Hacking Growth (Hindi)


आप अभी भी पुराने जमाने की घिसी पिटी मार्केटिंग पर लाखों लुटा रहे हैं और फिर भी आपका कॉम्पिटिटर आपको कच्चा चबा रहा है। सच तो यह है कि आपका बिजनेस नहीं बल्कि आपकी सुस्ती बढ़ रही है। अगर आपको ग्रोथ हैकिंग का अता पता नहीं है तो बधाई हो आप अपनी बर्बादी का जश्न मना रहे हैं।

आज के इस आर्टिकल में हम शॉन एलिस की वर्ल्ड फेमस किताब हैकिंग ग्रोथ का पूरा कच्चा चिट्ठा खोलेंगे। हम उन 3 पावरफुल लेसन के बारे में बात करेंगे जो फेसबुक और एयरबीएनबी जैसी कंपनियों को फर्श से अर्श तक ले गए ताकि आप भी पीछे न रह जाएं।


लेसन १ : क्रॉस फंक्शनल टीम की ताकत

क्या आपको सच में लगता है कि मार्केटिंग वाला बंदा अकेले आपके डूबे हुए बिजनेस की नैया पार लगा देगा? अगर हाँ, तो शायद आप उसी दुनिया में जी रहे हैं जहाँ लोग आज भी नोकिया का फोन इस्तेमाल करने की उम्मीद रखते हैं। शॉन एलिस अपनी किताब में साफ कहते हैं कि ग्रोथ कोई जादू की छड़ी नहीं है जो सिर्फ सेल्स टीम घुमाएगी और नोटों की बारिश होने लगेगी। असल में ग्रोथ एक टीम गेम है जिसे हम क्रॉस फंक्शनल टीम कहते हैं।

पुराने जमाने में क्या होता था? मार्केटिंग वाला अलग कोने में बैठकर विज्ञापन बना रहा है, इंजीनियर अलग कमरे में कोड लिख रहा है और डेटा वाले भाई साहब को तो खुद नहीं पता कि क्या चल रहा है। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे एक क्रिकेट टीम में बॉलर कहे कि मुझे बैटिंग से क्या मतलब और विकेटकीपर कहे कि मैं तो सिर्फ अपनी ग्लव्स साफ करूँगा। ऐसी टीम सिर्फ हारती ही नहीं है बल्कि बुरी तरह जलील होती है। हैकिंग ग्रोथ हमें सिखाती है कि अगर आपको रॉकेट की तरह ऊपर जाना है तो आपको एक ऐसी टीम चाहिए जिसमें मार्केटिंग, प्रोडक्ट, इंजीनियरिंग और डेटा एनालिसिस के धुरंधर एक ही टेबल पर बैठें।

सोचिए आपके पास एक शानदार जूस की दुकान है। मार्केटिंग वाले ने बोर्ड लगा दिया कि यहाँ दुनिया का सबसे मीठा जूस मिलता है। लोग भीड़ लगाकर आ गए। लेकिन जैसे ही उन्होंने जूस पिया, उन्हें पता चला कि वह तो गरम और फीका है। क्यों? क्योंकि मार्केटिंग वाले ने प्रोडक्ट वाले से बात ही नहीं की थी कि भाई फ्रिज चल रहा है या नहीं। अब लोग दोबारा कभी नहीं आएंगे और ऊपर से गूगल रिव्यु में आपकी दुकान की अर्थी भी निकाल देंगे। यही होता है जब आपकी टीम के बीच तालमेल की कमी होती है।

क्रॉस फंक्शनल टीम का मतलब है कि हर कोई एक ही गोल के लिए काम कर रहा है। जब इंजीनियर को पता होता है कि यूजर ऐप पर कहाँ अटक रहा है और मार्केटिंग वाला उसे डेटा के साथ समझाता है कि भाई यहाँ बटन का रंग बदल दे, तब असली धमाका होता है। यह टीम हर हफ्ते मिलती है, डेटा पर चर्चा करती है और फालतू की ईगो को डस्टबिन में डालकर सिर्फ ग्रोथ पर फोकस करती है। अगर आपकी टीम में आज भी लोग एक दूसरे को मेल भेजकर जवाब का तीन दिन इंतजार करते हैं, तो समझ लीजिए कि आपकी कंपनी की ग्रोथ की चिता जल चुकी है। आपको चाहिए एक ऐसी फुर्तीली टीम जो बिजली की रफ्तार से फैसले ले सके और हर विभाग की दीवार को गिराकर सिर्फ रिजल्ट पर ध्यान दे।

जब तक आप इन अलग अलग डिपार्टमेंट्स के बीच की सरहदें नहीं मिटाएंगे, तब तक आप बस चूहा दौड़ में भागते रहेंगे। फेसबुक जैसी कंपनियों ने अपनी ग्रोथ टीम को इतना फ्रीडम दिया कि उन्होंने रातों रात ऐसे बदलाव किए जो किसी एक मैनेजर के बस की बात नहीं थी। तो क्या आप अभी भी अपनी टीम को अलग अलग कमरों में बंद करके उनकी सैलरी बर्बाद करना चाहते हैं या उन्हें एक साथ लाकर मार्केट में तहलका मचाना चाहते हैं? फैसला आपका है क्योंकि बिना टीम के तालमेल के आपकी ग्रोथ सिर्फ ख्याली पुलाव बनकर रह जाएगी।


लेसन २ : मस्ट हैव प्रोडक्ट और अहा मोमेंट

क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो गोबर पर परफ्यूम छिड़क कर उसे हलवा बोलकर बेचने की कोशिश कर रहे हैं? अगर आपका प्रोडक्ट बेकार है तो दुनिया का सबसे बड़ा मार्केटिंग गुरु भी उसे डूबने से नहीं बचा सकता। शॉन एलिस कहते हैं कि ग्रोथ हैकिंग का सबसे पहला कदम यह पता लगाना है कि क्या आपका प्रोडक्ट मस्ट हैव है। मतलब क्या लोगों को इसकी सच में जरूरत है या आप बस अपनी मेहनत और पैसा पानी में बहा रहे हैं?

जरा सोचिए आप एक ऐसी ऐप बनाते हैं जो लोगों को यह बताती है कि उनके मोजे में कितने छेद हैं। आप फेसबुक पर विज्ञापन चला देते हैं और लाखों लोग इसे डाउनलोड भी कर लेते हैं। लेकिन ऐप खोलने के दो मिनट बाद ही उन्हें एहसास होता है कि भाई मुझे अपनी जिंदगी के साथ यह क्या कर रहा हूँ? वह तुरंत ऐप डिलीट कर देते हैं। यहाँ आपकी मार्केटिंग तो सफल रही पर प्रोडक्ट पूरी तरह फेल हो गया। इसे कहते हैं छेद वाले घड़े में पानी भरना। आप जितना ज्यादा मार्केटिंग का पानी डालेंगे घड़ा उतना ही खाली रहेगा क्योंकि प्रोडक्ट में दम ही नहीं है।

यहीं पर एंट्री होती है अहा मोमेंट की। यह वह जादुई पल है जब यूजर को पहली बार एहसास होता है कि वाह यह तो कमाल की चीज है। जैसे जब आपने पहली बार उबर से टैक्सी बुक की होगी और गाड़ी आपके दरवाजे पर आकर खड़ी हो गई होगी तब आपके मुंह से निकला होगा अहा। या जब पहली बार फेसबुक पर पुराने स्कूल के दोस्त की फोटो दिखी होगी तब आपको उसकी वैल्यू समझ आई होगी। अगर आपका यूजर ऐप या सर्विस इस्तेमाल करने के शुरुआती कुछ मिनटों में यह अहा मोमेंट महसूस नहीं करता तो वह आपको छोड़कर किसी और के पास चला जाएगा।

आजकल के स्टार्टअप्स की सबसे बड़ी बीमारी यही है कि वह प्रोडक्ट पूरा बनने से पहले ही उसे स्केल करने निकल पड़ते हैं। वह सोचते हैं कि हम डिस्काउंट देंगे तो लोग टिके रहेंगे। पर भाई साहब डिस्काउंट से आई हुई भीड़ वफादार नहीं होती। वह तो उस लालची रिश्तेदार की तरह है जो सिर्फ शादी के खाने तक रुकता है। जैसे ही फ्री का खाना खत्म वह आपको पहचानना भी बंद कर देगा। आपको यह समझना होगा कि क्या आपका प्रोडक्ट लोगों की किसी बड़ी तकलीफ को दूर कर रहा है? क्या वह आपकी सर्विस के बिना अपनी जिंदगी अधूरी महसूस करते हैं?

अगर इसका जवाब ना है तो रुक जाइए। अपनी टीम को वापस बुलाइए और प्रोडक्ट को बेहतर बनाइए। तब तक मार्केटिंग पर एक रुपया भी मत खर्च कीजिए जब तक आपके पास कम से कम चालीस परसेंट ऐसे यूजर न हों जो कहें कि अगर यह प्रोडक्ट बंद हो गया तो हमें बहुत दुख होगा। यह वह बेंचमार्क है जो तय करता है कि आप मार्केट में टिकेंगे या फिर इतिहास के किसी कोने में दफन हो जाएंगे। बिना अहा मोमेंट के आपकी ग्रोथ की गाड़ी बिना इंजन के रेल जैसी है जिसे आप धक्का मार मार कर कितना भी आगे ले जाएं वह एक न एक दिन ढलान पर वापस आ ही जाएगी।


लेसन ३ : हाई टेम्पो टेस्टिंग का जादू

क्या आप अभी भी उस पुराने खूसट बॉस की तरह काम कर रहे हैं जो साल में एक बार मीटिंग बुलाता है और कहता है कि चलो इस बार कुछ नया ट्राई करते हैं? अगर आपकी रफ्तार इतनी धीमी है तो यकीन मानिए आपका कॉम्पिटिटर आपको नाश्ते में खा जाएगा। हैकिंग ग्रोथ का असली मंत्र है हाई टेम्पो टेस्टिंग। इसका मतलब है कि आपको एक या दो नहीं बल्कि हर हफ्ते दर्जनों नए आइडियाज को टेस्ट करना होगा। जो काम करे उसे अपना लो और जो फेल हो जाए उसे बिना आंसू बहाए कूड़ेदान में डाल दो।

जरा सोचिए आप एक कपड़े की दुकान चलाते हैं। आपने सोचा कि अगर मैं बाहर गुलाबी रंग की लाइट लगा दूँ तो शायद ज्यादा लड़कियां दुकान में आएंगी। अब आप इस एक छोटे से बदलाव का नतीजा देखने के लिए छह महीने इंतजार नहीं कर सकते। आपको आज लाइट लगानी है, कल डेटा देखना है कि कितने लोग अंदर आए और परसों अगर फायदा नहीं हुआ तो लाइट का रंग बदलकर नीला कर देना है। इसी को कहते हैं टेस्टिंग की रफ्तार। बड़ी कंपनियां जैसे अमेजन और नेटफ्लिक्स हर रोज हजारों ऐसे छोटे छोटे टेस्ट करती हैं जिन्हें आप देख भी नहीं पाते। कभी उनके बटन का रंग बदलता है तो कभी उनकी हेडलाइन।

लोग अक्सर गलती यह करते हैं कि वह एक बड़े परफेक्ट प्लान के पीछे भागते हैं। वह सोचते हैं कि हम छह महीने तक कमरे में बंद होकर एक मास्टर प्लान बनाएंगे और फिर धमाका करेंगे। भाई साहब जब तक आप कमरे से बाहर निकलेंगे तब तक मार्केट का टेस्ट ही बदल चुका होगा। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप किसी को प्रपोज करने के लिए तीन साल तक जिम में बॉडी बना रहे हों और जब तक आप तैयार होकर जाएं तब तक उस इंसान की शादी के दो बच्चे भी हो चुके हों। आपको परफेक्ट नहीं बल्कि तेज होना पड़ेगा।

शॉन एलिस हमें एक प्रोसेस सिखाते हैं जिसे ग्रोक लूप कहा जाता है। सबसे पहले ढेर सारे आइडियाज जमा करो, फिर उन्हें प्रायोरिटी दो कि कौन सा सबसे ज्यादा असर डाल सकता है, फिर उसे रन करो और अंत में डेटा का विश्लेषण करो। अगर डेटा कहता है कि लोग लाल बटन ज्यादा दबा रहे हैं तो ईगो को बीच में मत लाओ कि मुझे तो हरा पसंद था। डेटा ही आपका भगवान है और उसकी बात मानना ही आपकी तरक्की का रास्ता है।

असली खेल तब शुरू होता है जब आप इस टेस्टिंग को एक आदत बना लेते हैं। हर हफ्ते अपनी टीम के साथ बैठिए और पूछिए कि इस हफ्ते हमने क्या नया टेस्ट किया? अगर जवाब आता है कि सर हम तो पुराने काम में ही बिजी थे तो समझ जाइए कि आपकी ग्रोथ को लकवा मार गया है। जितनी ज्यादा टेस्टिंग उतना ज्यादा डेटा और जितना ज्यादा डेटा उतनी ही सटीक आपकी तरक्की। इसलिए डरना छोड़िए और फेल होने के लिए तैयार रहिए क्योंकि दस में से नौ टेस्ट फेल होंगे ही लेकिन वह एक टेस्ट जो पास होगा वही आपको करोड़पति बनाएगा।


तो अब यह साफ़ है कि ग्रोथ कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि एक सोची समझी इंजीनियरिंग है। क्या आप अभी भी अपनी किस्मत के भरोसे बैठे रहेंगे या फिर इन तीन लेसन को अपनाकर अपने बिजनेस को एक नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे? याद रखिए कल कभी नहीं आता जो करना है आज और अभी से शुरू करना होगा।

अगर आपको यह आर्टिकल काम का लगा और आप नहीं चाहते कि आपका कोई दोस्त बिजनेस में पीछे रह जाए तो इसे अभी उनके साथ शेयर करें। नीचे कमेंट में बताएं कि इन तीनों में से कौन सा लेसन आपको सबसे ज्यादा चुभा? चलिए साथ मिलकर ग्रोथ को हैक करते हैं।

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