Hold (Hindi)


क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो सैलरी आते ही आईफोन की ईएमआई भरते हैं और सोचते हैं कि एक दिन आप भी अमीर बनेंगे। सच तो यह है कि जब तक आप सोते समय पैसा नहीं कमा रहे तब तक आप सिर्फ गरीबी की रेस में दौड़ रहे हैं। बिना रियल एस्टेट के वेल्थ बनाने का सपना देखना वैसा ही है जैसा बिना पानी के तैरना सीखना।

आज हम स्टीव चेडर और जेनिस डोटी की फेमस किताब होल्ड के बारे में बात करेंगे। यह किताब हमें सिखाती है कि कैसे सही घर ढूंढकर और उसे होल्ड करके आप अपनी अगली सात पीढ़ियों के लिए पैसा छोड़ सकते हैं। आइये जानते हैं वे ३ पावरफुल लेसन जो आपकी सोच बदल देंगे।


लेसन १ : द होल्ड स्ट्रेटेजी - अमीर बनने का असली सीक्रेट

ज्यादातर लोग जब रियल एस्टेट का नाम सुनते हैं तो उनके दिमाग में सबसे पहले क्या आता है। वही पुराना घिसा पिटा आईडिया कि आज जमीन खरीदी और कल उसे डबल दाम में बेचकर निकल गए। इसे इन्वेस्टमेंट नहीं बल्कि जुआ कहते हैं। स्टीव चेडर अपनी किताब होल्ड में हमें एक ऐसी जादुई स्ट्रेटेजी बताते हैं जो सुनने में तो बहुत सिंपल है पर इसे फॉलो करना सबके बस की बात नहीं है। इसे कहते हैं संपत्ति को पकड़कर बैठ जाना।

सोचिये आपके पास एक सोने का अंडा देने वाली मुर्गी है। अब एक आम इंसान क्या करेगा। वह सोचेगा कि अरे आज मार्केट में चिकन के दाम बढ़ गए हैं तो क्यों न इस मुर्गी को ही काटकर बेच दूँ और एक नया महंगा फोन ले लूँ। यही वह गलती है जो मिडिल क्लास लोग अपनी पूरी जिंदगी करते रहते हैं। वे प्रॉपर्टी तब खरीदते हैं जब सब खरीद रहे होते हैं और जैसे ही छोटा सा प्रॉफिट दिखता है उसे बेचकर पार्टी करने लगते हैं। होल्ड स्ट्रेटेजी कहती है कि आपको मुर्गी नहीं बेचनी है बल्कि उसके अंडों से और मुर्गियां पैदा करनी हैं।

असली वेल्थ तब बनती है जब आप समय को अपना दोस्त बना लेते हैं। हमारे पड़ोस वाले शर्मा जी को ही देख लीजिये। उन्होंने दस साल पहले एक छोटा सा फ्लैट लिया था। सबने कहा कि शहर से बाहर है और वहां तो सिर्फ भूत रहते होंगे। पर शर्मा जी को पता था कि होल्ड करने की ताकत क्या होती है। आज वहां बड़ा मॉल बन गया है और उस फ्लैट की कीमत आसमान छू रही है। लेकिन शर्मा जी अभी भी उसे नहीं बेच रहे। क्यों। क्योंकि वहां से आने वाला रेंट उनके घर का बिजली बिल और राशन का खर्चा उठा रहा है। इसे कहते हैं असली फाइनेंशियल फ्रीडम।

जब आप किसी प्रॉपर्टी को होल्ड करते हैं तो मार्केट के उतार चढ़ाव आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकते। लोग पैनिक में आकर शेयर बेच देंगे या सोना गिरवी रख देंगे पर जमीन अपनी जगह खड़ी रहती है। यह स्ट्रेटेजी आपको पेशेंस यानी धीरज रखना सिखाती है। अगर आप सोचते हैं कि रात भर में करोड़पति बन जायेंगे तो शायद आपको लॉटरी का टिकट खरीदना चाहिए क्योंकि रियल एस्टेट उन लोगों के लिए है जो लंबी रेस के घोड़े हैं। इस लेसन का सार यही है कि अमीर वह नहीं है जिसके पास बहुत पैसा है बल्कि वह है जिसके पास ऐसी एसेट्स हैं जो उसे लगातार पैसा कमाकर दे रही हैं चाहे वह काम करे या न करे।


लेसन २ : फाइंडिंग द राइट डील - कचरे में सोना ढूंढना

क्या आपको भी लगता है कि अच्छी प्रॉपर्टी सिर्फ किस्मत वालों को मिलती है। या फिर आपको लगता है कि जिसके पास करोड़ों रुपये हैं वही बढ़िया डील क्रैक कर सकता है। अगर आप ऐसा सोचते हैं तो बधाई हो, आप अभी भी उसी मायाजाल में फंसे हैं जिसमें आम जनता फंसी रहती है। स्टीव चेडर कहते हैं कि बेस्ट डील्स कभी भी अखबार के पहले पन्ने पर विज्ञापन के साथ नहीं आतीं। वे अक्सर ऐसी जगह छिपी होती हैं जहाँ एक आम इंसान की नजर ही नहीं जाती। इसे कहते हैं कचरे में सोना ढूंढने की काबिलियत।

मार्केट में दो तरह के लोग होते हैं। पहले वे जो चकाचौंध वाले नए प्रोजेक्ट्स के पीछे भागते हैं जहाँ बिल्डर उन्हें स्विमिंग पूल और जिम के सपने बेचता है। और दूसरे वे जो यह देखते हैं कि किस गली में पुराने घर की छत थोड़ी सी टपक रही है या किसका पेंट उतर रहा है। आप सोचेंगे कि भला कोई टूटा फूटा घर क्यों खरीदेगा। यहीं पर असली दिमाग काम आता है। जब आप एक ऐसी प्रॉपर्टी ढूंढते हैं जिसमें थोड़ी बहुत मरम्मत की जरूरत हो तो आपको वह कौड़ियों के दाम में मिल सकती है। इसे कहते हैं इक्विटी को खरीदना। जैसे ही आप उस घर का रंग रूप बदलते हैं उसकी कीमत अपने आप बढ़ जाती है।

हमारे एक दोस्त हैं जिन्हें हमेशा लगता था कि प्रॉपर्टी लेना मतलब किसी फाइव स्टार होटल जैसा दिखने वाला घर खरीदना। उन्होंने एक लग्जरी फ्लैट लिया जिसकी ईएमआई भरते भरते उनके चेहरे की चमक गायब हो गई। वहीं दूसरी तरफ एक चतुर इन्वेस्टर ने शहर के पुराने हिस्से में एक ऐसा छोटा सा मकान लिया जिसकी हालत खस्ता थी। उसने बस थोड़ा सा सीमेंट और पेंट लगाया और उसे रेंट पर चढ़ा दिया। आज वह इन्वेस्टर चैन की नींद सो रहा है और हमारे दोस्त ओवरटाइम कर रहे हैं ताकि बैंक की किश्त दे सकें। आपको यह समझना होगा कि आप घर रहने के लिए नहीं बल्कि वेल्थ बनाने के लिए खरीद रहे हैं।

सही डील ढूंढने का मतलब है नंबर्स का खेल समझना। अगर आप इमोशनल होकर घर खरीद रहे हैं तो आप इन्वेस्टर नहीं बल्कि एक भावुक ग्राहक हैं। एक सफल होल्ड इन्वेस्टर हमेशा यह देखता है कि क्या उस घर से आने वाला रेंट उसके खर्चे और लोन को कवर कर पाएगा। अगर जवाब हाँ है तो वह डील पक्की है। मार्केट में गिरावट आने पर घबराना नहीं चाहिए बल्कि उसे एक सेल की तरह देखना चाहिए। जैसे दिवाली पर लोग ऑफर्स का इंतजार करते हैं वैसे ही एक असली इन्वेस्टर मार्केट क्रैश का इंतजार करता है ताकि वह सस्ती और अच्छी प्रॉपर्टीज को अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर सके। याद रखिये कि अमीर लोग भीड़ के साथ नहीं बल्कि भीड़ के खिलाफ चलते हैं।


लेसन ३ : वेल्थ थ्रू रेंटल इनकम - दूसरों के पैसे से अमीर बनना

दुनिया में सबसे सुखद अहसास क्या है। कुछ लोग कहेंगे कि पहाड़ों में घूमना और कुछ कहेंगे कि मनपसंद खाना। लेकिन एक असली इन्वेस्टर से पूछिए तो वह कहेगा कि महीने की १ तारीख को मोबाइल पर रेंट क्रेडिट होने का मैसेज आना ही असली सुख है। स्टीव चेडर इस लेसन में हमें समझाते हैं कि रेंटल इनकम सिर्फ जेब खर्च नहीं है बल्कि यह वह इंजन है जो आपकी वेल्थ की गाड़ी को रॉकेट की रफ़्तार से दौड़ाता है। इसे सरल भाषा में कहें तो यह दूसरों के पैसे से खुद को अमीर बनाने की कला है।

ज़रा सोचिये कि आपने बैंक से लोन लेकर एक घर खरीदा। अब हर महीने उसकी ईएमआई जा रही है। लेकिन वह ईएमआई आप अपनी जेब से नहीं बल्कि आपका किरायेदार भर रहा है। यानी आपने प्रॉपर्टी भी बना ली और उसकी कीमत भी आपकी जेब से नहीं गई। इसे कहते हैं स्मार्ट वर्क। हमारे यहाँ लोग लोन के नाम से ऐसे डरते हैं जैसे कोई डरावना साया हो। लेकिन लोन दो तरह के होते हैं। एक वह जो आपकी जेब से पैसा निकालता है जैसे कि आपकी कार का लोन। और दूसरा वह जो आपकी जेब में पैसा डालता है। होल्ड स्ट्रेटेजी आपको वह दूसरा वाला लोन लेना सिखाती है।

आजकल के लड़के लड़कियां सोचते हैं कि रेंट पर घर देना मतलब बड़ी सिरदर्दी है। किरायेदार के नखरे उठाना और बार बार रिपेयरिंग करवाना उन्हें बोझ लगता है। लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि यही बोझ आगे चलकर उन्हें ऑफिस की गुलामी से आज़ादी दिलाएगा। अगर आप एक बार सिस्टम सेट कर लेते हैं तो यह एक पैसिव इनकम का ऐसा जरिया बन जाता है जो आपके सोते समय भी काम करता है। क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप नेटफ्लिक्स पर वेब सीरीज देख रहे होते हैं तब भी आपकी प्रॉपर्टी की वैल्यू बढ़ रही होती है और उसका रेंट मीटर घूम रहा होता है।

रियल एस्टेट की सबसे खूबसूरत बात यह है कि यह आपको टैक्स में भी बहुत सारी छूट दिलाता है। आप अपने रिपेयरिंग के खर्चे और लोन के इंटरेस्ट को अपनी इनकम से घटा सकते हैं। यानी आप अमीर भी बन रहे हैं और सरकार को भी कानूनी रूप से कम टैक्स दे रहे हैं। यह सब सुनने में किसी जादू जैसा लगता है पर यह शुद्ध गणित है। अगर आप आज एक छोटा सा कदम उठाते हैं और अपनी पहली रेंटल प्रॉपर्टी प्लान करते हैं तो यकीन मानिये दस साल बाद आप खुद को शुक्रिया कहेंगे। असली वेल्थ तब नहीं दिखती जब आप उसे कमाते हैं बल्कि तब दिखती है जब वह खुद ब खुद बढ़ने लगती है।


तो दोस्तों, होल्ड सिर्फ एक किताब नहीं है बल्कि यह एक मैप है जो आपको गरीबी से अमीरी की तरफ ले जाता है। हमने सीखा कि कैसे प्रॉपर्टी को पकड़कर रखना है कैसे सही डील को पहचानना है और कैसे रेंट के जरिए अपनी वेल्थ को बढ़ाना है। अब सवाल यह है कि क्या आप अब भी वही घिसी पिटी लाइफ जीना चाहते हैं या फिर आज से ही अपनी पहली ईंट रखने की तैयारी करना चाहते हैं।

याद रखिये कि इंतजार करने वालों को सिर्फ उतना ही मिलता है जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते हैं। अपनी रिसर्च आज ही शुरू कीजिये और फाइनेंशियल फ्रीडम की ओर पहला कदम बढ़ाइये। अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया और आप चाहते हैं कि आपके दोस्त भी अमीर बनें तो इसे अभी शेयर कीजिये। नीचे कमेंट में लिखिये कि आप अपनी पहली इन्वेस्टमेंट प्रॉपर्टी कब खरीदने वाले हैं।

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