क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो दिन भर सेल्स कालिंग का नाटक करके खुद को बिजी समझते हैं। सच तो यह है कि आपकी घटिया सेल्स पिच और बेकार प्रोस्पेक्टिंग लिस्ट आपको कंगाल बना रही है। बिना सही स्ट्रेटेजी के मेहनत करना सिर्फ बेवकूफी है जो आपका कीमती वक्त बर्बाद कर रही है।
माइक वाइनबर्ग की यह बुक आपके सेल्स के पुराने और थके हुए तरीकों को जड़ से उखाड़ फेंकने आई है। चलिए समझते हैं वह 3 बड़े लेसन जो आपकी सेल्स गेम को पूरी तरह से बदल कर रख देंगे।
लेसन १ : सही प्रोस्पेक्ट्स का चुनाव और आपका सेल्स टारगेट
दोस्तो, सेल्स की दुनिया में सबसे बड़ा झूठ यह है कि हर कोई आपका कस्टमर है। अगर आप गली में चलते हर इंसान को अपना प्रोडक्ट बेचने की कोशिश कर रहे हैं तो आप सेल्समैन नहीं बल्कि एक कन्फ्यूज्ड इंसान हैं। माइक वाइनबर्ग कहते हैं कि सेल्स में फेल होने का सबसे बड़ा कारण खराब प्रोस्पेक्टिंग है। मान लीजिए आप एक ऐसे इंसान को गंजेपन की दवा बेच रहे हैं जिसके सिर पर घने बाल हैं। वह आपकी बात सुनेगा जरूर पर खरीदेगा कभी नहीं। आप अपना गला फाड़ रहे हैं और वह मन ही मन आपका मजाक उड़ा रहा है। यह आपकी मेहनत की कमी नहीं बल्कि आपकी अक्ल की कमी है।
ज्यादातर सेल्स के लोग अपनी लिस्ट में उन लोगों को भर लेते हैं जिनसे बात करना आसान होता है। आपको लगता है कि ऑफिस में बैठकर फोन घुमाना ही काम है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आप किसे फोन कर रहे हैं। अगर आपकी लिस्ट में दम नहीं है तो आपकी सेल्स पिच में चाहे साक्षात सरस्वती जी आकर बैठ जाएं तो भी सेल क्लोज नहीं होगी। सही प्रोस्पेक्ट वह नहीं है जो आपसे प्यार से बात करे बल्कि वह है जिसके पास आपकी दी हुई प्रॉब्लम का असली दुख हो। आपको ऐसे लोगों को ढूंढना है जिनकी रातों की नींद आपके प्रोडक्ट से वापस आ सके।
यहाँ एक कड़वा सच सुनिए। कई लोग सेल्स को लॉटरी समझते हैं। वह सोचते हैं कि ज्यादा कॉल करेंगे तो शायद कोई फंस जाए। यह सेल्स नहीं है यह तो जुआ है। माइक वाइनबर्ग हमें सिखाते हैं कि आपको एक आइडियल कस्टमर प्रोफाइल तैयार करनी चाहिए। आपको पता होना चाहिए कि आपके कस्टमर का बिजनेस क्या है उसका दर्द क्या है और उसकी जेब में कितना पैसा है। अगर आप बिना तैयारी के मैदान में उतरेंगे तो लोग आपको ऐसे इग्नोर करेंगे जैसे आप किसी शादी में बिन बुलाए मेहमान हों।
हकीकत तो यह है कि सेल्स में आपका सबसे बड़ा दुश्मन आपका अपना कंफर्ट जोन है। आप उन पुराने क्लाइंट्स के पीछे पड़े रहते हैं जो आपको ऑर्डर तो नहीं देते पर चाय पिला देते हैं। आपको लगता है कि आप बिजी हैं पर असल में आप सिर्फ टाइम पास कर रहे हैं। सेल्स का असली शेर वही है जो नए शिकार की तलाश में सही जंगल का चुनाव करता है। अगर आप मछली पकड़ने के लिए रेगिस्तान में कांटा डालेंगे तो आपको सिर्फ मिटटी ही मिलेगी। इसलिए अपनी एनर्जी वहां लगाइये जहाँ रिजल्ट मिलने के चांस सबसे ज्यादा हों।
याद रखिये कि प्रोस्पेक्टिंग कोई सजा नहीं है बल्कि यह आपके बिजनेस की लाइफलाइन है। अगर आप आज सही लोगों को नहीं ढूंढेंगे तो कल आपकी कंपनी आपको ढूंढना बंद कर देगी। यह लेसन हमें सिखाता है कि सेल्स में क्वांटिटी से ज्यादा क्वालिटी मैटर करती है। जब तक आपकी लिस्ट परफेक्ट नहीं होगी तब तक आपका बैंक बैलेंस खाली ही रहेगा। यह तो बस शुरुआत है क्योंकि असली ड्रामा तो तब शुरू होता है जब आप अपनी सेल्स स्टोरी सुनाते हैं।
लेसन २ : अपनी सेल्स स्टोरी को हथियार बनाइये
क्या आपने कभी किसी सेल्समैन को सुना है जो कॉल उठाते ही शुरू हो जाता है। हमारी कंपनी इतनी पुरानी है हमारे पास इतने एम्प्लॉई हैं और हमारा ऑफिस इतना बड़ा है। सच बताऊं तो क्लाइंट को रत्ती भर भी फर्क नहीं पड़ता कि आपका ऑफिस कितना बड़ा है या आपकी कंपनी का जन्म कब हुआ था। क्लाइंट को सिर्फ एक ही चीज से मतलब है और वह है उसका अपना फायदा। माइक वाइनबर्ग का यह लेसन आपको आइना दिखाता है कि आपकी सेल्स पिच असल में कितनी बोरिंग और स्वार्थी है। अगर आप भी अपनी पिच में सिर्फ अपनी तारीफों के पुल बांध रहे हैं तो यकीन मानिए क्लाइंट आपको मन ही मन गाली देकर फोन काटने का बहाना ढूंढ रहा है।
एक दमदार सेल्स स्टोरी वह होती है जिसमें हीरो आप नहीं बल्कि आपका कस्टमर होता है। सोचिये आप किसी डॉक्टर के पास जाएं और वह आधे घंटे तक अपनी डिग्री और अपनी क्लीनिक की टाइल्स की तारीफ करे। आप वहां से भाग खड़े होंगे। आप चाहते हैं कि वह आपकी बीमारी सुने और उसका इलाज बताए। सेल्स में भी यही लॉजिक काम करता है। आपको अपनी कहानी ऐसे बुननी है कि क्लाइंट को लगे कि आप उसके दुखती रग को पहचानते हैं। आपको उसे यह नहीं बताना कि आपका प्रोडक्ट क्या है बल्कि यह बताना है कि आपका प्रोडक्ट उसके बिजनेस की कौन सी आग को बुझाएगा।
अक्सर सेल्स के लोग किसी रोबोट की तरह रटी-रटाई बातें बोलते हैं। उनकी आवाज में उत्साह कम और मजबूरी ज्यादा लगती है। जब आप अपनी सेल्स स्टोरी सुनाते हैं तो उसमें एक दम होना चाहिए। उसमें एक लय होनी चाहिए जो क्लाइंट के दिल की धड़कन से मैच करे। अगर आप उसे यह यकीन नहीं दिला सकते कि आप उसकी प्रॉब्लम समझते हैं तो वह आपको अपनी तिजोरी की चाबी कभी नहीं देगा। यहाँ मजाक की बात यह है कि कई सेल्समैन तो अपनी ही पिच सुनकर खुद सो सकते हैं तो फिर क्लाइंट से जागने की उम्मीद क्यों करना।
आपकी सेल्स पिच में कॉम्पिटिशन का जिक्र भी चालाकी से होना चाहिए। आपको यह बताना होगा कि बाकी लोग कहाँ गलती कर रहे हैं और आप कैसे उस गैप को भर रहे हैं। लेकिन याद रहे कि यह सब बहुत ही नेचुरल लगना चाहिए। जैसे किसी फिल्म का हीरो आखिरी सीन में आकर विलेन को धूल चटाता है वैसे ही आपकी सेल्स स्टोरी में आपका प्रोडक्ट कस्टमर की परेशानियों को खत्म करना चाहिए। अगर आपकी पिच में कोई इमोशन नहीं है तो वह सिर्फ एक डेटा शीट है जिसे लोग रद्दी की टोकरी में डाल देते हैं।
जब आपकी सेल्स स्टोरी तैयार हो जाती है और आप सही प्रोस्पेक्ट्स तक पहुँच जाते हैं तो आधा काम तो हो गया। लेकिन यह सब तब तक अधूरा है जब तक आप अपने दिन का सबसे जरूरी काम करने के लिए डिसिप्लिन न दिखाएं। यहीं पर कई धुरंधर मार खा जाते हैं क्योंकि वह प्लानिंग तो बहुत करते हैं पर एक्शन के वक्त उनके पैर कांपने लगते हैं। इसीलिए अगली बात जो हम करेंगे वह आपके पूरे करियर की दिशा बदल सकती है।
लेसन ३ : प्रोस्पेक्टिंग के लिए टाइम ब्लॉक और अनुशासन
दोस्तो, अगर आप सोचते हैं कि सेल्स का काम सिर्फ तब करना चाहिए जब आपका मूड अच्छा हो या जब आपके पास खाली समय हो तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी में जी रहे हैं। माइक वाइनबर्ग बहुत साफ़ शब्दों में कहते हैं कि सेल्स में सफलता का कोई शार्टकट नहीं है। इसका सिर्फ एक ही मंत्र है और वह है अनुशासन। ज्यादातर सेल्स के लोग अपना कीमती सुबह का समय ईमेल चेक करने या मीटिंग्स के बहाने बर्बाद कर देते हैं। उन्हें लगता है कि वह बहुत बिजी हैं पर असल में वह उस काम से भाग रहे होते हैं जो उन्हें असली पैसा कमा कर देगा और वह है नए क्लाइंट्स को ढूंढना।
आपको अपने दिन का एक हिस्सा पूरी तरह से प्रोस्पेक्टिंग के लिए लॉक कर देना चाहिए। इस समय में न कोई फोन कॉल होगा न कोई गपशप और न ही सोशल मीडिया। यह आपका वह समय है जब आप सिर्फ शिकार पर निकलते हैं। मजाक की बात तो यह है कि लोग अपनी शादी की प्लानिंग पर महीनों लगा देते हैं पर अपने सेल्स टारगेट के लिए दिन के पंद्रह मिनट भी ईमानदारी से नहीं निकालते। फिर महीने के आखिर में जब सैलरी कटती है तो वह किस्मत को दोष देते हैं। किस्मत का इसमें कोई हाथ नहीं है दोस्त यह आपकी ढिठाई का नतीजा है।
एक सफल सेल्समैन और एक स्ट्रगलर के बीच सिर्फ एक ही फर्क होता है और वह है कंसिस्टेंसी। स्ट्रगलर तब काम करता है जब उसे डर लगता है और सफल इंसान तब काम करता है जब उसे काम करना चाहिए। सेल्स में रिजेक्शन मिलना उतना ही तय है जितना कि ट्रैफिक में लाल बत्ती मिलना। अगर आप एक ना सुनकर घर बैठ जाएंगे तो आप कभी अपनी मंजिल तक नहीं पहुँच पाएंगे। आपको अपनी चमड़ी थोड़ी मोटी करनी होगी। जब तक आप दिन में तय किए गए कॉल्स पूरे न कर लें तब तक आपको अपनी कुर्सी से नहीं उठना चाहिए।
याद रखिये कि प्रोस्पेक्टिंग एक ऐसी एक्सरसाइज है जो आपको हर रोज करनी होगी। ऐसा नहीं हो सकता कि आप एक दिन जिम जाएं और अगले दिन आपकी बॉडी बन जाए। सेल्स पाइपलाइन भी बिल्कुल वैसी ही है। अगर आप आज बीज नहीं बोएंगे तो कल फसल काटने की उम्मीद भी मत रखिये। कई लोग तो इतने आलसी होते हैं कि वह सोचते हैं कि क्लाइंट खुद चलकर उनके पास आएगा। भाई साहब आप कोई हॉलीवुड स्टार नहीं हैं जिसके ऑटोग्राफ के लिए लाइन लगेगी। आपको खुद बाहर निकलना होगा और लोगों को बताना होगा कि आप उनकी लाइफ में क्या वैल्यू ला सकते हैं।
अंत में बस इतना समझ लीजिये कि सेल्स कोई रॉकेट साइंस नहीं है पर यह कोई बच्चों का खेल भी नहीं है। यह उन लोगों के लिए है जिनके पास खुद को पुश करने की हिम्मत है। अगर आप माइक वाइनबर्ग के इन लेसन्स को अपनी लाइफ में उतार लेते हैं तो आपको कामयाब होने से कोई नहीं रोक सकता। आप सिर्फ एक सेल्समैन नहीं रहेंगे बल्कि आप एक बिजनेस बिल्डर बन जाएंगे जिसकी मार्केट में इज्जत होगी और बैंक में पैसा।
तो क्या आप तैयार हैं अपने पुराने और नाकाम तरीकों को पीछे छोड़ने के लिए। आज ही अपनी एक प्रोस्पेक्ट लिस्ट बनाइये और अपने दिन का एक घंटा सिर्फ न्यू बिजनेस डेवलपमेंट के लिए फिक्स कर दीजिये। याद रखिये कि आपकी ग्रोथ सिर्फ आपके हाथ में है। इस आर्टिकल को उन दोस्तों के साथ शेयर कीजिये जो सेल्स में स्ट्रगल कर रहे हैं और नीचे कमेंट में बताइये कि आप अपनी सेल्स स्टोरी को बदलने के लिए आज क्या कदम उठाएंगे।
-----
आपकी छोटी सी Help हमें और ऐसे Game-Changing Summaries लाने में मदद करेगी। DY Books को Donate करके हमें Support करें🙏 - Donate Now
#SalesStrategy #BusinessGrowth #MikeWeinberg #BookSummary #SalesTips
_