क्या आप अभी भी वही घिसी पिटी पुरानी घिसी हुई बिजनेस ट्रिक्स इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर हाँ तो मुबारक हो आप अपनी कंपनी को खुद अपने हाथों से गड्ढे में धकेल रहे हैं। अमेज़न दुनिया पर राज कर रहा है और आप यहाँ बैठकर बस तमाशा देख रहे हैं। शायद आपको पीछे रहने का बहुत शौक है।
अगर आप अभी भी जेफ बेजोस के इन गुप्त लेटर्स से अनजान हैं तो यकीन मानिए आप अपनी सफलता को खुद ही लात मार रहे हैं। चलिए आज इस तबाही को रोकते हैं और अमेज़न के उन ३ पावरफुल लेसन को समझते हैं जो आपके बिजनेस की किस्मत पूरी तरह बदल देंगे।
लेसन १ : फेलियर का जश्न मनाना और कैलकुलेटेड रिस्क लेना
अगर आपको लगता है कि अमेज़न आज जो कुछ भी है वह सिर्फ उसकी कामयाबी की वजह से है तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी में जी रहे हैं। सच तो यह है कि जेफ बेजोस ने जितनी बार फेलियर का स्वाद चखा है उतना शायद आपने अपने स्कूल के दिनों में समोसे भी नहीं खाए होंगे। बेजोस का मानना है कि अगर आप फेल नहीं हो रहे हैं तो इसका सीधा मतलब है कि आप कुछ नया ट्राई ही नहीं कर रहे हैं। आप बस एक ही जगह खड़े होकर गोल गोल घूम रहे हैं और सोच रहे हैं कि आप बहुत दूर निकल आए हैं। अमेज़न में फेलियर को एक बुरी चीज नहीं माना जाता बल्कि उसे इनोवेशन का एक जरूरी हिस्सा समझा जाता है।
अब जरा अपने पड़ोस वाले शर्मा जी की दुकान को देखिए। शर्मा जी पिछले बीस साल से वही पुरानी दुकान लेकर बैठे हैं। उन्होंने कभी कोई रिस्क नहीं लिया क्योंकि उन्हें डर लगता है कि कहीं पैसे डूब न जाएं। नतीजा क्या हुआ। आज भी उनकी दुकान वैसी ही है और शायद अगले बीस साल बाद भी वैसी ही रहेगी। दूसरी तरफ अमेज़न ने फायर फोन बनाया जो बुरी तरह फ्लॉप हो गया। करोड़ों डॉलर पानी में बह गए। लेकिन क्या बेजोस रोने बैठ गए। बिल्कुल नहीं। उन्होंने उस फेलियर से सीखा और उसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके 'एलेक्सा' बना दिया जिसने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया। इसे कहते हैं फेलियर को अपनी ताकत बनाना।
लेकिन यहाँ एक बड़ा पेच है। बेजोस हर किसी की तरह आँखें बंद करके कुएं में नहीं कूदते। वह बात करते हैं कैलकुलेटेड रिस्क की। इसे समझने के लिए 'टू वे डोर' और 'वन वे डोर' का कॉन्सेप्ट समझिए। मान लीजिए आप एक ऐसे दरवाजे से अंदर जा रहे हैं जहाँ से आप वापस आ सकते हैं। इसे कहते हैं 'टू वे डोर'। यहाँ रिस्क कम है। अगर कोई फैसला गलत हो गया तो आप वापस मुड़ सकते हैं। लेकिन कुछ फैसले ऐसे होते हैं जहाँ से वापसी का रास्ता नहीं होता यानी 'वन वे डोर'। यहाँ आपको बहुत सोच समझकर कदम उठाना होता है।
ज्यादातर लोग क्या गलती करते हैं। वे छोटे छोटे 'टू वे डोर' वाले फैसलों पर हफ़्तों तक मीटिंग करते रहते हैं जैसे कि ऑफिस की दीवार का रंग क्या होगा या कौन सा प्रिंटर खरीदना है। भाई इतना वक्त तो शायद लोग अपनी शादी तय करने में भी नहीं लगाते। बेजोस कहते हैं कि जो फैसले वापस लिए जा सकते हैं उन्हें बिजली की रफ़्तार से लो। अगर गलत हुआ तो सीख लेंगे और आगे बढ़ेंगे। और जो फैसले बड़े हैं जहाँ करोड़ों का दांव लगा है वहां पूरी रिसर्च करो।
अगर आप आज अपने बिजनेस में फेल होने से डर रहे हैं तो समझ लीजिए कि आप अपनी तरक्की का दरवाजा खुद बंद कर रहे हैं। डरना छोड़िए और कैलकुलेटेड रिस्क लेना शुरू कीजिए। फेलियर को गले लगाइए क्योंकि वही आपको सफलता के उस मुकाम तक ले जाएगा जहाँ दुनिया आपके नाम की मिसाल देगी। लेकिन याद रहे रिस्क ऐसा हो जो आपको बर्बाद न करे बल्कि आपको एक नया रास्ता दिखाए।
लेसन २ : कस्टमर के लिए पागलपन और डे 01 माइंडसेट
क्या आपने कभी किसी ऐसे दुकानदार को देखा है जो आपको सामान बेचने के बजाय यह बताए कि आपके लिए क्या सही है। शायद ही कभी। लेकिन अमेज़न इसी पागलपन के दम पर खड़ा है। जेफ बेजोस कहते हैं कि अपने कॉम्पिटिटर पर नजर रखने के बजाय अपनी पूरी एनर्जी कस्टमर को खुश करने में लगा दो। लोग अक्सर पूछते हैं कि अगले दस सालों में क्या बदल जाएगा। बेजोस कहते हैं कि यह पूछना बंद करो। इसके बजाय यह पूछो कि अगले दस सालों में क्या 'नहीं' बदलेगा। कस्टमर को हमेशा कम कीमत चाहिए। उसे हमेशा सामान की डिलीवरी जल्दी चाहिए। और उसे हमेशा बहुत सारे विकल्प चाहिए। यह सच्चाई कभी नहीं बदलेगी। इसलिए अमेज़न अपनी पूरी ताकत इन्हीं चीजों पर लगाता है।
अब जरा सोचिए आप एक रेस्टोरेंट में जाते हैं। वेटर आपके पास आता है और कहता है कि आज का खाना बहुत बेकार बना है आप कहीं और चले जाइए। आप हैरान हो जाएंगे न। लेकिन यही वह ईमानदारी और कस्टमर का ख्याल है जो भरोसा पैदा करता है। बेजोस का कहना है कि अगर आप कस्टमर को वैल्यू देंगे तो वह खुद चलकर आपके पास आएगा। अमेज़न की मीटिंग्स में अक्सर एक कुर्सी खाली रखी जाती है। वह कुर्सी कोई सजावट का हिस्सा नहीं है। वह कुर्सी कस्टमर के लिए होती है। वह इस बात का प्रतीक है कि उस कमरे में बैठा सबसे जरूरी इंसान वह है जो वहां मौजूद ही नहीं है। क्या आप भी अपने बिजनेस के फैसले लेते वक्त उस 'खाली कुर्सी' का ख्याल रखते हैं या बस अपने मुनाफे के चक्कर में अंधे हो चुके हैं।
यहाँ एक और कमाल का कॉन्सेप्ट आता है जिसे बेजोस 'डे 01' कहते हैं। बेजोस के लिए हर दिन कंपनी का पहला दिन है। जब कंपनी नई होती है तो उसमें जोश होता है। वह सीखने के लिए भूखी होती है। वह रिस्क लेती है और कस्टमर के लिए कुछ भी करने को तैयार रहती है। लेकिन जैसे ही कंपनी बड़ी होती है वहां 'डे 02' आ जाता है। डे 02 का मतलब है आलस। डे 02 का मतलब है पुरानी लकीर पर चलना। डे 02 का मतलब है कि अब हमें कोई नहीं हरा सकता वाला घमंड। और बेजोस के मुताबिक डे 02 का अंत हमेशा तबाही और मौत से होता है।
जरा अपने पुराने नोकिया फोन को याद कीजिए। एक वक्त था जब हर हाथ में नोकिया होता था। लेकिन उन्होंने डे 02 माइंडसेट अपना लिया। उन्हें लगा कि उन्हें किसी बदलाव की जरूरत नहीं है। और आज। आज नोकिया सिर्फ हमारी यादों में बचा है। बेजोस कहते हैं कि अगर आप अपनी सफलता को बचाना चाहते हैं तो आपको हमेशा 'डे 01' पर रहना होगा। आपको हर सुबह इस डर के साथ जागना होगा कि अगर आज मैंने अपने कस्टमर को कुछ नया नहीं दिया तो कल वह मुझे छोड़कर किसी और के पास चला जाएगा।
अक्सर लोग सोचते हैं कि जब बिजनेस बड़ा हो जाएगा तब हम सिस्टम बनाएंगे। लेकिन हकीकत यह है कि सिस्टम कस्टमर की सेवा के लिए होने चाहिए न कि आपकी आसानी के लिए। अगर आपका प्रोसेस इतना मुश्किल है कि कस्टमर को आपसे बात करने के लिए दस बटन दबाने पड़ते हैं तो यकीन मानिए आप डे 02 की तरफ बढ़ रहे हैं। कस्टमर को भगवान मानना पुरानी बात हो गई है। अब तो कस्टमर के लिए वह पागलपन चाहिए जो उसकी जरूरत को उसके बोलने से पहले ही समझ ले।
लेसन ३ : लॉन्ग टर्म सोच और फ्लाईव्हील इफेक्ट
क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो आज पौधा लगाते हैं और कल सुबह बाल्टी लेकर खड़े हो जाते हैं कि फल कहाँ हैं। अगर हाँ तो आप बिजनेस नहीं कर रहे बस अपनी किस्मत के साथ जुआ खेल रहे हैं। जेफ बेजोस की सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है 'लॉन्ग टर्म थिंकिंग'। जब अमेज़न शुरू हुआ था तब सालों तक उन्होंने एक रुपया भी मुनाफा नहीं कमाया। लोग हँसते थे। इन्वेस्टर चिल्लाते थे। लेकिन बेजोस को पता था कि वह क्या बना रहे हैं। वह अगले महीने की सेल नहीं बल्कि अगले बीस साल का साम्राज्य देख रहे थे।
मान लीजिए आपको एक बहुत बड़ा और भारी लोहे का पहिया घुमाना है। शुरू में जब आप धक्का मारेंगे तो वह हिलेगा भी नहीं। आप पसीने से तर बतर हो जाएंगे। आपकी सांस फूलने लगेगी। लेकिन आप रुके नहीं। आपने धक्का मारना जारी रखा। धीरे धीरे वह पहिया एक चक्कर लगाता है। फिर दूसरा। और फिर एक वक्त ऐसा आता है जब उस पहिये की अपनी स्पीड इतनी बढ़ जाती है कि अब आपको उसे धक्का मारने की जरूरत नहीं पड़ती। वह खुद अपनी ताकत से घूमता है। इसे बेजोस 'फ्लाईव्हील इफेक्ट' कहते हैं।
ज्यादातर स्टार्टअप और छोटे बिजनेस मालिक क्या करते हैं। वे थोड़े दिन जोश दिखाते हैं और जैसे ही देखते हैं कि मुनाफा नहीं हो रहा वे पहिया छोड़कर भाग जाते हैं। वे शॉर्टकट ढूंढने लगते हैं। वे सोचते हैं कि कोई जादुई छड़ी घूमेगी और रातों रात करोड़पति बन जाएंगे। लेकिन सच तो यह है कि बिजनेस में शॉर्टकट का रास्ता सीधे नाकामी की खाई में जाता है। बेजोस ने तय किया कि वह कम कीमत और बेहतरीन सर्विस देंगे। इससे ज्यादा कस्टमर आए। ज्यादा कस्टमर आने से और ज्यादा सेलर्स अमेज़न पर आए। इससे वैरायटी बढ़ी। वैरायटी बढ़ने से और ज्यादा कस्टमर आए। यह एक ऐसा पहिया बन गया जो आज तक घूम रहा है और कोई इसे रोक नहीं पा रहा।
अब जरा अपने करियर या काम को देखिए। क्या आप हर दूसरे दिन अपनी स्ट्रेटेजी बदलते हैं। आज फेसबुक मार्केटिंग की कल यूट्यूब पर भाग गए। परसों लगा कि बिजनेस ही बेकार है कुछ और करते हैं। इसे कहते हैं पहिये को बार बार रोकना। बेजोस कहते हैं कि अपनी जिद पर अड़े रहो लेकिन अपने तरीकों में लचीले रहो। विजन बड़ा रखो लेकिन उस तक पहुँचने के रास्ते बदलते रहो। अगर आप आज बीज बो रहे हैं तो उसे पेड़ बनने का वक्त दीजिये। उसे अपनी मेहनत के पसीने से सींचिये।
याद रखिये दुनिया के सबसे अमीर इंसान ने अपनी कंपनी की शुरुआत एक गैराज से की थी। वहां कोई लग्जरी ऑफिस नहीं था। वहां बस एक बड़ा विजन था। अगर आप आज मेहनत कर रहे हैं और रिजल्ट नहीं दिख रहा तो घबराइए मत। आप बस उस भारी पहिये का पहला चक्कर पूरा कर रहे हैं। जिस दिन यह पहिया अपनी रफ़्तार पकड़ लेगा उस दिन आपको मेहनत नहीं बस दिशा देनी होगी। सफलता रातों रात नहीं मिलती लेकिन अगर आपकी सोच लंबी है तो उसे मिलने से कोई रोक भी नहीं सकता।
तो दोस्तों, क्या आप तैयार हैं अपने अंदर के जेफ बेजोस को जगाने के लिए। क्या आप आज से वह 'खाली कुर्सी' अपने ऑफिस में रखेंगे। याद रखिये बिजनेस सिर्फ सामान बेचना नहीं है बल्कि एक भरोसा जीतना है। आज ही नीचे कमेंट में बताएं कि आप इन ३ लेसन में से कौन सा लेसन कल से ही अपने काम में लागू करने वाले हैं। इस आर्टिकल को अपने उस दोस्त के साथ शेयर करें जो शॉर्टकट के चक्कर में अपना वक्त बर्बाद कर रहा है। चलिए मिलकर एक ऐसा बिजनेस खड़ा करते हैं जो सिर्फ चले नहीं बल्कि इतिहास रचे।
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