The $100 Startup (Hindi)


क्या आप अभी भी उस घिसी पिटी नौ से पांच की नौकरी में अपनी जवानी सड़ा रहे हैं और सोचते हैं कि बिजनेस के लिए करोड़ों चाहिए। आप जैसे लोग बस प्लान ही बनाते रह जाते हैं और दूसरे लोग आपकी एक महीने की सैलरी से भी कम पैसों में अपना साम्राज्य खड़ा कर रहे हैं। इस किताब को न पढ़कर आप अपनी आजादी खो रहे हैं और सच में बहुत बड़े बेवकूफ बन रहे हैं।

इस आर्टिकल में हम क्रिस गिलेबो की द १०० डॉलर स्टार्टअप के वो सीक्रेट्स जानेंगे जो आपको बिना किसी भारी इन्वेस्टमेंट के अपना बॉस बना देंगे। चलिए देखते हैं वो ३ लेसन्स जो आपकी जिंदगी बदल देंगे।


लेसन १ : अमीर बाप की औलाद होना जरूरी नहीं है

ज्यादातर लोग बिजनेस का नाम सुनते ही ऐसे घबरा जाते हैं जैसे किसी ने उन्हें शेर के पिंजरे में धक्का दे दिया हो। उनके दिमाग में सबसे पहला ख्याल आता है भारी पैसा और बड़ी फंडिंग। लोग सोचते हैं कि जब तक बैंक अकाउंट में सात जीरो वाले पैसे नहीं होंगे और शहर के सबसे पॉश इलाके में कांच वाला ऑफिस नहीं होगा तब तक वो स्टार्टअप के मालिक नहीं कहलाएंगे। लेकिन सच तो यह है कि यह सब बस बहाने हैं जो आपने खुद को काम न करने के लिए दिए हैं। क्रिस गिलेबो अपनी किताब द १०० डॉलर स्टार्टअप में साफ कहते हैं कि अगर आपके पास एक ऐसी स्किल है जिससे किसी की लाइफ आसान होती है तो आप गेम में हैं। आपको किसी वेंचर कैपिटलिस्ट के तलवे चाटने की जरूरत नहीं है और न ही अपनी पुश्तैनी जमीन बेचने की दरकार है। असल में एक सफल स्टार्टअप के लिए आपको केवल तीन चीजों की जरूरत होती है: एक प्रोडक्ट या सर्विस जो आप बेच सकें, कुछ लोग जो उसे खरीदने को तैयार हों और एक पेमेंट लेने का जरिया। बस इतना ही।

सोचिए अगर आज के जमाने में भी आप यह कह रहे हैं कि पैसा नहीं है इसलिए काम शुरू नहीं कर पा रहा हूँ तो आप शायद दुनिया के सबसे बड़े आलसी इंसान हैं। आज कल इंटरनेट ने सबको बराबर का मौका दे दिया है। मान लीजिए आपको अच्छी कुकिंग आती है। अब एक तरीका तो यह है कि आप करोड़ों का लोन लेकर एक रेस्टोरेंट खोलें और फिर दुआ करें कि कोई वहां खाना खाने आए। दूसरा तरीका यह है कि आप अपने घर के किचन से ही टिफिन सर्विस शुरू करें और सोशल मीडिया पर उसका प्रचार करें। यहाँ आपका इन्वेस्टमेंट क्या है। बस थोड़ा सा राशन और आपकी मेहनत। अगर आपका खाना टेस्टी है तो लोग खुद चलकर आएंगे। लोग अक्सर परफेक्शन के चक्कर में सालों बर्बाद कर देते हैं। वो सोचते हैं कि जब तक लोगो एकदम इंटरनेशनल लेवल का नहीं होगा या वेबसाइट एकदम चकाचक नहीं होगी तब तक वो मार्केट में नहीं उतरेंगे। यह वैसी ही बात हुई कि आप जिम जाने से पहले यह सोचें कि जब तक सिक्स पैक एब्स नहीं बन जाते तब तक मैं जिम के अंदर कदम नहीं रखूँगा।

आपको समझना होगा कि स्टार्टअप का मतलब शोबाजी नहीं बल्कि वैल्यू देना है। अगर आप किसी की प्रॉब्लम सॉल्व कर रहे हैं तो वो आपको पैसे देगा चाहे आप अपने बेडरूम से काम कर रहे हों या किसी गैराज से। बहुत से लोग इस डर में जीते हैं कि अगर फेल हो गए तो क्या होगा। भाई अगर आप सौ डॉलर यानी करीब आठ हजार रुपये से काम शुरू कर रहे हैं और वो डूब भी गए तो आप सड़क पर नहीं आ जाएंगे। इतने पैसे तो आप एक हफ्ते के बाहर के खाने और फालतू की पार्टी में उड़ा देते हैं। असली रिस्क उस बड़ी कंपनी की नौकरी में है जहाँ आपका बॉस एक दिन सुबह उठकर आपको मेल कर सकता है कि कल से मत आना। खुद का छोटा सा स्टार्टअप आपको वो कंट्रोल देता है जो कोई नौकरी नहीं दे सकती। इसलिए बड़े ऑफिस के सपने देखना बंद कीजिए और जो हुनर आपके पास है उसे कैश करना सीखिए। अगर आप आज एक्शन नहीं ले रहे हैं तो आप बस अपनी गरीबी को एक नया बहाना दे रहे हैं।


लेसन २ : लोग आपकी डिग्री नहीं अपना फायदा देखते हैं

अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर उनके पास किसी बड़े कॉलेज की डिग्री नहीं है या वो किसी फील्ड के महाज्ञानी नहीं हैं तो वो बिजनेस नहीं कर सकते। ये वही लोग हैं जो अपनी पूरी जिंदगी बस सर्टिफिकेट्स इकट्ठा करने में बिता देते हैं और अंत में पता चलता है कि उनकी मार्केट वैल्यू एक फटे हुए नोट से ज्यादा नहीं है। क्रिस गिलेबो कहते हैं कि दुनिया को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपने कौन से स्कूल से पढ़ाई की है या आपके पास कितने मेडल हैं। लोगों को बस इस बात से मतलब है कि क्या आप उनके किसी दुख की दवा बन सकते हैं। अगर आप किसी की समस्या का समाधान कर रहे हैं तो आप एक सफल बिजनेसमैन हैं। बिजनेस का असली मतलब है कन्वर्जेंस यानी जहाँ आपका हुनर और दूसरे की जरूरत आपस में मिलते हैं।

मान लीजिए आपको फोटोग्राफी का शौक है और आप इसमें काफी माहिर हैं। अब आप दो काम कर सकते हैं। पहला यह कि आप सालों तक फोटोग्राफी के इतिहास पर रिसर्च करें और बड़ी बड़ी थ्योरीज पढ़ें। दूसरा यह कि आप उन लोगों की मदद करें जिन्हें अपनी ईकॉमर्स वेबसाइट के लिए अच्छी फोटो चाहिए लेकिन उन्हें समझ नहीं आ रहा कि शुरुआत कहाँ से करें। जब आप उनकी इस समस्या को दूर करते हैं तो आप उन्हें वैल्यू दे रहे होते हैं। लोग आपको आपके ज्ञान के लिए पैसे नहीं देते बल्कि उस बदलाव के लिए पैसे देते हैं जो आप उनके जीवन में लाते हैं। अगर आप किसी का समय बचा रहे हैं या किसी का तनाव कम कर रहे हैं तो आप सोने की खान पर बैठे हैं। लेकिन हमारे यहाँ तो लोग अलग ही दुनिया में जीते हैं। वो सोचते हैं कि जब तक वो दुनिया के सबसे बड़े एक्सपर्ट नहीं बन जाते तब तक वो कुछ बेच नहीं सकते। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे कोई तैरना सीखने के लिए पानी में उतरने के बजाय सालों तक स्विमिंग की किताबें पढ़ता रहे।

यहाँ सबसे बड़ी भूल जो लोग करते हैं वो है पैशन और प्रॉफिट के बीच का अंतर न समझना। सिर्फ इसलिए कि आपको कोई काम करना पसंद है इसका मतलब यह नहीं कि लोग आपको उसके पैसे देंगे। आपको अपने पैशन को इस तरह मोड़ना होगा कि वो दूसरों के काम आए। अगर आपको सिर्फ सोना पसंद है तो कोई आपको पैसे नहीं देगा लेकिन अगर आप लोगों को बेहतर नींद लेने के तरीके सिखा सकते हैं तो आप करोड़पति बन सकते हैं। मार्केट बहुत बेरहम है इसे आपकी भावनाओं से कोई लेना देना नहीं है। इसे बस रिजल्ट चाहिए। अगर आप रिजल्ट दे सकते हैं तो आप मार्केट के राजा हैं वरना आप बस एक और बेरोजगार डिग्री होल्डर हैं जो किस्मत को कोस रहा है। आपको बस एक कदम आगे बढ़कर यह पूछना है कि लोग किस चीज के लिए परेशान हैं और मैं उसे कैसे ठीक कर सकता हूँ। जिस दिन आपने यह गुत्थी सुलझा ली उस दिन से आपका बैंक बैलेंस आपके मोबाइल नंबर की तरह लंबा होने लगेगा।


लेसन ३ : परफेक्ट प्लान की बली चढ़ाना बंद कीजिए

अगर आप उन लोगों में से हैं जो सोचते हैं कि जब तक सितारे सही दिशा में नहीं होंगे या जब तक पूरी दुनिया आपके पक्ष में नहीं होगी तब तक आप अपना काम शुरू नहीं करेंगे, तो बधाई हो, आप एक परफेक्ट फेलियर की राह पर हैं। लोग हफ्तों और महीनों तक बिजनेस प्लान बनाने में बिता देते हैं। वो इतने मोटे-मोटे कागज तैयार करते हैं जैसे उन्हें मंगल ग्रह पर कॉलोनी बसानी हो। लेकिन क्रिस गिलेबो कहते हैं कि आपका सबसे अच्छा बिजनेस प्लान वो है जो एक पन्ने पर फिट आ जाए। अगर आप अपनी बात एक सादे कागज पर नहीं लिख सकते, तो यकीन मानिए आपको खुद नहीं पता कि आप करना क्या चाहते हैं। असली दुनिया में प्लान नहीं बल्कि एक्शन बोलता है। लोग अक्सर अपनी सारी एनर्जी इस बात में लगा देते हैं कि क्या गलत हो सकता है, जबकि उन्हें यह सोचना चाहिए कि क्या सही हो सकता है।

सोचिए एक ऐसा इंसान जो बस यह सोचकर घर से बाहर नहीं निकलता कि कहीं बारिश न हो जाए। वो घर में बैठा-बैठा धूप का इंतजार करता रहता है और इस चक्कर में वो सारे जरूरी काम छोड़ देता है। बिजनेस में भी लोग यही करते हैं। वो सोचते हैं कि जब उनके पास बेस्ट कैमरा होगा तभी वो यूट्यूब चैनल शुरू करेंगे या जब उनके पास सबसे महंगा लैपटॉप होगा तभी वो कोडिंग करेंगे। यह सब बस मन को बहलाने के तरीके हैं ताकि आपको मेहनत न करनी पड़े। असलियत यह है कि मार्केट को आपके डर से कोई लेना-देना नहीं है। मार्केट को केवल एक चीज चाहिए और वो है आपका प्रोडक्ट। आप जितना जल्दी अपना सामान लोगों के सामने रखेंगे, उतना ही जल्दी आपको पता चलेगा कि वो बिकेगा या नहीं। अगर फेल होना ही है तो जल्दी फेल होइए ताकि आप अपनी गलती सुधार सकें और फिर से कोशिश कर सकें।

बिना तैयारी के शुरू करना डरावना लग सकता है, लेकिन यही वो तरीका है जिससे बड़े-बड़े ब्रांड्स बने हैं। कोई भी पहले दिन से परफेक्ट नहीं होता। अगर आप अपनी पहली कोशिश को देखकर आज शर्मिंदा नहीं हैं, तो इसका मतलब है कि आपने बहुत देर से शुरुआत की है। लोग आपको जज करेंगे, लोग आपका मजाक उड़ाएंगे, लेकिन वही लोग सबसे पहले आपका ऑटोग्राफ लेने आएंगे जब आप सफल हो जाएंगे। इसलिए यह जो आप 'सही समय' का इंतजार कर रहे हैं, वो कभी नहीं आने वाला। सही समय आज है, अभी है और इसी वक्त है। अपनी कुर्सी से उठिए, उन फालतू के ख्याली पुलावों को कचरे के डिब्बे में डालिए और अपना पहला कदम उठाइए। चाहे वो एक साधारण सा ईमेल भेजना हो या किसी क्लाइंट को कॉल करना, बस उसे कर डालिए। क्योंकि याद रखिए, जो इंसान मैदान में उतरता है वही हारता या जीतता है, जो स्टैंड्स में बैठकर तालियां बजाता है वो सिर्फ दर्शक बनकर रह जाता है।


तो क्या आप अभी भी बहाने बनाने के लिए तैयार हैं या अपनी लाइफ की बागडोर अपने हाथ में लेना चाहते हैं। द १०० डॉलर स्टार्टअप हमें सिखाती है कि आजादी कोई ऐसी चीज नहीं है जो आपको खैरात में मिले, बल्कि इसे आपको खुद कमाना पड़ता है। आपको बस अपनी काबिलियत पर भरोसा करना है और छोटे लेवल से शुरुआत करनी है। जिंदगी बहुत छोटी है दूसरों के सपनों को पूरा करने के लिए। आज ही वो एक छोटा कदम उठाएं जो आपको आपके खुद के बिजनेस की तरफ ले जाए। कमेंट्स में हमें बताएं कि वो कौन सा आइडिया है जिसे आप सिर्फ १०० डॉलर में शुरू करना चाहते हैं। इस आर्टिकल को अपने उस दोस्त के साथ शेयर करें जो हमेशा 'कल से काम शुरू करूँगा' कहता है।

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