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क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो दिन रात घिसकर एक ऐसा प्रोडक्ट बना रहे हैं जिसे कोई नहीं खरीदेगा। मुबारक हो आप अपनी बर्बादी की स्क्रिप्ट खुद लिख रहे हैं। दुनिया आपके बढ़िया प्रोडक्ट का इंतजार नहीं कर रही है बल्कि वह आपकी पुरानी सोच पर हंस रही है।

आज हम प्ले बिगर बुक समरी इन हिंदी के जरिए समझेंगे कि कैसे आप सिर्फ एक प्रोडक्ट नहीं बल्कि पूरी मार्केट कैटेगरी बनाकर उसे डोमिनेट कर सकते हैं। चलिए जानते हैं वे ३ लेसन जो आपको मार्केट का असली राजा बना देंगे।


लेसन १ : कैटेगरी डिजाइन ही असली खेल है

अगर आपको लगता है कि मार्केट में सिर्फ एक अच्छा प्रोडक्ट लाकर आप अंबानी या मस्क बन जाएंगे तो भाई आप अभी भी परियों की कहानी में जी रहे हैं। असल दुनिया में लोग आपका प्रोडक्ट नहीं खरीदते बल्कि वह उस प्रॉब्लम का समाधान खरीदते हैं जिसे आपने शायद अभी तक ठीक से समझाया भी नहीं है। प्ले बिगर किताब हमें सबसे पहले यही सिखाती है कि दुनिया के महान स्टार्टअप्स ने सिर्फ बेहतर चीजें नहीं बनाई बल्कि उन्होंने एक नई कैटेगरी बनाई है। इसे कहते हैं कैटेगरी डिजाइन। अब जरा सोचिए जब मार्केट में पहली बार उबर आया था तब उन्होंने यह नहीं कहा कि हमारी टैक्सी की सीटें ज्यादा मुलायम हैं। उन्होंने बस यह कहा कि अब आपको सड़क पर हाथ हिलाकर टैक्सी नहीं रोकनी पड़ेगी। उन्होंने टैक्सी बुकिंग की एक नई दुनिया यानी नई कैटेगरी खड़ी कर दी। और हम जैसे लोग जो पहले काली पीली टैक्सी वालों के नखरे सहते थे उनके लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था।

ज्यादातर लोग क्या गलती करते हैं। वे एक ही कुएं में कूद जाते हैं जहाँ पहले से ही हजारों मेंढक गला फाड़कर चिल्ला रहे हैं। आप भी वहीं जाकर चिल्लाते हैं कि मेरा मेंढक ज्यादा हरा है। अरे भाई इससे क्या होगा। कोई आपकी तरफ मुड़कर भी नहीं देखेगा। अगर आपको सच में बड़ा खेलना है तो आपको अपना खुद का तालाब खोदना होगा। कैटेगरी डिजाइन का मतलब है कि आप दुनिया को एक ऐसी समस्या के बारे में बताते हैं जिसके बारे में उन्हें पहले पता ही नहीं था कि वह एक समस्या है। और फिर बड़े प्यार से आप कहते हैं कि देखिए इसका इकलौता इलाज तो मेरे पास ही है। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप किसी को पहले यह यकीन दिलाएं कि उनके घर में भूत है और फिर खुद ही तांत्रिक बनकर नींबू मिर्च बेचने पहुंच जाएं। यह सुनकर शायद आपको हंसी आए पर यही कड़वा सच है।

हमारे भारत में ही देख लीजिए। जब तक चायोस या टाटा टी जैसे ब्रांड्स ने हेल्थ और वैरायटी की बात नहीं की थी तब तक हम बस नुक्कड़ वाली चाय पी रहे थे। उन्होंने चाय को सिर्फ एक ड्रिंक नहीं बल्कि एक एक्सपीरियंस बना दिया। उन्होंने चाय की एक प्रीमियम कैटेगरी खड़ी की। अगर आप भी अपने बिज़नेस में वही पुराना घिसा पिटा माल बेच रहे हैं जो आपके बगल वाला बनिया भी बेच रहा है तो यकीन मानिए आप सिर्फ सर्वाइव कर रहे हैं। आप कभी डोमिनेट नहीं कर पाएंगे। लोग अक्सर पूछते हैं कि भाई कंपटीशन को कैसे खत्म करें। इसका सीधा सा जवाब है कि उस कंपटीशन का हिस्सा ही मत बनो। जब आप अपनी खुद की कैटेगरी डिजाइन करते हैं तो वहां आप अकेले होते हैं। वहां कंपटीशन जीरो होता है क्योंकि वहां के नियम आपने बनाए हैं। पिच आपकी है और बैट भी आपका है। अब आप चाहे पहली बॉल पर छक्का मारें या पूरे दिन बैटिंग करें कोई आपको आउट करने वाला नहीं है।

यह लेसन हमें यह भी समझाता है कि आपका प्रोडक्ट आपकी कंपनी और आपकी कैटेगरी इन तीनों को एक साथ फिट होना चाहिए। इसे किताब में प्रॉपर फिट कहा गया है। अगर इनमें से एक भी चीज ढीली रही तो आपकी गाड़ी हाईवे पर पंक्चर हो जाएगी। मान लीजिए आपने एक बहुत ही क्रांतिकारी ऐप बनाया जो लोगों के विचार पढ़ सकता है। प्रोडक्ट तो धांसू है। लेकिन अगर आप उसे ठीक से कैटेगरी में नहीं डाल पाए तो लोग उसे जादू टोना समझकर डिलीट कर देंगे। आपको लोगों के दिमाग में वह जगह बनानी होगी जहाँ उन्हें लगे कि इसके बिना तो मेरा काम रुक जाएगा। याद रखिए दुनिया कभी भी बेस्ट प्रोडक्ट को याद नहीं रखती बल्कि वह उसे याद रखती है जिसने उनकी लाइफ में आकर एक नया नाम जोड़ दिया। जैसे आज हम इंटरनेट पर कुछ भी ढूंढने को सर्च नहीं बल्कि गूगल करना कहते हैं। यही है कैटेगरी डिजाइन का असली पावर।


लेसन २ : कैटेगरी किंग बनना सीखिए

एक बार जब आपने अपनी कैटेगरी डिजाइन कर ली तो अब बारी आती है उस पर अपना राज चलाने की। मार्केट में एक बहुत ही अजीब लेकिन सच बात होती है जिसे द कैटेगरी किंग कहा जाता है। डेटा यह बताता है कि किसी भी नई कैटेगरी में जो कंपनी सबसे पहले और सबसे बेहतर तरीके से खुद को फिट करती है वह पूरे मार्केट की मलाई खा जाती है। बाकी बची हुई कंपनियां सिर्फ जूठन और कचरे के लिए आपस में लड़ती रहती हैं। अब आप ही देखिए अगर आपको प्यास लगी हो और आपको कोई कोल्ड ड्रिंक चाहिए तो आपके दिमाग में सबसे पहले कोका कोला आता है। अगर आपको फोटो शेयर करनी है तो इन्स्टाग्राम याद आता है। क्या इन चीजों के विकल्प नहीं हैं। बिल्कुल हैं पर बाकी सब सिर्फ कॉपी कैट लग रहे हैं। क्योंकि कोका कोला और इन्स्टाग्राम अपनी कैटेगरी के राजा बन चुके हैं।

कैटेगरी किंग बनने का मतलब यह नहीं है कि आप बस सबसे बड़े हैं बल्कि इसका मतलब यह है कि लोगों के दिमाग में उस कैटेगरी का नाम लेते ही आपकी फोटो छप जानी चाहिए। जो कंपनी मार्केट को डिफाइन करती है वही उसे कंट्रोल भी करती है। अगर आप दूसरे नंबर पर भी हैं तो यकीन मानिए आप पहले नंबर वाले से कोसों दूर हैं। यहाँ रनर अप को कोई मेडल नहीं मिलता बल्कि उसे सिर्फ हार का गम और खाली बैंक अकाउंट मिलता है। अक्सर लोग सोचते हैं कि हम थोड़ा सस्ता बेचकर या थोड़ी ज्यादा सर्विस देकर राजा बन जाएंगे। भाई यह तो वही बात हुई कि आप अपनी पुरानी साइकिल पर सोने का पेंट करवाकर उसे फेरारी बताने की कोशिश कर रहे हैं। लोग बेवकूफ नहीं हैं। वे जानते हैं कि असली किंग कौन है।

राजा बनने के लिए आपको अपनी कैटेगरी के प्रति जुनूनी होना पड़ेगा। आपको बार बार चिल्लाकर दुनिया को यह बताना होगा कि आपकी बनाई हुई कैटेगरी ही भविष्य है। इसमें थोड़ा ईगो और थोड़ा कॉन्फिडेंस दोनों चाहिए। जैसे एलन मस्क ने किया। जब लोग पेट्रोल गाड़ियों की बातें कर रहे थे तब मस्क ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों की एक ऐसी कैटेगरी बनाई जहाँ वह खुद किंग बन गए। बाकी बड़ी बड़ी गाड़ियां बनाने वाली कंपनियां अब उनके पीछे भाग रही हैं और धूल चाट रही हैं। मस्क ने यह नहीं कहा कि मेरी गाड़ी अच्छी है बल्कि उन्होंने यह कहा कि पेट्रोल गाड़ियां अब पुरानी बात हो चुकी हैं। यह होता है राजा वाला एटीट्यूड। अगर आप डर डर कर बिज़नेस करेंगे तो पड़ोस की दुकान वाला भी आपको दबा देगा।

यह लेसन हमें यह भी सिखाता है कि कैटेगरी किंग बनने के लिए आपको एक महान कहानी सुनानी होगी। लोग फीचर्स नहीं बल्कि फीलिंग्स और विजन खरीदते हैं। अगर आपकी कहानी में दम है तो लोग आपके पीछे पागल हो जाएंगे। लेकिन अगर आपकी कहानी बोरिंग है तो आप चाहे कितना भी पैसा मार्केटिंग में फूंक दें लोग आपको इग्नोर कर देंगे। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप किसी पार्टी में जाएं और वहां सिर्फ अपनी तारीफ करें। कोई आपसे बात नहीं करेगा। लेकिन अगर आप वहां जाकर यह कहें कि आप सबको फ्री में गोवा ले जा रहे हैं तो देखिए कैसे आप उस पार्टी के किंग बन जाते हैं। अपनी कैटेगरी को मार्केट में ऐसे पेश कीजिए कि लोगों को लगे कि अगर वे आपके साथ नहीं जुड़े तो वे कुछ बहुत बड़ा मिस कर रहे हैं। यही वह रास्ता है जो आपको एक साधारण बिजनेसमैन से एक लेजेंडरी कैटेगरी किंग बना देगा।


लेसन ३ : द लाइटनिंग स्ट्राइक का धमाका

अब आपने कैटेगरी भी बना ली और किंग बनने का सपना भी देख लिया पर अगर दुनिया को पता ही नहीं चला कि आप मैदान में आ चुके हैं तो आपकी सारी मेहनत पानी में चली जाएगी। इसी को ठीक करने के लिए आती है द लाइटनिंग स्ट्राइक। यह किताब का सबसे पावरफुल और फिल्मी लेसन है। लाइटनिंग स्ट्राइक का मतलब है एक ऐसा बड़ा और जोरदार इवेंट करना जो पूरी इंडस्ट्री की नींव हिला दे। यह बिजली कड़कने जैसा होना चाहिए। अचानक जोरदार और सबको अपनी तरफ देखने पर मजबूर कर देने वाला। अगर आप धीरे धीरे और दबे पांव मार्केट में घुसेंगे तो लोग आपको चींटी की तरह कुचल देंगे। आपको तो हाथी की तरह चिंघाड़ते हुए एंट्री मारनी होगी ताकि जो सो रहे हैं वे भी जाग जाएं।

ज़रा सोचिए जब रिलायंस जियो लॉन्च हुआ था तो क्या हुआ था। उन्होंने कोई छोटा मोटा विज्ञापन नहीं दिया बल्कि सीधे डेटा फ्री कर दिया। पूरे देश में खलबली मच गई। बड़े बड़े टेलीकॉम दिग्गज अपने ऑफिस में बैठकर पसीने पोंछ रहे थे। वह एक परफेक्ट लाइटनिंग स्ट्राइक थी। उन्होंने एक ही झटके में पूरी मार्केट की पुरानी सोच को खत्म कर दिया और अपनी नई कैटेगरी का झंडा गाड़ दिया। अगर आप भी अपने बिज़नेस को लेकर सीरियस हैं तो आपको भी ऐसा ही कुछ बड़ा करना होगा। छोटे मोटे डिस्काउंट कूपन बांटने से आप कभी चर्चा में नहीं आएंगे। आपको कुछ ऐसा करना होगा जिसे लोग अपने दोस्तों को व्हाट्सएप पर शेयर करने के लिए मजबूर हो जाएं। चाहे वह कोई बड़ा लॉन्च इवेंट हो या कोई ऐसा कैंपेन जो लोगों के दिल को छू जाए।

लाइटनिंग स्ट्राइक का असली मकसद होता है मोमेंटम बनाना। जब एक बार लोग आपके बारे में बात करना शुरू कर देते हैं तो फिर उसे रोकना मुश्किल हो जाता है। लेकिन याद रखिए यह बिजली सिर्फ एक बार कड़कनी चाहिए और बहुत जोर से कड़कनी चाहिए। अगर आप हर हफ्ते धमाका करने की कोशिश करेंगे तो लोग इसे दिवाली के फुस्स पटाखे समझकर इग्नोर करने लगेंगे। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप किसी को पहली बार आई लव यू बोल रहे हों। अगर आप उसे सही माहौल और सही इमोशन के साथ बोलेंगे तो काम बन जाएगा। पर अगर आप सुबह शाम यही चिल्लाएंगे तो सामने वाला आपको पागल समझकर ब्लॉक कर देगा। टाइमिंग और इम्पैक्ट ही इस स्ट्रेटजी की जान है।

अंत में यह याद रखिए कि बड़ा खेलने के लिए बड़ा जिगरा चाहिए। दुनिया आपको डराएगी कंपटीशन की याद दिलाएगी और कहेगी कि चुपचाप अपनी औकात में रहो। लेकिन प्ले बिगर हमें यही सिखाता है कि औकात तो उनकी होती है जो दूसरों के बनाए रास्तों पर चलते हैं। हम जैसे लोग तो अपना रास्ता खुद बनाते हैं और उस पर अपना नाम लिखते हैं। अगर आपके पास एक विजन है एक कैटेगरी है और उसे लॉन्च करने का दम है तो फिर आपको कोई नहीं रोक सकता। अब समय आ गया है कि आप छोटे छोटे खेलों से बाहर निकलें और उस बड़ी पिच पर उतरें जहाँ आप ही अंपायर हैं और आप ही कप्तान। तो क्या आप तैयार हैं अपनी खुद की लाइटनिंग स्ट्राइक के लिए।


मेरे प्यारे दोस्तों बिज़नेस सिर्फ पैसा कमाने का जरिया नहीं है बल्कि यह दुनिया को अपनी नजर से दिखाने का एक तरीका है। प्ले बिगर किताब हमें यही याद दिलाती है कि जो लोग रिस्क लेने से डरते हैं वे हमेशा भीड़ का हिस्सा बने रहते हैं। लेकिन जो अपनी अलग पहचान और कैटेगरी बनाते हैं इतिहास उन्हें ही याद रखता है।

तो आज ही अपने काम को देखिए और खुद से पूछिए कि क्या आप किसी और की दौड़ में भाग रहे हैं या अपनी खुद की रेस बना रहे हैं। अगर इस आर्टिकल ने आपके दिमाग की बत्ती जलाई है तो इसे अपने उस दोस्त के साथ शेयर करें जो हमेशा बड़े सपने देखता है पर शुरू करने से डरता है। नीचे कमेंट में बताएं कि आपकी फेवरेट कंपनी कौन सी है जो मार्केट की असली किंग है। चलिए साथ मिलकर कुछ बड़ा खेलते हैं।

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