Living the 80/20 Way (Hindi)


अगर आप दिन भर गधे की तरह मेहनत करके भी खाली हाथ घर लौट रहे हैं तो बधाई हो। आप उन लोगों में शामिल हैं जो अपनी लाइफ को जानबूझकर मुश्किल बना रहे हैं। आप शायद सोचते हैं कि बिजी दिखना ही सक्सेस है पर असल में आप बस एक बिना पहिये की गाड़ी को धक्का दे रहे हैं।

इस आर्टिकल में हम रिचर्ड कोच की बुक लिविंग द 80 20 वे से वो सीक्रेट्स जानेंगे जो आपको कम काम करके ज्यादा रिजल्ट्स दिलाएंगे। चलिए देखते हैं वो 3 बड़े लेसन जो आपकी लाइफ बदल देंगे।


लेसन १ : कम काम और ज्यादा धमाका यानी लेस इज मोर

क्या आपको भी लगता है कि चौबीस घंटे चूहे की तरह दौड़ते रहने से आप शेर बन जाएंगे। अगर आप ऐसा सोचते हैं तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी के शिकार हैं। हमारी दुनिया में एक बहुत ही अजीब सा नशा फैला हुआ है और उस नशे का नाम है बिजी रहना। लोग गर्व से कहते हैं कि भाई मेरे पास तो सांस लेने की भी फुर्सत नहीं है। अरे भाई अगर सांस लेने की फुर्सत नहीं है तो जिंदा कैसे हो। असल में हम लोग उन अस्सी परसेंट फालतू के कामों में फंसे रहते हैं जिनका हमारी सक्सेस से कोई लेना देना ही नहीं होता। रिचर्ड कोच कहते हैं कि अपनी लाइफ का अस्सी बीस का चश्मा पहनिए और गौर से देखिए। आप पाएंगे कि आपकी अस्सी परसेंट मेहनत बस कचरा पैदा कर रही है।

सोचिए आपके पास एक जिम की मेंबरशिप है। आप वहां जाकर दो घंटे तक बस ट्रेडमिल पर चढ़कर अपनी सेल्फी लेते हैं और घर आकर अस्सी ग्राम प्रोटीन शेक पी लेते हैं। वहीं आपका एक दोस्त आता है जो बस बीस मिनट हाई इंटेंसिटी वर्कआउट करता है और उसके एब्स आपसे पहले निकल आते हैं। यहाँ गलती आपकी मेहनत की नहीं बल्कि आपके फोकस की है। आप उन अस्सी परसेंट एक्सरसाइज में बिजी थे जो सिर्फ आपका पसीना निकाल रही थीं जबकि आपका दोस्त उन बीस परसेंट वेट्स पर ध्यान दे रहा था जो मसल्स बना रहे थे। यही अस्सी बीस का जादू है। लाइफ में हर चीज बराबर नहीं होती। कुछ काम वीआईपी होते हैं और कुछ काम बस भीड़ बढ़ाने के लिए होते हैं।

अगर आप एक स्टूडेंट हैं तो आपने देखा होगा कि सिलेबस की अस्सी परसेंट बातें कभी एग्जाम में नहीं आतीं। पर फिर भी आप उन अस्सी परसेंट पन्नों को रटने में अपनी रातों की नींद खराब करते हैं। जो बीस परसेंट टॉपिक्स सच में मार्क्स दिला सकते हैं उन्हें आप कल पर टाल देते हैं। यह आपकी लाइफ का सबसे बड़ा जोक है। हम अक्सर उन चीजों को करने में अपनी जान लगा देते हैं जिनका रिवॉर्ड ना के बराबर है। जैसे सोशल मीडिया पर बहस करना। आप दो घंटे तक किसी अनजान आदमी को यह समझाने में लगे रहते हैं कि आपका फेवरेट एक्टर बेस्ट है। क्या इससे आपके बैंक अकाउंट में एक रुपया भी आया। बिल्कुल नहीं। यह वह अस्सी परसेंट टाइम है जो आपके अस्सी परसेंट रिजल्ट्स को खा रहा है।

रिचर्ड कोच हमें सलाह देते हैं कि अपनी टू डू लिस्ट को डस्टबिन में डालिए। एक ऐसी लिस्ट बनाइए जिसमें सिर्फ वो तीन काम हों जो आपके आज के दिन को सफल बना सकें। बाकी सब शोर है। जब आप कम काम करते हैं तब आप बेहतर काम करते हैं। जब आप हर तरफ हाथ पैर मारना बंद कर देते हैं तब आप उस एक दिशा में तेजी से बढ़ते हैं जो आपको मंज़िल तक ले जाएगी। तो आज से गधा मजदूरी छोड़िए और उन बीस परसेंट कामों के पीछे हाथ धोकर पड़ जाइए जो आपके सपनों को सच करेंगे। याद रखिए ज्यादा काम करना हार्ड वर्क नहीं बल्कि एक बीमारी है जिसका इलाज सिर्फ अस्सी बीस रूल के पास है।


लेसन २ : पैसा कमाने का स्मार्ट रास्ता यानी मनी एंड वेल्थ

अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो सोचते हैं कि अठारह घंटे ऑफिस की कुर्सी तोड़कर आप अंबानी बन जाएंगे तो शायद आप अभी तक नींद में हैं। पैसा कमाना कोई सजा नहीं है जो आप जितनी ज्यादा काटेंगे उतनी ज्यादा मिलेगी। सच तो यह है कि दुनिया का अस्सी परसेंट पैसा सिर्फ बीस परसेंट लोगों के पास है और वो इसलिए नहीं क्योंकि उनके पास कोई जादुई चिराग है। वो बस उन बीस परसेंट मौकों और रास्तों को जानते हैं जो सच में वेल्थ क्रिएट करते हैं। आप शायद उन अस्सी परसेंट छोटी छोटी बचतों में फंसे रहते हैं जो आपकी लाइफ की क्वालिटी को तो गिरा देती हैं पर आपकी अमीरी को एक इंच भी नहीं बढ़ातीं। जैसे दस रुपये का धनिया फ्री मांगने के लिए सब्जी वाले से आधा घंटा बहस करना।

सोचिए एक आदमी है जो हर महीने अपनी सैलरी से सौ सौ रुपये बचाकर एफडी में डालता है और अपनी जिंदगी की हर छोटी खुशी का गला घोंट देता है। दूसरी तरफ एक आदमी है जो उन अस्सी परसेंट फालतू के खर्चों को पहचानता है जो वो सिर्फ दिखावे के लिए कर रहा था। वो उस पैसे और वक्त को एक ऐसे हुनर को सीखने में लगाता है जो उसकी इनकम को दस गुना बढ़ा सकता है। रिचर्ड कोच कहते हैं कि पैसा कमाने के लिए आपको हजार रास्ते नहीं चाहिए। आपको बस वो बीस परसेंट इन्वेस्टमेंट्स या वो बीस परसेंट क्लाइंट्स चाहिए जो आपके अस्सी परसेंट प्रॉफिट का कारण बनते हैं। अगर आप एक बिजनेसमैन हैं तो गौर कीजिए आपके अस्सी परसेंट नखरेबाज क्लाइंट्स आपको सिर्फ बीस परसेंट कमाई देते हैं और आपका अस्सी परसेंट सिरदर्द बढ़ाते हैं।

वहीँ आपके कुछ बीस परसेंट शांत और अच्छे क्लाइंट्स आपको बिना किसी चिक चिक के अस्सी परसेंट रेवेन्यू दे जाते हैं। तो फिर आप अपना अस्सी परसेंट खून उन बेकार क्लाइंट्स के पीछे क्यों जला रहे हैं। यही बात पर्सनल फाइनेंस पर भी लागू होती है। हम अक्सर उन स्कीम्स में अपना दिमाग लगाते हैं जहाँ रिटर्न मूंगफली जैसा मिलता है। हम डिस्काउंट सेल्स में जाकर वो चीजें खरीद लाते हैं जिनकी हमें जरूरत भी नहीं थी बस इसलिए क्योंकि वहां बीस परसेंट की छूट थी। असल में आपने पैसे बचाए नहीं बल्कि उन अस्सी परसेंट चीजों पर लुटा दिए जो आपके घर में सिर्फ धूल खाएंगी। पैसा बचाने से ज्यादा जरूरी है उन बीस परसेंट खर्चों को रोकना जो आपकी कमाई को दीमक की तरह चाट रहे हैं।

असली वेल्थ वो है जो आपको आजादी दे ना कि वो जो आपको और भी ज्यादा बिजी बना दे। अगर आपका काम आपको इतना थका रहा है कि आप अपनी दौलत का मजा ही नहीं ले पा रहे तो आप एक बहुत ही खराब सौदेबाजी कर रहे हैं। अमीर बनना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। यह बस उन बीस परसेंट एसेट्स पर फोकस करने का खेल है जो सोते समय भी आपके लिए पैसा बनाएं। उन रास्तों को खोजिए जो आपकी लाइफ को आसान बनाएं और आपके बैंक बैलेंस को भारी। जब आप अपनी एनर्जी सही जगह लगाते हैं तब पैसा आपके पीछे भागता है और आपको कड़ी मेहनत के दलदल से बाहर निकाल लाता है।


लेसन ३ : खुशियों का असली फॉर्मूला यानी रिलेशनशिप्स एंड हैप्पीनेस

क्या आपने कभी गौर किया है कि आपके फोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट में पांच सौ नाम हैं पर जब आप सच में उदास होते हैं तो आप सिर्फ दो लोगों को ही कॉल करते हैं। अगर हाँ तो मुबारक हो आपने अनजाने में ही अस्सी बीस रूल को समझ लिया है। हम अपनी पूरी जिंदगी उन अस्सी परसेंट लोगों को इम्प्रेस करने में बर्बाद कर देते हैं जिन्हें हमारे होने या ना होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। हम शादियों में उन रिश्तेदारों की खातिरदारी में लगे रहते हैं जो पनीर की सब्जी में नमक कम होने की शिकायत करके ही घर जाएंगे। रिचर्ड कोच हमें याद दिलाते हैं कि हमारी अस्सी परसेंट खुशियां उन खास बीस परसेंट लोगों से आती हैं जो हमारे दिल के करीब हैं। लेकिन ट्रेजेडी देखिए कि हम उन्हीं बीस परसेंट लोगों को सबसे ज्यादा इग्नोर करते हैं।

सोचिए आप ऑफिस में उन अस्सी परसेंट कलीग्स के साथ पार्टी कर रहे हैं जो आपकी पीठ पीछे आपकी सैलरी का मजाक उड़ाते हैं। और घर पर आपकी मां या आपकी पत्नी आपका इंतजार कर रही है जो आपकी लाइफ की असली बीस परसेंट है। आप अपनी सारी एनर्जी उन फालतू के लोगों पर लुटा देते हैं और जब घर पहुंचते हैं तो आपके पास अपनों को देने के लिए सिर्फ चिड़चिड़ापन और थकान बचती है। यह लाइफ जीने का सबसे घटिया तरीका है। रिश्तों में क्वालिटी मैटर करती है क्वांटिटी नहीं। अगर आपके पास दो ऐसे दोस्त हैं जो आधी रात को आपकी मदद के लिए खड़े हो सकते हैं तो आप उन लोगों से कहीं ज्यादा अमीर हैं जिनके सोशल मीडिया पर दस हजार फॉलोअर्स हैं।

अक्सर हम उन अस्सी परसेंट एक्टिविटीज में खुशी ढूंढते हैं जो हमें सिर्फ थकान देती हैं। जैसे कि वीकेंड पर मॉल जाकर धक्का मुक्की खाना या किसी बोरिंग पार्टी में जबरदस्ती मुस्कुराना। असल में वो बीस परसेंट सुकून तो घर पर बैठकर अपनी पुरानी फोटो देखने या अपनों के साथ चाय पीने में मिलता है। हम खुशियों के पीछे इतना तेज दौड़ रहे हैं कि हम उन लम्हों को ही कुचल देते हैं जो हमें सच में खुशी दे सकते थे। लाइफ बहुत छोटी है और इसे उन अस्सी परसेंट लोगों के लिए जीना बंद कर दीजिए जो आपकी अंत्येष्टि में भी सिर्फ खाने का मेन्यू देखने आएंगे।

अपनी एनर्जी बचाइए और उसे उन बीस परसेंट रिश्तों में इन्वेस्ट कीजिए जो आपको अंदर से मजबूत बनाते हैं। जब आपके पास वो सही बीस परसेंट लोग होते हैं तब दुनिया की कोई भी जंग जीतना आसान हो जाता है। तो आज ही अपनी लिस्ट साफ कीजिए। उन लोगों को थैंक यू बोलिए जो आपकी लाइफ के वीआईपी हैं और बाकी दुनिया को भीड़ का हिस्सा बने रहने दीजिए। याद रखिए अंत में यह मायने नहीं रखेगा कि आपने कितने लोगों से हाथ मिलाया बल्कि यह मायने रखेगा कि किन हाथों ने आपको गिरने से बचाया।


लिविंग द 80 20 वे सिर्फ एक किताब नहीं है बल्कि यह एक नया नजरिया है। यह हमें सिखाती है कि लाइफ में सब कुछ पाने की कोशिश में हम अक्सर वो भी खो देते हैं जो हमारे पास था। अपनी मेहनत अपनी दौलत और अपनी खुशियों को अस्सी बीस के तराजू में तौलना शुरू कीजिए। गधे की तरह भागना बंद कीजिए और उस बीस परसेंट पर फोकस कीजिए जो आपको अस्सी परसेंट रिजल्ट्स देगा। आज ही कमेंट्स में बताएं कि आपकी लाइफ का वो कौन सा एक काम है जिसे आप आज से ही छोड़ने वाले हैं। इस आर्टिकल को अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो चौबीस घंटे बिजी होने का नाटक करते हैं। चलिए मिलकर लाइफ को थोड़ा आसान और बहुत ज्यादा मजेदार बनाते हैं।

-----

आपकी छोटी सी Help हमें और ऐसे Game-Changing Summaries लाने में मदद करेगी। DY Books को Donate करके हमें Support करें🙏 - Donate Now




#8020Rule #ProductivityTips #RichardsKoch #SmartLiving #SuccessMindset


_

Post a Comment

Previous Post Next Post