क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो सुबह दस बजे तक सोकर उठते हैं और फिर रोते हैं कि सेल्स टारगेट पूरे नहीं हो रहे? मुबारक हो आप अपनी बर्बादी का जश्न मना रहे हैं। जब आपके कॉम्पिटिटर सुबह उठकर दुनिया जीत रहे हैं तब आप बस अलार्म स्नूज करके अपनी गरीबी को और पांच मिनट बढ़ा रहे हैं। यह आलस आपको करोड़ों की कमीशन से दूर रख रहा है।
लेकिन फिक्र मत कीजिये। आज हम हल एलरोड की इस किताब से वो राज खोलेंगे जो आपको एक थके हुए सेल्समैन से एक सेल्स सुपरस्टार बना देंगे। चलिए देखते हैं वो ३ लेसन्स जो आपकी जिंदगी और बैंक बैलेंस दोनों बदल देंगे।
लेसन १ : सेवर्स रूटीन: आपकी सेल्स का असली पावर बूस्टर
अगर आपको लगता है कि सुबह ग्यारह बजे सोकर उठने के बाद आप दुनिया जीत लेंगे तो शायद आप किसी और ही ग्रह पर रह रहे हैं। असल में सेल्स की दुनिया में आपका दिन तब शुरू नहीं होता जब आप ऑफिस पहुँचते हैं बल्कि तब शुरू होता है जब सूरज भी ढंग से नहीं जागा होता। हल एलरोड कहते हैं कि एक सेल्समैन की असल कमाई उसके सुबह के पहले घंटे में छुपी होती है। इसे वो सेवर्स (SAVERS) रूटीन कहते हैं। अब आप कहेंगे कि भाई यह क्या नया झमेला है? हम तो बिना नहाए ऑफिस पहुँचने वाले लोग हैं।
यही तो दिक्कत है। आप अपनी बॉडी को तो घसीटकर ले जाते हैं लेकिन आपका दिमाग अभी भी बिस्तर पर तकिये के नीचे दबा होता है। सेवर्स का पहला हिस्सा है साइलेंस। सुबह उठते ही फोन चेक करना और दूसरों की सक्सेस देखकर जलना बंद कीजिये। बस शांति से बैठिये। दूसरा है अफरमेशन। खुद से झूठ बोलना बंद कीजिये कि मार्केट खराब है। खुद को बताइये कि आप एक सेल्स मशीन हैं। फिर आता है विजुअलाइजेशन। आँखें बंद करके सोचिये कि आप वो बड़ी डील क्लोज कर रहे हैं। वैसे भी सपने देखने के पैसे तो लगते नहीं तो कम से कम अमीर होने के सपने ही देख लीजिये।
इसके बाद आता है एक्सरसाइज। नहीं आपको जिम जाकर खली नहीं बनना है। बस इतनी मेहनत कर लीजिये कि शरीर को पता चल जाए कि आप जिंदा हैं। फिर है रीडिंग। व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के फालतू मैसेज पढ़ने की जगह कोई अच्छी सेल्स की किताब पढ़िये। और आखिरी है स्क्राइबिंग यानी लिखना। अपने गोल्स को डायरी में लिखिये। जो सेल्समैन अपने टारगेट नहीं लिखता वो असल में अपनी नाकामी की कहानी लिख रहा होता है। यह रूटीन फॉलो करना शुरू कीजिये वरना मार्केट में आपसे तेज लोग बैठे हैं जो आपकी रोटी भी छीन लेंगे और आपको पता भी नहीं चलेगा।
आप खुद सोचिये कि जब आप कस्टमर के सामने होते हैं तो आपका कॉन्फिडेंस कैसा होता है? क्या आप एक थके हुए हारे हुए इंसान की तरह दिखना चाहते हैं या एक ऐसे विनर की तरह जिसके पास हर सवाल का जवाब है? अगर आप सुबह खुद को नहीं जीत सकते तो आप दिन भर में किसी क्लाइंट को क्या खाक जीतेंगे? यह रूटीन आपको डिसिप्लिन सिखाता है। और सेल्स की दुनिया में डिसिप्लिन ही असली पैसा है। बिना इसके आप बस एक ऐसे सेल्समैन हैं जो हर महीने के अंत में अपने बॉस से गाली खाने का इन्तजार करता है।
लेसन २ : सेल्फ डिसिप्लिन: खुद को कंट्रोल करो वरना क्लाइंट तुम्हें कंट्रोल करेगा
अगर आपको लगता है कि सेल्स केवल मीठी बातें करने का नाम है तो आप शायद किसी गलतफहमी के शिकार हैं। असल में सेल्स एक युद्ध है और इस युद्ध में आपका सबसे बड़ा दुश्मन कोई और नहीं बल्कि आपका अपना मन है। हल एलरोड बहुत साफ़ शब्दों में कहते हैं कि जो इंसान सुबह अपना बिस्तर नहीं छोड़ पा रहा वह मार्केट में जाकर करोड़ों की डील क्या खाक क्लोज करेगा? आपका क्लाइंट आपसे भी ज्यादा स्मार्ट है। उसे एक सेकंड में पता चल जाता है कि सामने खड़ा सेल्समैन अपनी जिंदगी में कितना सीरियस है। अगर आप खुद को ही डिसिप्लिन में नहीं रख सकते तो आप किसी और को अपनी बातों से कैसे कन्विंस करेंगे?
जरा सोचिये आप एक क्लाइंट के पास जाते हैं और आपकी आँखों में नींद भरी है। आपके कपड़े बिना प्रेस के हैं और आपकी बातों में वो दम नहीं है। क्या वो आपको अपना कीमती पैसा देगा? बिल्कुल नहीं। वो आपको चाय पिलाकर बाहर का रास्ता दिखा देगा। सेल्स में सक्सेस का मतलब सिर्फ टारगेट पूरा करना नहीं है बल्कि खुद को एक ऐसा इंसान बनाना है जिससे लोग जुड़ना चाहें। जब आप सुबह जल्दी उठकर अपना रूटीन पूरा करते हैं तो आपके अंदर एक अलग ही लेवल का कॉन्फिडेंस आता है। आपको लगता है कि जब मैंने सुबह के आलस को हरा दिया है तो इस क्लाइंट के ऑब्जेक्शन को हराना कौन सी बड़ी बात है।
अनुशासन या डिसिप्लिन कोई ऐसी चीज नहीं है जो आप सिर्फ ऑफिस में दिखाते हैं। यह आपकी लाइफस्टाइल है। अगर आप रात को देर तक वेब सीरीज देख रहे हैं और सुबह फिर वही रोना रो रहे हैं कि किस्मत खराब है तो भाई साहब आप अपनी किस्मत खुद खराब कर रहे हैं। सेल्स प्रोफेशनल के लिए डिसिप्लिन का मतलब है अपनी आदतों पर जीत हासिल करना। जब आप अपनी सुबह को कंट्रोल कर लेते हैं तो आपका पूरा दिन आपके हिसाब से चलता है। वरना आप बस एक ऐसे सेल्समैन बने रहेंगे जो हर फोन कॉल से डरता है और क्लाइंट के 'नो' कहने पर कोने में जाकर उदास हो जाता है।
सफलता का रास्ता बड़ा सिंपल है पर आसान नहीं। इसमें आपको उन चीजों को बार बार करना पड़ता है जो बाकी लोग नहीं करना चाहते। सुबह उठना किसे पसंद है? एक्सरसाइज में पसीना बहाना किसे अच्छा लगता है? लेकिन यही वो छोटी चीजें हैं जो एक टॉप परफॉर्मर और एक एवरेज सेल्समैन के बीच का अंतर तय करती हैं। अगर आप आज खुद पर सख्ती नहीं बरतेंगे तो कल मार्केट आप पर सख्ती बरतेगा और यकीन मानिए मार्केट की मार बहुत दर्दनाक होती है। इसलिए बहाने बनाना बंद कीजिये और खुद को एक प्रोफेशनल की तरह तैयार कीजिये।
लेसन ३ : एक्शन और कंसिस्टेंसी: लक के भरोसे बैठना बंद कीजिये
अगर आपको लगता है कि आपकी सेल्स का ग्राफ किसी चमत्कार या लक से ऊपर जाएगा तो शायद आपको किसी बाबा के पास जाना चाहिए सेल्स की नौकरी छोड़ देनी चाहिए। हल एलरोड इस किताब में साफ कहते हैं कि सेल्स एक नंबर गेम है और यह गेम वही जीतता है जो हर रोज मैदान में उतरता है। कंसिस्टेंसी यानी लगातार काम करना ही वह सीक्रेट सॉस है जिसे ज्यादातर सेल्समैन अपनी प्लेट में डालना भूल जाते हैं। आप एक दिन सुबह उठकर बहुत मोटिवेटेड महसूस कर सकते हैं और दस क्लाइंट्स को कॉल कर सकते हैं लेकिन अगर अगले चार दिन आप फिर से अपनी चादर तान कर सो गए तो समझ लीजिये आपकी प्रोग्रेस का इंजन सीज हो चुका है।
दुनिया में दो तरह के सेल्समैन होते हैं। पहले वो जो सिर्फ तब काम करते हैं जब उन्हें अच्छा महसूस होता है। दूसरे वो जो तब काम करते हैं जब काम करने की जरूरत होती है चाहे उनका मन हो या न हो। अब आप खुद तय कीजिये कि आप किस कैटेगरी में आते हैं। अगर आपका बैंक बैलेंस आपकी शक्ल की तरह उदास है तो समझ जाइये कि आप पहली कैटेगरी वाले आलसी इंसान हैं। सेल्स में कंसिस्टेंसी का मतलब है कि हर रोज अपने सेवर्स रूटीन को फॉलो करना और हर रोज अपने फिक्स नंबर के कॉल्स या मीटिंग्स को पूरा करना। यह कोई रॉकेट साइंस नहीं है पर फिर भी नब्बे परसेंट लोग इसमें फेल हो जाते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि एक दिन की मेहनत से वो अंबानी बन जाएंगे।
सफलता का असली मजा तभी है जब आप उसे रोज कमाते हैं। सोचिये अगर आप हर रोज अपनी स्किल्स को सिर्फ एक परसेंट भी बेहतर करते हैं तो साल के अंत तक आप कहाँ होंगे? लेकिन नहीं हमें तो रातों रात अमीर बनना है। यही शॉर्टकट वाली सोच आपको एक एवरेज सेल्समैन बनाकर छोड़ देती है। जब आप रोज सुबह उठकर अपनी डायरी में अपने गोल्स लिखते हैं और उन पर एक्शन लेते हैं तो ब्रह्मांड को भी समझ आ जाता है कि यह बंदा रुकने वाला नहीं है। क्लाइंट्स भी उन्हीं लोगों पर भरोसा करते हैं जो मार्केट में टिके रहते हैं और अपनी सर्विस में कंसिस्टेंट होते हैं। जो आज है और कल गायब उसे कोई चपरासी भी अपनी कुर्सी न दे।
आखिर में बात सिर्फ इतनी है कि क्या आप अपनी लाइफ के ड्राइवर बनना चाहते हैं या बस एक पैसेंजर जो पीछे बैठकर सिर्फ गड्ढों की शिकायत करता रहता है? आपकी सेल्स की ग्रोथ आपकी पर्सनल ग्रोथ से ज्यादा कभी नहीं हो सकती। इसलिए अपनी आदतों को इतना मजबूत बनाइये कि असफलता को भी आपसे डर लगने लगे। बहाने बनाना छोड़िये और आज से ही अपनी मिरेकल मॉर्निंग शुरू कीजिये। क्योंकि याद रखिये मार्केट में आपकी जगह लेने के लिए हजारों लोग लाइन में खड़े हैं जो शायद आपसे कम सोते हैं और आपसे ज्यादा मेहनत करने को तैयार हैं। अब फैसला आपका है।
अगर आप अभी भी इस आर्टिकल को पढ़ रहे हैं और सोच रहे हैं कि कल से शुरू करूँगा तो यकीन मानिए वो कल कभी नहीं आएगा। अपनी जिंदगी और सेल्स का लेवल बदलने के लिए आज ही इस आर्टिकल को अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो सुबह देर से उठने का रिकॉर्ड बना रहे हैं। नीचे कमेंट में लिखिये मैं तैयार हूँ और आज से ही अपनी सक्सेस की नई कहानी लिखना शुरू कीजिये। आपकी सेल्स का भविष्य आपके अलार्म क्लॉक के हाथ में है।
-----
आपकी छोटी सी Help हमें और ऐसे Game-Changing Summaries लाने में मदद करेगी। DY Books को Donate करके हमें Support करें🙏 - Donate Now
#SalesSuccess #MiracleMorning #SalesStrategy #Productivity #SuccessMindset
_