जैसा है। आप ऊपर से ट्रैफिक डालते हैं और नीचे से पैसा निकलता है।

बिना फनल के आप बस उम्मीद के भरोसे बिजनेस कर रहे हैं और उम्मीद कोई स्ट्रेटेजी नहीं होती। अगर आप चाहते हैं कि आपका कस्टमर आपकी हर बात माने और आपके प्रोडक्ट्स खुशी खुशी खरीदे तो आपको उसे एक फनल के सफर पर ले जाना ही होगा। यह सफर ही आपकी बैंक स्टेटमेंट को हरा भरा रखेगा।


तो दोस्तों, डॉट कॉम सीक्रेट्स हमें सिखाती है कि बिजनेस सिर्फ सामान बेचना नहीं बल्कि एक सिस्टम बनाना है। अगर आप आज भी पुराने तरीकों से चिपके हुए हैं तो आप अपनी तरक्की का गला खुद घोंट रहे हैं। क्या आप तैयार हैं अपनी बोरिंग वेबसाइट को एक तगड़ी सेल्स मशीन में बदलने के लिए।

आज ही बैठकर अपनी वैल्यू लैडर डिजाइन कीजिए और देखिए कैसे आपका छोटा सा बिजनेस एक बड़े ब्रांड में बदल जाता है। इस आर्टिकल को अपने उस दोस्त के साथ शेयर करें जो दिन रात मेहनत तो करता है लेकिन फिर भी उसका बिजनेस ग्रो नहीं हो रहा। याद रखिए सही जानकारी ही असली पावर है।

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