Platform Leadership (Hindi)


अगर आपको लगता है कि आप अकेले मेहनत करके बिजनेस के बेताज बादशाह बन जाएंगे तो आप बड़े वाले धोखे में हैं। इंटेल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां दूसरों को अमीर बनाकर खुद राजा बनी बैठी हैं और आप अभी भी वही पुराना घिसा पिटा फार्मूला लगा रहे हैं। बड़ी हार का इंतजार है क्या।

आज हम प्लेटफॉर्म लीडरशिप बुक की गहराई में उतरेंगे और वह सीक्रेट्स जानेंगे जो आपके बिजनेस को एक मामूली दुकान से बदलकर एक पूरा साम्राज्य बना सकते हैं। चलिए इन तीन बड़े लेसन को समझते हैं जो आपकी सोच बदल देंगे।


लेसन १ : अकेले मत भागो अपना एक पूरा मोहल्ला बसाओ

आजकल हर कोई चाहता है कि वह मार्केट का इकलौता सिकंदर बन जाए। लोग सोचते हैं कि अगर मेरा प्रोडक्ट बेस्ट है तो दुनिया मेरे कदमों में होगी। लेकिन सच तो यह है कि अकेले लड़ने वाला अक्सर जल्दी थक जाता है। इंटेल और माइक्रोसॉफ्ट ने जो किया उसे यह बुक प्लेटफॉर्म लीडरशिप कहती है। इसका सीधा सा मतलब है कि आप सिर्फ एक प्रोडक्ट नहीं बनाते बल्कि एक ऐसा मैदान तैयार करते हैं जहाँ बाकी लोग आकर अपना खेल खेल सकें। इसे एक मोहल्ले की तरह समझिये। अगर आप एक दुकान खोलते हैं तो शायद कुछ लोग आएं। लेकिन अगर आप एक पूरा बाजार बना देते हैं जहाँ बिजली भी आप दे रहे हैं और रास्ता भी आपने बनाया है तो हर दुकानदार आपको किराया भी देगा और आपकी इज्जत भी करेगा।

जरा सोचिये अगर इंटेल सिर्फ एक चिप बनाकर शांत बैठ जाता तो क्या होता। उसने देखा कि मेरी चिप तब तक बेकार है जब तक सॉफ्टवेयर बनाने वाले अच्छे प्रोग्राम न लिखें। उन्होंने उन सॉफ्टवेयर वालों की मदद की। उन्हें सिखाया कि मेरी चिप का इस्तेमाल कैसे करना है। जब दूसरों का काम आसान हुआ तो इंटेल का धंधा अपने आप रॉकेट बन गया। हम इंडियन्स की आदत है कि हम पड़ोसी की तरक्की देखकर जलने लगते हैं। हमें लगता है कि अगर वह कमा रहा है तो मेरा नुकसान हो रहा है। लेकिन प्लेटफॉर्म लीडरशिप कहती है कि पड़ोसी को कमाने का मौका दो क्योंकि वह आपकी ही जमीन पर खड़ा है।

आज के स्टार्टअप्स यही गलती करते हैं। वे चाहते हैं कि कस्टमर सिर्फ उनके पास आए। वे भूल जाते हैं कि अगर वे दूसरों के लिए वैल्यू नहीं बनाएंगे तो कोई उनके पास टिकेगा ही नहीं। मान लीजिये आपने एक बहुत बढ़िया रेस्टोरेंट खोला। अब अगर आप आसपास पार्किंग वाले को जगह नहीं देंगे या सब्जी वाले से रिश्ता खराब करेंगे तो आपका धंधा कितनी दूर चलेगा। स्मार्ट लीडर वह है जो जानता है कि जब पूरा इकोसिस्टम बढ़ेगा तभी उसकी तिजोरी भरेगी। यह कोई रॉकेट साइंस नहीं है बल्कि एक सिंपल सी बात है कि सबका साथ होगा तभी आपका विकास होगा।

कई लोग अपनी टेक्नोलॉजी को ताले में बंद करके रखते हैं। उन्हें डर लगता है कि कोई चुरा न ले। अरे भाई अगर कोई उसे इस्तेमाल ही नहीं करेगा तो उसकी वैल्यू क्या होगी। माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज को सबके लिए खुला रखा। दुनिया भर के डेवलपर्स आए और उन्होंने उस पर एप्स बनाना शुरू किया। आज हालत यह है कि आप विंडोज के बिना कंप्यूटर की कल्पना भी नहीं कर सकते। उन्होंने दूसरों को रास्ता दिखाया और खुद मंजिल पर कब्जा कर लिया। आप भी अपने काम में देखिये कि आप दूसरों की तरक्की का जरिया कैसे बन सकते हैं। जब आप दूसरों के लिए सीढ़ी बनेंगे तो आप अपने आप सबसे ऊपर पहुंच जाएंगे।


लेसन २ : दुश्मन को दोस्त बनाओ और मार्केट पर राज करो

अक्सर हमें सिखाया जाता है कि बिजनेस एक जंग है। सामने वाले को मिट्टी में मिला दो वरना वह तुम्हें खा जाएगा। लेकिन प्लेटफॉर्म लीडरशिप की दुनिया में कहानी थोड़ी अलग है। यहाँ 'को-ऑपिटिशन' का खेल चलता है। यानी आप जिनसे मुकाबला कर रहे हैं उन्हीं के साथ हाथ भी मिलाना पड़ता है। यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है। जैसे कि आप किसी से कुश्ती भी कर रहे हैं और बीच-बीच में उसे ग्लूकोज भी पिला रहे हैं। लेकिन बड़े खिलाड़ियों के लिए यही सबसे बड़ी चाल होती है।

सिस्को की मिसाल ले लीजिये। नेटवर्किंग की दुनिया में सिस्को ने देखा कि अगर वह हर चीज खुद बनाने की कोशिश करेगा तो वह कभी भी मार्केट का लीडर नहीं बन पाएगा। उन्होंने उन कंपनियों के साथ भी पार्टनरशिप की जो छोटे लेवल पर उनके कॉम्पिटिटर थे। क्यों। क्योंकि वे जानते थे कि अगर इंटरनेट का पूरा जाल बड़ा होगा तो सबसे ज्यादा राउटर सिस्को के ही बिकेंगे। हमारे यहाँ लोग अक्सर सोचते हैं कि अगर मैंने अपनी कोई ट्रिक किसी को बता दी तो मेरा धंधा चौपट हो जाएगा। लेकिन असलियत में अगर आप अपनी इंडस्ट्री को बड़ा नहीं करेंगे तो आप एक छोटे से कुएं के मेंढक बनकर रह जाएंगे।

मान लीजिये आप एक शादी के फोटोग्राफर हैं। अब आपके शहर में और भी दस फोटोग्राफर हैं। आप उनसे नफरत कर सकते हैं या फिर आप एक ऐसा ग्रुप बना सकते हैं जहाँ आप एक दूसरे को नए कैमरे या लेंस के बारे में बताएं। जब शहर में फोटोग्राफी का स्टैंडर्ड बढ़ेगा तो लोग ज्यादा पैसा देने को तैयार होंगे। आप एक दूसरे के कॉम्पिटिटर तो हैं पर आप एक ही नाव में सवार भी हैं। अगर नाव डूबी तो सब डूबेंगे। प्लेटफॉर्म लीडरशिप आपको सिखाती है कि कब अपने पत्ते छिपाने हैं और कब उन्हें सबके सामने खोल देना है।

इंटेल ने भी यही किया। उन्होंने कई बार उन कंपनियों की मदद की जो उनके साथ कॉम्पिटिशन में थीं ताकि पूरी इंडस्ट्री की टेक्नोलॉजी अपडेट हो सके। जब टेक्नोलॉजी बदलती है तो पुराने खिलाड़ी बाहर हो जाते हैं और जो प्लेटफॉर्म को लीड कर रहा होता है वह जीत जाता है। यह एक माइंड गेम है। आपको यह पहचानना होगा कि आपका असली दुश्मन कौन है। अक्सर आपका दुश्मन सामने वाला दुकानदार नहीं बल्कि वह पुरानी सोच होती है जो मार्केट को बढ़ने से रोक रही है।

अगर आप हमेशा दूसरों को नीचे गिराने में लगे रहेंगे तो आप कभी ऊपर नहीं देख पाएंगे। स्मार्ट लोग दूसरों के कंधों का इस्तेमाल करके ऊंचाई तक पहुंचते हैं। वे जानते हैं कि अकेले चलना बहादुरी हो सकती है पर साथ चलना समझदारी है। आपको एक ऐसा माहौल बनाना है जहाँ लोग आपके बिना काम न कर सकें। जब आप दूसरों की मजबूरी नहीं बल्कि उनकी जरूरत बन जाते हैं तो आप मार्केट के असली लीडर कहलाते हैं। यह लेसन हमें सिखाता है कि बिजनेस सिर्फ पैसे कमाना नहीं है बल्कि रिश्तों का एक ऐसा जाल बुनना है जिसमें हर कोई आपके फायदे के लिए काम कर रहा हो।


लेसन ३ : भविष्य का ज्योतिषी मत बनो बल्कि उसे खुद डिजाइन करो

ज्यादातर लोग बिजनेस में सिर्फ आज का सोचते हैं। आज कितना मुनाफा हुआ और शाम को कितनी गड्डी घर ले गए। लेकिन प्लेटफॉर्म लीडर बनने के लिए आपको आज से पांच साल आगे की खिड़की से झांकना पड़ता है। इंटेल और माइक्रोसॉफ्ट को पता था कि अगर वे सिर्फ आज की जरूरतों को पूरा करेंगे तो कल कोई नया खिलाड़ी आकर उन्हें उखाड़ फेकेगा। इसलिए उन्होंने भविष्य का इंतजार नहीं किया बल्कि उसे खुद बनाना शुरू कर दिया। इसे कहते हैं विजन के साथ लीड करना। आप केवल सामान नहीं बेच रहे हैं आप आने वाले समय की नींव रख रहे हैं।

मान लीजिये आप एक चाय की दुकान चलाते हैं। एक साधारण दुकानदार सिर्फ चाय बेचेगा। लेकिन एक प्लेटफॉर्म लीडर सोचेगा कि कल को लोग शायद ऑफिस में बैठकर चाय पीना चाहें या फिर उन्हें चाय के साथ कुछ हेल्दी स्नैक्स चाहिए होंगे। वह अभी से डिलीवरी नेटवर्क और स्नैक्स वालों से टाई अप करना शुरू कर देगा। जब कल को डिमांड बदलेगी तो बाकी लोग तैयारी कर रहे होंगे और यह बंदा पहले से ही मार्केट पर कब्जा जमा चुका होगा। यही फर्क है एक आम दुकानदार और एक विजनरी लीडर में।

माइक्रोसॉफ्ट ने हमेशा यह देखा कि दुनिया किस तरफ जा रही है। जब उन्हें लगा कि इंटरनेट सब कुछ बदल देगा तो उन्होंने अपनी पूरी ताकत ब्राउजर और ऑनलाइन सर्विसेज में लगा दी। उन्होंने दूसरों को यह बताया कि भविष्य कैसा दिखेगा और फिर उस भविष्य की चाबी अपने हाथ में रखी। कई बार आपको अपनी पुरानी और सफल चीजों को छोड़ना पड़ता है ताकि आप नई चीज पकड़ सकें। जो लोग अपनी पुरानी कामयाबी से चिपक कर बैठे रहते हैं वे अक्सर इतिहास के पन्नों में खो जाते हैं। जैसे नोकिया ने किया। वे अपने पुराने सिस्टम पर इतराते रहे और दुनिया आगे निकल गई।

इनोवेशन का मतलब सिर्फ नई मशीन लाना नहीं है बल्कि अपनी टीम और पार्टनर्स के सोचने का तरीका बदलना भी है। आपको अपनी कंपनी के अंदर एक ऐसा माहौल बनाना होगा जहाँ नए आइडियाज का स्वागत हो। अगर आप ही अपनी कंपनी के सबसे बुद्धिमान व्यक्ति हैं तो यकीन मानिए आप बहुत बड़ी मुसीबत में हैं। प्लेटफॉर्म लीडरशिप कहती है कि अपने आसपास ऐसे लोग और ऐसी कंपनियां जोड़ो जो आपसे भी ज्यादा स्मार्ट हों। जब वे आपके प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके कुछ नया बनाएंगे तो नाम आपका भी होगा।

यह सब कोई जादू नहीं है। यह सिर्फ एक गहरी सोच है। आपको अपने स्कोप को बढ़ाना होगा। यह देखना होगा कि आपकी टेक्नोलॉजी में ऐसी क्या खास बात है जिसे दुनिया एक स्टैंडर्ड मान ले। जिस दिन आपका प्रोडक्ट एक जरूरत बन जाएगा उस दिन आपको मार्केटिंग पर पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। दुनिया खुद आपके पास चलकर आएगी। तो सवाल यह नहीं है कि आप आज कितना कमा रहे हैं। सवाल यह है कि क्या आप कल के बाजार का रास्ता तैयार कर रहे हैं। अगर आप रास्ता बना सकते हैं तो टोल टैक्स भी आप ही वसूलेंगे।


दोस्तों, प्लेटफॉर्म लीडरशिप कोई एक दिन का काम नहीं है। यह एक लंबा सफर है जहाँ आपको धैर्य और दिमाग दोनों की जरूरत पड़ती है। अकेले भागकर आप सिर्फ रेस जीत सकते हैं लेकिन सबको साथ लेकर आप पूरा खेल बदल सकते हैं। आज ही अपने बिजनेस और काम को देखिये। क्या आप सिर्फ एक प्लेयर हैं या आप वह मैदान हैं जहाँ पूरा खेल खेला जा रहा है। अपनी सोच को बदलिए और एक ऐसा इकोसिस्टम बनाइये जहाँ हर कोई आपके साथ आगे बढ़ना चाहे। अगर आपको यह बातें काम की लगीं तो इसे उन दोस्तों के साथ शेयर कीजिये जो बिजनेस में कुछ बड़ा करना चाहते हैं। कमेंट में बताइये कि आप अपनी फील्ड के प्लेटफॉर्म लीडर कैसे बनेंगे।

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