क्या आप अभी भी अजनबियों को कॉल करके अपनी बेइज्जती करवा रहे हैं। कितना मजा आता है न जब सामने वाला फोन उठाते ही काट देता है। अगर आपको लगता है कि यही सेल्स का असली तरीका है तो बधाई हो आप अपनी ग्रोथ का गला खुद घोंट रहे हैं।
बिना सही स्ट्रेटेजी के बिजनेस चलाना मतलब बिना चाबी के ताला खोलना है। आज हम केंद्र ली की बुक द सेल्स मैग्नेट से वो सीक्रेट्स सीखेंगे जिनसे कस्टमर आपको इग्नोर नहीं बल्कि खुद कॉल करेंगे। चलिए सेल्स की इस पुरानी और थका देने वाली दुनिया को पीछे छोड़कर मैग्नेटिक बनने की जर्नी शुरू करते हैं।
लेसन १ : वार्म लीड्स का जादू और कोल्ड कॉलिंग का अंत
सोचिए आप एक पार्टी में जाते हैं और किसी अनजान इंसान का हाथ पकड़कर चिल्लाने लगते हैं कि भाई मेरा साबुन खरीद लो। क्या होगा। या तो वो आपको पागल समझेगा या फिर सिक्योरिटी बुलाकर आपको बाहर फिकवा देगा। यही हाल आपकी कोल्ड कॉलिंग का है। आप उन लोगों को परेशान कर रहे हैं जो शायद सो रहे हैं या फिर अपनी लाइफ में बिजी हैं। केंद्र ली कहती हैं कि सेल्स कोई भीख मांगना नहीं है बल्कि एक मैग्नेट की तरह कस्टमर्स को अपनी तरफ खींचना है। जब आप किसी अनजान को कॉल करते हैं तो आप एक सेल्समैन नहीं बल्कि एक डिजिटल भिखारी की तरह लगते हैं जो बस उसका टाइम बर्बाद करना चाहता है।
अब जरा सीन बदल कर देखते हैं। मान लीजिए आपकी कॉलोनी में एक नया जिम खुला है। वो जिम वाला आपको कॉल नहीं करता बल्कि एक फ्री डाइट चार्ट आपके घर भेजता है। अब जब आपको अपनी सेहत की चिंता होगी तो आप किसके पास जाएंगे। जाहिर है उसी जिम वाले के पास क्योंकि उसने आपको पहले वैल्यू दी। यही है वार्म लीड्स का जादू। वार्म लीड्स वो लोग होते हैं जो आपके बारे में थोड़ा बहुत जानते हैं या आपके काम में इंटरेस्ट दिखा चुके हैं। कोल्ड कॉलिंग में आप पत्थर पर सिर मार रहे होते हैं लेकिन वार्म लीड्स पर काम करना मतलब पके हुए आम तोड़ना है। इसमें रिजेक्शन का डर कम होता है और कन्वर्जन के चांस हजार गुना बढ़ जाते हैं।
आज के जमाने में डेटा ही सब कुछ है। अगर आप बिना रिसर्च किए किसी को भी कॉल मिला देते हैं तो आप अपनी एनर्जी नाली में बहा रहे हैं। आपको उन लोगों की लिस्ट बनानी चाहिए जिन्होंने कभी आपकी वेबसाइट विजिट की हो या आपके सोशल मीडिया पोस्ट पर कमेंट किया हो। ये वो लोग हैं जो आपके दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं। बस आपको दरवाजा खोलकर उनका स्वागत करना है। जो लोग कोल्ड कॉलिंग को सेल्स का भगवान मानते हैं वो असल में पत्थर के जमाने में जी रहे हैं। इंटरनेट के इस दौर में अगर आप कस्टमर की साइकोलॉजी नहीं समझ रहे तो आप बस एक शोर मचाने वाले लाउडस्पीकर बनकर रह जाएंगे जिसे हर कोई बंद करना चाहता है।
याद रखिए सेल्स एक रिलेशनशिप है। और कोई भी रिश्ता पहली नजर में शादी के प्रपोजल से शुरू नहीं होता। पहले हाय हेलो होती है फिर दोस्ती होती है और फिर भरोसा बनता है। वार्म लीड्स इसी भरोसे की पहली सीढ़ी है। जब आप उन लोगों पर फोकस करते हैं जो आपके ब्रांड से थोड़े बहुत वाकिफ हैं तो आपकी बात सुनने की संभावना बढ़ जाती है। आपको बस उनकी प्रॉब्लम का सॉल्यूशन देना है न कि अपनी सेल्स पिच उनके गले में उतारनी है। अगर आप अब भी पुराने ढर्रे पर चल रहे हैं तो आप अपनी कंपनी का पैसा और अपना करियर दोनों दांव पर लगा रहे हैं। अब फैसला आपका है कि आपको एक परेशान करने वाला सेल्समैन बनना है या एक ऐसा एक्सपर्ट जिसकी सलाह के लिए लोग लाइन लगाकर खड़े हों।
लेसन २ : वैल्युएबल कंटेंट की पावर और आपकी एक्सपर्ट इमेज
क्या आपने कभी गौर किया है कि लोग डॉक्टर के पास खुद चलकर जाते हैं लेकिन एक बीमा बेचने वाले को देखते ही गली बदल लेते हैं। ऐसा क्यों होता है। सिंपल है क्योंकि डॉक्टर के पास सॉल्यूशन है और सेल्समैन के पास सिर्फ एक रटा रटाया भाषण। केंद्र ली कहती हैं कि अगर आप चाहते हैं कि लोग आपकी तरफ खिंचे चले आएं तो आपको खुद को एक सेल्समैन से ऊपर उठाकर एक एक्सपर्ट बनाना होगा। और यह चमत्कार सिर्फ और सिर्फ वैल्युएबल कंटेंट से ही मुमकिन है। अगर आप आज के दौर में इंटरनेट पर अपनी नॉलेज शेयर नहीं कर रहे हैं तो यकीन मानिए आप मार्केट के लिए मर चुके हैं। लोग उन लोगों से खरीदना पसंद करते हैं जिन पर वे भरोसा करते हैं और भरोसा तब पैदा होता है जब आप उनकी लाइफ में बिना कुछ मांगे वैल्यू ऐड करते हैं।
मान लीजिए आप वाटर प्यूरीफायर बेचते हैं। अब एक तरीका तो यह है कि आप दिन भर लोगों को फोन घुमाएं और कहें कि भाई साहब हमारा फिल्टर सबसे बेस्ट है। यकीन मानिए आधे लोग आपको गाली देकर फोन काट देंगे। अब दूसरा तरीका देखिए। आप एक छोटा सा वीडियो या आर्टिकल शेयर करते हैं जिसमें आप बताते हैं कि आपके शहर के पानी में कौन से जहरीले केमिकल्स हैं और उनसे बच्चों की सेहत पर क्या असर पड़ता है। अब जब लोग वह जानकारी पढ़ेंगे तो उन्हें आप में एक सेल्समैन नहीं बल्कि एक मसीहा नजर आएगा। जब उनकी सेहत की बात आएगी तो वे किसी रैंडम दुकानदार के पास नहीं बल्कि आपके पास आएंगे क्योंकि आपने उन्हें डराया नहीं बल्कि सिखाया है। यही कंटेंट मार्केटिंग का असली पावर है जो आपकी सेल्स को ऑटोपायलट पर डाल देता है।
ज्यादातर लोग गलती यह करते हैं कि वे कंटेंट के नाम पर बस अपनी कंपनी के ब्रोशर पोस्ट करते रहते हैं। भाई साहब आपकी कंपनी के अचीवमेंट्स में किसी को कोई दिलचस्पी नहीं है। दुनिया बहुत मतलबी है और हर कोई बस यही सोच रहा है कि इसमें मेरा क्या फायदा है। अगर आप सिर्फ अपने प्रोडक्ट की तारीफ करेंगे तो लोग आपको वैसे ही इग्नोर करेंगे जैसे टीवी पर आने वाले फालतू विज्ञापनों को। आपको उनके दर्द को समझना होगा। उनके उन सवालों के जवाब देने होंगे जो उन्हें रात को सोने नहीं देते। जब आप बिना किसी लालच के लोगों की मदद करना शुरू करते हैं तो आप एक मैग्नेट बन जाते हैं। फिर आपको कस्टमर ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ती कस्टमर खुद गूगल पर आपको ढूंढता हुआ आपके इनबॉक्स तक पहुंच जाता है।
सोशल मीडिया आज के जमाने का वो हथियार है जिसका इस्तेमाल अगर सही से किया जाए तो आप घर बैठे पूरी दुनिया में अपना नाम बना सकते हैं। लेकिन अगर आप वहां भी जाकर बस ले लो ले लो चिल्लाएंगे तो लोग आपको ब्लॉक करने में एक सेकंड भी नहीं लगाएंगे। कंटेंट ऐसा होना चाहिए कि सामने वाला उसे पढ़कर कहे कि यार यह बंदा तो मेरी दिल की बात कर रहा है। जब आपके पास ऐसी जादुई ताकत आ जाती है तो प्राइस का कम्पटीशन खत्म हो जाता है। लोग आपसे इसलिए नहीं खरीदते क्योंकि आप सस्ते हैं बल्कि इसलिए खरीदते हैं क्योंकि आप उनके नजर में सबसे बेस्ट हैं। अगर आप अब भी कंटेंट की ताकत को हल्के में ले रहे हैं तो आप उस दुकानदार की तरह हैं जो बंद शटर के पीछे बैठकर लक्ष्मी जी के आने का इंतजार कर रहा है।
लेसन ३ : मल्टी चैनल अप्रोच और हर जगह अपनी मौजूदगी
क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ लोग हर जगह कैसे दिख जाते हैं। आप यूट्यूब खोलते हैं तो उनका चेहरा सामने आता है। फेसबुक स्क्रॉल करते हैं तो उनकी पोस्ट दिखती है। अपनी ईमेल चेक करते हैं तो वहां भी उनका नाम चमक रहा होता है। इसे कहते हैं मल्टी चैनल अप्रोच। केंद्र ली समझाती हैं कि अगर आप सिर्फ एक ही तरीके के भरोसे बैठे हैं तो आप एक ऐसी नाव में सवार हैं जिसमें पहले से ही छेद है। आज का कस्टमर बहुत चतुर और चंचल है। वो एक जगह टिकता नहीं है। अगर आप उसे सिर्फ फोन पर पकड़ने की कोशिश करेंगे तो वो ईमेल पर निकल जाएगा और अगर आप सिर्फ ईमेल के पीछे भागेंगे तो वो सोशल मीडिया पर किसी और का हो जाएगा।
मान लीजिए आपका कोई पुराना दोस्त है जिससे आप सालों से नहीं मिले। अचानक उसका फोन आता है और वो आपसे पैसे मांगता है। आपका पहला रिएक्शन क्या होगा। शायद आप कोई बहाना बनाकर फोन काट देंगे। लेकिन अगर वही दोस्त आपको फेसबुक पर विश करता रहता है। लिंक्डइन पर आपकी तरक्की की तारीफ करता है और कभी कभार वाट्सएप पर कोई काम की चीज भेजता है। अब जब वो आपसे कुछ मांगेगा तो आपके मना करने के चांस बहुत कम होंगे। सेल्स में भी यही लॉजिक काम करता है। आपको अपने कस्टमर के चारों तरफ एक जाल बुनना होता है। लेकिन यह जाल उसे फंसाने के लिए नहीं बल्कि उसे हर कदम पर याद दिलाने के लिए है कि आप उसकी मदद के लिए तैयार खड़े हैं।
ज्यादातर सेल्स के खिलाड़ी एक ही गलती बार बार दोहराते हैं। वे सोचते हैं कि एक बार ईमेल भेज दिया तो गंगा नहा लिए। भाई साहब आज के दौर में एक इंसान को दिन भर में सैंकड़ों ईमेल आते हैं। आपका ईमेल उस भीड़ में कहीं खो जाता है। असली जादू तब होता है जब कस्टमर आपका ईमेल पढ़ता है और फिर आधे घंटे बाद उसे लिंक्डइन पर आपकी एक वैल्युएबल पोस्ट दिखती है। उसे लगता है कि यार यह बंदा तो वाकई एक्टिव है। इसे कहते हैं टॉप ऑफ माइंड अवेयरनेस। जब भी उसे आपके प्रोडक्ट की जरूरत होगी उसका दिमाग सबसे पहले आपका नाम पुकारेगा। अगर आप मल्टी चैनल अप्रोच नहीं अपना रहे हैं तो आप उस शिकार की तरह हैं जो मछली पकड़ने के लिए सिर्फ एक धागा लेकर समुद्र किनारे बैठा है जबकि दुनिया नेट बिछाकर बैठी है।
याद रखिए कि हर प्लेटफार्म का अपना एक मिजाज होता है। जो बात आप फेसबुक पर कह सकते हैं वो शायद लिंक्डइन पर प्रोफेशनल न लगे। आपको हर जगह अपनी भाषा और अंदाज बदलना होगा लेकिन आपका मैसेज एक ही होना चाहिए। आपको अपने कस्टमर के लिए एक जाना पहचाना चेहरा बनना है न कि एक डरावना अजनबी। जब आप अलग अलग रास्तों से कस्टमर तक पहुंचते हैं तो उसे लगता है कि आप वाकई सीरियस हैं। यह स्ट्रेटेजी आपको भीड़ से अलग खड़ा करती है। अगर आप अब भी पुराने घिसे पिटे तरीकों से सेल्स क्लोज करने की कोशिश कर रहे हैं तो आप उस रेस में दौड़ रहे हैं जिसका फिनिशिंग पॉइंट कभी आएगा ही नहीं। अब समय आ गया है कि आप हर उस जगह अपनी मौजूदगी दर्ज कराएं जहां आपका कस्टमर सांस लेता है।
सेल्स कोई रॉकेट साइंस नहीं है बल्कि लोगों को समझने की एक कला है। द सेल्स मैग्नेट हमें सिखाती है कि जब आप पीछे भागना छोड़ देते हैं तभी लोग आपकी तरफ आना शुरू करते हैं। कोल्ड कॉलिंग के उस काले साये से बाहर निकलिए और वार्म लीड्स कंटेंट और मल्टी चैनल की ताकत को पहचानिए। आज ही अपनी पुरानी लिस्ट को कचरे के डिब्बे में डालिए और एक मैग्नेट बनने की तैयारी शुरू कीजिए। अगर आप आज नहीं बदले तो कल आपकी जगह कोई और ले लेगा जो आपसे ज्यादा स्मार्ट और अपडेटेड है।
क्या आप तैयार हैं अपने सेल्स के तरीके को पूरी तरह बदलने के लिए। कमेंट्स में बताएं कि आप कौन सी एक पुरानी आदत आज ही छोड़ने वाले हैं। इस आर्टिकल को अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो अभी भी दिन भर फोन पर रिजेक्शन झेल रहे हैं।
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